न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 23 Jun 2020 12:57 AM IST
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पंजाब में कोविड के मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोमवार को चिकित्सा शिक्षा विभाग में 300 एडहॉक पद भरने की मंजूरी दे दी। तीनों सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 100-100 पद भरे जाएंगे। सीएम ने विभाग को आदेश दिए कि ग्रेजुएट विद्यार्थियों को सीनियर रेजिडेंट के तौर पर एडहॉक पर भर्ती किया जाए। ये नियुक्तियां बाद में इम्तिहान पास होने की शर्त पर होंगी।
मुख्यमंत्री ने ये निर्देश तब दिए जब राज्य सरकार के स्वास्थ्य सलाहकार और पीजीआई के पूर्व डायरेक्टर डॉ केके तलवार ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा कोविड के गंभीर मरीजों को संभालने के लिए प्रत्येक चिकित्सा कॉलेज में 100-100 स्टाफ भर्ती किए जाने की जरूरत है। इनमें मुख्य तौर पर सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर और सहायक प्रोफेसर शामिल हैं। सीएम ने सुझाव दिया कि स्टाफ की कमी तुरंत दूर करने के लिए सहायक प्रोफेसरों को वॉक-इन चयन द्वारा रख लिया जाए।
कोविड की स्थिति का जायजा लेने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बुलाई बैठक में कैप्टन ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को विभिन्न स्तरों के 6000 पद भरने के लिए पहले ही मंजूरी दे दी गई थी। कैप्टन ने डॉक्टरों खासकर एनिस्थीसिया विशेषज्ञों, नर्सों, लैब तकनीशनों, वार्ड ब्वाय और अन्य स्तर पर भर्ती प्रक्रिया को तेज करने को भी कहा। मुख्यमंत्री ने उस सुझाव को भी मंजूरी दे दी, जिसमें आईसीयू में मरीजों को बढ़िया इलाज देने के लिए एनिस्थीसिया/क्रिटिकल केयर में से एक सदस्य की 24 घंटे ड्यूटी लगाए जाने के लिए कहा गया है।
पंजाब में कोविड के मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोमवार को चिकित्सा शिक्षा विभाग में 300 एडहॉक पद भरने की मंजूरी दे दी। तीनों सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 100-100 पद भरे जाएंगे। सीएम ने विभाग को आदेश दिए कि ग्रेजुएट विद्यार्थियों को सीनियर रेजिडेंट के तौर पर एडहॉक पर भर्ती किया जाए। ये नियुक्तियां बाद में इम्तिहान पास होने की शर्त पर होंगी।
मुख्यमंत्री ने ये निर्देश तब दिए जब राज्य सरकार के स्वास्थ्य सलाहकार और पीजीआई के पूर्व डायरेक्टर डॉ केके तलवार ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा कोविड के गंभीर मरीजों को संभालने के लिए प्रत्येक चिकित्सा कॉलेज में 100-100 स्टाफ भर्ती किए जाने की जरूरत है। इनमें मुख्य तौर पर सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर और सहायक प्रोफेसर शामिल हैं। सीएम ने सुझाव दिया कि स्टाफ की कमी तुरंत दूर करने के लिए सहायक प्रोफेसरों को वॉक-इन चयन द्वारा रख लिया जाए।
कोविड की स्थिति का जायजा लेने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बुलाई बैठक में कैप्टन ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को विभिन्न स्तरों के 6000 पद भरने के लिए पहले ही मंजूरी दे दी गई थी। कैप्टन ने डॉक्टरों खासकर एनिस्थीसिया विशेषज्ञों, नर्सों, लैब तकनीशनों, वार्ड ब्वाय और अन्य स्तर पर भर्ती प्रक्रिया को तेज करने को भी कहा। मुख्यमंत्री ने उस सुझाव को भी मंजूरी दे दी, जिसमें आईसीयू में मरीजों को बढ़िया इलाज देने के लिए एनिस्थीसिया/क्रिटिकल केयर में से एक सदस्य की 24 घंटे ड्यूटी लगाए जाने के लिए कहा गया है।