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चंद्र ग्रहण 2020 : चंद्र ग्रहण पर रखें इन बातों का खास ख्याल
Chandra Grahan Special

चंद्र ग्रहण 2020 : चंद्र ग्रहण पर रखें इन बातों का खास ख्याल

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राहत भरी खबर, चंडीगढ़ में शनिवार से सक्रिय हो रहा मानसून, तीन दिन लगातार बारिश के आसार

समय से पहले पहुंचने के बावजूद मानसून ने ट्राइसिटी को निराश किया है। शहरवासी बारिश के लिए तरस गए हैं। वीरवार को बारिश हुई, मगर उसके बाद हुई उमस से लोग काफी परेशान दिखे। तापमान भी सामान्य से ज्यादा दर्ज किए जा रहे हैं। हालांकि, अब मौसम में बदलाव की झलक दिख रही है। अब तक उत्तर भारत में निष्क्रिय चल रहे मानसून के सक्रिय होने के आसार बन रहे हैं।

मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि मानसून की टर्फ रेखा अब दक्षिण से उत्तर की ओर शिफ्ट होगी। साथ ही पूर्वी यूपी की ओर से एक साइक्लोनिक सरकुलेशन बनी हुई है, जो मानसून की टर्फ रेखा को शिफ्ट करने में सपोर्ट करेगी। इसके असर से पूरे उत्तर भारत में बारिश के आसार बनेंगे। चार जुलाई से बारिश का क्रम जारी होगा, जो सात तक जारी रहेगा।

मौसम विभाग के मुताबिक 24 जून को मानसून चंडीगढ़ में दाखिल हो गया था। उसके बाद न तो बारिश हुई और न ही तापमान कम हुए, बल्कि उमस और बढ़ गई। बीच में एक दो बार बादल आए, लेकिन बिना बरसे आगे निकल गए। वीरवार सुबह फिर से बादल छाए। इस बार कुछ जगहों पर बारिश भी हुई, लेकिन कुछ ही देर बादल छंट गए और धूप भी निकल आई।

इससे हवा में नमी बढ़ गई। वीरवार को हवा में नमी की अधिकतम मात्रा 73 फीसदी और न्यूनतम मात्रा 53 फीसदी रिकार्ड की गई। अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री और न्यूनतम तापमान 29.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ, जो सामान्य से पांच डिग्री ज्यादा रहा।

हालांकि, अगले 24 से 36 घंटे मौसम में कुछ खास बदलाव नहीं होंगे, मगर चार जुलाई से मानसून सक्रिय होने की पूरी संभावना है। इससे चंडीगढ़ सहित हरियाणा, पंजाब में भी बारिश होने के आसार है। मौसम विभाग की ओर से जारी मीडिया बुलेटिन में बताया गया है कि चार जुलाई से लेकर सात जुलाई तक रुक-रुक बारिश होती रहेगी। इससे तापमान भी नीचे आएगा।
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फाइल फोटो फाइल फोटो

फरमानः पालतू कुत्ते ने चंडीगढ़ में खुले में शौच किया तो लगेगा जुर्माना, रजिस्ट्रेशन का नया नियम

यूटी प्रशासन ने वीरवार को नगर निगम के संशोधित डॉग बायलॉज-2010 को मंजूरी दे दी है। इसके साथ अब पेट डॉग रजिस्ट्रेशन फीस भी बढ़ा दी गई है। रजिस्ट्रेशन फीस अब 200 की जगह 500 रुपये देने होंगे। इसके अलावा पेट डॉग को खुले में शौच करवाने पर मालिक पर जुर्माना लगाया जाएगा।

नगर निगम सदन ने 2018 में यह प्रस्ताव पास किया था, लेकिन अब जाकर यह शहर में लागू होगा। शहर में अधिकतर लोग अपने डॉग को पार्क और सड़कों के किनारे ही घुमाते हैं। डॉग को घुमाने के समय ही वह शौच करते हैं। इससे शहर में गंदगी फैलती है। शहर में अब यदि कोई डॉग को खुले में कहीं भी शौच करवाते पकड़ा गया तो 5500 रुपये जुर्माना लगेगा।

