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क्या बिजनेस में हो रहा है नुकसान , तो शनि देव को खुश करने के लिए कोकिलावन में करवाएं तेल अभिषेक
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400 साल आगे व पीछे ले जाएगा ये अनोखा स्मार्ट कैलेंडर, 70 वर्षीय विजय मेहरा ने किया है तैयार

70 वर्षीय विजय मेहरा ने खास स्मार्ट कैलेंडर तैयार किया है। इस कैलेंडर की खासियत है कि इसकी मदद से पिछले व भविष्य के 400 सालों की जानकारी ली जा सकती है...

25 नवंबर 2020

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उत्तरकाशी : बड़कोट में फूड प्वॉइजनिंग से कई लोग बीमार, अस्पताल में भर्ती

एक्सक्लूसिव :  छोटी कक्षाओं की परीक्षा ऑनलाइन कराने की तैयारी में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड

कोरोना संक्रमण के चलते केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 9वीं कक्षाओं तक की परीक्षा ऑनलाइन कराने की तैयारी है। केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री संजय धोत्रे ने कहा कि कोरोना संक्रमण की वजह से छोटे बच्चों को स्कूल बुलाना सुरक्षित नहीं है।

इसलिए ऑनलाइन परीक्षा का विकल्प खुला है। वहीं, 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा की तारीख जारी करने में भी जल्दबाजी नहीं की जाएगी। 

डाक विभाग के एक कार्यक्रम में पहुंचे केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री संजय धोत्रे ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि मंत्रालय सीबीएसई बोर्ड परीक्षा को लेकर सीबीएसई के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है।
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उत्तराखंड : आज निरस्त हो सकते हैं हरिद्वार में हर की पैड़ी को स्केप चैनल घोषित करने के आदेश

हरिद्वार हर की पैड़ी को स्केप चैनल घोषित करने का आदेश प्रदेश सरकार आज निरस्त कर सकती है। मुख्यमंत्री ने सचिव आवास को आदेश निरस्त करने के संबंध में शासनादेश जारी करने को कहा है। कुछ दिन पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने संतों की बैठक में स्केप चैनल को निरस्त करने की घोषणा की थी।

इस फैसले के बाद संत समाज में मुख्यमंत्री का आभार प्रकट किया था। माना जा रहा था कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद शासन स्तर से इस संबंध में आदेश जारी हो जाएगा। लेकिन करीब एक हफ्ता बीत जाने के बावजूद शासन स्तर से इस संबंध में आदेश जारी नहीं हुआ है। इस बीच फैसले को लेकर सियासी बयानबाजी जरूर शुरू हो गई।

भाजपा ने पूर्व कांग्रेस सरकार में हुए इस आदेश को लेकर निशाना साधा तो इस मसले पर आंदोलन कर रही आम आदमी पार्टी ने भी इसका श्रेय लेने की कोशिश की। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी शासनादेश को लेकर सरकार पर तंज किया।

शासन स्तर पर पूर्व सरकार के समय हुए आदेश को निरस्त करने की फाइल सचिवालय के अफसरों से लेकर मंत्री के कार्यालय के बीच झूल रही है। इस संबंध में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सचिव आवास शैलेश बगोली को निर्देश दिए कि बुधवार तक स्केप चैनल का आदेश निरस्त हो जाना चाहिए।
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Kisan Andolan :  दिल्ली के आंदोलन में शिरकत करने उत्तराखंड से रवाना हुए सैकड़ों किसान

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत
उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर से 200 से ज्यादा किसान बुधवार को रवाना हुए हैं। आंदोलन में शिरकत करने के लिए पांच ट्रैक्टर और कारों में रुद्रपुर, किच्छा और अन्य जगह से ये किसान रवाना हुए हैं।

उत्तराखंड किसान मोर्चा की मासिक पंचायत में बुधवार को दिल्ली कूच करने का निर्णय लिया गया। साथ ही किसानों से अधिक से अधिक संख्या में दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया गया। 

मंगलवार को प्रशासनिक भवन में आयोजित पंचायत को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी गुलशन रोड़ ने कहा कि दिल्ली में जो आंदोलन चल रहा है, उसमें पूरे देश का किसान एकजुट हो चुका है।

