अफ्रीकी देश में तैनात काउंसिल जनरल की मेल हैक कर ठगी, अब तक एक गिरफ्तार 

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली   Updated Wed, 29 Jul 2020 05:45 AM IST
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Cyber Crime - फोटो : Social Media

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एक अफ्रीकी देश में काउंसिल जनरल के पद पर तैनात दीपक भोजवानी की मेल हैक कर लोगों के साथ ठगी की शिकायत सेवानिवृत्त आईएफएस ने डिफेंस कॉलोनी थाने में दर्ज कराई थी। दक्षिण जिले की साइबर सेल ने ठगी करने वाले इस गिरोह का पर्दाफाश कर एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी कई लोगों से करोड़ रुपये की ठगी कर चुके हैं। 
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दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार रिटायर आईएफएस अफसर ने डिफेंस कॉलोनी थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी कि जालसाजों ने उनकी ई-मेल को हैक कर कर परिचितों को मेल किए। इन मेल में कहा गया कि इमरजेंसी होने पर उनको पैसे की जरूरत है। रिटायर डिप्लोमेट के दो करीबियों ने बिना वेरिफाई किए मेल में दिए गए खातों में 1.40 लाख रुपये जमा करा दिए। 


शिकायत के बाद जिले के साइबर सेल प्रभारी इंस्पेक्टर अजीत कुमार, एसआई विजयपाल व अभिषेक की टीम मामले की जांच कर रही थी। जांच में पुलिस टीम को पता लगा कि आरोपियों ने फर्जी आईडी से मोबाइल नंबर व बैंक खाते खुलवा रखे हैं। एसआई विजयपाल की टीम ने जांच के बाद एक आरोपी मोहम्मद अकरम को 25 जुलाई को शाहीन बाग से गिरफ्तार कर लिया। इसके पास से विभिन्न बैंकों के 16 एटीएम, 32 चेक बुक और 25 पासबुक बरामद किए गए।   

अकरम गिरोह के सदस्यों को फर्जी आईडी व उन पर खोले गए बैंक खाते उपलब्ध कराता था। आरोपी गरीबों को किराए पर कमरा दिलवाता, फिर उनके आधार कार्ड में पता किराए के मकान का करवा देता था। इस आधार पर बैंक खाते खुलवा देता। बैंक खाता खुलवाते ही ये किराएदार को दूसरा कमरा किराए पर दिलवा देता था। इसके एवज में ये गरीब लोगों को पांच से 20 हजार रुपये देता था। इस तरह आरोपी ने करीब 80 से ज्यादा बैंक खाते खुलवाए थे। इसका एक साथी कुछ विदेशी लोगों के संपर्क में रहता था। 

बेटे के इलाज के लिए ठगी के गिरोह में शामिल हो गया
मूलरूप से मेरठ निवासी मो.अकरम तीन वर्ष बेटे के इलाज कराने के लिए वर्ष 2018 में दिल्ली आया था। उसके बेटे को दिल की बीमारी है। वह नोएडा स्थित लोकल न्यूज एजेंसी में काम करता था। बेटे के इलाज के लिए उसे पैसे की जरूरत थी। एक दिन वह शाहीन बाग में अनीस के संपर्क में आया। इसके बाद वह गिरोह में शामिल हो गया। मो. अकरम को ठगी की रकम में से आठ से दस फीसदी हिस्सा मिलता था। 

कानपुर के स्क्रैप व्यवसायी से ठग लिए थे 70 लाख रुपये
आरोपियों ने कानपुर के स्क्रैप व्यापारी एजाज से 70 लाख रुपये ठग लिए थे। व्यापारी ने कानपुर के चमनगंज थाने में ठगी का मामला दर्ज कराया था। व्यवसायी को पार्सल के नाम पर ठगा था। इस पार्सल में विदेशी करेंसी है। आयकर विभाग व ईडी की रेड कहने की बात कहकर व्यवसायी से 70 लाख रुपये ले लिए।  

ऐसे करते थे ठगी
आरोपियों को जैसा मौका लगता था वैसे ही ठगी करते थे। एक तो ये ई-मेल हैक कर ठगी करते थे। ये पीड़ित का मेल हैक कर उसके रिश्तेदारों व करीबियों को मेल कर एमरजेंसी व बीमार होने की बात कहकर उनसे पीड़ित के नाम पर अपने खातों में पैसे मंगा लेते थे। खातों में पैसे आते ही ये निकाल लेते थे। इसके अलावा ये विदेश से पार्सल आने की बात कहकर पीड़ित को धमकाते थे। ये पीड़ित से कहते थे कि उनका विदेश से पार्सल आया है और वह आयकर विभाग व कस्टम से बोल रहे है। इस धमका कर भी ये ठगी करते थे।

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