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दिल्ली: खाली कराया गया आनंद विहार बस अड्डा, बसें बंद, रास्ता सील

शनिवार रात तक आनंद विहार में करीब 15000 लोग जमा थे, जिनमें से अब केवल 300-400 लोग बजे हैं। वो भी वापस जा रहे हैं। वहीं कौशांबी बस अड्डा भी रविवार सुबह से खाली है।

29 मार्च 2020

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गाजियाबाद

रविवार, 29 मार्च 2020

घबराएं नहीं, प्रशासन मदद को है तैयार

घबराएं नहीं, प्रशासन मदद को है तैयार
बुलंदहशहर/हापुड़। कोरोना से बचाव के लिए प्रशासन हर संभव मदद को तैयार है। राशन से लेकर जरूरत के हर सामान मुहैया कराने की व्यवस्था शुरू हो गई है। निराश्रितों के लिए देवदूत बनकर पुलिस प्रशासन की टीम लगातार कार्य कर रही है। हापुड और बुलंदशहर की पुलिस राहगीरों को फूड पैकेट व राशन का वितरण कर उनकी मदद कर सुरक्षित रहने की अपील कर रही है।
कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम को लेकर केंद्र सरकार द्वारा 21 दिनों के लिए पूरा देश लॉकडाउन किया गया है। इसके चलते लगभग सभी कामकाज ठप हो गए हैं। ऐसे में दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा चालकों समेत झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों के सामान व परिजनों के लिए खाने का संकट भी उत्पन्न हो गया है। ऐसे लोगों की परेशानी को देखते हुए गढ़ कोतवाली प्रभारी राजपाल सिंह तोमर ने अपनी टीम के साथ गढ़ कोतवाली के निकट झुग्गी डालकर रहने वाले लोगों को खाद्य सामग्री का वितरण किया। इसके अलावा प्रशासन द्वारा भी आसरा योजना के तहत बनाए गए मकानों में रहने वाले परिवारों को राशन दिया गया। जिसमें तेल, दाल, चीनी, नमक समेत आटा देकर लोगों से सड़क पर न जाने की अपील की। वहीं सिंभावली क्षेत्र में दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा से पैदल अपने घर लौट रहे लोगों को नेशनल हाईवे पर खाने के पैकेट वितरण किए। गढ़ व बाबूगढ़ पुलिस के बाद कोतवाली हापुड़ पुलिस भी सहायता के रूप में सामने आई है। एसएसआई जयपाल सिंह रावत के नेतृत्व में शुक्रवार को पुलिस टीम ने मेरठ रोड स्थित लोगों को राशन आदि का वितरण किया गया। इस दौरान लोगों से झुग्गी-झोपड़ियों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई। राशन पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे। गढ़ और सिंभावली पुलिस ने गरीबों और राहगीरों को खाना वितरण किया।
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पीआरवी घर-घर पहुंच कर दे रहे राशन
संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। एक ओर कोरोना वायरस का प्रकोप लोगों के स्वास्थ्य के साथ साथ जीवन को प्रभावित कर रहा है। वहीं, इस लड़ाई में पीआरवी जवानों ने लोगों के घर पहुंचकर राशन पहुंचाना व आवश्यक मदद करना प्रारंभ कर दिया है। बृहस्पतिवार देर शाम को पीआरवी 3691 को सूचना मिली कि कस्बा सिकंदराबाद में एक बुजुर्ग व्यक्ति व उसकी बुजुर्ग पत्नी अपनी झोपड़ी डालकर दनकौर रोड पर रह रहे हैं। लाकडाउन