पीयू के 54 फीसदी विद्यार्थी बोले- एग्जाम न हों, पुराने कार्य के आधार पर अगले कक्षाओं में करें प्रमोट

अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 05 May 2020 11:38 AM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी व इससे संबद्ध 194 कॉलेजों के विद्यार्थियों के सर्वे में एक बड़ी बात सामने आई है। 54 फीसदी विद्यार्थी चाहते हैं कि एग्जाम न करवाया जाए। पुराने प्रोजेक्ट वर्क हों या अन्य कार्य किए हों, उनके आधार पर विद्यार्थियों को अंक देकर अगली कक्षाओं में प्रमोट कर दिया जाए। 32 फीसदी स्टूडेंट्स ने यह इच्छा जाहिर की है कि एग्जाम यदि हो भी तो उसमें वह सिलेबस शामिल किया जाए तो लॉकडाउन से पहले पूरा करवाया गया था यानी उसी सिलेबस से सवाल पूछे जाएं।
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कुछ विद्यार्थियों ने यह भी कहा है कि एग्जाम करवाया जाए, लेकिन लॉकडाउन खुलने के बाद कुछ दिन कक्षाएं लगाई जाएं। यह बात लॉकडाउन के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की ओर से करवाए गए सर्वे में आई है। एबीवीपी ने सर्वे रिपोर्ट मानव संसाधन विकास मंत्रालय, यूजीसी समेत कई जगहों पर भेजी है।
पीयू की ओर से एक बैठक आयोजित की गई थी। उसमें पंजाब के अफसर भी थे। एक बात निकलकर सामने आई थी कि विद्यार्थियों के एग्जाम लिए बिना ही उन्हें आगे की कक्षाओं में प्रमोट कर दिया जाए। इसके बाद ऑनलाइन कक्षाएं शिक्षकों की ओर से शुरू की गई। विद्यार्थी गफलत में थे कि हो क्या रहा है और वह क्या चाहते हैं।
विद्यार्थियों के दिमाग में आने वाले कई सवालों को लेकर एबीवीपी ने 18 अप्रैल से सर्वे शुरू किया। एक सप्ताह में विद्यार्थियों को सवालों के जवाब देने थे। इस सर्वे के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी व उससे जुड़े कॉलेजों के विद्यार्थियों को इसमें शामिल किया गया था। एक सप्ताह में 1500 विद्यार्थियों ने फार्म भरे हैं। उसके बाद एबीवीपी ने आए जवाबों का विश्लेषण किया और रिपोर्ट तैयार की।
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