चंडीगढ़ में घुसने की कोशिश कर रहे अकालियों पर लाठीचार्ज, सुखबीर और हरसिमरत को हिरासत में लेकर छोड़ा

अमर उजाला, चंडीगढ़/अमृतसर/बठिंडा/श्री आनंदपुर साहिब Updated Fri, 02 Oct 2020 01:53 AM IST
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शिअद का किसान मार्च।
शिअद का किसान मार्च। - फोटो : अमर उजाला

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सार

  • कृषि कानूनों का विरोध: शिअद ने पंजाब के तीन तख्तों से निकाला चंडीगढ़ तक किसान मार्च
  • हजारों की संख्या में पहुंचे अकाली कार्यकर्ता, चंडीगढ़ पुलिस ने पानी की बौछारें छोड़ीं
  • मुल्लांपुर की ओर से सुखबीर और जीरकपुर की तरफ से हरसिमरत कौर आईं 

विस्तार

नए कृषि कानूनों के विरोध में पंजाब के तीन तख्तों से गुरुवार सुबह रवाना हुआ शिरोमणि अकाली दल का किसान मार्च देर रात चंडीगढ़ सीमा पर पहुंचा। चंडीगढ़ में घुसने की कोशिश कर रहे अकालियों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और पानी की बौछारें छोड़ीं। इसमें कई कार्यकर्ता जख्मी हुए। पुलिस ने शिअद अध्यक्ष सुखबीर बादल और हरसिमरत कौर समेत कई अकालियों को हिरासत में ले लिया। इन्हें करीब आधे घंटे हिरासत में रखने के बाद रात करीब 11 बजे छोड़ दिया गया। वहीं, प्रदर्शन के कारण लगने वाले जाम से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। 
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                                       धरने पर बैठे सुखबीर सिंह बादल।

पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने अमृतसर में श्री अकाल तख्त साहिब, सांसद हरसिमरत कौर बादल ने तख्त श्री दमदमा साहिब और पूर्व सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा व पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने तख्त श्री केसगढ़ साहिब में अरदास की और किसान मार्च के साथ चंडीगढ़ रवाना हुए। 



शिअद प्रधान के सुबह साढ़े दस बजे रवाना हुए मार्च में करीब 150 गाड़ियां शामिल थीं। उनके साथ खुले वाहन में बिक्रम सिंह मजीठिया और अन्य अकाली नेता भी थे। हरसिमरत कौर बादल अपने ससुराल गांव बादल से तख्त दमदमा साहिब पहुंचीं। यहां माथा टेकने के बाद दोपहर 12 बजे मौड़ मंडी होते हुए रामपुरा गईं। जिले से शिअद का 300 गाड़ियों का काफिला निकला। 



पंजाब के राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने की मांग की लेकिन पुलिस ने मना कर दिया 
मुल्लांपुर बैरियर से रात नौ बजे के करीब सुखबीर बादल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने चंडीगढ़ में घुसने की कोशिश की। यहां पुलिस ने अकालियों पर लाठियां भांजीं और उन्हें तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारें छोड़ीं। यहां पुलिस ने सुखबीर और यूथ विंग के प्रधान बिक्रम सिंह मजीठिया समेत कई नेता और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। अकालियों ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने की मांग की लेकिन पुलिस ने मना कर दिया।


पुलिस सभी को ले गई सेक्टर- 17 थाने 

मोहाली, डेराबस्सी, लांडरां, फतेहगढ़ सहिब के साथ लगते इलाके के नेता एयरपोर्ट रोड स्थित छत गांव में इकट्ठा हुए। यहां पर पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर तलवंडी साहिब से कार्यकर्ताओं के लंबे काफिले के साथ छत गांव पहुंचीं। उसके बाद नेताओं का काफिला जीरकपुर की ओर बढ़ा। रात नौ बजे कार्यकर्ताओं ने चंडीगढ़ में घुसने की कोशिश की तो पुलिस ने लठियां चला दीं। 



पुलिस ने हरसिमरत कौर बादल सहित पूर्व मंत्री एनके शर्मा, पूर्व सांसद प्रोफेसर प्रेम सिंह चंदूमाजरा और पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा को हिरासत में ले लिया। सभी अकाली नेताओं को पुलिस चंडीगढ़ के सेक्टर-17 थाने ले आई। दूसरी तरफ सुखबीर बादल कुराली से सिसवां होते हुए मुल्लांपुर पहुंचे। यहां पर उनके साथ खरड़, कुराली व नयागांव के नेता साथ थे। पुलिस उन्हें भी मुल्लांपुर से गिरफ्तार कर सेक्टर 17 थाने ही ले आई। देर रात 11 बजे सभी को छोड़ दिया गया।

भारी पुलिस बल था तैनात
कृषि कानूनों के खिलाफ अकालियों ने 40 हजार गाड़ियों व दो लाख कार्यकर्ताओं के साथ चंडीगढ़ में पंजाब के राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने का एलान कर रखा था। इन्हें रोकने के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने मुल्लांपुर व जीरकपुर के रास्तों पर भारी-भरकम पुलिस तैनात कर रखी थी। 



शांतिपूर्ण विरोध पर बर्बर लाठीचार्ज लोकतंत्र का काला दिन: बादल
पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने चंडीगढ़ पुलिस द्वारा शांतिपूर्ण अकाली नेताओं, कार्यकर्ताओं और किसानों पर हिंसक बल के दमनकारी प्रयोग की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध पर बर्बर लाठीचार्ज ने लोकतंत्र के लिए एक दर्दनाक और काला दिन बना दिया। उन्होंने कृषि कानूनों के खिलाफ बड़ी संख्या में अकाली कार्यकर्ताओं और किसानों को किसान मार्च में शामिल होने के लिए धन्यवाद देते हुए बधाई दी। 
मोदी सरकार किसानों की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है लेकिन शिअद उनके साथ खड़ा रहेगा। हमने संसद में काले कानूनों का विरोध किया और बाद में मंत्रालय और एनडीए गठबंधन भी छोड़ दिया। मैं किसानों को विश्वास दिलाता हूं कि शिअद न केवल उनके अधिकारों के लिए लड़ेगी बल्कि यह सुनिश्चित करेगी कि वे सुरक्षित रहें। सुखबीर सिंह बादल, प्रधान, शिअद

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