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हनुमान जयंती पर नौकरी प्राप्ति, आर्थिक उन्नत्ति, राजनीतिक सफलता एवं शत्रुनाशक हनुमंत अनुष्ठान - 8 अप्रैल 2020
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अनिल थापरः कूड़ा बीनने वाले बच्चों को पाठशाला खोल कर रहे शिक्षित, मिल चुका राज्य पुरस्कार

समाज सेवी अनिल थापर स्लम एरिया निवासी और कूड़ा बीनने वाले बच्चों के हाथ में किताब थमाने का काम करना अपने जीवन का अहम हिस्सा मानते हैं।

16 मार्च 2020

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चंडीगढ़

सोमवार, 6 अप्रैल 2020

अब फोन से ट्रैक कर सकेंगे सब्जी व फलों की बस

चंडीगढ़। शहर के लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। जल्द लोग अपने क्षेत्र में फल व सब्जी लेकर आने वाली बसों को ट्रैक कर सकेंगे। जल्द इसका लिंक शेयर किया जाएगा।
स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने बताया कि लगातार लोगों तक फल व सब्जी न पहुंचने की शिकायत मिल रही थी। मंडी कमेटी से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस की मदद के बावजूद यह समस्या दूर नहीं हुई। अब एक नई तकनीक अपनाने का फैसला लिया गया है। सीटीयू की बसों को लोग आसानी से ट्रैक कर सकेंगे।
इसके लिए एक एप तैयार कर लिया गया है। इसकी लिंक जल्द लोगों के साथ शेयर की जाएगी। लिंक पर क्लिक करके लोग अपनी लोकेशन डालेंगे तो उनके क्षेत्र में फल व सब्जी लेकर आने वाली बसों के बारे में आसानी से जानकारी मिल जाएगी।
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हुड़दंगबाजों ने किराएदार से विवाद के बाद मकान मालिक के घर पर किया पथराव

चंडीगढ़। हल्लोमाजरा में एक किराएदार से विवाद के बाद 12 से 15 हुड़दंगियों ने मकान मालिक के घर पर पथराव शुरू कर दिया। इससे कार के साथ मकान में लगे शीशे भी टूट गए। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। शिकायत के आधार पर सेक्टर-31 थाना पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।
मकान मालिक विजय किशन झा ने बताया कि उनके यहां रोहित नाम का युवक किराए पर रहता है। रोजाना की तरह शनिवार रात करीब 11 बजे वह खाना खाने के लिए उनके मकान में आ रहा था। इस दौरान वहां खड़े तीन-चार युवकों ने रोहित से बेवजह उलझना शुरू कर दिया। इस दौरान विरोध करने पर युवकों ने रोहित के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद घटना शिकायत रोहित के परिजनों को दी गई लेकिन थोड़ी देर बाद पड़ोसी युवक अपने करीब दर्जन भर साथियों मकान के बाहर खड़ी उनकी गाड़ी पर पत्थर मार के तोड़ दी। इस दौरान उनके बीच बचाव करने के बावजूद हुड़दंगियों ने मकान के तीसरी मंजिल तक जमकर पत्थरबाजी कर दी। पत्थरबाजी में मकान की खिड़कियां और शीशे भी टूट गए। इससे उन्हें काफी नुकसान हुआ। शोरशराबे के बाद आसपास के लोग जमा हो गए। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी गई। वहीं मकान मालिक विजय किशन झा का आरोप है कि पुलिस केस दर्ज करने के बजाय समझौता करवाने में जुटी हुई है।
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पैसे इकट्ठा कर पीजीआई डाक्टरों को सौंपी 50 पीपीई किट

