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चंद्र ग्रहण 2020 : चंद्र ग्रहण पर रखें इन बातों का खास ख्याल
Chandra Grahan Special

चंद्र ग्रहण 2020 : चंद्र ग्रहण पर रखें इन बातों का खास ख्याल

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Unlock-2 in Uttarakhand : चारधाम यात्रा शुरू, करोड़ों के प्रसाद कारोबार को भी करें अनलॉक

कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन जैसी स्थिति न होती तो इस बार की चार धाम यात्रा में प्रदेश की दूरदराज की महिलाएं आपस में मिलकर करोड़ों का कारोबार कर रही होतीं। 2018-19 में इन महिलाओं ने सिर्फ केदारनाथ में ही दो करोड़ रुपये से अधिक का प्रसाद बेचा था। महिलाओं की इस कोशिश को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक ने सराहा था। अब अनलॉक टू में यात्रा को सीमित स्तर पर शुरू करने के साथ ही महिलाओें की इस उद्यमिता को भी अनलॉक करने की जरूरत है।

पिछले वर्ष सिर्फ केदारनाथ में ही महिलाओं ने बेचा था दो करोड़ रुपये का देवतुल्य प्रसाद

अपने आसपास की चीजों का इस्तेमाल करते हुए स्थानीय स्पर्श बाजार में किस तरह पैठ बना सकता है, चार धामों का प्रसाद बनाने वाली महिलाओं ने इसकी मिसाल पेश की है। इन महिलाओं ने एक साल के अंतराल और एक ही धाम में दो करोड़ से अधिक का व्यवसाय किया। लेकिन, कोरोना महामारी के कारण इस साल इनका व्यवसाय ठप पड़ा है। प्रदेश सरकार ने सीमित स्तर पर चार धाम यात्रा शुरू की है, लेकिन प्रसाद वितरण पर अभी रोक बरकरार है। इसका नुकसान इन महिला उद्यमियों को भी उठाना पड़ रहा है। 

चारों धामों और अन्य तीर्थों में आने वाले यात्रियों को दिए जाने वाले प्रसाद का कारोबार करीब 50 करोड़ रुपये का माना जाता है। यह प्रसाद अभी तक बाहर से मंगाए जाने वाने चने, मुरमुरे आदि के रूप में दिया जाता था। पिछले कुछ सालों में इस प्रसाद से प्रदेश की स्वयं सहायता समूह की महिलाएं जुड़ीं और इन्होंने चौलाई के लड्डू, कुंजड़ू, टिमरू से बनी धूप, गंगाजल आदि को प्रसाद के रूप में देना शुरू किया। ग्राम्य विकास विभाग के मुताबिक पहले चरण में करीब 500 महिलाएं इससे जुड़ीं और केदारनाथ में ही दो करोड़ रुपये का कारोबार किया गया। 
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छोटी सी बात पर चाची से हुआ विवाद, आवेश में आकर भतीजे ने कर दिया फावड़े से वार

गूलरभोज में खेत की मेढ़ को लेकर रिश्तेदारों के बीच हुई हाथापाई खूनी संघर्ष में बदल गई। आवेश में आकर भतीजे ने फावड़े से अपनी चाची पूर्व ग्राम प्रधान पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल महिला ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के बाद मुख्य आरोपी फरार हो गया। पुलिस आरोपी के भाई और पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

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बुधवार को ग्राम चंदायन में भगत सिंह अपनी पत्नी और पूर्व प्रधान संतो देवी (45) के साथ खेत पर धान लगा रहा था। इसी खेत के बराबर में उसके भाई भूरा सिंह का भी खेत है। दोनों परिवारों में जमीन को लेकर रंजिश चल रही है।

चौकी प्रभारी जेसी तिवारी ने बताया कि बुधवार को खेत की मेढ़ पर भगत सिंह छिलई कर रहा था। यह देख भूरा का बेटा मदन सिंह भी वहां पहुंच गया। दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई, जो खूनी संघर्ष में बदल गई। ... और पढ़ें

उत्तराखंडः काट दिए गए आठ सौ बेशकीमती हरे पेड़, टीम आज डीएम को सौंपेगी जांच रिपोर्ट

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उत्तराखंडः कोविड-19 के दौर में सरकार को घेरने के लिए बड़े आंदोलन की तैयारी में कांग्रेस

कोविड-19 के दौर में कांग्रेस अब प्रदेश सरकार को घेरने के लिए बड़े स्तर पर आंदोलन छेड़ने की तैयारी में है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्षों और महामंत्रियों की अलग-अलग बैठक बुलाई है। इन बैठकों में कांग्रेस आंदोलनों की रणनीति पर मंथन करेगी।

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कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना के मुताबिक सात जुलाई को प्रदेश अध्यक्ष की बातचीत प्रदेश उपाध्यक्षों से होगी। इसके बाद आठ जुलाई को प्रदेश महामंत्रियों के साथ अलग से बैठक होगी। इन बैठकों में संगठन, आंदोलन आदि को लेकर बातचीत होगी।

पेट्रोल और डीजल के बढ़े दामों के खिलाफ कांग्रेस छह जुलाई से प्रदेश स्तर पर आंदोलन का एलान पहले ही कर चुकी है। छह जुलाई से प्रत्येक सोमवार को पेट्रोल पंपों पर कांग्रेसी एक घंटे का प्रदर्शन करेंगे। यह प्रदर्शन तेल की कीमत वापस न लेने तक किया जाएगा। माना जा रहा है कि इसी आंदोलन को कांग्रेस और अधिक विस्तार दे सकती है।
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उत्तराखंड :  एक साल में एक करोड़ से अधिक की करेंसी खपाई, पकड़ में आए तो किए कई खुलासे