जुर्माना नहीं भरने पर पानी के बिल में जोड़कर इसे भेज दिया जाएगा। जुर्माने की राशि नगर निगम वसूल करेगा। पहले यह मार्च में लागू होना था, लेकिन लॉकडाउन की वजह से इसे कुछ समय के लिए टाल दिया गया था।

नियमों के अनुसार डॉग को सुखना लेक, रोज गार्डन, शांतिकुंज, रॉक गार्डन, लेजर वैली व अन्य इसी तरह के गार्डन में लेकर नहीं जा सकते हैं। ऑनर की ओर से अपने डॉग को पूरे कंट्रोल में रखा जाएगा, ताकि ये किसी को नुकसान न पहुंचाएं। अगर ऐसा होता है तो पीड़ित को मुआवजा देने की पूरी जिम्मेदारी मालिक की होगी। इसके अलावा प्रशासन ने कॉर्मिशयल पर्पज के लिए डॉग ब्रीडिंग और ट्रेड पर भी रोक लगा रखी है।

रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर 5000 रुपये जुर्माना
नए डॉग बायलॉज में डॉग का रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर फाइन को 500 से बढ़ाकर सीधे 5 हजार कर दिया गया है। इसके बाद भी अगर कोई ऐसा नहीं करता तो प्रतिदिन 200 रुपये अलग से चुकाने होंगे। पहले यह 20 रुपये थे। इसके बाद भी किसी ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया तो डॉग को निगम की टीम अपने पास रखेगी।

इसके साथ ही ऑनर से इसके बदले प्रतिदिन 1000 रुपये मेंटीनेंस चार्जेस वसूल किए जाएंगे। पहले मेंटीनेंस चार्जेस 100 रुपये प्रतिदिन था। सात दिनों तक मालिक डॉग को नहीं ले जाता तो इसे ओपन सेल में बेच दिया जाएगा। गौरतलब है कि चंडीगढ़ में इस समय 10 हजार से अधिक पेट डॉग्स हैं और लगभग हर साल एक हजार नए डॉग्स का रजिस्ट्रेशन होता है।
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गुरपतवंत पन्नू के आतंकी घोषित होने से आईएसआई को झटका, पंजाब को अलग करने का था मंसूबा

इमरजेंसी लैंडिंग
सिख फॉर जस्टिस के गुरपतवंत सिंह पन्नू की आतंकवादी संगठनों से बढ़ रही नजदीकियों से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को अपने मंसूबे कामयाब होते दिखाई देने लगे थे। लेकिन भारत सरकार ने पन्नू समेत यूरोप और पाकिस्तान में बैठे लोगों को आतंकवादी घोषित कर दिया है, जो पंजाब को अलग करने का सपना देख रहे थे।

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा घोषित इस सूची में पन्नू के अलावा बब्बर खालसा इंटरनेशनल के चीफ वधावा सिंह बब्बर, अंतरराष्ट्रीय सिख यूथ फेडरेशन के लखबीर सिंह, खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के रंजीत सिंह नीटा, खालिस्तान कमांडो फोर्स के परमजीत सिंह पंजवड़, जर्मनी में बसे खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के भूपिंदर सिंह भिंदा और गुरमीत सिंह बग्गा को भी शामिल किया गया है।

खालिस्तान समर्थक पन्नू और उसके साथियों पर मुकदमे दर्ज, भुलत्थ से एक सहयोगी गिरफ्तार

खालिस्तान टाइगर फोर्स से संबंधित व कनाडा में रह रहे हरदीप सिंह व बब्बर खालसा इंटरनेशनल से संबंधित व इंग्लैंड में रह रहे परमजीत सिंह के नाम भी इस सूची में हैं। इस सूची में अब गुरपतवंत पन्नू का नाम भी जुड़ गया है, जो पंजाब में पिछले लंबे समय से रेफरेंडम 2020 के लिए मुहिम चला रहा है।

पन्नू इन कुख्यात आतंकवादियों से जुड़ चुका है, ऐसा केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को पता चल गया था। पंजाब पुलिस ने शबनमदीप सिंह उर्फ मनिंदर लाहौरिया को गिरफ्तार किया था। डीजीपी ने तब दावा किया था कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और गुरपतवंत सिंह पन्नू के संगठन सिख फॉर जस्टिस के बीच सांठगांठ हो चुकी है। ... और पढ़ें