चंडीगढ़। कोरोना वायरस से बचने के लिए बड़े पैमाने पर सुरक्षा उपकरणों की जरूरत है। खास तौर पर स्वास्थ्यकर्मियों के लिए। जो डॉक्टर, नर्स और अन्य स्टाफ अस्पतालों में जरूरी सेवा में लगे हैं, जब वे कोरोना वायरस से सुरक्षित रहेंगे तभी संक्रमित मरीजों का इलाज कर सकेंगे। इन वस्तुओं को उपलब्ध कराने के लिए सरकार की ओर से तो प्रयास जारी हैं, लेकिन शहर के कुछ लोग भी इन वस्तुओं को खरीदकर अस्पतालों में पहुंचा रहे हैं। सेक्टर-45 निवासी शिशुपाल व उनके साथियों ने रुपये इकट्ठा कर पीजीआई के डाक्टरों व नर्सों के लिए 50 व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) उपलब्ध कराए हैं।
एक पीपीई की कीमत करीब 1150 रुपये है। इस हिसाब से उनके साथियों ने करीब 52 हजार रुपये इकट्ठा किया और पीजीआई के डाक्टरों को किट मुहैया करवाई। शिशुपाल के मुताबिक, इसमें उनके साथ काम करने वाले मोहित, निधि, प्रदीप, बंगारू, अमित, विकास और चंडीगढ़ पाल मर्चेंट की शिवानी, आरती, रितेश, विजय, पुनीत, दिग्विजय और राजेंद्र सहित अन्य लोगों ने सहयोग दिया है। शिशुपाल ने बताया कि रविवार दोपहर पीजीआई को पीपीई सौंप दी गई थी। विशेषज्ञों के मुताबिक यह उपकरण कोरोना वायरस के उपचार में लगे डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों की रक्षा करता है।
देश में बड़े पैमाने पर पीपीई किट की कमी है। ऐसे में बड़ी संख्या में पीपीई उपकरण उपलब्ध होने पर डॉक्टरों और नर्सों को मरीजों के इलाज में मदद मिलेगी। देशभर में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टर और दूसरे स्वास्थ्यकर्मी कोरोना की चपेट में आ गए हैं। ऐसे में पर्याप्त सुरक्षा उपकरण न होने से स्वास्थ्यकर्मी काफी परेशान थे। शिशुपाल समाजसेवा के कार्यों में काफी सक्रिय हैं। उनके परिवार ने घर पर मास्क बनाकर कई लोगों को बांटे भी हैं।
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चंडीगढ़-पंजाब और हरियाणा ने मनाई एकता की दिवाली, आम से लेकर खास ने जलाए ‘उम्मीदों’ के दीये

उम्मीदों के दीप जलाते लोग उम्मीदों के दीप जलाते लोग

पंजाबः कोरोना से जान गंवाने वाले बलदेव सिंह के मासूम पोते की रिपोर्ट निगेटिव, तीनों पोतियां भी स्वस्थ

जर्मन से वाया इटली लौटे बाबा बलदेव सिंह के देहांत के बाद कोरोना के मरीजों में अचानक आई वृद्धि से पंजाब में चर्चा में आए शहीद भगत सिंह नगर जिले से रविवार को राहत की खबर आई। जिले में आइसोलेशन में रखे गए 18 मरीजों में से 12 के कल लिए गए सैंपल में से रविवार शाम तक आए नतीजों में 8 सैंपल निगेटिव पाए गए हैं।

डिप्टी कमिश्नर विनय बबलानी ने बताया कि सबसे अधिक संतोषजनक बात यह रही कि इन मरीजों में आइसोलेशन में रखा गया स्वर्गीय बाबा बलदेव सिंह का दो साल का पोता भी कोरोना को मात देने में सफल रहा है। इस नन्हे बच्चे का शनिवार को दूसरा जन्मदिन अस्पताल के स्टाफ ने मनाया गया था और रविावार को उसे कोविड-19 से मुक्ति मिल गई। बाबा बलदेव सिंह के परिवार में से अन्य सदस्यों का टेस्ट भी रविवार को पहली बार निगेटिव आया है, उनमें उनकी तीन पोतियां और पोता शामिल है।

अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर आदित्य उप्पल ने इन सैंपलों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि बाबा बलदेव सिंह के एक पुत्र फतेह सिंह (35) का दूसरा सैंपल भी निगेटिव आने के साथ उसे कोरोना वायरस से स्वस्थ घोषित किया गया है। अन्य सैंपलों में सबसे महत्वपूर्ण गुरुद्वारा बाबा कन्हैया जी पठलावा के प्रमुख बाबा गुरबचन सिंह (78) और उनके साथ ही विदेश यात्रा करके लौटे तीसरे साथी दलजिंदर सिंह (60) गांव झिक्का का आइसोलेशन समय पूरा करने के बाद पहला टेस्ट निगेटिव पाया गया है।

गांव पठलावा के सरपंच हरपाल सिंह (49) का भी आइसोलेशन में रहने के बाद पहला टेस्ट रविवार को निगेटिव आया है। सिविल सर्जन डॉ. रजिंदर भाटिया के अनुसार, आइसोलेशन में उपचाराधीन कोविड-19 के मरीजों के 12 सैंपल भेजे गए थे, जिनमें से रविवार आए 11 नतीजों में से 8 निगेटिव और 3 पॉजिटिव आए हैं। उन्होंने बताया कि जिनके सैंपल कोरोना पॉजिटिव आए हैं, उनके 5 दिन के बाद दोबारा सैंपल लिए जाएंगे। जिन सात मरीजों के टेस्ट निगेटिव आए हैं, उनके 24 घंटे के बाद फिर टेस्ट दोहराए जाएंगे।
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पंजाबः एमआरपी से ज्यादा कीमत ली तो भरें जुर्माना, जरूरी चीजों की आवाजाही को बने कंट्रोल रूम

पंजाब सरकार ने लोगों तक जरूरी वस्तुओं की निर्विघ्न सप्लाई यकीनी बनाने के उद्देश्य से उनकी ढुलाई संबंधी आवाजाही के लिए ट्रांसपोर्ट कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। सरकार ने इसके साथ ही जरूरी वस्तुओं को अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से ज्यादा कीमत पर बेचने वालों को 1.85 लाख रुपये जुर्माना करने का फैसला किया है। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि सेंट्रल ट्रांसपोर्ट रूम के प्रमुख स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर होंगे, जबकि जिलों में स्थापित ऐसे कंट्रोल रूम की कमांड सचिव व आरटीए के हाथों में होगी।

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के आदेश पर परिवहन विभाग ने अन्य राज्यों के लिए अनाज व अन्य वस्तुओं की सप्लाई बढ़ा दी है, जहां अनाज और अन्य वस्तुओं की कमी है। प्रवक्ता ने बताया कि इन वस्तुओं की कमी वाले राज्यों में स्टॉक ले जाने की गति आम दिनों की अपेक्षा लगभग 50 प्रतिशत तक बढ़ाई गई है। प्रवक्ता ने बताया कि गेहूं/चावल के लगभग 20-25 रैक, जिनमें 54,000-67,000 टन अनाज और अन्य सामान होता है, रोजाना इन राज्यों को भेजा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने शनिवार को मंत्रिमंडल की मीटिंग में सभी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर निगरानी रखने के लिए सख्त निर्देश जारी किए थे। इसके तहत जमाखोरी, अधिक कीमत वसूलने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा गया था। मंत्रिमंडल को यह भी बताया गया था कि पठानकोट और फिरोजपुर में 15-15, एसएएस नगर में 11, गुरदासपुर में 10 और लुधियाना में एक जगह पर छापा मारा गया और एक गैस एजेंसी का चालान भी काटा गया है।

खाद्य एवं सिविल सप्लाई के प्रमुख सचिव ने मंत्रिमंडल को बताया था कि सभी वस्तुएं खासकर खाद्य वस्तुएं जैसे कि गेहूं /आटा, चावल, दाल, खाना बनाने वाले तेल, मसाला, सब्जियां आदि के साथ-साथ मास्क और सैनिटाइजर्स पर बारीकी से नजऱ रखी जा रही है। नए बनाए गए ट्रांसपोर्ट कंट्रोल रूम राज्य के अंदर ट्रक ऑपरेटरों और चालकों को उनके खाली और भरे हुए ट्रकों को जरूरी वस्तुओं के आने-जाने के लिए मददगार साबित हो रहे हैं। यह कंट्रोल रूम अलग-अलग अथॉरिटी के साथ तालमेल स्थापित कर रहे हैं जिससे इनको किसी किस्म की समस्या पेश न आए।
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हरियाणाः कोरोना से मौत पर नहीं मिलेगा शव, सरकार कराएगी संस्कार...मदद को आगे बढ़े कई हाथ

