पंजाबः 16 नेताओं के एक साथ इस्तीफा देने के बाद आम आदमी पार्टी में और गहराई गुटबाजी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 17 Jul 2018 10:08 AM IST
विज्ञापन
aap mla
aap mla

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
विधानसभा चुनाव के बाद से गुटबाजी से जूझ रही आम आदमी पार्टी में संकट काफी गहरा गया है। 16 नेताओं द्वारा एक साथ इस्तीफा देने के बाद सूबा सह-प्रधान डॉ. बलबीर सिंह के गुट पर दबाव बढ़ा है। वहीं, नेता प्रतिपक्ष सुखपाल खैरा का गुट और मजबूत हुआ है।
विज्ञापन

आप के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक पंजाब इकाई में हो रही सियासत की जड़ें दिल्ली में हैं। इस्तीफा देने वाले लोगों की अगुवाई कर रहे करनवीर टिवाणा को आप सांसद संजय सिंह का बेहद करीबी माना जाता है। टिवाणा समेत दस लोगों की टीम ने संजय द्वारा यूपी में वाराणसी से बलिया तक निकाली पदयात्रा में भी हिस्सा लिया था।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक पंजाब का प्रभार मनीष सिसोदिया के पास है, लेकिन दिल्ली में व्यस्तता के कारण उनके पास पंजाब के लिए समय नहीं है। पर्दे के पीछे से पूर्व संगठन प्रभारी दुर्गेश पाठक ही सब कुछ देख रहे हैं। दुर्गेश ने ही डॉ. बलबीर को सह-प्रधान बनाया था।
उधर, संजय सिंह ने उससे पहले अमन अरोड़ा केजरिए टिवाणा समेत अपने करीबियों को पदाधिकारी बनवा लिया था। टिवाणा और पटियाला देहाती प्रधान पद से हटाए गए ज्ञान सिंह की डॉ. बलबीर के साथ शुरू से नहीं बनी। डॉ. बलबीर के सह-प्रधान बनने के बाद अंदरखाने खींचतान और बढ़ गई थी।

ज्ञान सिंह को हटाने के बाद विरोध खुल कर सामने आ गया। हालांकि ये लोग पहले खैरा के नजदीक नहीं थे, लेकिन कुछ समय पहले यह सिलसिला शुरू हो गया। ज्ञान सिंह ने नाभा में एक कार्यक्रम में खैरा को बुलाया था। ऐसे में माना जा रहा है कि ये लोग खैरा गुट के साथ ही जाएंगे।

फिर डॉ. बलबीर को हटाने केलिए हाईकमान पर और दबाव बनाया जाएगा। खैरा ने जरूर कहा कि जो लोग नाराज हैं उनकी बात सुनी जानी चाहिए। लेकिन दूसरे दोनों प्रमुख नेताओं भगवंत मान और अमन अरोड़ा ने इस पर चुप्पी साध ली है।

डॉ. बलबीर के हटने के आसार कम
पार्टी का एक वर्ग डॉ. बलबीर को हटाने के लिए पूरी कोशिश कर रहा है। लेकिन आप हाईकमान के अब तक के रवैये को देखते हुए उनके हटने के आसार कम ही हैं। संगठन में सारी नियुक्तियां पूर्व प्रभारी अमन अरोड़ा ने की थीं। डॉ. बलबीर ने सबसे पहले माझा को जोन प्रधान परमजीत सिंह सचदेवा और मालवा-1 के जोन प्रधान अनिल ठाकुर को हटाया था।

दोनों ने ही सिसोदिया से शिकायत की, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। इस समय सारे नेताओं की नजरें दिल्ली विधानसभा चुनाव पर लगी हैं। ऐसे में फिलहाल पंजाब को लेकर वे कोई मंथन करेंगे या यहां बदलाव होगा, उसकी उम्मीद नहीं लगती।

डॉ. बलबीर ने नियुक्त किए नए प्रधान
16 लोगों के इस्तीफे के अगले ही दिन डॉ. बलबीर ने सूबा इकाई में बड़ी तादाद में नियुक्तियां कर दीं। जिनमें जिला प्रधान, महासचिव और हलका इंचार्ज शामिल हैं। भूपिंदर बिट्टू को तरनतारन, हरजिंदर सींचेवाल को जालंधर देहाती का प्रधान और रमन कुमार, डॉ. तजिंदर पाल सिंह, करमजीत सिंह और विजय गिल को सूबा महासचिव नियुक्त किया गया है। सुखबीर सिंह वल्टोहा को खेमकरण, हरमिंदर संधू को चब्बेवाल, सतनाम सिंह जलवाहा को नवांशहर का हलका प्रधान बनाया गया है। 14 महासचिवों को 40 हलकों केलिए ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X
  • Downloads

Follow Us