आज किसान समझ चुका है कि अगर किसान नहीं जीत सका तो किसान कभी नहीं जीत पाएगा। उन्होंने किसानों से दिल्ली चलने की अपील की। चौधरी महकार सिंह ने कहा कि बुधवार को उकिमो कार्यकर्ता दिल्ली कूच करेंगे।

कहा कि दिल्ली में बैठे किसानों पर सरकार का उत्पीड़न हुआ तो उकिमो उत्तराखंड की सभी सीमाएं सील करेगी। इस दौरान चौधरी राजपाल सिंह, सुरेंद्र लंबरदार, राजेंद्र सिंह, पवन त्यागी, प्रवीण राणा, सरदार जसवीर सिंह, सतवीर प्रधान, दुष्यंत, रणतेश, भूपेश शर्मा, मोहम्मद अब्दुल गनी, नरेश कुमार, चांदवीर मलिक, आकिल हसन, अमित कुमार, मकर सिंह, मोहम्मद तौसीफ, तपेश्वर सिंह, उपदेश, उपेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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MahaKumbh 2021:  इस बार कोरोना का साया, अतीत में भी महामारी से कई बार जूझता रहा है कुंभ

आत्मशुद्धि के अनुभव के दुर्लभ अवसर कुंभ पर इस बार कोरोना का साया मंडरा रहा है। हालात चिंतानजक इसलिए हैं कि अभी तक इस मर्ज का पुख्ता इलाज सामने नहीं आया है और हाईकोर्ट ने सरकार से इस कुंभ में संक्रमण को रोकने की तैयारी सहित कार्ययोजना मांगी है।

कुंभ तो कई बार महामारी से जूझता रहा है। बीते वक्त में एहतियात और सख्ती से संक्रमण रोकने में सफलता भी मिली है। आज जरूरी है अतीत से सबक लेकर आने वाले जगत के सबसे बड़े मानव जमावड़े में जरूरी कदम उठाए जाएं, जिससे संक्रमण भी न फैले और आस्था को कोई चोट भी न पहुंचे।

हरिद्वार में होने वाले कुंभ के लिए प्रशासन अभी से ऐसी गाइडलाइन तैयार करने में जुटा है कि मेला भी सफलतापूर्वक आयोजित हो जाए और तीर्थयात्रियों की आस्था भी प्रभावित न हो। अभी तक मेले में भीड़ को नियंत्रित करने अर्थात स्नानार्थियों की संख्या कम करने के उपायों पर विचार किया जा रहा है।

यह संभव तो है, लेकिन आने वाले स्नान पर्व पर हालात बदल सकते हैं। दो दशक पहले की स्थिति के दौरान गुजरे सभी कुंभ और अर्द्ध कुंभ के दौरान कई में हुई हैजा महामारी ने लाखों लोगों को निगल लिया था। बावजूद इसके तीर्थ यात्रियों की गंगा में पुण्य की डुबकी लगानेे की आस्था नहीं डिगी। प्रशासन के सामने इसी आस्था को बनाए रखना बड़ी चुनौती है। यही एक ऐसा पर्व है जिसमे भीड़ का रेला अचानक बढ़ता है।
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महाकुंभ 2021 :  कोरोना संक्रमण की परिस्थितियां तय करेंगी पहले स्नान का स्वरूप

कुंभ के पहले स्नान यानी मकर संक्रांति पर प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति बिगड़ी तो स्नान रद्द किया जा सकता है। ऐसे में भीड़ को रोकना और उसे लौटाना बहुत बड़ी चुनौती होगी। इसके लिए अभी से विचार किया जा रहा है। डीजीपी अशोक कुमार के अनुसार, स्थानीय फोर्स की तैनाती और बाहर से फोर्स मंगाने जैसे निर्णय कुछ माह पहले ही तय किए जाते हैं, लेकिन इस बार मार्च 2020 से ही कोविड के कारण लॉकडाउन लग गया, जिससे सारे काम पिछड़ गए। यदि कोविड की स्थिति काबू में रही तो कुंभ का स्वरूप भी बड़ा हो सकता है। कुंभ में स्नान घाटों को भी सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखकर ही तैयार कराया गया है। 