हरियाणा में कोरोना से मृत्यु होने पर शव परिजनों को नहीं मिलेगा। सरकार ने रविवार को यह अहम निर्णय लिया है। मृतक के धर्म अनुसार उसका अंतिम संस्कार रस्मों रिवाज के साथ सरकार कराएगी। शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। हरियाणा में अब तक कोरोना से तीन मौतें हुई हैं। एक अंबाला व दूसरी करनाल निवासी की। इसके अलावा तीसरी मौत रोहतक निवासी महिला की दिल्ली में हो चुकी है।

शहरी स्थानीय निकाय मंत्री अनिल विज ने रविवार को अधिकारियों से बैठक के बाद बताया कि हरियाणा में कोरोना पॉजिटिव के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। हालांकि, अधिक संख्या मरकज से आए जमातियों की है। सरकार की ओर से जारी निर्देशों में जिला प्रशासन व निकायों के अधिकारियों को कहा गया है कि वे शमशानघाट और कब्रिस्तान के संचालकों को भी इस बारे में सूचित करें। अब सरकार ही मृतकों का अंतिम संस्कार कराएगी।

शमशानघाट और कब्रिस्तान सैनिटाइज करवाने को भी कहा गया है। निकायों के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को संस्कार का जिम्मा सौंपा जाएगा। जो भी कर्मचारी संस्कार करेंगे, उन्हें पीपीई (पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्यूपमेंट) किट मुहैया करवाई जाएगी। इतना ही नहीं, सरकार ऐसे कर्मचारियों को इन्सेंटिव भी देगी। संस्कार करने वाले कर्मचारियों को कितना प्रोत्साहन मिलेगा, इसकी घोषणा सरकार अगले सप्ताह कर सकती है।

हिंदुओं का शमशानघाट में अंतिम संस्कार होगा। मुसलमानों को कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा। अनिल विज के अनुसार सरकार ने तय किया है कि कोरोना से मरने वाले लोगों का संस्कार शहरी स्थानीय निकाय विभाग करेगा।

इस्तेमाल होंगे इलेक्ट्रॉनिक शवदाह गृह
प्रदेश के कई शहरों में इलेक्ट्रॉनिक शवदाह गृह हैं। अगर कोरोना से किसी की मौत होती है तो उसका संस्कार इसी में करवाना प्राथमिकता रहेगी। अगर किसी शहर में यह सुविधा नहीं है तो लकड़ियों से अंतिम संस्कार होगा।
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कोरोना और लॉकडाउनः गृह मंत्री अनिल विज ने जमातियों को दी चेतावनी, सोनू निगम ने भी की अपील

दिल्ली मरकज से लौटे जमाती कोरोना संबंधी जांच कराने की बजाय भूमिगत हो रहे हैं, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ रहा है। प्रदेश के गृह मंत्री अनिल विज ने उन जमातियों को चेतावनी दी है, जो बार-बार अपील करने के बाद भी छिपे हुए हैं।

मंत्री विज ने कहा कि जमात के लोगों को आगे आना चाहिए, ताकि उनका उपचार हो सके। इसलिए छिपे हुए जमाती अपने-अपने जिलों में डीसी को रिपोर्ट करें। अगर वे सामने नहीं आए और पकड़े गए तो कड़ी कार्रवाई झेलने के लिए भी तैयार रहें। आपदा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री विज ने कहा कि पुलिस प्रशासन ने अब तक कार्रवाई करते हुए 1372 जमाती ढूंढ लिए हैं। अब तलाश नहीं किया जाएगा, बल्कि जमाती जहां-जहां जिस जिले में हैं, खुद ही जिला प्रशासन को रिपोर्ट कर दें। इसके बाद भी छिपे तो कड़ी कार्रवाई होगी। अकेले पंचकूला में ही 115 जमाती तलाशे गए हैं।
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कोरोना को हराने वाली महिला की जुबानी- हिम्मत रखिए... जितना बड़ा नाम, उतनी ही छोटी बीमारी, जीतेंगे हम

