उत्तराखंड: छात्र घट रहे और घोषणाओं में खुल रहे स्कूल, दो वर्षों में 350 से अधिक स्कूलों में पड़ चुके ताले

बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 25 Jun 2020 02:53 PM IST
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प्रदेश के सरकारी स्कूलों में घटती छात्र संख्या के चलते बीते दो वर्षों में 350 से अधिक स्कूलों में ताले पड़ चुके हैं। ढाई हजार स्कूल बंदी की कगार पर हैं, जिनमें छात्र संख्या 10 या इससे भी कम रह गई है। दूसरी ओर राज्य में सत्ता में आई सरकारें लगातार घोषणाओं में स्कूल खोल रही है। 
उत्तराखंड में शिक्षा भी पलायन की एक बड़ी वजह रही है। सरकारों की ओर से स्कूलों की घोषणाओं के साथ ही दावा भी किया जाता रहा है कि इन स्कूलों में सभी सुविधाएं होंगी। बच्चों को अच्छी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी, जिससे अभिभावकों को अपने बच्चों को बड़े शहरों में भेजने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा।
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इससे पलायन रुकेगा, लेकिन शिक्षक संगठनों और राजनीतिक दलों का कहना है कि सरकारों की यह घोषणाएं धरातल पर नहीं उतरी हैं। सभी घोषणाओं पर अमल होता तो अब तक हर ब्लॉक में 18-18 मॉडल और इंग्लिश मीडियम स्कूल खुल चुके होते।
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स्कूलों को लेकर की गई कुछ घोषणाएं

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