Earth day 2020: पर्यावरण पर लॉक डाउन के सकारात्मक प्रभाव, हर साल 15 दिन की संपूर्ण छुट्टी की ठोस योजना बने

Atul Singhalअतुल सिंघल Updated Wed, 22 Apr 2020 10:45 AM IST
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लॉक डाउन के कारण निर्मल हुई यमुना
लॉक डाउन के कारण निर्मल हुई यमुना - फोटो : ट्विटर

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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति को आदेश दिया है कि लॉक-डॉउन के दौरान यमुना नदी के पानी के साफ होने पर रिपोर्ट पेश करे। दरअसल सोशल मीडिया पर इस तरह की तस्वीरें वायरल हो रही हैं कि लॉक-डॉउन की अवधि के दौरान यमुना का पानी बिलकुल साफ नजर आ रहा है। माना रहा है कि लॉक-डॉउन की वजह से दिल्ली एनसीआर में यमुना के किनारे बने शहरों के कल-कारखानों के बाद होने से उनका कचरा और गंदा पानी यमुना में नहीं जा रहा लिहाजा यमुना का जल साफ दिखाई दे रहा है।
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दरअसल, लॉक-डॉउन के सहारे प्रकृति ने सारी दुनिया को एक सकारात्मक संदेश देने की कोशिश की है। अगर इस संदेश को समझे तो पाएंगे कि दुनिया के अधिकांश शहरों में सांस तोड़ती हवा साफ हुई है। हर समय धुएं से काला रहने वाला दिल्ली जैसे महानगरों का आसमान नीला दिखाई देने लगा है और रात को तारे चमकने लगे हैं।
चार दशक के बाद जालंधर से हिमालय की बर्फीली चोटियों के दृश्य ने रोमांचित कर दिया। दिल्ली में हर रोज 11 लाख गाड़ियां दूसरे शहरों से आती है जो लॉक-डॉउन के बाद राजधानी में नहीं घुस पाईं। लिहाजा दिल्ली की दमघोटूं हवा साफ नजर आने लगी। यहां तक की राजधानी के प्रमुख चौराहों पर भी वायु प्रदूषण नाम की कोई चीज नहीं बची। जबकि शहरों की सड़कों पर जंगली जानवर नजर आने लगे।  
दिल्ली से सटे नोएडा के सबसे व्यस्त समझे जाने वाले मॉल जीआईपी के सामने नील गायेंं और हिरण घूमते देखे गए। ओखला पक्षी विहार में पक्षियों का कलरव सुनाई देने लगा और एनसीआर के शहरों के पॉर्कों से गायब तोते और दूसरी चिड़ियों की आमद शुरू हो गई। हरिद्वार से आए एक वीडियो में बताया गया कि राजाजी नेशनल पार्क से आया हाथी हर की पौड़ी के नजदीक गंगा में स्नान कर रहा है। गंगा भी बिल्कुल निर्मल हो गई हैं।

दक्षिण के किसी समुद्री तट पर एक हिरन अटखेलियां करता नजर आया। लॉक डाउन के कारण मृत्यु दर में भी खासी कमी आई है। राजधानी के सबसे बड़े, व्यस्त और व्यवस्थित समझे जाने वाले अंतिम संस्कार स्थल निगम बोध घाट पर भी इन दिनों आम दिनों से 25 फीसदी कम शव ही अंतिम संस्कार के लिए पहुंच रहे हैं।
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