अगर मन में दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो आपके लिए कोई भी काम मुश्किल नहीं रह जाता। फिर चाहे वह किसी लक्ष्य को हासिल करना हो या किसी बीमारी को हराना। हम भारतीयों की रोग प्रतिरोधक क्षमता इतनी अच्छी होती है कि कोई भी बीमारी शरीर में टिक ही नहीं सकती। यह कहना है कोरोना जैसे वायरस को हराकर शनिवार शाम अपने घर लौटीं सेक्टर-21 निवासी 48 वर्षीय महिला का। 

कोरोना से जंग जीतकर घर पहुंची इस महिला ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि कोरोना जितना बड़ा नाम है, उतनी ही छोटी सी बीमारी भी है। बस जरूरत है सही समय पर एहतियात बरतने की। हम सभी को बस एकजुट होकर इसके खिलाफ लड़ाई लड़नी है। महिला ने बताया कि जब मेरी बेटी (चंडीगढ़ का पहला केस) कोरोना पॉजिटिव हुई तो हम लोगों की भी जांच हुई। 
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कर्फ्यू के बीच ऐसे हुई शादी, वर-वधु पक्ष से आठ लोग हुए शामिल, पंचायत ने नवदंपती के धुलवाए हाथ

पंजाब में शादी बेटे की हो या फिर बेटी की। लोग पैसा पानी की तरह बहाते हैं। शादी में मंहगे मैरिज पैलेस, लजीज व्यंजन, डेकोरेशन के अलावा प्री-वेडिंग शूट पर ही लाखों खर्च कर दिए जाते हैं। लेकिन कोरोना महामारी ने शादियों की रौनक छीन ली है। अब आम से लेकर खास तक साधारण शादी कर रहे हैं

इतना ही नहीं, शादी में वर-वधु पक्ष से पांच से दस लोग ही शामिल हो रहे हैं। हालांकि शादियों को लेकर उत्साह पूरा है। कोशिश यही है कि अपने देश को कोरोना से बचाया जा सके। इसी तरह की एक शादी रविवार को एहितहासिक गांव दाऊं में संपन्न हुई। इसमें परिवार ने तो अपनी जिम्मेदारी निभाई ही। वहीं, गांव की पंचायत ने पहले प्रवेश द्वार पर वर-वधु के हाथ सैनिटाइजर से धुलवाए फिर फूलों की बारिश और सिरोपा पहनाकर स्वागत किया। वहां पर मौजूद लोग इन पलों को कैमरों में कैद करते दिखे। 

मैरिज पैलेस बुक,  कार्ड तक बांट दिए थे
गांव दाऊं की गगनदीप कौर का विवाह खन्ना निवासी राजदीप के साथ 29 मार्च को निश्चित था। शादी के लिए मैरिज पैलेस बुक था। यहां तक की कार्ड भी बांटे जा चुके थे। वहीं, परिवारिक सदस्य भी शादी में शामिल होने के लिए अमरीका से आए हुए थे। लेकिन इसी बीच कोरोना महामारी के चलते सारी तैयारियां होने के बाद भी शादी को टाल दिया गया। 

बाद में शादी को धूमधाम के साथ कर सकते थे। लेकिन परिवार वालों ने पूरे समाज को एक नया संदेश देने के लिए कर्फ्यू में ही विवाह करने का फैसला लिया। रविवार को लड़के के परिवार से चार लोग आनंद कारज करवाने पहुंचे। चाय-पानी के बाद वह सीधे ग्रीन इनक्लेव स्थित गांव दाऊं के गुरुदारा साहिब पहुंचे। जहां पर लड़की के परिवार से भी केवल चार लोग मौजूद थे।

