विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
एक माह तक वृंदावन बिहारी जी मंदिर में कराएं चन्दन तुलसी इत्र सेवा , मिलेगा नौकरी व व्यापार से जुड़े समस्याओं का समाधान
Puja

एक माह तक वृंदावन बिहारी जी मंदिर में कराएं चन्दन तुलसी इत्र सेवा , मिलेगा नौकरी व व्यापार से जुड़े समस्याओं का समाधान

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

From nearby cities

विज्ञापन
Digital Edition

प्रशासन के क्वारंटीन सेंटर में नहीं मिल रहा ठीक खाना, सुविधाओं का अभाव

चंडीगढ़। यूटी प्रशासन दावा कर रहा है कि क्वारंटीन सेंटरों में कोई कमी नहीं होने दी जाएगी, लेकिन जमीनी हकीकत इस दावे से अलग है। स्कूलों और हॉस्टल में बनाए गए क्वारंटीन सेंटरों में पहुंचने वाले खाने की क्वालिटी और सुविधाओं को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें यहां मिल रहे खाने को दिखाया गया। इसके अलावा एक वीडियो में चंडीगढ़ पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में जफर नाम के युवक ने चंडीगढ़ प्रशासन की तरफ से भेजे गए खाने की क्वालिटी पर सवाल उठाए हैं। बताया कि वह सेक्टर-26 स्थित बापूधाम का निवासी है। उसकी कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव आई है। इसके बावजूद उसे और उसके पूरे परिवार समेत कई अन्य परिवारों को भी यहां शिफ्ट किया गया है। वीडियो में वह कह रहा है कि पंजाब यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल नंबर-8 में कई परिवार हैं, जिनमें कई छोटे बच्चे भी हैं। इन्हें दूध नहीं मिल पा रहा है। उसने वीडियो में आरोप लगाया कि मंगलवार को सुबह प्रशासन की तरफ से चाय तक नहीं दी गई। दोपहर का खाना 2.30 बजे आया है, उसकी क्वॉलिटी भी ठीक नहीं है। खाने में थोड़ी सी सब्जी, चावल और रोटियां दी गई हैं। सब्जी की मात्रा इतनी कम थी कि उससे रोटी और चावल को खाया भी नहीं जा रहा है।
दूध को लेकर पुलिसकर्मियों पर लगाए आरोप
एक अन्य वीडियो जारी कर पीयू के ही क्वारंटीन सेंटर के व्यक्ति ने आरोप लगाया कि बच्चों को यहां दूध नहीं मिल रहा है। सोमवार शाम वहां के अधिकारियों को दूध के लिए बोला, लेकिन मंगलवार दोपहर तक बच्चों को दूध नहीं मिला। वीडियो में कुछ पुलिस वाले भी दिखाए गए हैं, जिसमें से एक पुलिसकर्मी दूध पीता दिखाई दे रहा है। वीडियो बनाने वाले शख्स ने आरोप लगाए हैं कि यह वही दूध है जो कि बच्चों के लिए आ रहा है, लेकिन उन्हें न देकर चंडीगढ़ पुलिस के कर्मी वह दूध पी रहे हैं। हालांकि, इस वीडियो को बनाने वाले व्यक्ति ने तो अपना चेहरा दिखाया न ही नाम बताया है।
रिपोर्ट नेगेटिव तो क्यों ले जाया गया क्वारंटीन सेंटर
बापूधाम निवासी जफर का कहना है कि उसके पूरे परिवार की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। इसके बावजूद पंजाब यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल नंबर-8 के क्वारंटीन सेंटर लाया गया है। वह अपने घर में ज्यादा सुरक्षित महसूस करता। यहां पर कई तरह की असुविधाएं हैं। इसके अलावा बहुत सारे लोग एक साथ रह रहे हैं। यहां कूड़ा भी खुले में पड़ा है, जबकि घर में साफ-सफाई ज्यादा होती है। इस पर जब चंडीगढ़ प्रशासन के स्वास्थ्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता से बात की गई तो कहा कि उन्होंने अधिकारियों को कहा है कि जब रिपोर्ट निगेटिव आई है, तो उन्हें क्वारंटीन सेंटर ले जाने की जरूरत नहीं है। हालांकि, कोरोना वायरस के संदेह के कारण क्वारंटीन सेंटर ले जाया गया है।
... और पढ़ें

