यूटी प्रशासन ने सील की 5 कमर्शियल साइट्स

ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 24 Apr 2014 08:51 AM IST
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Exposure of Scandals in UT Property Deptt

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यूटी के उपायुक्त और संपदा अधिकारी मोहम्मद शाइन ने शहर की पांच कामर्शियल साइट्स के बिल्डिंग प्लान की मंजूरी देने में गड़बड़ी करने पर एसएसपी को एसडीओ (बिल्डिंग), जूनियर इंजीनियर और कुछ अन्य कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए लिखा है।
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इन कर्मचारियों पर आरोप यह है कि उन्होंने जो बिल्डिंग प्लान मंजूर किए उनमें और निर्मित हुई  बिल्डिंगों में काफी अंतर है। बिल्डिंग प्लान से बिल्डिंग साइट बिल्कुल अलग है। बड़े स्तर पर हुई इस हेरफेर का खुलासा तब हुआ जब संपदा विभाग के अधिकारियों ने खुद मंजूर बिल्डिंग प्लान को वहां जाकर देखा और मिलान किया।
डीसी ने इस मामले पूरी जांच भी कराने को लिखा है ताकि यह पता चल सके कि इन बिल्डिंग मालिकों और प्लान अप्रूवल कमेटी (पीएसी) लोअर के बीच किस तरह की सांठ गांठ हुई है।
इन्हें किया सील
बुधवार उपायुक्त के आदेश पर इन पांचों कामर्शियल साइट्स को संपदा विभाग की टीम ने सील कर दिया। इनमें से तीन साइट्स में होटल चल रहा है। सील होने वाले होटलों में इंडस्ट्रियल एरिया स्थित वर्ल्ड होटल होटल टर्कव्यास, सेक्टर-17 स्थित बज और सेक्टर-18 स्थित होटल जलंधर शामिल है।

इनके अलावा एक कामर्शियल साइट सेक्टर-46 और एक सेक्टर-20 में है जहां एससीओ चल रहे हैं। इन पांच कामर्शियल साइट्स के सील होने के बाद शहर के व्यापारियों में हड़कंप मच गया और इसके बाद व्यापारी एकजुट होकर उपायुक्त कार्यालय में उपायुक्त से मिलने के लिए भी गए।

ये गड़बड़ियां मिलीं
वर्ल्ड टर्कव्यास होटल
इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में चल रहा वर्ल्ड टर्कव्यास होटल गरीब नवाज होटल्स प्राइवेट लिमिटेड की प्रापर्टी है। होटल की बैक साइड बाउंड्री की दीवार की ऊंचाई मंजूर बिल्डिंग प्लान से ज्यादा थी। रिसेप्शन की लॉबी की सीलिंग की हाइट गलत थी। रैंप के पास टेंपरेरी स्टोर बना लिया था।

दूसरी मंजिल पर खिड़की का साइज बदला गया। होटल के कमरा नंबर छह का साइज अलग था। छठे फ्लोर पर भी साइज अलग मिला। होटल के रिवालविंग रेस्त्रां की हाइट भी ज्यादा थी और यहां अनुमति से ज्यादा लोगों के बैठने की जगह बनाई गई थी।

होटल जालंधर
सेक्टर-18 के होटल जालंधर में जहां छह कमरों की मंजूरी थी उसकी जगह आठ कमरे बनाए गए थे। कमरों का साइज बढ़ा दिया गया। पहली मंजिल की प्लानिंग को पूरी तरह बदल दिया गया था।

सीढ़ियों के पास स्टोर को गायब कर दिया गया। दूसरी मंजिल की प्लानिंग भी मंजूर प्लान से अलग थी। टैरेस में अवैध निर्माण किया गया था।

होटल बज
सेक्टर-17 स्थित बज के मंजूर हुए बिल्डिंग प्लान में जो सीढ़ियां थीं वह बनी ही नहीं थीं। पहली मंजिल पर प्लानिंग को बदल दिया गया था। तीसरी मंजिल पर ग्लेजिंग बिल्डिंग प्लान के अनुसार नहीं थी।

दो एससीओ
सेक्टर-20 के एससीओ नंबर आठ की कुल हाइट मंजूर बिल्डिंग प्लान से ज्यादा थी। यहां पहली और दूसरी मंजिल में वॉयलेशन मिली। इसी तरह से सेक्टर-46 के शोरूम में दूसरी मंजिल पर वॉयलेशन मिली।

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