गजबः ऑस्ट्रेलिया में एक दिन की सांसद बनकर छाई करनाल की बिटिया, बनाएगी मॉडल गांव

कर्मबीर लाठर, करनाल Updated Tue, 17 Mar 2020 03:29 PM IST
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संजोली बैनर्जी
संजोली बैनर्जी - फोटो : अमर उजाला

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भारतीय बेटी अपनी प्रतिभा के दम पर आस्ट्रेलिया में छा गई। संजोली बैनर्जी ने पर्यावरण संरक्षण व महिला सशक्तीकरण पर ऐसा काम करके दिखाया कि ऑस्ट्रेलिया की सरकार भी मुरीद हो गई। संजोली को वहां एक दिन की सांसद भी बनाया गया। प्रमुख शिक्षाविद मिहिर बैनर्जी व गगन बैनर्जी के घर 12 फरवरी 1999 को जन्मी संजोली बैनर्जी ने सेंट थेरेसा कान्वेंट स्कूल करनाल से 2016 में 96.8 प्रतिशत अंकों से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की। उसने हरियाणा में टॉप स्थान प्राप्त किया। होनहार बेटी ने 13 जनवरी 2004 को यमुनानगर के गांव अरनौली से लोहड़ी बेटी के नाम कार्यक्रम की शुरुआत की थी।
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वह दौर ऐसा था, जब हरियाणा कन्या भ्रूण हत्या को लेकर बदनाम था। 2006 में कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ जागरूकता मुहिम चलाने पर हरियाणा सरकार ने उसे सम्मानित भी किया। फरवरी 2017 में संजोली को ऑस्ट्रेलिया की नंबर वन यूनिवर्सिटी में प्रवेश मिला और ढाई लाख की स्कॉलरशिप मिली। उसने ऑस्ट्रेलिया की नंबर यूनिवर्सिटी ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी कैंब्रा से बैचलर इन इंटरनेशनल सिक्योरिटी स्टडीज किया है। उसने ग्लोबल वार्मिंग, अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद, शरणार्थी पलायन, न्यूक्लियर पॉलिसी, चाइना की बढ़ती हुई ताकत व अंतरराष्ट्रीय विकास के मुख्य विषय पढ़े।
ऑस्ट्रेलिया में पर्यावरण विषय पर वालंटियर के तौर पर जागरूकता का काम किया। वर्ष 2018 में इसी यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल स्टूडेंट डिपार्टमेंट की महासचिव बनीं, जिसमें 14 हजार अंतरराष्ट्रीय स्तर के विद्यार्थी जुड़े हैं। समाज निर्माण पर बोलने के कारण संजोली को 2017 में ऑस्ट्रेलिया में इंटरनेशनल लायंस क्लब ने 40 हजार रुपये का इनाम दिया। यूनिवर्सिटी ने उसे ऑस्ट्रेलिया से इंग्लैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ शैफिल्ड में छह महीने के लिए अपने खर्च पर पढ़ने भेजा। 14 अक्तूबर 2019 को ऑस्ट्रेलियन फेडरल पार्लियामेंट में उसे एक दिन का सांसद बनाया गया।
इन्होंने वहां की सांसद लेरिजा वॉटर्स का कार्यालय संभाला। हिंदुस्तान की यह पहली बेटी थी, जिसे महज 20 साल की उम्र में ऐसा अवसर मिला। उसी दिन इस बिटिया का भाषण आस्ट्रेलिया की ग्रींस पार्टी के अध्यक्ष रिचार्ड नेटली ने संसद में पढ़कर सुनाया। उस भाषण में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यावरण को बचाने की जरूरत तथा पर्यावरण परिवर्तन के खतरे बताए गए थे। उसके बाद वह ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन से मिलीं व उन्हें 10 बिंदुओं का एक चार्टर पेश किया। यह चार्टर महिलाओं को सशक्त करने व उन्हें राजनीति में बराबर का मौका देने के बारे में था।

दरड़ को बनाएंगी मॉडल गांव
अब इस बेटी ने करनाल जिले के दरड़ गांव को मॉडल बनाने के लिए चुना है। जहां वह जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को फ्री शिक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण पर काम कर रही हैं।
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