नई अस्थायी सब्जी मंडी: 22 दिन में 22 करोड़ का घटा कारोबार

चंडीगढ़। आईएसबीटी 17 में शिफ्ट हुई अस्थायी नई सब्जी मंडी में अब तक 22 दिन में 22 करोड़ रुपये का कारोबार घटा है। मंडी में फल, सब्जियों और आलू-प्याज की मांग में गिरावट के कारण जमींदारों को भी फसल के अच्छे दाम नहीं मिल पा रहे हैं। इससे तंग आकर 35 फीसदी जमींदारों ने भी पंजाब की मंडियों की ओर रुख कर दिया है।
बापूधाम कालोनी में बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण यूटी प्रशासन ने 4 मई को साप्ताहिक बंदी के दिन सोमवार को आईएसबीटी 17 में अस्थायी रूप से मंडी शिफ्ट करवा दी थी। फल, सब्जी और आलू-प्याज का कारोबार करने वाले 168 लाइसेंसी इन दिनों नई सब्जी मंडी में गिरते कारोबार को लेकर बेहद परेशान हैं। कारोबार नहीं होने के कारण आढ़तियों ने भी मांग के अनुरूप ही माल लेना शुरू कर दिया है। इससे जमींदारों को अपनी फसल का अच्छा दाम नहीं मिल पा रहा है। परेशान होकर 35 फीसदी जमींदार पंजाब की मंडियों की ओर चले गए हैं। वहां उन्हें अपनी फसल का अच्छा दाम मिल रहा है।
चंडीगढ़ में खरड़ से अपनी टमाटर की फसल लेकर पहुंचे जमींदार सुखवीर ने बताया कि टमाटर की उनकी जो क्रेट 200 रुपये की बिकती थी वह अब 60 से 70 रुपये में बिक रही है। हमारी लागत भी नहीं निकल पा रही है, मजबूरी में हम यहां के बजाय पंजाब में सामान बेचने में ज्यादा रुचि ले रहे हैं।
मार्केट कमेटी को दो करोड़ की फीस का घाटा
सेक्टर-26 मंडी के अनुरूप कारोबारियों के साथ ही मार्केट कमेटी को भी फीस का घाटा हो रहा है। 22 दिन में 22 करोड़ का कम कारोबार होने के कारण 2 करोड़ रुपये मार्केट कमेटी को फीस का नुकसान हो चुका है। हालांकि कमेटी के अधिकारियों का कहना है कि संक्रमण को रोकने के लिए कुछ तो नुकसान उठाना ही पड़ेगा।
बंद होटल, इटिंग प्वाइंट का भी है असर
चंडीगढ़ के होटलों, इटिंग प्वाइंट और हॉस्टलों में मंडी से 33 प्रतिशत फल, सब्जी और आलू-प्याज की सप्लाई की जाती थी, लेकिन लॉकडाउन के कारण इन सबके बंद होने से भी सब्जियों की मांग कम हुई है। इससे मंडी के कारोबार पर प्रतिकूल असर पड़ा है।
बंद पड़ी हैं किसान मंडियां
कोरोना संक्रमण के खतरों को देखते हुए सेक्टरों में लगने वाली किसान मंडियां प्रशासन ने बंद करा दी हैं। इन किसान मंडियों से कई वेंडर्स और रेहड़ी-फड़ी वाले फल, सब्जियां और आलू-प्याज लेकर आते थे। इन किसान मंडियों के जरिए 40 प्रतिशत मंडी में कारोबार होता था। किसान मंडियों के बंद होने से भी मंडी का कारोबार प्रभावित हुआ है।
फुटकर बिक्री पर रोक भी है वजह
आईएसबीटी 17 से पहले सेक्टर-26 की मंडी में फल, सब्जियों और आलू-प्याज की फुटकर बिक्री की जाती थी, लेकिन संक्रमण के खतरे को देखते हुए यूटी ने नई सब्जी मंडी में किसी भी प्रकार की फुटकर बिक्री पर रोक लगा रखी है। शहर के कई लोग सेक्टर-26 की मंडी में सस्ते के फेर में फुटकर सामान खरीदने के लिए जाते थे, लेकिन आईएसबीटी में रोक होने के कारण फुटकर बिक्री नहीं हो पा रही है।
... और पढ़ें

एग्जाम कराने व न कराने को लेकर पीयू में छिड़ी सबसे बड़ी जंग, शिक्षक बोले- बिना एग्जाम विद्यार्थियों को प्रमोट किया तो पिछड़ जाएंगे नौकरियों में

चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में इस समय सबसे बड़ी जंग एग्जाम कराने व न कराने को लेकर छिड़ी हुई है। छात्र संगठनों में एग्जाम को लेकर मतभेद सामने आ रहे हैं। लेकिन अधिकांश शिक्षकों का मत है कि एग्जाम होने चाहिए।
एग्जाम ही वह पैमाना है, जिसके जरिये विद्यार्थियों की काबिलियत परखी जाती है। एग्जाम के अंकों के आधार पर विद्यार्थियों का भविष्य टिका होता है। यदि बिना एग्जाम के विद्यार्थियों को प्रमोट कर दिया गया तो उन्हें अपने भविष्य बनाने में पसीने छूटेंगे। जहां भी नौकरी के लिए जाएंगे तो सबसे पहले नौकरी उसी को मिलेगी, जिसकी डिग्री दमदार होगी। यानी जो विद्यार्थी एग्जाम देकर स्नातक व परास्नातक करके आया होगा, उसे प्राथमिकता मिलेगी। ऐसे में शिक्षकों की राय है कि पीयू को परीक्षाएं हर हाल में लेनी चाहिए। हालांकि, परीक्षा का प्रकार बदला जा सकता है। पीयू यदि बिना एग्जाम के विद्यार्थियों को पिछले प्रदर्शन के आधार पर प्रमोट करता है तो हजारों री-अपीयर विद्यार्थियों के सामने एक और संकट खड़ा हो जाएगा। उन्हें किस आधार पर प्रमोट किया जाएगा या उनकी समस्या कैसे हल होगी। पीयू को समग्र रूप से सोचना होगा।
आइए जानते हैं क्या कहते हैं पीयू के वरिष्ठ प्रोफेसर्स..
बिना एग्जाम छात्रों को प्रमोट कर दिया तो नौकरी में दिक्कत आएगी
नौकरियों में उसी अभ्यर्थी को चयनित किया जाएगा या प्राथमिकता मिलेगी जिसकी डिग्री व मार्कशीट ठोस होगी। जब बिना एग्जाम के विद्यार्थियों को प्रमोट कर दिया जाएगा और वह अगले वर्षों में नौकरी के लिए कहीं इंटरव्यू देगें तो दिक्कतें आएंगी। छात्रों का डिग्री व मार्कशीट पर भविष्य टिका होता है। इसलिए परीक्षाएं आयोजित होनी चाहिए। चाहे प्रकार उसका कुछ भी हो।
-प्रो. देविंदर सिंह, लॉ विभाग
परीक्षा जरूर हों.. कैसे ली जाएंगी पीयू तय करे
छात्रों में परीक्षा कराने व न कराने को लेकर कन्फ्यूजन की स्थिति है। लेकिन उन्हें परीक्षा के लिए तैयार रहना चाहिए। पीयू प्रशासन को परीक्षाएं करवानी चाहिए। परीक्षा का स्तर क्या है, कैसे ली जाएंगी यह अधिकारियों को तय करना होगा। विद्यार्थियों को भविष्य में दिक्कतें न हों, ऐसा प्लेटफार्म बनाना होगा।
- प्रो. नवदीप गोयल, अध्यक्ष, फिजिक्स विभाग
एग्जाम हों.. चाहे उसका नेचर कुछ बदलें
यदि विद्यार्थियों को बिना एग्जाम के पास कर दिया जाता है तो उनकी डिग्रियों पर फर्क पड़ेगा। किसी भी विद्यार्थी को जज करने का क्राइटेरिया एग्जाम ही होता है। डिग्री का महत्व कायम रहे, इसके लिए पीयू को एग्जाम करवाने की तैयारी करनी चाहिए। एग्जाम में सिलेबस कम किया जा सकता है। इंटरनल एग्जाम आदि का सहारा लिया जा सकता है। यानी एग्जाम हों चाहे उसका नेचर कुछ बदलें।
- प्रो. मोहम्मद खालिद, पूर्व अध्यक्ष, पुटा
परीक्षा करवाने के तरीके निकाले जा सकते हैं
परीक्षा ही एक ऐसा माध्यम है जिसके जरिये विद्यार्थियों की योग्यता पहचानी जाती है। डिग्री या मार्कशीट में दर्ज अंकों के आधार पर ही आगे जाकर विद्यार्थी नौकरी आदि पाते हैं। परीक्षा होनी चाहिए, चाहे भले ही इसका प्रकार कुछ बदला जा सकता है। हालांकि, पीयू में परीक्षाएं करवाने के तरीके निकाले जा रहे हैं। जल्द ही कुछ नई खबर सामने आएगी।
- प्रो. प्रिंस शर्मा, डीन साइंसेज, पीयू
... और पढ़ें

चंडीगढ़: पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में किया पेश, निकला कोरोना पॉजिटिव, जज क्वारंटीन

