70 साल में सौराष्ट्र ने जीता पहला रणजी ट्रॉफी का खिताब

स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला Updated Fri, 13 Mar 2020 03:52 PM IST
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सौराष्ट्र रणजी टीम
सौराष्ट्र रणजी टीम - फोटो : सोशल मीडिया

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सार

  • चौथी बार रणजी फाइनल खेलने वाली टीम ने पहली पारी के आधार पर बंगाल को हराया
  • 30 साल बाद बंगाल का पहला और कुल तीसरा खिताब जीतने का इंतजार बढ़ा  
  • 04 नया चैंपियन है सौराष्ट्र पिछले दस वर्षों में। इससे पहले राजस्थान ने 2010-11, गुजरात 2016-17 और विदर्भ 2017-18 पहली बार विजेता बने थे  
  • 05 साल बाद ऐसा हुआ जब सेमीफाइनल में शतक जड़ने वाले खिलाड़ी ने फाइनल में भी शतक जड़ा। यह उपलब्धि हासिल की सौराष्ट्र के अर्पित ने। उनसे पहले 2014-15 में तमिलनाडु के दिनेश कार्तिक ने ऐसा किया था

विस्तार

करीब 70 साल पहले (1950 में) बनी सौराष्ट्र की टीम ने आखिरकार अपना पहला रणजी ट्रॉफी खिताब जीत ही लिया।हालांकि उसने इससे पहले 1936-37 और 1943-44 में भी ट्रॉफी जीती थी पर तब इसे नवांनगर और वेस्ट्रर्न इंडिया के रूप में जाना जाता था। उसने 1950 में सौराष्ट्र के नाम से इस घरेलू टूर्नामेंट में भाग लेना शुरू किया था। 
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पिछले सात वर्षों में टीम तीन पर उपविजेता रही थी। यह उसका चौथा फाइनल था। कप्तान जयदेव उनादकट के महत्वपूर्ण मौके पर शानदार स्पैल से सौराष्ट्र ने बंगाल के खिलाफ पहली पारी में बढ़त के आधार पर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। इसके साथ ही बंगाल का 1989-90 के बाद पहला खिताब जीतने का इंतजार बढ़ गया। 
बंगाल ने छह विकेट पर 354 रन से पारी आगे बढ़ाई और 27 और रन जोड़कर 381 रन पर शेष चार विकेट भी गंवा दिए। अनुस्तुप मजूमदार (63) और अर्णब नंदी (40*) ने सातवें विकेट के लिए 98 रन जोड़े। मजूमदार अपने पिछले दिन के स्कोर में पांच रन जोड़कर उनादकट का शिकार बने। मजूमदार को पवेलियन भेजने के बाद उनादकट ने अपनी सतर्कता से आकाशदीप (00) को रन आउट किया। इस तरह से सौराष्ट्र को तीन गेंद के भीतर दूसरा विकेट मिल गया। 
कोरोना वायरस के खतरे के कारण यह मैच खाली स्टेडियम में खेला जा रहा था। इसके पांच ओवर बाद धर्मेंद्रसिंह जडेजा ने मुकेश कुमार (5) को शार्ट लेग पर कैच करवाया। इसके लिए उन्होंने डीआरएस का सहारा लिया। जब बंगाल 55 रन पीछे था तब नंदी ने अपनी तरफ से काफी प्रयास किए। 

उनादकट ने 11वें नंबर के बल्लेबाज इशान पोरेल (1) को पगबाधा आउट करके बंगाल की पारी का अंत किया। इससे मेजबान टीम को पहली पारी में 44 रन की बढ़त मिली। बंगाल ने पहली पारी में 425 रन बनाए थे। सौराष्ट्र ने दूसरी पारी में जब 34 ओवर में तीन विकेट पर 105 रन बनाए थे तब दोनेां कप्तानों ने मैच समाप्त करने पर सहमति जता दी।
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रिकॉर्ड से एक विकेट दूर रह गए उनादकट

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