रूस में पुतिन का फिर एक नया अवतार, पूरी दुनिया में इस फैसले की चर्चा

Rajesh Badalराजेश बादल Updated Thu, 16 Jan 2020 06:12 PM IST
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व्लादिमिर पुतिन एक बार फिर संविधान में बड़ी तब्दीली करना चाहते हैं।
व्लादिमिर पुतिन एक बार फिर संविधान में बड़ी तब्दीली करना चाहते हैं। - फोटो : फाइल फोटो

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रूस एक बार फिर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की फिरकी में उलझ गया। अपने सबसे भरोसेमंद साथी और प्रधानमंत्री दिमित्रि मेदवेदेव और उनके समूचे मंत्रिमंडल का इस्तीफ़ा लेने के बाद पुतिन चक्रवर्ती मुद्रा में नज़र आ रहे हैं।
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वे एक बार फिर संविधान में बड़ी तब्दीली करना चाहते हैं। लेकिन इस बार इस राजनीतिक क़दम से रूस के लोग तनिक आश्चर्य में हैं। एक तो यह कि पुतिन ने साफ़-साफ़ कहा कि मंत्रिमंडल लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया। उनके इस कथन से दो तथ्य स्पष्ट होते हैं।
एक तो यह कि अपने तीन दशक से भी अधिक पुराने सहयोगी पर उन्हें विश्वास नहीं रहा और दूसरा यह कि नए प्रधानमंत्री के तौर पर उन्होंने मिखाईल मिशुस्तिन जैसे नए चेहरे को सामने लाकर लंबी पारी खेलने की तैयारी कर ली है। हालांकि मिखाईल को प्रधानमंत्री बनाने से पहले उन्हें संसद की मंज़ूरी लेनी होगी। पुतिन के लिए यह चुटकी बजाते ही कर देने वाला काम है।
रूस के कर ढांचे को मज़बूत करने की दिशा में उन्होंने बहुत काम किया है। दूसरी ओर मेदवेदेव की छवि एक उदार राजनेता की है। उन्होंने रूस की आर्थिक और औद्योगिक प्रगति की रफ़्तार तेज़ करने की दिशा में बड़ा योगदान किया है। उन पर भ्रष्टाचार के आरोप तो लगे, लेकिन साबित नहीं हुए। 
 
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