हरियाणा सतर्कता आयोग गठित होगा, रिटायर्ड पुलिस अफसर या जज की नियुक्ति, चल रहा मंथन

हरियाणा सरकार केंद्रीय विजिलेंस आयोग की तर्ज पर राज्य सतर्कता आयोग का गठन करने की तैयारी कर रही है। सरकार के स्तर पर इसका खाका तैयार हो चुका है। आयोग के गठन के पीछे मंशा यह है कि सीधे तौर पर आयोग की नजर भ्रष्टाचार पर रहे और किसी तरह के राजनैतिक हस्तक्षेप की गुंजाइश न हो। सरकार के वरिष्ठ सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है।

सरकार का मानना है कि आयोग के गठन के साथ ही सरकार की पारदर्शी कार्यशैली की थीम और आगे बढ़ेगी। पिछले कार्यकाल में भी भाजपा भ्रष्टाचार मुक्त शासन का दावा कर जनता के बीच गई थी। विजिलेंस ब्यूरो को लेकर आम धारणा यह है कि राजनैतिक दबाव भी ब्यूरो के ऊपर रहता है। राज्य सतर्कता आयोग के लिए अलग-अलग क्षेत्र के लोगों के नाम सुझाए गए हैं। जिस पर निगरानी के लिए किसी न्यायिक हस्ती को भी बैठाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री स्वयं चाहते हैं कि यह आयोग सभी तरह के दबाव से मुक्त रहे। वर्तमान में हरियाणा में स्टेट विजिलेंस ब्यूरो के माध्यम से ही सतर्कता विभाग से संबंधित सभी जांच की जाती हैं। अब अगर आयोग का गठन हेाता है तो विजिलेंस ब्यूरो की कार्यप्रणाली भी तय करती होगी, क्योंकि अभी तक भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों की जांच का जिम्मा विजिलेंस के पास ही होता है।
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बाबा फरीद यूनिवर्सिटी में एमडीएस और बीडीएस की परीक्षा के खिलाफ याचिका दायर, नोटिस जारी

बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज द्वारा एमडीएस, बीडीएस की 7 जुलाई से परीक्षा शुरू किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार, बाबा फरीद यूनिवर्सिटी और डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया को शुक्रवार 3 जुलाई के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।

जस्टिस निर्मलजीत कौर ने यह नोटिस डेंटल सर्जन एसोसिएशन ऑफ इंडिया और डेंटल स्टूडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा एडवोकेट रणदीप सिंह सुरजेवाला के जरिए दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किया है। याचिका में बताया गया है कि यूनिवर्सिटी ने बिना उनसे परामर्श किए ही एमडीएस, बीडीएस कोर्स की परीक्षा 7 जुलाई से शुरू करने का निर्णय ले लिया है।

जबकि केंद्र सरकार ने 30 मई को सभी यूनिवर्सिटी को निर्देश जारी करते हुए कहा था कि वह राज्य सरकार, छात्रों और अभिभावकों से परामर्श कर आगे कैसे क्लास लगेंगी या शिक्षण कार्य होगा उसे तय करें। उसके बाद यूजीसी ने भी दिशा-निर्देश तय किए थे।

याचिकाकर्ता संगठनों के अनुसार परीक्षा के खिलाफ राज्य सरकार को रिप्रजेंटेशन भी दी गई थी। जिस पर कोई करवाई नहीं की गई है। याचिकाकर्ताओं ने वीरवार को सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार द्वारा 29 जून को जारी नई गाइडलाइन्स भी हाईकोर्ट को सौंपते हुए कहा कि इसके अनुसार शिक्षण संस्थानों को 31 जुलाई तक बंद किया गया है। ऐसे में अब उनसे कैसे 7 जुलाई से परीक्षा ली जा सकती है।
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मनोहर लाल सरकार का ऐलान- केंद्र की मदद जारी रहेगी, लेकिन हरियाणा मुफ्त में नहीं देगा राशन

हरियाणा में लाभार्थियों को केंद्र सरकार की ओर से भले ही नवंबर तक राशन निशुल्क मिलेगा, लेकि राज्य सरकार फ्री में राशन नहीं देगी। राज्य सरकार की सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत लाभार्थियों को राशन पहले की तरह डिपुओं से खरीदना पड़ेगा। हालांकि लॉकडाउन में हरियाणा ने भी केंद्र की तर्ज पर तीन माह अप्रैल, मई और जून में प्रदेश के गरीबों, जरूरतमंदों और मजदूरों को करीब 202 करोड़ का निशुल्क राशन बांटा है।

