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कोरोना से कन्फ्यूज ये देश, सरकार को नहीं आ रहा समझ क्या देंं जनता को संदेश, अब तक 110 की मौत

Priyamvada Sahayप्रियंवदा सहाय Updated Mon, 30 Mar 2020 11:28 AM IST
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स्वीडन में लॉक डाउन की घोषणा नहीं हुई है. जबकि कोरोना अपने पैर पसार रहा है।
स्वीडन में लॉक डाउन की घोषणा नहीं हुई है. जबकि कोरोना अपने पैर पसार रहा है। - फोटो : ट्विटर
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स्वीडन की आबोहवा में आजकल ख़ौफ़ और बेखयाली दोनों का मिश्रण घुल चुका है। यूरोप का एक ऐसा देश जहां कोरोनावायरस के डर से प्रवासी दहशत में जी रहे हैं तो वहीं स्वीडिश अपनी पुरानी दिनचर्या में हैं। उनकी गाड़ी पुरानी रफ़्तार से ही दौड़ रही है। लेकिन दुनिया के दूसरे देशों से आकर यहांं रहने वाले स्वीडिश सरकार की समझ से ख़ासे परेशान हैं।
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दरअसल, जैसे कई प्रवासियों को यह समझ नहीं आ रहा कि covid-19  को लेकर स्वीडिश सरकार की रणनीति किस दिशा में हैंं? एक ओर पड़ोस का प्रत्येक देश लॉकडाउन और कड़े नियमों के साथ कोरोना से लड़ने के लिए मोर्चा संंभाले हुए है तो दूसरी ओर यहांं की सरकार का नरम रुख काफ़ी हैरान करने वाला है।  स्वीडन के बुद्धिजीवी वर्ग, वैज्ञानिक व डॉक्टर भी सरकार के इस रवैये को समझ नहीं पा रहे हैं। इनमें से कई लोगों ने सरकार को खुली चिट्ठी लिखी और नियम सख़्त नहीं करने के गंभीर परिणामों को आगाह  भी किया है। कुछ तो यह भी कहने लगे हैं कि स्वीडन के हालात इटली जैसे बनने में अब ज़्यादा वक़्त नहीं लगेगा। लेकिन यहांं कि सरकार अभी भी वेट एंड वाच ( इंतज़ार करो और देखो) की नीति अपना रही है। 
पिछले पंद्रह दिनों में यहांं कोरोनावायरस संक्रमित लोगों की संख्या दोगुनी हो चुकी है। करीब 1 करोड़ 34 हज़ार की जनसंख्या वाले इस देश में 15 मार्च को संक्रमित लोगों की संख्या क़रीब 1040 थी जो कि 29 मार्च को बढ़कर 3700 हो गई। पहले जहां अस्पताल में भर्ती 25 फ़ीसदी मरीज़ रिकवर हो पा रहे थे वहीं अब महज़ 13 फ़ीसदी लोग ही रिकवर हो पा रहे हैं।
पिछले पांंच दिनों से यहांं कुल रिकवर मरीज़ों की संख्या 16 पर अटकी हुई है। जबकि मरने वालों की संख्या बढ़ते-बढ़ते 110 हो चुकी है। इसके बावजूद अब तक सरकार ने कोई कड़े कदम नहीं उठाए हैं। 
 
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