कोरोना का कहर अब जिला अदालत तक पहुंच गया है। मंगलवार को पुलिस ने एक आरोपी को जिला अदालत में पेश किया। सुनवाई के बाद आरोपी की कोराना टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। इसके बाद जिला अदालत में हड़कंप मच गया और तत्काल केस की सुनवाई करने वाले जज को क्वारंटीन कर दिया गया।    

बता दें कि लॉकडाउन के कारण जिला अदालत में केवल जमानत याचिका पर ही सुनवाई हो रही है। बाकी सभी मामलों को अगली तारीख के लिए स्थगित कर दिया जा रहा है। अदालत में शुरू से ही सभी सावधानियां बरती जा रही हैं। हर कोर्ट रूम में सैनिटाइजर रखा गया है और किसी को भी बिना मास्क के कोर्ट रूम में प्रवेश की अनुमति नहीं है। 


यह भी पढ़ें-
बापूधाम में तीन और पॉजिटिव मिले, प्रशासक बोले- रिपोर्ट आने तक मरीज को अस्पताल में रखा जाए

वहीं ज्यादातर जजों ने महत्वपूर्ण केसों की सुनवाई भी अपने घर से शुरू कर दी है ताकि न्यायिक प्रक्रिया में बाधा न आए। मंगलवार को जिला अदालत में जज इंद्रजीत सिंह की कोर्ट में एक आरोपी को पेश किया गया। सुनवाई के बाद पता चला कि आरोपी की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके बाद जज इंद्रजीत सिंह को तत्काल क्वारंटीन कर दिया गया।

उधर, डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के प्रेसिडेंट एनके नंदा ने सभी बार सदस्यों से अपील की है कि वह घर पर ही रहकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही अपने केस लड़ें। उन्होंने बताया कि रोजाना पांच या छह जमानत याचिका पर ही फैसले सुनाए जा रहे हैं। इस समय वकीलों और स्टाफ दोनों को सावधान रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आर्थिक मंदी का सामना कर रहे वकीलों की भी वह सहायता कर रहे हैं। 
... और पढ़ें
सांकेतिक तस्वीर। सांकेतिक तस्वीर।

कोरोना संकट: चंडीगढ़ के अस्पतालों में 66 दिन से सर्जरी बंद... 8500 मरीज झेल रहे दर्द

कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है लेकिन अस्पतालों में ओपीडी और सर्जरी बंद होने से हजारों मरीज दर्द से कराह रहे हैं। इन मरीजों के लिए एक-एक दिन काटना भारी पड़ रहा है फिर भी लॉकडाउन में यह मरीज इसी उम्मीद में दिन काट रहे हैं कि शायद अगले कुछ दिनों में उनकी सर्जरी हो जाए और उन्हें दर्द से छुटकारा मिले लेकिन शहर में बढ़ती कोरोना की चेन उनकी उम्मीदों पर पानी फेर रही है। 

चंडीगढ़ में 20 मार्च से अस्पतालों की ओपीडी सेवा बंद होने के बाद से अब तक लगभग 8500 मरीजों की सर्जरी रुकी हुई है और संक्रमण के डर से ये मरीज अपना दर्द झेलकर घर में पड़े हुए हैं। दर्द निवारक दवाएं ही इन दिनों इनका सहारा हैं। लॉकडाउन के कारण अस्पतालों में रुटीन सर्जरी पूरी तरह से बंद होने के कारण अपेंडिक्स, यूट्रस, हृदय संबंधी जैसे स्टेंट, पेसमेकर लगाना, कैंसर की सर्जरी, पथरी, हड्डी संबंधी मर्ज की सर्जरी, गिल्टी, गांठ, सिस्ट, ट्यूमर, हर्निया और प्लास्टिक सर्जरी के मरीज सिर्फ व्यवस्था पटरी पर लौटने का इंतजार कर रहे हैं। 


यह भी पढ़ें-
आसमान से बरसी आग, टूटा 10 साल का रिकॉर्ड, हरियाणा में हिसार तो पंजाब में फरीदकोट सबसे गर्म

पीजीआई में इन सर्जरी के लिए मरीज पंजाब, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश समेत अन्य प्रदेशों से आते हैं। पीजीआई समेत जीएमसीएच-32 और जीएमएसएच-16 में पीडियाट्रिक,गाइनकोलॉजी और इमरजेंसी सेवा संचालित करने के आदेश जारी होने के बाद अब इन अस्पतालों में पीडियाट्रिक, गाइनी के साथ इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को इलाज मिल रहा है, हालांकि ओपीडी की सेवाएं पूरी तरह से ठप है।    
... और पढ़ें