ऐसी शादियां अब समय की जरूरत
आनंद कारज संपन्न होने के बाद नवदंपत्ती जब गांव में दाखिल होने लगे तो सरपंच अजमेर सिंह ने सबसे पहले सभी के हाथ सैनिटाइज करवाए। इसके बाद नई जोड़ी का फूलों की बारिश व सिरोपा पहनाकर स्वागत किया। परिवार की इस पहल को देखकर गांव में खुशी की लहर है। उन्होंने कहा कि ऐसे विवाह अब समय की जरूरत है।
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डॉक्टरों को सलाम: कोरोना से जंग जीत तीन लोग घर लौटे, कुछ और को जल्द मिलेगी छुट्टी

करीब एक माह बाद ट्राइसिटी के लिए शनिवार का दिन एक अच्छी खबर लेकर आया। एक साथ तीन मरीजों ने कोरोना वायरस को हरा दिया और पूरी तरह स्वस्थ होकर शनिवार को अपने घर लौट गए। इनमें दो चंडीगढ़ के जबकि एक मरीज मोहाली का है। साथ ही यह संकेत हैं कि स्वस्थ हो चुके कुछ और मरीजों को भी जल्द घर भेज दिया जाएगा।   

बता दें कि इससे पहले दो अप्रैल को चंडीगढ़ में सेक्टर-19 निवासी एक महिला भी पूरी तरह स्वस्थ होकर घर जा चुकी हैं। चंडीगढ़ में में तीन और मोहाली में एक कोरोना पीड़ित के स्वस्थ होने से स्वास्थ्य विभाग के साथ प्रशासनिक अफसरों ने भी राहत की सांस ली है। हालांकि अभी भी कोरोना सें जंग जारी है। 

शनिवार को पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौटने वालों में सेक्टर-30 निवासी दुबई से लौटा मरीज, सेक्टर-21 निवासी 48 वर्षीय महिला मरीज और मोहाली के सेक्टर-69 निवासी युवक शामिल हैं। दुबई से लौटे सेक्टर-30 निवासी युवक में 15 दिन बाद कोरोना के लक्षण मिलने की बात कही गई थी लेकिन एडवाइजर मनोज परिदा ने साफ किया था कि युवक में 10 दिन बाद ही कोरोना के लक्षण दिख गए थे लेकिन वह 15 दिन बाद अस्पताल पहुंचा। इस बीच वह काफी लोगों के संपर्क में आ चुका था। उसके बाद इस युवक को सेक्टर-32 स्थित जीएमसीएच में भर्ती कराया गया। 
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पीयू की शानदार पहल: कोरोना के चलते दिमाग में है कोई प्रश्न तो इन नंबरों पर मनोविज्ञानी से लें परामर्श

कोरोना के चलते लोगों के दिमाग में तमाम सवाल आ रहे हैं। इसके चलते लोगों पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े, इसी को ध्यान में रखते हुए पंजाब विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग ने हेल्प डेस्क बनाई है जो फोन के जरिये परामर्श देंगे। मनोविज्ञानी नंबरों पर मौजूद रहेंगे। पूरे विश्व में कोरोना का प्रकोप है। मौजूदा हालात में दिनभर कोरोना को लेकर ही चर्चा हो रही है। इससे तमाम लोगों के दिमाग पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। 

बच्चों को भी इससे परेशानी हो सकती है। साथ ही कुछ हुई भी हैं। स्कूलों की ओर से भी इसके लिए गाइडलाइन जारी की जा रही है। पीयू ने एक अच्छी पहल की है। मनोविज्ञान विभाग ने इसके लिए हेल्प डेस्क तैयार की है। टेलीफोनिक परामर्श इसके जरिये दिया जाएगा। 