चंपावत जिले के टनकपुर में नकली करेंसी के साथ पकड़े गए आरोपी बीते एक साल से नकली करेंसी बनाने और उसे आसपास के इलाकों में खपाने का कार्य कर रहे थे। अनुमान लगाया जा रहा है कि एक साल के दौरान अभियुक्तों ने एक करोड़ से अधिक के नकली नोट स्थानीय बाजारों में खपा दिए होंगे। 

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नकली नोट प्रिंट करने का कार्य ऊधमसिंह नगर जिले के नानकमत्ता कस्बे में स्थित जन सुविधा केंद्र (सीएससी) में लैपटाप और स्कैनर के जरिए किया जा रहा था। अभियुक्त नकली 200 और 500 रुपये के नोटों को आधे दामों में देते थे, जिस कारण अधिकतर लोग इनके झांसे में आकर नकली नोट बाजार में खपाने में सहयोग देते थे।

आरोपियों की ओर से तैयार 100 और 200 रुपये के नोट हूबहू असली नोटों की तरह लगने से आसानी से बाजार में खपाए जा रहे थे। 500 रुपये के नोट की पेपर की क्वालिटी खराब होने के कारण ये लोग शक के दायरे में आ गए थे। पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह के अनुसार मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर बीते कुछ समय से पुलिस आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी।
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नेपाल की टेलीकॉम कंपनियां कर रहीं भारत में घुसपैठ, सीमांत क्षेत्र में नेटवर्क न होने का उठा रहीं फायदा 

उत्तराखंड में धारचूला के सीमांत क्षेत्र व्यास और दारमा घाटी में भारतीय संचार कंपनियों का नेटवर्क नहीं होने का फायदा नेपाली संचार कंपनियां उठा रही हैं। स्थिति यह है कि यहां छह हजार से ज्यादा की आबादी नेपाली संचार कंपनियों के सिम का इस्तेमाल कर रही है। 

तहसील मुख्यालय से 20 से 30 किलोमीटर दूर पय्यापौड़ी ग्राम पंचायत के पातल, थोड़ा, और ग्राम पंचायत बलुवाकोट के कई तोकों में कोई भी सरकारी संचार व्यवस्था नहीं है। इसके चलते छह हजार से ज्यादा लोग नेपाली नेटवर्क का सहारा लेने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि बलुवाकोट में स्थित बीएसएनएल टावर से सिगनल कुछ ही तोकों में पकड़ते हैं।


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ग्रामीण को फोन करने को लेकर दो से तीन किलोमीटर दूर नेटवर्क वाली जगहों पर जाना पड़ता है या फिर दूर दराज तोकों के लोगों को नेपाली नेटवर्क का सहारा लेना पड़ता है। दोनों गांव के पूर्व प्रधान और अन्य जनप्रतिनिधि कई सालों से प्रशासन को  ज्ञापन देते आ रहे हैं। इसके बाद भी व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर कोई प्रयास नहीं किया जा रहे हैं।   

जिला पंचायत सदस्य ने डीएम को दिया ज्ञापन 
दोनों गांव के संचार और अन्य समस्याओं को लेकर जिपं सदस्य जीवन ठाकुर ने डीएम को ज्ञापन देकर व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की। उन्होंने कहा कि सात दशकों से सीमांत के 62 ग्राम पंचायतों में सरकारी संचार की कोई उचित व्यवस्था नहीं है।

जबकि नेपाल ने जिला मुख्यालय और सीमांत चीन बॉर्डर तक कई साल पहले ही संचार सुविधा पहुंचा दी है। सीमांत में संचार की व्यवस्था नहीं होने से नेपाली टेलीकॉम कंपनी भारत में घुसपैठ कर रही है। जो देश की सुरक्षा के  लिहाज से बड़ा खतरा है। जीवन ठाकुर का कहना है कि उन्होंने  जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से इस ओर ध्यान देने की मांग की है। 
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Unlock-2.0 In Uttarakhand: गाइडलाइन जारी, खुल सकेंगे मॉल, रात नौ बजे तक खोले जाएंगे रेस्टोरेंट, पर्यटकों को भी राहत

अनलॉक-2 के तहत उत्तराखंड सरकार ने कारोबारियों के साथ-साथ पर्यटकों को भी कई तरह की रियायत दी हैं। अब प्रदेश में रेस्टोरेंट रात नौ बजे तक खोले जा सकेंगे और शॉपिंग मॉल, होटल आदि पर से भी प्रतिबंध हटा लिया गया है। इसी तरह शादी समारोह आदि में शामिल होने आने वाले अतिथियों को भी क्वांरटीन नहीं होना होगा।

मुख्य सचिव उत्पल कुमार की ओर से बृहस्पतिवार को अनलॉक-2 के तहत दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए। इन दिशा-निर्देशों में सोशल डिस्टेंस सहित अन्य नियमों का पालन करने की शर्त कायम है।


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नाइट कर्फ्यू रात नौ बजे से सुबह सात बजे तक रहेगा, लेकिन इसमें रात की शिफ्ट में काम करने वालों के साथ ही शादी समारोह से लौट रहे लोगों, ट्रेन, बस से उतरकर घर जाने वाले लोगों को छूट मिलेगी।


मुख्य सचिव की ओर से गाइडलाइन जारी होने के बाद अब इस संबंध में जिलों के जिलाधिकारियों की ओर से आदेश जारी किए जाएंगे, उसके बाद ही नई व्यवस्था जिलों में लागू हो सकेगी।
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