अमृतसरः श्री गुरु अर्जन देव के शहीदी दिवस पर हरमंदिर साहिब में मत्था टेकने पहुंचे श्रद्धालु

लॉकडाउन व कर्फ्यू के दौरान शहर के अलग-अलग चौराहों पर लगाए गए नाकों में दी गई ढील के बीच सैकड़ों श्रद्धालु सचखंड श्री हरमंदिर साहिब पहुंचे। संगत ने पांचवें गुरु श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी पर्व पर मुख्य भवन में सुशोभित श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के आगे नतमस्तक होकर सरबत के भले की अरदास की और पवित्र सरोवर में डुबकी लगाई।

एसजीपीसी ने श्री हरमंदिर साहिब परिसर में स्थित सभी छबीलों पर ठंडे-मीठे पानी का प्रबंध किया हुआ था। वहीं शहीदी पर्व पर संगत की आमद अधिक होने के कारण बीते दो महीने से श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय की तरफ जाने वाले रास्ते का जोड़ा घर खोल दिया गया। सचखंड पहुंची संगत को सामाजिक दूरी का पालन करवाया गया।

श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य भवन की परिक्रमा में बैठ कर गुरुबाणी श्रवण कर रहे श्रद्धालु भी सामाजिक दूरी बना कर बैठे हुए थे। एसजीपीसी ने गुरु श्री अर्जन देव जी का शहीदी पर्व ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री रामसर साहिब में श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया। श्री अखंड साहिब पाठ के भोग के बाद सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के हजूरी रागी निर्मल सिंह के जत्थे ने गुरुबाणी का गायन कर संगत को गुरुघर के साथ जोड़ा।

अरदास भाई बलविंदर सिंह कालेके ने की। कोरोना के कारण शहीदी पर्व पर संगत की भीड़ इकट्ठी नहीं की गई। एसजीपीसी के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लौंगोवाल और श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने संगत से अपील की थी कि वह घर में बैठ कर पाठ करें। इस कारण गुरुद्वारा श्री रामसर साहिब में समागम सांकेतिक रूप में ही किया गया। 
... और पढ़ें

हरियाणा में एक दिन में सबसे ज्यादा 94 पॉजिटिव मिले, यमुनानगर को छोड़ सभी जिले अब कोरोनाग्रस्त

मंगलवार शाम तक 24 घंटे के भीतर हरियाणा में 1 दिन में सबसे अधिक 94 मामले सामने आए हैं। तीनों जिलों में अचानक बढ़े संक्रमण की वजह से स्वास्थ्य महकमे की चिंताएं और बढ़ गई हैं। यमुनानगर को छोड़ अब प्रदेश के सभी जिलों में कोरोना वायरस मौजूद है। जबकि पहले 3 जिले इस संक्रमण से मुक्त हो गए थे।

मंगलवार शाम तक गुरुग्राम में 33, फरीदाबाद में 22, अंबाला व पानीपत में 5-5, नूंह व सिरसा में 1-1, करनाल, भिवानी, कुरुक्षेत्र में 3-3, पलवल, हिसार, रेवाड़ी में 2-2 महेंद्रगढ़ में 12 नए संक्रमित मरीज सामने आए हैं। कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 1305 हो गई है। जिसमें 824 मरीज ठीक होकर अपने घर चले गए हैं। 464 मरीज अभी संक्रमित हैं 17 मरीजों की मौत हो चुकी है। 102018 लोगों के सैंपल जांच अब तक हो चुकी है। 3363 लोगों की सैंपल रिपोर्ट आने का इंतजार है।


यह भी पढ़ें-
आसमान से बरसी आग, टूटा 10 साल का रिकॉर्ड, हरियाणा में हिसार तो पंजाब में फरीदकोट सबसे गर्म

विभिन्न जिलों में अब कुल पॉजिटिव मरीजों में से अंबाला में 47, भिवानी में 11, चरखीदादरी में 7, फरीदाबाद में 233, फतेहाबाद में 9, गुरुग्राम में 317, हिसार में 22, जींद में 29, करनाल में 36, कैथल में 6, कुरुक्षेत्र में 21, नूंह में 66, पलवल में 43, पानीपत में 59, पंचकूला में 25, रोहतक में 16, सिरसा में 10, सोनीपत में 163, यमुनानगर में 8, रेवाड़ी में 18, महेंद्रगढ़ में 33, झज्जर में 93 मरीज सामने आ चुके हैं। अमेरिका से लौटे 21 पॉजिटिव मरीज इनसे अतिरिक्त हैं। 