इन नंबरों पर फोन कर लें परामर्श 
  • सुबह दस से शाम चार बजे तक : 9501434061
  • सुबह 11 से शाम पांच बजे तक :  7973446894 
  • सुबह 11 से दोपहर एक बजे तक : 9814211641 
  • शाम चार बजे से रात सात बजे तक :  8567060000 
पहल को पीयू के शिक्षकों ने सराहा
विभाग की यह पहल पीयू के शिक्षकों को पता लगी तो उन्होंने इसे सराहा है। साथ ही अन्य तरीके भी परामर्श के निकालने के लिए कहा है। इस समय दिमाग का स्वस्थ रहना बहुत जरूरी है। साथ ही सकारात्मक सोच भी आवश्यकता है।
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दीये व मोमबत्ती का उजाला कोरोना से लड़ने की ताकत देगा, रिफ्रेशनेस व अलर्टनेस बढ़ेगी

चंडीगढ़। कोरोना के खौफ ने लोगों का तनाव बढ़ा दिया है। कहीं न कहीं बीमारियों से लड़ने का आत्मविश्वास भी कम हो गया है। लॉकडाउन के कारण बंद कमरे में रहने से तमाम तरह के ख्याल आ रहे हैं। इन सभी के बीच पीएम नरेंद्र मोदी का दीये व मोमबत्ती जलाने का कार्यक्रम सभी लोगों को एक नई एनर्जी देगा। यह बात पंजाब विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग के प्रो. रोशन लाल व चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय भिवानी हरियाणा के मनोविज्ञान विभाग के प्रो. राधेश्याम ने कही।
उन्होंने कहा, ‘यह लोगों में आत्मविश्वास जगाने का काम करेगा। लोगों को महसूस होगा कि वह कोरोना का डटकर मुकाबला करेंगे, इतनी जान उनमें है।’ उन्होंने बताया कि कोविड को सीमित करने का यह मैकेनिज्म है। इसके जरिये लोगों की रिफ्रेशनस व एलर्टनेस बढ़ेगी।
भय होगा दूर, अच्छी नींद आएगी : प्रो. रोशन लाल
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प्रो. रोशन लाल कहते हैं कि दीये व मोमबत्ती जलाना हमारी परंपरा रही है। कोविड-19 का लोगों के दिमाग पर इतना नकारात्मक प्रभाव हो गया है कि वह दबाव महसूस कर रहे हैं। इससे तनाव बढ़ रहा है। एक ही घर में बंद रहकर बार-बार कोरोना की ही खबरें आ रही हैं। ऐसे में उन लोगों की एनर्जी वापस लाने के लिए दीये व मोमबत्ती काम करेंगे। इसके अलावा लोगों कों दीये व मोमबत्ती की लाइटें अधिक पसंद होती हैं। ऐसे में वह जलाएंगे तो उन्हें ऊर्जा का संचार होगा। हर व्यक्ति को कोई न कोई कलर पसंद होता है। यदि कम रोशनी देने वाली ऑरेंज लाइट जलाएंगे तो इससे सकारात्मक एनर्जी आएगी। रेड व ब्लू लाइट से अच्छी नींद आएगी। मूड अच्छा बना रहेगा।
मायूसी से निकलेंगे बाहर, ऊर्जा का होगा संचार : प्रो. राधेश्याम
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प्रो. राधे श्याम कहते हैं कि कोविड-19 का कोई इलाज नहीं है। इस कारण लॉकडाउन चल रहा है ताकि लोग संपर्क में न आएं। वह घरों में रहने से मायूसी महसूस कर रहे हैं। उनमें ऊर्जा का संचार करने के लिए दीये व मोमबत्ती अच्छा काम करेंगी। इसके जरिये एकजुटता का भी संदेश जाएगा। जैसे ही अलग रोशनी लोग देखेंगे तो वह अपने को आइसोलेशन से बाहर महसूस करेंगे। इससे उनका हौसला व ताकत बढ़ेगी। ऐसा होने से लोग फिर से फ्रेश महसूस करेंगे जैसे कोविड के आगमन से पहले थे। यह दीये व मोमबत्ती का उजाला कोविड से लड़ने की ताकत देगा।
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