के कारण उनके पास खाने पीने का सामान भी समाप्त हो गया है। सूचना मिलते ही पीआरवी पर नियुक्त कांस्टेबल पवन कुमार व होमगार्ड वीरेंद्र सिंह तत्काल मौके पर पहुंचे और बुजुर्ग दंपत्ति नवाब सिंह पुत्र रामस्वरूप व उनकी पत्नी मंशादेवी के लिए आटा, दाल ,चावल, तेल, चीनी, साबुन आदि सामग्री उपलब्ध कराई। इसके साथ ही स्टेट बैंक के सामने अपनी झोपड़ी में रह रहे कलुआ पुत्र भूप सिंह ने भी बताया कि उसके पास खाने पीने को कुछ नहीं है, जिसके बाद उनके लिए भी पीआरवी 3691 पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें भोजन की व्यवस्था की। उक्त व्यक्तियों के खाने की व्यवस्था करने में कुल 650 रुपये खर्च किए गए। इसके अलावा पीआरवी 3694 को भी सूचना मिली कि गुलावठी थाना क्षेत्र में गांव नरेंद्रपुर निवासी राजीव वर्मा पुत्र राधेलाल लॉकडाउन के चलते 2 दिन से भूखे हैं। साथ ही उनके पास खाने-पीने का कोई सामान नहीं है। जिस पर पीआरवी 3694 पर तैनात कांस्टेबल प्रमोद कुमार ने राजीव के लिए आटा, तेल, चावल, चीनी, सब्जी साबुन आदि की व्यवस्था की। जिसमें कुल 470 रुपये खर्च किए गए। वहीं, एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि लोगों की मदद के लिए बुलंदशहर पुलिस तत्काल पहुंचेगी।
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पुलिस लाइन में बनाए जा रहे मास्क, दस रुपये में होंगे उपलब्ध
- सरकारी व गैर सरकारी टेलर पुलिस लाइन में बना रहे मास्क
- पुलिस लाइन में सरकारी और गैर सरकारी लोगों की मदद से तैयार किए जा रहे मास्क
संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते जनपदभर में मास्क की कमी हो गई है। बाजार में 50 रुपये से लेकर 250 रुपये तक मास्क की बिक्री की गई। लेकिन, अब बाजार में मास्क की कमी हो गई है। जिसके लिए पुलिस-प्रशासन ने अहम कदम उठाए हैं। पुलिस लाइन में सरकारी और गैर सरकारी लोगों की मदद से मास्क तैयार किए जा रहे हैं।
बता दें कि बीते दिनों बाजार में मास्क की भरमार थी। लेकिन, कोरोना वायरस से बचाव के लिए सरकार द्वारा की गई अपील के बाद बाजार में मास्क की मांग बढ़ गई है। देखते ही देखते बाजार से मास्क गायब हो गया। इस दौरान दुकानों पर मास्क 50 रुपये से लेकर 250 रुपये तक में बेचा गया। वहीं, अब जनपदभर में लॉकडाउन के कारण मास्क नहीं रहे हैं। जिला पुलिस ने मास्क की कमी को दूर करने के लिए अनोखा तरीका निकाला है। पुलिस लाइन परिसर में सरकारी व गैर सरकारी लोगों को मास्क बनाने के लिए लगाया है। साथ ही उन्हें ज्यादा से ज्यादा मास्क बनाने के निर्देश दिए हैं। यह मास्क पुलिस द्वारा लोगों को दस रुपये में उपलब्ध कराया जाएगा। एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि कोरोना से बचाव के लिए एहतियातन मास्क लगाना जरूरी है। मास्क की कमी को दूर करने के लिए लाइन में इन्हें तैयार कराया जा रहा है। जिसकी कीमत दस रुपये रखी गई है। जिससे आम जन तक यह आसानी से पहुंच सके।
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पैदल जा रहे लोगों के लिए विशेष बस सेवा शुरू

