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दिल्ली चुनाव 2020ः क्या बदले हुए तेवर के साथ मोदी के लिए नई चुनौती बनेंगे केजरीवाल?

Satish Aliaसतीश एलिया Updated Tue, 18 Feb 2020 12:19 PM IST
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दिल्ली के सीएम के रूप में शपथ समारोह के दौरान केजरीवाल के भाषण कई दूरगामी संकेत दिखे।
दिल्ली के सीएम के रूप में शपथ समारोह के दौरान केजरीवाल के भाषण कई दूरगामी संकेत दिखे। - फोटो : self
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दिल्ली चुनावों में आप ने एक बार फिर भाजपा को जोर की पटखनी दी है। खास बात यह है कि दिल्ली में जीत के साथ ही मुख्यमंत्री केजरीवाल ने एक बार फिर नए रूप में देश के सामने खुद को नरेंद्र मोदी के विकल्प के रूप में पेश किया है। 
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नई दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में उनके भाषण का लुब्बो-लुआब यही है कि अकेले वे ही हैं जो विपक्षी चेहरों में मोदी के बरअक्स खड़े हो सकते हैं और इस बार विनम्रता से अंतरराष्ट्रीय अपील के साथ वे मोदी को चुनौती देने को तैयार हैं, अब बारी बाकी गैर भाजपा दलों की है कि वे चाहें तो मोदी के तूफान के मुकाबले के लिए उनके चेहरे को समूचे विपक्ष का चेहरा बना सकते हैं।

अरविंद केजरीवाल और विपक्ष का चेहरा 
केजरीवाल का यह रूप पांच साल पहले अन्ना आंदोलन पर सवार होकर 70 में से 67 सीटें जीतकर भाजपा को तीन और कांग्रेस को शून्य पर लाने वाले केजरीवाल से भिन्न है। भिन्न इसलिए कि वे उस वक्त देश भर में अपनी हवा की काल्पनिक दुनिया की तुफैल में मोदी के खिलाफ लगभग हर मंच पर हर भाषण और हर ट्वीट में सीधे मोदी से टकराने की नीति पर चल रहे थे।

उन्होंने अपनी आम आदमी पार्टी का विस्तार पंजाब, हरियाणा जेसे दिल्ली के पड़ोसी राज्यों से आगे निकलकर गुजरात तक में भाजपा का विकल्प बनने तक की कवायद कर डाली थी। देर से ही सही लेकिन उन्हाेंने अपनी बयानबाजी, विवादों और देश भर में पार्टी के विस्तार को स्थगित कर दिल्ली तक खुद को समेट लिया और आखिरकार दिल्ली के 2020 के चुनाव के बहुत पहले ही यह सुनिश्चित कर लिया था कि उनकी ही सरकार वहां लोटेगी।

यह काम के आधार पर भी था और रणनीति के आधार पर भी। उन्हें 2015 की तरह कांग्रेस को शून्य पर लाने में दिल्ली की जामा मस्जिद के इमाम के फतवे की जरूरत ही नहीं पड़ी और कांग्रेस शून्य पर कायम रही।

हालांकि 2015 में भी बाद में फतवे की जरूरत को खारिज कर चुके थे, लेकिन सब जानते हैं कि कांग्रेस का अल्पसंख्यक वोट आम आदमी पार्टी को शिफ्ट हो चुका था, जो अब केजरीवाल के लिए फिलहाल बड़ा मददगार साबित हो रहा है। 
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