दूसरी ओर, गुरुग्राम 183, अंबाला में 40, भिवानी में 6, चरखी दादरी में 1, रेवाड़ी 1, फरीदाबाद में 120, फतेहाबाद में 6, हिसार में 3, जींद में 18, करनाल में 16, कैथल में 4, कुरुक्षेत्र 3, नूंह में 65, पलवल में 39, पानीपत में 33, पंचकूला में 24, रोहतक में 11, सिरसा में 9, महेंद्रगढ़ में 6, चार सोनीपत में 124, झज्जर 90, यमुनानगर में 8 मरीज ठीक हो चुके हैं।
... और पढ़ें

चंडीगढ़: खाली रह जाती थीं 25% सीटें, तो बदल दिया गया श्रमिक ट्रेनों का शेड्यूल, यह है संशोधन

प्रतीकात्मक तस्वीर
लॉकडाउन 4.0 के बाद मिली छूट से चंडीगढ़ में 65 प्रतिशत तक औद्योगिक इकाइयां खुल गई हैं। रोजगार मिलने के बाद अब घर जाने वाले प्रवासी मजदूरों की संख्या धीरे-धीरे कम होने लगी है। इस कारण से चंडीगढ़ से जाने वाली श्रमिक विशेष ट्रेनों की 25 फीसदी सीटें खाली ही रह जा रही हैं। इसको देखते हुए 26 मई से जाने वाली ट्रेनों के शेड्यूल में यूटी ने बदलाव कर दिए गए हैं। अब गंतव्य को जाने वाली ट्रेनों के रूट में पड़ने वाले स्टेशनों के ठहराव की संख्या को बढ़ा दिया है।

लॉकडाउन में फंसे प्रवासी श्रमिकों और लोगों को यूटी प्रशासन द्वारा ट्रेनों और बसों के जरिए घर रवाना किया जा रहा है। यूटी में अभी तक 17 से अधिक ट्रेनों और बसों के जरिए 29290 लोगों को घर भेजा जा चुका है। अब चंडीगढ़ से घर वापसी के लिए कम रुचि दिखाने लगे हैं। घर जाने वाले प्रवासियों की घटती संख्या के पीछे का कारण लॉकडाउन 4.0 में 90 फीसदी से ज्यादा छूट मिलने से उद्योग और व्यापार खुलने से प्रवासियों को काम मिलना बताया जा रहा है।

23 मई को बिहार जाने वाली ट्रेन में 1600 सीटों में से 400 सीटें खाली रहीं। इससे पहले भी जाने वाली ट्रेनों में यही हालात रहे। इसको देखते हुए यूटी ने अब ट्रेनों के शेड्यूल में कुछ संशोधन किया है। यूटी ने फैसला किया है कि गंतव्य को जाने वाले ट्रेन के रूट में पड़ने वाले स्टेशनों की संख्या बढ़ा दी जाए, जिससे अधिक श्रमिकों को इसका लाभ मिल सके।  
... और पढ़ें

डीजीपी चंडीगढ़ को भेजी गुमनाम चिट्ठी, लिखा- पुलिस ड्यूटी लगाने के नाम पर हो रहा भ्रष्टाचार

कोविड-19 में कुछ पुलिसकर्मी की ड्यूटी लगाने के नाम पर चल रहे भ्रष्टाचार के खेल की गुमनाम चिट्ठी मिलने पर पुलिस विभाग में यह चर्चा का विषय बना रहा। दरअसल किसी ने चंडीगढ़ के डीजीपी संजय बेनीवाल के नाम चिट्ठी लिखकर पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार को रोकने को लेकर इंसाफ की गुहार लगाई है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई चिठ्ठी में लिखा है कि कोविड-19 की वैश्विक महामारी के बीच चंडीगढ़ पुलिस का हर एक अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात मेहनत कर कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहा है, लेकिन पीओ व समन सेल में तैनात हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल लगातार भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। कई बार इनकी शिकायत उच्च अधिकारियों को दी गई है, लेकिन पंजाब के नेताओं और एसएसपी साहब से फोन कराकर हर बार बचा लिया जाता है और दोबारा फिर से करप्शन करने लग जाता है।

पीओ सेल में मौजूदा समय में 65 कर्मचारी हैं, लेकिन इस वक्त 35 कर्मचारी की ड्यूटी लगी हुई है। बाकी के रेस्ट काटने का बहाना बनाकर मुलाजिमों से पैसे लेकर उनकी ड्यूटी नहीं लगाई जाती है। ये मुलाजिम उच्च अधिकारियों की अनुमति के बगैर पूरे लॉकडाउन में अपने राज्य में रह रहे हैं। सप्ताह में एक या दो दिन ड्यूटी कर बाकी समय अपना साइड बिजनेस चला रहे हैं। ये लोग पैसे ना देने के बारे में धमकाते हैं। वह कोरोना के एरिया में ड्यूटी लगाने की धमकी देता है।