पैदल जा रहे लोगों के लिए विशेष बस सेवा शुरू
गढ़मुक्तेश्वर। बाहरी क्षेत्रों से पैदल आने वाले लोगों के लिए उच्चाधिकारियों के निर्देश पर गढ़ रोडवेज डिपो से विशेष बस सेवा शुरू की गई है। बसों को एआरएम ने सैनिटाइज कराकर रवाना किया। अभी गढ़ से गाजियाबाद तक के लिए 20 बसें चलाई गई हैं।
देश में लॉक डाउन होने के बाद से दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद समेत अन्य स्थानों पर रहकर मजदूरी और नौकरी करने वाले लोगों के लिए अपने घरों तक वापस आने में परेशानी आ रही थी। लोगों को विभिन्न स्थानों से पैदल अपने गांवों और घरों लौटना पड़ रहा है। इस तरह के लोगों के फोटो और वीडियो पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें छोटे-छोटे बच्चों को कंधे पर बैठाए लोग पैदल यात्रा करते नजर आ रहे हैं। गढ़ एआरएम रंजीत सिंह ने बताया कि विभिन्न जगहों पर लोग परेशान है। इसको लेकर उच्चाधिकारियों के आदेश अनुसार गढ़ रोडवेज बस डिपो से 20 बसे गाजियाबाद के लिए भेजी गई है, जो लालकुआं से सवारियों को लेकर लखनऊ, ऐटा, मैनपुरी, इटावा, आगरा, अलीगढ़, कानपुर समेत अन्य जनपदों के लिए रवाना की गई हैं। बताया कि पैदल अपने घरों को लौट रहे लोगों को अब परेशानी का सामान नहीं करना पड़ेगा। लोग अपने परिवार के पास तक आसानी से पहुंच पाएंगे। बताया कि सभी बसों को पूरी तरह से सैनिटाइज कराकर भेजा गया है।
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संदिग्धों की जांच के लिए पहुंची टीम, मचा हड़कंप

संदिग्धों की जांच के लिए पहुंची टीम, मचा हड़कंप
धौलाना। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित टीम के साथ धौलाना और कपूरपुर में बाहर से गांव पहुंचे संदिग्धों की तलाश की। इससे मौके पर लोगों में हड़कंप मच गया। टीम ने मौके पर तीन संदिग्ध लोगों की जांच की। जिनमें कोरोना का कोई लक्षण नहीं मिला। हालांकि एहतियात के तौर पर तीनों संदिग्धों को घर पर ही 14 दिन रहने के निर्देश दिए गए हैं।
धौलाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ राकेश कुमार ने बताया कि शासन के आदेश अनुसार आज दो रैपिड रिस्पांस टीमों को कस्बा धौलाना और कपूरपुर में भेजा गया है। टीम बाहर से आए लोगों के स्वास्थ्य की जांच करेगी। इसके लिए कुल पांच टीमें बनाई गई हैं। जिसमें आज दो टीमों को धौलाना क्षेत्र के गांव कपूरपुर और धौलाना कस्बे में भेजा गया है। इसके तहत आज कस्बे में रैपिड रिस्पांस टीम ने बाहर से आए तीन लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई। जिसमें कोई भी की कोरोना के लक्षण नहीं पाए गए। एहतियात के तौर पर तीनों संदिग्ध को 14 दिनों के लिए घर में ही रहने को कहा गया है। टीम ने उनके घर के बाहर नोटिस चिपकाया गया है। इसके बाद रैपिड रिस्पांस टीम धौलाना के गांव कपूरपुर पहुंची, जहां पर ग्राम प्रधान ने बताया कि हमारे यहां पर कोई भी संदिग्ध अन्य देश या अन्य राज्य से नहीं आया है। टीम में डॉ. नवीन रुहेला, डॉ. युसूफ, डॉ. अभिषेक यादव और आशा बबिता, हेमलता आदि मौजूद रहे ।
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मसूरी पुलिस ने पकड़े असलहा तस्कर

