ईयू सांसदों के चरित्रहनन की दुर्भाग्यपूर्ण राजनीति को समझिए

Ajay Khemariyaअजय खेमरिया Updated Wed, 30 Oct 2019 03:09 PM IST
विज्ञापन
बेहतर होता देश के सभी राजनीतिक दल भारत की वैश्विक छवि के मामले में समवेत रहते है।
बेहतर होता देश के सभी राजनीतिक दल भारत की वैश्विक छवि के मामले में समवेत रहते है। - फोटो : PTI

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
कश्मीर दौरे पर आए यूरोपियन यूनियन के संसदीय प्रतिनिधि मंडल को लेकर जो विवाद की स्थिति देश के राजनीतिक जगत में देखी गई वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। अपनी पत्रकारवार्ता में इस प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने जिस अफसोसजनक अंदाज में इस दौरे को लेकर भारतीय मीडिया और कुछ नेताओं के बयान पर क्षोभ जताया है,  वह राजनयिक रूप से भारत के पक्ष को कमजोर करने वाला पहलू है। बेहतर होता देश के सभी राजनीतिक दल भारत की वैश्विक छवि के मामले में समवेत रहते है।
विज्ञापन

यूरोपियन यूनियन संसदीय मंडल के सदस्यों को जिस तरह से व्यक्तिगत तौर पर निशाना बनाया गया उन्हें हिटलर औऱ नाजीवाद का अनुयायी बताकर लांछित करने की कोशिशें हुई उसने एक बार फिर भारत के आधुनिक राष्ट्रीय राज्य के आकार को प्रश्नचिंहित करने का काम किया है। आज इस बात से कौन इनकार कर सकता है कि कश्मीर एक बिगड़ा हुआ मामला था इसकी बुनियाद के कारणों पर खींचतान से बेहतर, पक्ष इसके निराकरण का है और राष्ट्रीय हित यही है कि इस मामले में भारत समवेत स्वर में ही उदघोष करे। यही आधुनिक राष्ट्रीय राज्य का आज अनिवार्य तत्व है।
पूरी दुनिया में शायद ही कोई मुल्क होगा जहां आतंकवाद, अलगाववाद से जूझते अपने ही इलाके को लेकर स्थानीय राजनीति में इस तरह की मतभिन्नता दिखाई देती है। नेशन फर्स्ट के नाम पर भारत मे बात तो बहुत होती है पर जमीन पर आज भी हमारे राजनीतिक दल एक भारत श्रेष्ठ भारत की सोच के साथ समेकन नहीं कर पा रहे है। कश्मीर को लेकर भारत सरकार का मौजूदा प्रयास बहुत ही साहसिक औऱ भारत की धमक को अंतरर्राष्ट्रीय बिरादरी में स्थापित करने वाला है। निसंदेह हमारी विदेश नीति, हमारा राजनय, आज नए भारत का प्रतिनिधित्व करता है और भारत की छवि मोदी सरकार के नेतृत्व में शांति के लिए एकतरफा प्रयास करते हुए दब्बू देश से हटकर एक मजबूत इरादों वाले मुल्क की बनी है। यह पहला मौका है जब हमारा चिर दुश्मन पड़ोसी पाकिस्तान आज पूरी दुनिया में अलग थलग पड़ गया है। उसके कश्मीरी प्रोपेगैंडा को भारत ने हर मोर्चे पर खंडित किया है।
विज्ञापन
आगे पढ़ें

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us