Delhi election results 2020: आप की प्रचण्ड जीत या बीजेपी के लिए ख़तरे की घंटी

Rajesh Badalराजेश बादल Updated Tue, 11 Feb 2020 04:31 PM IST
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प्रचंड जीत के बाद अरविंद केजरीवाल
प्रचंड जीत के बाद अरविंद केजरीवाल - फोटो : Social Media

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देश पर राज करने वाले देश के दिल की हालत से बेख़बर थे। दिल्ली विधानसभा के नतीजों से यह साबित हो गया। भले ही इसे पूर्ण राज्य का दर्ज़ा नहीं हासिल है ,लेकिन इस चुनाव पर सारे मुल्क़ की निग़ाहें लगीं थीं। किसी पूर्ण राज्य से कहीं अधिक रोमांचक,अराजक,अभद्र और अश्लील चुनाव भारत के इतिहास में संभवतः आज तक नहीं हुआ होगा।
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दरअसल, बीते बयालीस साल का तो मैं गवाह हूं। चुनाव जैसे लोकतान्त्रिक अनुष्ठान में इतनी गंदगी घोलने का काम भी संसार की सबसे बड़ी जनतांत्रिक पार्टी ने किया-यह और भी तक़लीफ़देह है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ ,राजस्थान , महाराष्ट्र और झारखंड में सरकारें खोने की खीज दिल्ली की सल्तनत के लिए इतना बेक़ाबू कर देगी-किसी ने सोचा न था।


वैसे तो एक्ज़िट पोल याने परिणाम पूर्वानुमानों ने इस चुनाव के नतीज़ों की इबारत लिख दी थी। सिर्फ़ औपचारिकता बाक़ी थी। वह भी पूरी हो गई। देखा जाए तो तीनों बड़ी पार्टियों की स्थिति भी पहले दिन से ही साफ़ थी। भारतीय जनता पार्टी का दिल्ली में क़रीब बत्तीस -तैंतीस फ़ीसदी स्थाई वोट बैंक है। इसी वोट प्रतिशत से उसे बत्तीस सीटें मिली थीं और तीन सीटें पाकर शर्मनाक़ पराजय भी पाई थी।

शर्मनाक़ इसलिए कि केवल सात-आठ महीने पहले ही प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी की चक्रवर्ती प्रतिष्ठा हुई थी और बीजेपी का दिल्ली दुर्ग लुट गया था, इसलिए मोदी और अमित शाह का जादू तो चलना ही नहीं था।
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