मसूरी। थाना पुलिस ने अवैध असलहा तस्कर गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में अवैध तमंचे व कारतूस बरामद किए हैं। थाना प्रभारी उमेश पंवार ने बताया कि थाना बड़ौत के ग्राम ओसिक्का निवासी जाहिद तथा ग्राम गुराना निवासी राजीव व सागर को अवैध असलहा की तस्करी करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। उमेश पंवार ने बताया कि आरोपियों से तीन तमंचे, 5 कारतूस, 32 बोर लो पिस्टल व 20 कारतूस बरामद हुए हैं। आरोपी अवैध असलाह की खरीद-फरोख्त कर रहे थे। मुखबिर की सूचना पर सर्विलांस, स्वाट टीम तथा थाना मसूरी की टीम ने आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से बरामद बाइक हापुड़ नगर क्षेत्र से चोरी की गई थी। ... और पढ़ें
NA NA

पलायनः केजरीवाल की घोषणाएं भूख नहीं मिटा पाईं तो छोड़ आए दिल्ली, छलका मजदूरों का दर्द

हाईवे पर काफिलों की भरमार है। थके-मांदे और पसीने से तरबतर लोग लगातार चलते ही जा रहे हैं। एक-एक कदम बढ़ाना भारी पड़ रहा है लेकिन फिर भी सफर लगातार जारी है। चलते-चलते तमाम पैरों में चप्पलें और जूते फट गए हैं जो इस दर्दनाक यात्रा के गवाह के तौर पर हाईवे पर ही जगह-जगह छोड़ दिए गए हैं। सूजे हुए पैरों के खून से रिसते जख्म बता रहे हैं कि जिंदगी बचाने का यह सफर कितना भारी पड़ रहा है।

शनिवार तड़के ऐसे तमाम काफिलों की सेटेलाइट बस स्टैंड के अलावा बड़ा बाईपास पर विलयधाम ओवरब्रिज और इज्जतनगर के परातासपुर इलाके में सड़कों पर भरमार थी। ज्यादातर लोग दिल्ली से आ रहे हैं जिनके एक तरफ कोरोना की चुनौती थी और दूसरी तरफ भूख की। कभी उन्होंने भूख मिटाने के लिए ही दिल्ली का रुख किया था लेकिन लॉक डाउन होने के बाद जब भूख ही जिंदगी लेने पर आमादा हो गई तो दिल्ली छोड़ दी।

कहते हैं, केजरीवाल ने आधार कार्ड पर राशन के साथ सभी जरूरी सुविधाएं घर पर ही मुहैया कराने की घोषणा तो की लेकिन फिर भी जब कई दिन झुग्गियों में भूखे रहना पड़ा तो निकल आए। दिल्ली से आने वालों के अलावा अच्छी-खासी तादाद नोएडा और रुद्रपुर की फैक्टरियों में काम करने वाले मजदूरों की भी है। रुद्रपुर से बेदखल हुए लोगों का सफर अपेक्षाकृत कम लंबा हैं लेकिन चिंताएं वही हैं कि घर लौटकर शायद कोरोना से तो बच जाएं लेकिन परिवार का पेट कैसे भरेंगे।

रेलवे ट्रैक के किनारे-किनारे दिल्ली से बाराबंकी का पैदल सफर

तीन दिन में बरेली पहुंचा भूखा-प्यासा दस मजदूरों का जत्था, अभी इससे भी ज्यादा सफर बाकी
बाराबंकी के सफदरगंज इलाके के धौरागांव में रहने वाला दस मजदूरों का जत्था दिल्ली से बुधवार को पैदल घर की ओर निकला था। इस जत्थे में शामिल रामबाबू, शिवांश और संदीप ने बताया कि उनमें से कोई दिल्ली में रिक्शा चलाता था तो कोई फैक्टरी में काम करता था। जनता कर्फ्यू के दिन से ही खाने के लाले पड़ गए और हवा फैलने लगी कि लॉक डाउन तीन महीने से पहले खत्म नहीं होगा। इसके बाद घर लौटना बेहतर समझा। काफी कोशिश की लेकिन किसी सवारी का इंतजाम नहीं हुआ। सड़क पर निकलने पर जगह-जगह पुलिस पीट रही थी। लिहाजा बुधवार रात सभी लोग अपने बैग लेकर अलग-अलग निकले और स्टेशन से अलग हटकर एक जगह इकट्ठे होने के बाद रेलवे ट्रैक के किनारे-किनारे सफर शुरू कर दिया। रेलवे ट्रैक पर सफर करने से पुलिस का खतरा नहीं था। जहां मौका मिला वहां सड़क पर आ गए। रामहजारे के पैर से खून निकल रहा था। शिवांश और उसके साथियों के पैर सूज गए थे। रामबाबू की हालत सबसे ज्यादा खराब थी जिनकी आंत का बमुश्किल 15 दिन पहले ही ऑपरेशन हुआ था।

