लापता पावन स्वरूपः एसजीपीसी ने सीए कोहली के दफ्तर पर लगाया ताला, कर्मियों की एंट्री भी बैन

अशोक नीर, अमृतसर Updated Tue, 01 Sep 2020 11:13 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

सार

  • सीए एसएस कोहली के सभी कर्मचारियों के प्रवेश पर लगाई पाबंदी
  • एसजीपीसी कर्मियों को भी अपने-अपने दफ्तर भेजा, वहीं ड्यूटी करेंगे
  • 11 वर्ष तक एसजीपीसी में एक छत्र राज करते रहे एसएस कोहली

विस्तार

लापता पावन स्वरूपों के मामले की जांच रिपोर्ट के बाद चार्टर्ड अकाउंटेंट एसएस कोहली की सेवाएं रद्द करने के बाद एसजीपीसी ने परिसर में स्थित उनके दफ्तर पर भी ताला लगा दिया है। इस सीएम कंपनी के साथ जुड़े सभी कर्मचारियों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है। एसजीपीसी ने एसएस कोहली को ऑडिट करने के लिए अपने जिन कर्मचारियों की ड्यूटी लगा रखी थी, उनको अपने-अपने विभागों के दफ्तरों में ड्यूटी करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इस बात की पुष्टि एसजीपीसी के प्रवक्ता कुलवंत सिंह रमदास ने की है।
विज्ञापन

लगभग 11 वर्ष  तक एसजीपीसी में ऑडिट करने के नाम पर एकछत्र राज करने वाले सीए एसएस कोहली पर जांच रिपोर्ट में आरोप लगे थे कि उन्होंने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के रिकॉर्ड के ऑडिट में लापरवाही दिखाई थी। कोहली इस महत्वपूर्ण ऑडिट में कोताही न बरतते तो लापता पावन स्वरूपों के बारे में जल्द पता लग जाता। 2009 से एसजीपीसी के खातों और अन्य लेखाजोखा की ऑडिट करने वाली इस कंपनी ने करोड़ों की राशि भुगतान के रूप में ली है।
पंथक नेता बीर दविंदर सिंह ने आरोप लगाया था कि 11 साल में कंपनी 10 करोड़ का भुगतान ले चुकी है। सरकारी ऑडिटर हरपाल सिंह ने मीत सचिव (वित्त) सतिंदर सिंह पर आरोप लगाए थे कि उसके कभी वह फाइल उपलब्ध नहीं करवाई जिसके आधार पर एसएस कोहली को इंटरनल ऑडिटर की सेवा सौंपी गई थी। 2014 में तत्कालीन अध्यक्ष जत्थेदार अवतार सिंह मक्कड़ ने एसएस कोहली की सेवाएं रद्द कर दी गई थी लेकिन राजनीतिक आकाओं के दबाव के बाद 24 घंटे के भीतर ही जत्थेदार मक्कड़ ने अपने आदेश वापस ले लिए थे।
एसजीपीसी की कार्यकारिणी ने एसएस कोहली को किए कुल भुगतान का 75 फीसदी वापिस लेने के लिए फैसला किया हुआ है। एसजीपीसी कार्यकारिणी के फैसले के अनुसार एसएस कोहली को सौंपे गए कामों में से केवल 25 फीसदी ही काम किए जाते रहे हैं।
विज्ञापन
आगे पढ़ें

भुगतान व आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए वकीलों का पैनल गठित

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X