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कोरोना का हाहाकार: अमेरिका-चीन आमने-सामने, निकलकर आ रही ये थ्योरीज

Sharad Guptaशरद गुप्ता Updated Thu, 26 Mar 2020 07:29 PM IST
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपती शी जिनपिंग, कोरोना पर आमने-सामने
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपती शी जिनपिंग, कोरोना पर आमने-सामने - फोटो : फाइल
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जहां पूरी दुनिया नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) से एकजुट होकर लड़ रही है, वहीं इसकी उत्पत्ति को लेकर वह दो खेमों में बंट भी गई है। अमेरिका का दावा है यह एक चीनी वायरस है जबकि चीन का विदेश मंत्रालय इस वायरस को चीन में लाने के लिए अमेरिकी सेना पर दोष मढ़ रहा है। आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर राजनीतिक, कूटनीतिक, राजनयिक खेमों के अलावा दोनों देशों के वैज्ञानिक द्वारा भी चलाया जा रहा है। 
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इसकी दो मुख्य वजहें हैं। पहली इसी वर्ष अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं और आतंकवाद के अलावा चीन के साथ व्यापारिक युद्ध अमेरिकी लोगों के बीच एक भावनात्मक मुद्दा बन सकता है। चीन को एक विलेन के रूप में दिखाकर डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस में अपनी वापसी का रास्ता तैयार कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर यह वैश्विक बाजार  में चीन के बढ़ते प्रभुत्व को रोकने की कोशिश भी हो सकती है। जब अमेरिका चीन से सीधा सीधा मुकाबला नहीं कर पा रहा तो ऐसे में एक वायरस के जरिए वह चीन की अर्थव्यवस्था को को पैरालाइज कर सकता था। 
इस बात का खुलासा चीन के वैज्ञानिकों ने किया है। उन्होंने इस वायरस के जीनोम का विश्लेषण कर साबित करने की कोशिश की है किसकी उत्पत्ति उनके यहां नहीं बल्कि किसी यूरोपीय देश में हुई है। उनका दावा है कि इसे जैविक युद्ध के लिए तैयार करने वाली एक प्रयोगशाला में बनाया गया और अमेरिकी सैनिकों के जरिए चीन पहुंचा दिया गया। उनका दावा है कि यह वायरस कनाडा की एक जैविक हथियार तैयार करने वाली प्रयोगशाला में तैयार किया गया। हालांकि यह प्रयोगशाला कनाडा नहीं अमेरिका चलाता है। 
वहीं, टेक्सास विश्वविद्यालय में केलवेशन नेशनल लैब के वैज्ञानिक जिम ले ड्यूक और बोस्टन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक जेरार्ड क्यूश ने भी कोविड-19 के जीनोम का विश्लेषण कर यह साबित किया है यह प्राकृतिक रूप से उपजा वायरस है जो चमगादड़ों के जरिए मनुष्य तक पहुंचा है। यानी उन्होंने सिद्ध करने की कोशिश की कि इस वैश्विक महामारी के फैलने में अमेरिका की कोई भूमिका नहीं है। उनका शोध न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में छपा है।
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