शुक्रवार को चली बसें मगर दिल्ली नोएडा से बरेली लाकर छोड़ दिया

दिल्ली-नोएडा और गाजियाबाद से मजदूरों को लाने के लिए बरेली रीजन की करीब सवा सौ बसें शुक्रवार को चलनी शुरू हुईं तो हजारों लोगों को राहत भी मिली। इसके अलावा दिल्ली की भी तमाम बसें उन्हें यूपी के तमाम शहरों तक छोड़ रही हैं। लेकिन फिर भी हजारों की तादाद ऐसे लोगों की भी हैं जो बसें शुरू होने से पहले ही दिल्ली छोड़कर चल पड़े थे। खचाखच भरी बसों में उन्हें रास्ते में जगह नहीं मिली लिहाजा उन्हें परिवार के साथ पूरा सफर पैदल तय करना पड़ा।

साइकिल पर लादी पत्नी-बेटी के साथ पूरी गृहस्थी फिर रुद्रपुर से बरेली की यात्रा

पीलीभीत के बीसलपुर के गांव अखौली में रहने वाले नीरज रुद्रपुर की कंपनी में काम करते हैं। नीरज ने बताया कि रुद्रपुर में दस दिन पहले ही काम पूरी तरह बंद हो गया था। उनका पूरा परिवार कमरे में ही पूरा वक्त गुजार रहा था। ज्यादा दिक्कत तब शुरू हुई जब बाहर निकलने पर पाबंदी के बीच घर में रखा राशन खत्म हो गया और राशन, सब्जी-दूध जैसी चीजें खरीदने को पैसे भी नहीं बचे। कई बार बस और टेंपो स्टैंड गए ताकि गांव जाने के लिए कोई साधन मिल जाए लेकिन सब सुनसान पड़ा हुआ था। आखिर में साइकिल पर ही घर का जरूरी सामान लेकर लौटने का फैसला किया। पत्नी कुसुमा और दो साल की बेटी आकांक्षा के साथ रात में दो बजे चल दिए। नीरज ने उम्मीद जताई कि शाम तक घर पहुंच जाएंगे। रास्ते में पुलिसवालों ने कई जगह रोका पर परेशानी सुनकर जाने दिया।

पैर उठते नहीं, मां-बहनों का हाल देखकर दिल भी बैठा जा रहा है

शाहजहांपुर के सिंधौली कस्बे में रहने वाले तालिब अपने परिवार के साथ रुद्रपुर में रहते हैं जहां उनके पिता रिक्शा चलाते हैं और वह खुद फैक्टरी में काम करते हैं। तालिब विलयधाम पर अपनी मां, तीन बहनों और परिवार के और लोगों के साथ गाड़ी का इंतजार कर रहे थे। उसने बताया कि शुक्रवार रात तीन बजे वे सभी पैदल ही घर के लिए चल दिए थे। रास्ते में टेंपो, डनलप. तांगा जो भी मिला, उस पर कुछ दूर के लिए बैठ लिए। कुछ नहीं मिला तो पैदल चलते रहे। बरेली आकर उनकी हिम्मत जवाब दे गई है। मां और बहनों की हालत देखकर दिल भी बैठा जा रहा है। बोले, काफी इंतजार के बाद यहां भी कोई गाड़ी नहीं मिल रही है। किसी तरह शाहजहांपुर पहुंच जाएं तो घर जाने की भी कोई जुगाड़ हो ही जाएगी।

 

