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हिंदू-मुस्लिम परिवार ने पेश की मिसाल, एक दूसरे के बेटों को किडनी देकर निभाया इंसानियत का फर्ज

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डोईवाला(देहरादून) Updated Thu, 05 Mar 2020 09:51 PM IST
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एक दूसरे के बटों को किडनी देने वाले परिवार
एक दूसरे के बटों को किडनी देने वाले परिवार - फोटो : अमर उजाला

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सार

  • हिंदू और मुस्लिम परिवार ने हिमालयन अस्पताल में भर्ती एक-दूसरे के बेटे को दी किडनी
  • अपने परिजनों से मैच नहीं हो पाया था दोनों युवकों का ब्लड ग्रुप 

विस्तार

मजहब के नाम पर नफरत फैलाने वाले लोगों को विकांशू और आश मोहम्मद से सीख लेनी चाहिए। दोनों के धर्म जुदा हैं, लेकिन उन्हें नया जीवन एक-दूसरे के परिवार की वजह से ही मिला। दरअसल दोनों की किडनियां खराब हो गई थीं।
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परिवार वालों से ब्लड ग्रुप नहीं मिलने के कारण परिजन अपने बेटों को खुद किडनी नहीं दे सकते थे। कुदरत का करिश्मा देखिए आखिर विकांशू और आश का खून एक-दूसरे के परिजनों से मेल खा गया।
इंसानियत की यह अद्भुत किस्सा उत्तराखंड के डोईवाला स्थित हिमालयन अस्पताल का है। अस्पताल का दावा है कि यह प्रदेश का पहला किडनी स्वैप ट्रांसप्लांट केस है। बिजनौर निवासी हिंदू युवक विकांशू (21) और मुरादपुर, हापुड़, उत्तरप्रदेश निवासी मुस्लिम युवक आश मोहम्मद की किडनियां खराब थीं।
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ब्लड ग्रुप अपने परिजनों से नहीं मिला

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