उत्तराखंड सरकार के शासकीय प्रवक्ता व शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक का कहना है कि कुंभ में कोविड-19 महामारी की रोकथाम हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। कुंभ स्नान करने आने वाले श्रद्धालुओं की सेहत की सुरक्षा का ध्यान रखना सरकार की जिम्मेदारी है।
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महाकुंभ 2021 :  भविष्य में आस्था लेगी व्यवस्था की परीक्षा, कुंभ से जुड़े निर्माण कार्य हुए तेज

आगामी 2021 कुंभ के आयोजन के लिए मेला प्रशासन पूरी तरह तैयारियों में जुटा है। कुंभ से जुड़े विकास कार्यों को युद्ध स्तर पर कराया जा रहा है। 31 दिसंबर तक कार्य पूरे हो जाएंगे। कुंभ के दौरान पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए 13 अखाड़ों में जन सुविधाओं के विस्तार को आवंटित एक-एक करोड़ रुपये में 40 फीसदी जारी हो गई है।

इससे अखाड़ों में जनसुविधा विस्तार की प्रक्रिया के साथ अखाड़ों के टेंट के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। अभी तक की परिस्थितियों में महाकुंभ दिव्य और भव्य होगा। भविष्य में कोरोना के मामले बढ़ने पर सरकार की गाइड लाइन के अनुसार आयोजन होगा।

मेला अधिकारी दीपक रावत ने बातचीत में बताया कि गंगा घाटों के सौंदर्यीकरण, कांवड पट्टी मार्ग का चौड़ीकरण, सीसीआर क्षेत्र में श्रद्धालुओं को आकर्षित करने के लिए गार्डन, मुख्य हाईवे से लेकर कांवड पट्टी मार्गों पर वॉल पेंटिंग एवं दीवारों पर उत्तराखंड की संस्कृतिक एवं धार्मिक आस्था से जुड़ी आकर्षक कला कृतियां बनाई जा रही हैं।

कई दीवारों पर रामायण लिखी जा रही है। मेला क्षेत्र के भवनों को एक रंग में रंगा जा रहा है। सभी प्रमुख चौराहों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। आस्था पथ तैयार हो रहा है। जो चंडी पुल से दीनदयाल पार्किंग को जोड़ेगा। ओपन थियेटर बनाए जा रहे हैं, जहां महाकुंभ के खुले में कार्यक्रम होंगे।
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महाकुंभ 2021 : 1867 के कुंभ के आयोजन में काम आई सख्ती, स्वास्थ्य विभाग को दी गई थी जिम्मेदारी

पहला अवसर था जब 1867 के कुंभ के आयोजन की जिम्मेदारी सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को दे दी। इससे पहले स्थानीय प्रशासन यह काम करता रहा था। नतीजा यह हुआ कि पूरा जोर साफ-सफाई और चिकित्सा पर रहा।

पुलिस ने भीड़-भाड़ एक स्थान पर बढ़ने से रोकने के लिए तीर्थयात्रियों को लाइन लगवाकर घाटों पर जाने दिया। सख्ती इतनी कि जो लाइन में एक बार लग जाए फिर बीच रास्ते उसे वापस नहीं लौटने दिया जाता था। स्नान के बाद तीर्थयात्रियों को वापस भी लाइन से ही भेजा गया। संतों-अखाड़ोें के साथ भी यही किया गया।

एक स्थिति ऐसी भी आई कि प्रमुख स्नान वाले दिन पुण्यकाल में अचानक भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पुलिस ने किसी तरह स्थिति को घाटों पर नियंत्रित कर लिया। तीर्थयात्रियों से सफाई के नियमों का पालन सख्ती से कराया गया। शौचालय के काफी इंतजाम किए गए थे। पुलिस इतनी सक्रिय थी कि रास्ते में या खुले में कोई शौच के लिए जा नहीं सकता था। जगह जगह कूड़ेदान रखे गए थे।

घाटों पर गंदगी नहीं एकत्र होने दी जा रही थी। कैंपों में रहने वाले साधु-संतों और यात्रियों को भी कहा गया कि वे अपने यहां स्थित शौचालय का ही प्रयोग करें। किसी को भी खुले में नहीं बैठने दें। जो भी खुले में दिखता था, उसे पुलिस फटकार कर लौटा देती थी। नतीजतन मेला संक्रमणमुक्त रहा।
(स्रोत- The Imperial Gazette of India  British Medical Journal Vol v )
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