उत्तराखंड: रोडवेजकर्मियों ने भरी हुंकार, 28 से प्रदेशव्यापी कार्य बहिष्कार की चेतावनी

न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 20 Oct 2020 07:21 PM IST
विज्ञापन
चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत
चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत - फोटो : amar ujala

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

सार

  • धरने में चालक-परिचालक भी लेंगे हिस्सा, प्रबंधन ने तैयार की वैकल्पिक व्यवस्था

विस्तार

जून से वेतन न मिलने समेत कई समस्याओं को लेकर रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तराखंड के बैनर तले रोडवेजकर्मियों ने मंगलवार को धरना दिया। चरणबद्घ आंदोलन के पहले चरण में धरने के जरिए रोडवेजकर्मियों ने आवाज बुलंद की। मांगों का जल्द समाधान न होने पर 28 अक्तूबर से प्रदेशव्यापी कार्यबहिष्कार की चेतावनी भी दी है। 
विज्ञापन

मंगलवार को सुबह से देहरादून के ग्रामीण, पर्वतीय डिपो, रोडवेज वर्कशॉप, मंडलीय कार्यालय में संगठन से जुड़े सैकड़ों कर्मी धरने में शामिल रहे। धरने की कमान संभाल रहे प्रांतीय महामंत्री दिनेश चंद्र पंत ने कहा कि हर मुश्किल परिस्थितियों में रोडवेजकर्मी सरकार का साथ देता है, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि निगम प्रबंधन ने कर्मियों को जून महीने से वेतन नहीं दिया है।
कर्मी लोन लेकर परिवार का गुजारा चला रहे है। प्रदेश अध्यक्ष विक्रम डंगवाल ने कहा कि निगम का शासन पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का 20 करोड़ रुपये बकाया है। अगर यह पैसा निगम को मिले तो कर्मियों को वेतन दिया जा सकता है, लेकिन निगम प्रबंधन अनदेखी कर रहा है। ऐसे में परिषद को आंदोलन को विवश होना पड़ा है। मंगलवार को प्रदेशभर की 34 स्थानों पर धरना आयोजित हुआ।
28 अक्तूबर से निगम मुख्यालय में अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पूर्व निर्धारित है। धरने में प्रेम सिंह रावत, मेजपाल सिंह, अनुराग नौटियाल, राकेश पेटवाल, वरुण सबरवाल, शिव कुमार पांडे, नीरज मेंदीरता, संजय सोनकर व अन्य कई पदाधिकारी शामिल रहे। 

आईएसबीटी में जमकर नारेबाजी
आईएसबीटी में परिषद की ग्रामीण डिपो शाखा द्वारा दिए धरने में प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। Òवेतन दो-अभी दोÓ जैसे नारे लगाकर आवाज बुलंद की। इस दौरान शाखा अध्यक्ष अतुल पोखरियाल, मंत्री महेश कुमार, जेएनयूआरएम शाखा अध्यक्ष प्रवीण बडोनी, मंत्री अनुज पेटवाल, कुसुस भट्ट, गोदावरी नेगी, आनंद पाल, दिनेश सती, विक्रांत खत्री, संजय सोनकर, अखिल डोभाल शामिल रहे। 

राजकीयकरण की मांग को 'आप' का समर्थन
पर्वतीय डिपो (निकट रेलवे स्टेशन) में चल रहे धरने में आम आदमी पार्टी (आप) की प्रदेश प्रवक्ता उमा सिसोदिया कार्यकर्ताओं के साथ पहुंची। उन्होंने रोडवेजकर्मियों की मांगों को जायज ठहराया। साथ ही आश्वासन दिया कि प्रदेश में आप की सरकार बनी तो परिवहन निगम का राजकीयकरण किया जाएगा।

ये हैं मुख्य मांगें
-17 मार्च 2020 की बैठक में बनी सहमति लागू हो।
-सेवानिवृत्त एवं मृत कर्मियों के आश्रितों को देयकों का भुगतान।
-नियमित, संविदा एवं विशेष श्रेणी कर्मियों को दीपावली से पहले न्यूनतम दो महीने का वेतन भुगतान।
-संविदा व विशेष श्रेणी को पूर्व की भांति प्रोत्साहन योजना व समान कार्य-समान वेतन का लाभ।
-कर्मियों को बकाया वेतन भुगतान, पदोन्नति आदि मांगें।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X