Uttarakhand Lockdown: दूसरे जिलों में फंसे लोगों की घर वापसी का होगा इंतजाम: सीएम

न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 21 Apr 2020 12:08 AM IST
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सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत
सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : फाइल फोटो

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सार

  • वीडियो कान्फ्रेंसिंग से सभी जिलाधिकारियो से की वार्ता
  • स्वास्थ्य जांच के बाद ग्रीन जोन वाले जिले में भेजने की होगी व्यवस्था
  • कहा, आम-लीची खरीदने वाले ठेकेदारों का आवागम करें सुनिश्चित

विस्तार

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने निर्देश दिए हैं कि रिश्तेदारी या अन्य वजह से लॉकडाउन में फंसे लोगों को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद ग्रीन कैटेगिरी के जिले में जाने की अनुमति दी जाए। इसके अलावा राज्य के बाहर से आए जिन लोगों ने क्वारंटीन के 14 दिन पूरे कर लिए हैं, उनको स्वास्थ्य जांच के बाद घर भेजा जाए। प्रदेश में कोरोना संक्रमण से पैदा हुए हालात का जायजा लेने के लिए सोमवार को मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से वार्ता की। इस दौरान शासन के उच्च अधिकारी भी मौजूद रहे।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलाधिकारियों को जनपद की परिस्थिति के अनुकूल आम आदमी की समस्याओं के समाधान में मानवीय व व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाना होगा। शादी विवाह में दूल्हा और दुल्हन दोनों के पक्षों की व्यावहारिकता देखें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसानों के व्यापक हित में आम व लीची के सीजन को देखते हुए
इसे खरीदने वाले ठेकेदारों को भी आवश्यक चिकित्सा सुरक्षा जांच के बाद आवागमन की सुविधा प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि मटर की खेती करने वाले किसानों के हित में फ्रोजन मटर की प्रोसेसिंग करने वाले उद्योगों को भी प्रोत्साहित किया जाए। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों से मुख्यमंत्री राहत कोष में योगदान के लिए अधिक से अधिक लोगों को प्रोत्साहित करने को कहा है।
बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप कृषि व खेती से संबंधित कार्यों को सुचारु रूप से संचालन की व्यवस्था की जाए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को कहा कि कोविड-19 के दृष्टिगत वन विभाग के जिन कर्मचारियों की तैनाती की गई है, उन्हें वनाग्नि के बचाव आदि कार्यों के लिए कार्यमुक्त कर दें। उनके स्थान पर पीआरडी स्वयं सेवकों की तैनाती की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि आवश्यक सामान लेकर जाने वाले ट्रक ड्राइवरों को 14 दिन के लिए क्वारंटीन नहीं किया जाएगा।

इस दौरान प्रमुख सचिव उद्योग मनीषा पंवार, सचिव स्वास्थ्य नितेश झा, सचिव वित्त अमित नेगी, सचिव शहरी विकास शैलेश बगोली, सचिव पेयजल अरविंद ह्यांकी, सचिव कृषि आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव खाद्य सुशील कुमार एवं पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी ने उनके स्तर पर की जाने वाली व्यवस्थाओं पर जिलाधिकारियों से चर्चा की।

लौटे प्रवासियों की दक्षता का बनेगा डाटा बैंक
प्रदेश सरकार बाहरी राज्यों से लौटे प्रवासी उत्तराखंड़ियों की दक्षता (स्किल) का डाटा बैंक तैयार करेगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि लॉकडाउन के कारण प्रदेश में हजारों लोगों ने रिवर्स माइग्रेशन किया है, लॉकडाउन के बाद भी इनकी संख्या और बढ़ सकती है इसके लिए एक परफॉर्मा तैयार किया गया है, जिसमें उनकी दक्षता आदि का पूरा विवरण तैयार किया जाना है। इसके लिए 30 हजार आवेदन भेजे जा चुके हैं। यह प्रक्रिया भविष्य की योजना तैयार करने में मददगार हो सकेगी।

प्रवासी मजदूरों के रोजगार की लेंगे सुध
प्रदेश में लॉकडाउन की वजह से फंसे प्रवासी मजदूरों के हित में सरकार कार्ययोजना बना रही है। जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि उद्योगों से समन्वय कर उनकी आवश्यकता को देखते हुए रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। इसके अलावा अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने कहा कि 75 प्रतिशत प्रगति वाले निर्माण कार्य किए जाने हैं। निर्माण कार्यों के मजदूरों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही निगरानी की जाएगी। विभागीय इंजीनियर इसकी व्यवस्था बनाने के लिए जिम्मेदार होंगे।
 
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