लता मंगेशकर जन्मदिन विशेषः हैलो! हां, मी लता बोलते!

Viplove Gupteविप्लव गुप्ते Updated Sat, 28 Sep 2019 06:56 PM IST
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लता जी से बात हो सकती है? " उधर से आवाज़ आई "हां, मी लता बोलते"। बस भैया, अपनी हवा निकल गई। 
लता जी से बात हो सकती है? " उधर से आवाज़ आई "हां, मी लता बोलते"। बस भैया, अपनी हवा निकल गई।  - फोटो : अमर उजाला

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मैं एक एफएम रेडियो स्टेशन में काम करता था। एफएम रेडियो को इंदौर में आए एक साल भी नहीं हुआ था। नया मीडियम था। सब युवा साथी थे। जोश से भरपूर। बस उन सबमें मैं सबसे बड़ा था तो प्रोग्रामिंग का ज़िम्मा मेरे सर पर आ गिरा था। लेकिन मैं रेडियो जॉकी नहीं था इसलिए महीनों तक सभी परिचितों को समझा नहीं पाया कि मैं रेडियो पर बोलता तो हूं नहीं, तो करता क्या हूं?
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मैंने भी एक तरीका खोज निकाला था। कोई पूछता था कि रेडियो में क्या करते हो तो मेरा जवाब होता था कि रेडियो पर जो आप बढ़िया- बढ़िया गाने सुनते हो न, वो मैं ही लगाता हूं। पता नहीं किसी को क्या समझ आता था मगर वो जवाब काम कर जाता था या लोग अगला सवाल पूछने से कतराते थे कि ये तो यूं ही सीडी संभालने वाला होगा। 


खैर,  2002 में सितंबर का महीना था। तारीख ठीक से याद नहीं। प्रोग्रामिंग की मीटिंग हुई और ये तय पाया गया की 28 सितम्बर को लता मंगेशकर जी का जन्मदिन है, वो इंदौर की हैं तो इंदौर के पहले एफएम स्टेशन पर लता मंगेशकर का जन्मदिन मनाया जाना चाहिए। लता मंगेशकर पर कौन बोल सकता है? किसी की अथॉरिटी तो होनी चाहिए इस अंतहीन विषय पर।

म्यूजिक लिस्ट यानी उन दिन कौन से गाने बजाए जाएंगे ये सोचने की ज़िम्मेदारी बिना सोचे-समझे मेरे स्टेशन हेड ने मुझे चिपका दी। गुरु यार पुराने गाने हैं, तुम्हें तो सब पता होते हैं, ऐसा चने के झाड़ पर चढ़ाना और लता के गाने चुनने का काम। बस अपने मियां तैयार। बड़े लंबे डिस्कशन के बाद ये तय हुआ कि किसी तरीके से लता मंगेशकर का नंबर जुगाड़ किया जाए और उन्हें फ़ोन के ज़रिए रिकॉर्ड किया जाए।

अब ये काम कौन करेगा? हमारे रेडियो जॉकी सब 20-22 की उम्र के थे। कहीं किसी ने कुछ अटपटा पूछ लिया, बोलते हुए अटक गया तो हमारी कंपनी के लिए लता जी कभी इंटरव्यू नहीं देंगी। स्टेशन हेड महोदय पधारे और कहा, विप्लव! मैं अंदर से खुश हो गया। फिर थोड़ा डर गया। लता मंगेशकर से फ़ोन पर बात। पहले तो ये कि फ़ोन लगाना, फिर वो बात करेंगी? और करेंगी तो क्या बोलूंगा, क्या पूछूंगा? उन्होंने मना कर दिया तो?

उधर से आवाज़ आई "हां, मी लता बोलते"
खैर, काफी जद्दोजहद के बाद, ऑफिस के एसटीडी वाले फ़ोन से फ़ोन लगाना तय किया गया, मगर नंबर कहां से लाया जाए? मैंने अपनी बहन रूना को फ़ोन किया। वो मुंबई में एंटरटेनमेंट जर्नलिस्ट थी एक टीवी चैनल पर और पूरा दिन फिल्म सेलिब्रिटीज के इंटरव्यू किया करती थी। उसने बिना कुछ कहे लता मंगेशकर का नंबर भेज दिया।

