आओ करिअर संवारे: उर्दू भाषा में एमए करें और टीचिंग-ट्रांसलेशन या पत्रकारिता में अच्छी नौकरी पाएं

अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 20 Feb 2020 12:30 PM IST
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उर्दू प्रमुख भाषाओं में से एक है, लेकिन यह भाषा अपने आप में बेहद प्रभावशाली है। इसकी पढ़ाई करके शिक्षक, ट्रांसलेटर व पत्रकार बना जा सकता है। यहां से शिक्षा पाने वाले दर्जनों विद्यार्थी इन्हीं पेशों में अपना भविष्य बना रहे हैं। पीयू से उर्दू करने वाले विद्यार्थियों को हमेशा हर जगह प्राथमिकता मिलती है। यही कारण है कि अब यहां विद्यार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी होने लगी है। विभाग में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर होने के कारण ही विदेश से भी विशेषज्ञ यहां सेमिनार आदि कार्यक्रमों में पहुंचते हैं।
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उर्दू विभाग का संचालन पीयू में 1985 के आसपास हुआ था। शुरुआत में सीटें कम थीं। धीरे-धीरे ये बढ़ती गईं, लेकिन एडमिशन के लिए विद्यार्थियों की संख्या कम होने लगी। उसका बड़ा कारण ये रहा कि विद्यार्थी इंजीनियरिंग आदि की तरफ आकर्षित होने लगे। इंजीनियरिंग के लिए अपना अलग क्षेत्र है, लेकिन अब धीरे-धीरे युवाओं को समझ आने लगा है कि शिक्षक बनने के लिए उर्दू से एमए की पढ़ाई अच्छी है। उसी के बाद से एमए उर्दू में दाखिलों की संख्या लगातार बढ़ती गई।
वर्तमान में यहां सीटों की संख्या 34 है। 16 विद्यार्थी यहां शिक्षा पा रहे हैं। एडमिशन लेने वाले विद्यार्थी स्थानीय के अलावा अन्य राज्यों से भी हैं। विभाग के मुताबिक विद्यार्थियों की संख्या हर साल दो से चार बढ़ रही है। यह विभाग उर्दू में डिप्लोमा व सर्टिफिकेट कोर्स भी करवा रहा है। उन विषयों के जरिए भी विद्यार्थी नौकरी में जगह बना रहे हैं।
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शिक्षक बनने और ट्रांसलेशन के क्षेत्र में अपार अवसर

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