सावधान! अगर आपका बच्चा उम्र के हिसाब से नहीं बोलता है तो मोबाइल उससे दूर कर दें, वरना पछताएंगे

अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़ Updated Wed, 12 Feb 2020 01:55 PM IST
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स्मार्टफोन इस्तेमाल करने के साइड इफेक्ट बताते पीजीआई के डॉक्टर
स्मार्टफोन इस्तेमाल करने के साइड इफेक्ट बताते पीजीआई के डॉक्टर - फोटो : अमर उजाला

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यदि आपका बच्चा अपने उम्र के हिसाब से नहीं बोल पा रहा है तो उसे मोबाइल देना बंद कर दें। साथ ही उसके साथ क्वालिटी टाइम बिताएं। खेलें-कूदें और उसके साथ बातचीत करें। इससे वह काफी हद तक बोलने लगेगा। इसके बावजूद वह नहीं बोल पाता है।
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कुछ शब्दों को बोलने में तुतलाता है तो स्पीच थैरेपिस्ट से संपर्क करना चाहिए। पीजीआई में अच्छे स्पीच थैरेपिस्ट हैं, जो ईएनटी डिपार्टमेंट के अंतर्गत आते हैं। मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में डॉ. संजय कुमार मुंजाल ने बताया कि आजकल के बच्चे डेढ़ साल की उम्र में यू ट्यूब वीडियो व टीवी पर कार्टून देखने लगते हैं।
यह समस्या उन परिवारों में ज्यादा आती है, जहां पेरेंट्स वर्किंग होते हैं। जब वे काम से लौटकर आते हैं तो वे घर के कामों में व्यस्त हो जाते हैं। बच्चा तंग न करें तो उसे मोबाइल पकड़ा देते हैं। उसका पूरा फोकस मोबाइल पर रहता है और बोलने की कोशिश नहीं करता।
डॉ. मुंजाल के मुताबिक उनकी ओपीडी में इस तरह के कई बच्चे आते हैं, जिन्हें रिहैबिलिटेशन के बाद ठीक करने की कोशिश की जाती है। कई दूसरी दिक्कतें भी आती हैं, जिसे कुछ जांच के बाद आगे का इलाज किया जाता है।
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