दरअसल, उन दिनों सिर्फ एसएमएस हुआ करते थे मोबाइल पर। जैसे ही नंबर मिला, दिल बल्लियों नाच उठा और पूरे ऑफिस में हंगामा कर दिया गया। लता मंगेशकर का नंबर, घर का। डायरेक्ट लाइन है। अगले दिन सवेरे ठीक 10 बजे, पूरा ऑफिस जमा, एसटीडी वाले फ़ोन के इर्द-गिर्द। सारे रेडियो जॉकी, शो प्रोडूसर, सेल्स की टीम, और हमारे स्टेशन हेड, जिन्होंने बड़ी ही अदायगी से फ़ोन का एसटीडी लॉक ओपन किया और फ़ोन मेरी तरफ सरका दिया। मैंने धड़कते दिल से नंबर घुमाया।

3-4 रिंग बजी मगर किसी ने फ़ोन उठाया नहीं। मेरा दिल हथौड़े की तरह बज रहा था। एक पल को ये भी लगा कि फ़ोन न उठे तो शायद बच जाएं। लता मंगेशकर से फ़ोन पर बात करने की हिम्मत किस में है। फिर खड़खड़ कर रिसीवर उठाया गया। मैंने बहुत ही भारी आवाज़ में कहा "हैलो, मैं विप्लव बोल रहा हूं रेडियो मिर्ची इंदौर से। लता जी से बात हो सकती है? "

उधर से आवाज़ आई "हां, मी लता बोलते"। बस भैया, अपनी हवा निकल गई। 

मैं चुप। फिर सब मेरी तरफ देख रहे थे। मेरे दिमाग ने 1 लाख कैल्कुलेशन प्रति नैनो सेकंड के हिसाब से रफ़्तार पकड़ी और सोचा कि आज अगर गुरु तुम ये फ़ोन इंटरव्यू करने में फेल हो गए तो ये तुम्हारी टीम के लोग तुम्हारी इज़्ज़त नहीं करेंगे। बात सेल्फ रेस्पेक्ट की थी। मैंने आवाज़ में थोड़ी मधुरता होने का असफल प्रयास किया और बोला 
 
"आई, तुमचा वाढ़ दिवस येतोय, त्या बद्दल इंटरव्यू करायचा होता।" (हिंदी तर्जुमा- आई (मां), आपका जन्मदिन आ रहा है, उसी सिलसिले में आपका इंटरव्यू करना था)। 

थोड़ा डेड पॉज आया, लता जी शायद सोच रही थी। 
"कुठून बोलताय आपण" (कहां से बोल रहे हैं आप)। 

इधर दिमाग का शार्ट सर्किट। "आप"? लता मंगेशकर ने मुझे "आप" कह के सम्बोधित किया? अपन फुल चौड़े, एक सेकेंड में। टीम के सभी लोगों को ऐसी सुपरियरिटी वाली फीलिंग से देखा और फ़र्ज़ी कॉन्फिडेंस के साथ कहा- आई, मैं इंदौर से बोल रहा हूं। फ़ोन पर आपका इंटरव्यू कर सकते हैं? रेडियो मिर्ची एक एफएम रेडियो स्टेशन है। 

लता जी ने कहा-  अरे आपण इंदौर हूं बोलताय। हो करुया न। कधी करायचा आहे। (अरे आप इंदौर से बोल रहे हैं। हां करते हैं न। कब करना है)

अपनी सांस फूल गई!
गुरु, इतना सुनने के बाद, तो अपनी सांस फूल गई थी। दिल की धाड़-धाड़ बहार तक सुनाई दे रही थी। गला सूख गया। पैर कांपने लगे। और बोल निकलने से मना करने लगे। टीम को देखा और हाथ से इशारा किया की वो राज़ी हैं (थम्ब्स अप) और पूछ रही हैं कब।

फिर एक सहकर्मी ने तुरंत कागज़ पर लिखा कि अभी कर लेते हैं। 
"आई, अत्ता 5  मिनटात करुया का? जमेल का तुम्हाला। (आई, अभी 5  मिनट में  कर लें क्या? आपको जमेगा क्या?)

लताजी अब हंस पड़ी, 
5 मिनिटात? हो चालेल। हिंदी मधे की मराठी मधे? ( 5 मिनट में? हां चलेगा। हिंदी में या मराठी में)

मैंने जवाब दिया -आई हिंदी में करेंगे, ज़्यादातर लोग हिंदी समझते हैं। 

लता जी ने कहा 
ठीक है। इसी नंबर पर लगाइए आप। मैं यहीं बैठी हूं।
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