मगर अब जहां एक ओर केंद्र ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत नवंबर तक लाभार्थियों के लिए फिर से निशुल्क राशन का एलान कर दिया है। वहीं, राज्य सरकार अपने हिस्से का राशन डिपो से फिलहाल पहले की तरह सस्ते रेट पर ही बेचेगी। इसके लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा राशन डिपो संचालकों से जुलाई के राशन की एडवांस राशि जमा करवाई जा रही है। बहुत से राशन डिपो संचालकों ने ये एडवांस राशि जमा भी करवा दी है।

हरियाणा भी नवंबर तक मुफ्त बांटे राशन
सहायता सदन हरियाणा के अध्यक्ष चंद्र दुग्गल ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मांग की है कि केंद्र की तर्ज पर हरियाणा भी नवंबर तक गरीबों और जरूरतमंदों को निशुल्क राशन बांटे। उन्होंने कहा कि परिस्थितियां भले ही अनलॉक की ओर बढ़ रही हैं। लेकिन लोगों की आमदनी के स्त्रोत अभी पहले की तरह पूरी तरह बहाल नहीं हुए हैं। बहुत से लोग अभी भी बेहद आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार को चाहिए कि वे भी नवंबर तक गरीबों को निशुल्क राशन वितरित कर उनकी मदद करे।
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नियुक्ति विवाद: पंजाब सरकार-यूपीएससी और दिनकर गुप्ता को हाईकोर्ट का नोटिस, मांगा जवाब

सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) के फैसले के खिलाफ पंजाब सरकार और यूपीएससी की अपील पर 13 अगस्त से पहले सुनवाई किए जाने की मांग को लेकर डीजीपी (ह्यूमन राइट्स) मोहम्मद मुस्तफा की अर्जी पर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने वादी पक्ष को 22 जुलाई के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।

जस्टिस जसवंत सिंह एवं जस्टिस संत प्रकाश की खंडपीठ ने इसके साथ ही यूपीएससी से इस पूरे मामले को लेकर अब कई जानकारियां भी मांग ली हैं। हाईकोर्ट ने यूपीएससी को निर्देश दिए हैं कि वह मामले की अगली सुनवाई पर डीजीपी हेड ऑफ स्टेट के पद पर नियुक्ति के दौरान जिन अधिकारियों के नामों पर गौर किया गया था, उन सभी की मैरिट का चार्ट बनाकर सौंपे।

गाइड लाइन 2009 के तहत इस पद नियुक्ति से पहले जोन ऑफ कंसिडरेशन में कितने अधिकारियों को शामिल किया जाता है। देश के अन्य राज्यों में इस पद पर नियुक्ति की क्या प्रक्रिया है। क्या यूपीएससी ड्राफ्ट गाइडलाइन.2009 के तहत राज्य सरकारों से योग्य अधिकारियों की सूची मांगती है या इसे राज्य सरकार के विवेक पर छोड़ देती है। हाईकोर्ट ने ऐसी सभी जानकारियों अगली सुनवाई पर सीलबंद लिफाफे में देने के आदेश दिए हैं।

हाईकोर्ट ने कैट के फैसले पर लगा दी थी रोक
कैट ने 17 जनवरी को पंजाब के डीजीपी हेड ऑफ पुलिस फोर्स के पद पर दिनकर गुप्ता की नियुक्ति रद्द कर दी थी, जिसके खिलाफ पंजाब सरकार और यूपीएससी ने हाईकोर्ट में अपील दायर कर कैट के फैसले को चुनौती दे दी थी। हाईकोर्ट ने कैट के फैसले पर रोक लगा दी थी। इस मामले में अभी बहस जारी है।

मामले की अगली सुनवाई 13 अगस्त को होनी है। ऐसे में अब डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा ने हाईकोर्ट में अर्जी दायर कर कहा कि इस मामले में जल्द सुनवाई की जाए। जिस पर हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है। साथ ही नियुक्ति से संबंधित कई जानकारियां भी अब यूपीएससी से मांग ली हैं।
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