हैरानी की बात है कि इस चिट्ठी में एक इंस्पेक्टर का नाम भी सामने आया। लिखा गया कि इंस्पेक्टर भी कठपुतली बन चुके हैं। सीनियर ऑफिसरों से गुजारिश है कि लॉकडाउन के दौरान इन कर्मचारियों की ड्यूटी कहां पर दिखाई गई है, इसकी जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाए। जो मुलाजिम सप्ताह में एक या दो दिन ड्यूटी करके गायब रहते हैं, इनकी वजह से बाकी मुलाजिमों का शोषण हो रहा है।  
... और पढ़ें

विवादः कैप्टन ने आमने-सामने बिठाए मनप्रीत बादल और मुख्य सचिव, डेढ़ घंटा सुनी दोनों की बातें

एक्साइज पॉलिसी को लेकर मुख्य सचिव करण अवतार सिंह और कैबिनेट मंत्रियों की बीच हुए विवाद का निपटारा करने की जिम्मेदारी संभाल रहे मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोमवार को दोनों पक्षों को आखिरकार आमने-सामने बिठा ही लिया। सिसवां स्थित अपने फार्म हाउस पर मुख्यमंत्री ने सोमवार को फिर से चुनिंदा मंत्रियों को लंच पर बुलाया था।

इस लंच कार्यक्रम में वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल और मुख्य सचिव करण अवतार सिंह की मौजूदगी के अलावा तकनीकी शिक्षा मंत्री चरनजीत सिंह चन्नी, खेल मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी के साथ-साथ श्री आनंदपुर साहिब के सांसद मनीष तिवारी मौजूद थे। हालांकि विवाद से जुड़े केवल तीन लोगों को ही मुख्यमंत्री ने बुलाया, क्योंकि पिछले हफ्ते उन्होंने जिन चुनिंदा मंत्रियों को लंच पर बुलाया था।

उनमें मुख्य सचिव का खुलकर विरोध करने और उन्हें हटाने की मांग करने वाले सुखजिंदर सिंह रंधावा और मुख्यमंत्री के सलाहकार विधायक राजा वड़िंग शामिल थे। तब मुख्यमंत्री ने उन दोनों की बात ध्यान से सुनी और विवाद के प्रत्यक्ष पात्र रहे मनप्रीत सिंह बादल से बातचीत करके हल निकालने का भरोसा दिया था। सोमवार को मुख्यमंत्री ने फिर लंच कार्यक्रम रखा और उसमें मनप्रीत बादल और चरणजीत चन्नी को बुला लिया।

पता चला है कि पहले तो मनप्रीत और चन्नी की काफी देर तक मुख्यमंत्री के साथ बातचीत होती रही और बाद में मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव करण अवतार सिंह को भी बुला लिया।
... और पढ़ें

बलबीर सिंह के नाम पर होगा मोहाली स्टेडियम का नाम, कैप्टन बोले- 'लीजेंड' को मिले भारत रत्न

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने महान हॉकी खिलाड़ी पद्मश्री बलबीर सिंह सीनियर (97) के देहांत पर गहरा दुख प्रकट किया है। हॉकी के इस महान खिलाड़ी के परिवार में उनके तीन पुत्र और एक बेटी हैं।

अपने शोक संदेश में मुख्यमंत्री ने सीनियर द्वारा दिए गए योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि भारतीय खेल जगत उनकी इस देन को भुला नहीं सकता। वह भारतीय हॉकी के सबसे बड़े खिलाड़ी और प्रशिक्षक के तौर पर जाने जाते हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ओलंपिक तक देश का नाम रोशन किया। पंजाब के खेल मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी ने बताया कि कैप्टन ने बलबीर सिंह सीनियर को भारत रत्न का सम्मान दिए जाने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। वहीं मोहाली स्टेडियम का नाम बलबीर सिंह सीनियर के नाम पर रखने की घोषणा भी की।

कैप्टन ने अपने संदेश में कहा कि बलबीर सिंह सीनियर ने बतौर खिलाड़ी तीन बार ओलंपिक खेल में स्वर्ण पदक जीते और बतौर प्रशिक्षक भारत को 1975 में विश्व कप जिताया है। इस महान खिलाड़ी के चले जाने से भारतीय खेल खासकर हॉकी को न पूरा होने वाला घाटा हुआ है। मुख्यमंत्री ने उनके परिवार, सगे संबंधियों और लाखों खेल प्रेमियों के साथ दुख साझा करते हुए दिवंगत आत्मा की आत्मिक शांति के लिए प्रार्थना की और पीछे परिवार और स्नेहियों को ईश्वरीय आदेश मानने का बल प्रदान करने की प्रार्थना की।

