हमको लक्ष्मण रेखा न समझाएं, हम अपनी सीमाएं जानते हैं: हाईकोर्ट

ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 05 Dec 2016 08:03 PM IST
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दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के आशुतोष महाराज
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के आशुतोष महाराज - फोटो : फाइल फोटो

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दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के संस्थापक आशुतोष महाराज की समाधि पर बेंच के अधिकार क्षेत्र को लेकर लगातार टिप्पणी करने पर हाईकोर्ट ने फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने संस्थान को लताड़ लगाई। सोमवार को आशुतोष महाराज के कथित पुत्र और संस्थान की ओर से मामले में अपना पक्ष रखा गया, जिसके बाद हाईकोर्ट ने 13 दिसंबर के लिए अगली सुनवाई निर्धारित की है।
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सोमवार को सुनवाई के दौरान कथित पुत्र दलीप झा की ओर से उनके वकील एसपी सोई ने सिंगल बेंच के आदेशों को डिवीजन बेंच के सामने पढ़ा। इसके बाद अपनी दलील में कहा कि दलीप झा ही आशुतोष महाराज का बेटा है। आशुतोष महाराज और दलीप झा दोनों का डीएनए टेस्ट होते ही सच्चाई सामने आ जाएगी।
हाईकोर्ट ने कहा कि दलीप झा आशुतोष महाराज का बेटा है तो भी जब तक आशुतोष महाराज के मृत या समाधि में होने का मामला नहीं सुलझता, बेटा साबित होने पर भी कोई लाभ नहीं है। इस पर सोई ने कहा कि आशुतोष महाराज के शरीर को कुछ दिन बाहर रखा गया था और इसके बाद उनका शरीर विकृत होना आरंभ हो गया।
ऐसे में शरीर को दोबारा फ्रीजर में रखा गया। ऐसे में यह सिद्ध हो जाता है कि आशुतोष महाराज मृत हैं, समाधि में नहीं। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व समाधि के उदाहरण मौजूद जरूर हैं, लेकिन इनमें से किसी भी मामले में समाधि में जाने वाले व्यक्ति को फ्रीजर में नहीं रखा गया है।
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हाईकोर्ट ने संस्थान को उनका पक्ष रखने को कहा

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