बलबीर सिंह सीनियर ने 1948 में लंदन, 1952 में हैलसिंकी और 1956 में मेलबर्न में ओलंपिक खेल में स्वर्ण पदक जीते थे। 1952 के ओलंपिक खेल के फाइनल में बलबीर सिंह के पांच गोल करने का विश्व रिकॉर्ड अभी तक नहीं टूटा। 1956 में वह भारतीय हॉकी टीम के कप्तान और भारतीय खेल दल के झंडाबरदार थे। 1975 में उन्होंने अपनी कोचिंग अधीन भारत को एकमात्र विश्व कप जिताया था। बलबीर सिंह सीनियर को भारत सरकार ने पद्मश्री और पंजाब सरकार ने महाराजा रणजीत सिंह अवॉर्ड से सम्मानित किया।
... और पढ़ें

हरियाणा शिक्षा मंत्री ने दी बड़ी राहत, बोले- फीस देने में असमर्थ अभिभावक किस्तों में जमा कराएं

हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने कहा है कि सरकार विद्यार्थियों के अभिभावकों के हितों को ध्यान में रखकर ही कदम उठा रही है। किसी के साथ भेदभाव नहीं होने दिया जाएगा। कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन के कारण राज्य के सभी स्कूलों को भी बंद करना पड़ा। विद्यार्थियों की शिक्षा को जारी रखने के लिए सरकार ने ऑनलाइन पढ़ाई शुरू की है।

बदली आर्थिक परिस्थितियों को देखते सरकार ने निजी स्कूलों को फीस में बढ़ोतरी न करने, पाठ्यपुस्तकें व वर्दी में बदलाव न करने के निर्देश दिए हैं। यही नहीं अभिभावकों के फीस को लेकर चिंता जताने पर सरकार ने निजी स्कूलों को बिल्डिंग फंड, रखरखाव फंड, प्रवेश शुल्क, कंप्यूटर, ट्रांसपोर्ट फीस आदि न लेकर मासिक आधार पर मात्र ट्यूशन फीस लेने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि अगर कोई अभिभावक वर्तमान में फीस देने में असमर्थ है तो वह स्कूल प्रशासन को लिखित रूप में किस्तों में फीस देने का अनुरोध कर सकता है। सरकारी व निजी स्कूलों को अपने कार्यालय खोलने की अनुमति दे दी है ताकि एडमिशन, पाठ्यपुस्तक वितरण इत्यादि आवश्यक कार्य निपटा सकें।
... और पढ़ें

निजी अस्पताल में मानवता हुई शर्मसार, प्री-मैच्योर नवजात को मरने के लिए बास्केट में डाला

सोनीपत के एक निजी अस्पताल में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। अस्पताल में भर्ती एक गर्भवती ने तबीयत बिगड़ने पर जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। प्री-मैच्योर होने के कारण एक बच्चे की पैदा होते ही मौत हो गई, जबकि दूसरी बच्ची जिंदा रही लेकिन उसका वजन काफी कम था। इस कारण बच्ची को बास्केट में रख दिया गया। 

बच्ची को तड़पती देख एक युवक ने उसका वीडियो बना लिया। उसने मामले की शिकायत पुलिस में कर दी लेकिन पुलिस ने भी कोई कार्रवाई नहीं की। आरोप है कि करीब 22 घंटे बाद दोबारा पुलिस को शिकायत देने के बाद बच्ची को सामान्य अस्पताल में दाखिल कराया गया, जहां नवजात की मौत हो गई। शिकायतकर्ता ने मामले की वीडियो बनाकर वायरल की है। 


यह भी पढ़ें-
आसमान से बरसी आग, टूटा 10 साल का रिकॉर्ड, हरियाणा में हिसार तो पंजाब में फरीदकोट सबसे गर्म

जानकारी के अनुसार, शहर के एक निजी अस्पताल में सोमवार शाम करीब सात बजे एक महिला ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। इसमें से एक की मौत हो गई। परिजन उसका अंतिम संस्कार करने चले गए। वहीं, दूसरे नवजात (बच्ची) को अस्पताल में एक बास्केट में डाल दिया गया। रात 10 बजे बच्ची के तड़पने की सूचना रवि नाम के युवक ने पुलिस को दी।
... और पढ़ें
Election
  • Downloads

Follow Us