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दहेज उत्पीड़न के तीन मामले दर्ज, पति समेत कई नामजद

माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। दहेज उत्पीड़न के तीन मामलों में रिपोर्ट दर्ज हुई है। इनमें से दो मामले महिला थाने में दर्ज हुए हैं, जबकि एक मुकदमा कविनगर थाने का है। तीनों मामलों में पति समेत ससुराल पक्ष के कई कई लोगों को नामजद किया गया है। रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। पहला मामला .... कविनगर थाने में दर्ज हुई रिपोर्ट में पूजा निवासी शास्त्रीनगर ने कहा है कि उसकी शादी 17 अप्रैल वर्ष 2019 को राजस्थान निवासी इंजीनियर हिमांशु कुमार के साथ हुई थी। शादी में जरूर से ज्यादा दान दहेज देने के बाद भी पति हिमांशु कुमार, सास वंदना, ससुर मुकेश कुमार और मुकेश कुमार की दो नानी पूजा को दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे। आरोप है कि खर्चे के लिए पूजा को एक भी रुपया नहीं दिया जाता है और मैं ही नौकरी करने दी जाती है। इसके साथ ही पूजा के भाइयों के अपहरण और उसकी विधवा मां को जलाकर मार देने की धमकी दी जाती है। विरोध करने पर उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया गया। इस मामले में पूजा के पति हिमांशु समेत पांच आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। दूसरा मामला....... दूसरे मामले में महिला थाने में अशोक कुमार निवासी शिव गंगा अपार्टमेंट वसुंधरा थाना इंदिरापुरम ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। जिसमें बताया गया है कि उन्होंने अपनी बेटी देविना श्रीवास्तव की शादी हरियाणा में रहने वाले अनुज श्रीवास्तव के साथ 13 दिसंबर वर्ष 2018 में हिंदू रीति रिवाज के अनुसार की थी। शादी में भी करीब 20 लाख का खर्चा किया गया था। शादी के कुछ दिनों बाद तक तो सब कुछ ठीक-ठाक रहा, इसके बाद ससुराल लिया दहेज में एक फ्लैट की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर देविना काम मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न करने लगे और मारपीट कर घर से निकाल दिया। इस मामले में पति अनुज श्रीवास्तव, ससुर भारत भूषण श्रीवास्तव, सास अरुणा श्रीवास्तव, ननंद शुचि श्रीवास्तव, नंदोई लोकेश भटनागर, अनुज की मौसी कुंतल और कुंतल के बेटे को नामजद किया गया है। तीसरा मामला.... तीसरे मामले की रिपोर्ट महिला थाने में प्रीति निवासी जीवन विहार थाना कविनगर ने दर्ज कराई है। जिसमें दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए पति मनीष चौधरी, ससुर सुरेश पाल सिंह, सास रेखा चौधरी और ननद निशा चौधरी को नाम दर्ज किया गया है। प्रीति की शादी 24 फरवरी वर्ष 2012 में मनीष के साथ हुई थी। आरोप है कि 24 सितंबर वर्ष 2019 को बेटी पैदा होने पर ससुरालियों ने प्रीति को घर से यह कहकर निकाल दिया कि वह उसका और उसकी बेटी का खर्चा नहीं उठा सकेंगे। तभी से वह अपनी बड़ी बहन के घर रह रही है। आरोप है कि ससुरालियों ने प्रीति के बेटे को जबरन अपने पास रख रखा है। पुलिस का कहना है कि तीनों मामलों की जांच पड़ताल कर कार्रवाई की जा रही है। ... और पढ़ें

सुरक्षित एक बार करो ना के खिलाफ जंग में आपके सच्चा साथी

सुरक्षित है अखबार, कोरोना के खिलाफ जंग में आपका सच्चा साथी - चिकित्सक, डब्लूएचओ सहित विशेषज्ञ कर चुके हैं अफवाहों को खारिज माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। कोरोना के खिलाफ जंग में आपका सच्चा साथी बनकर अखबार पल-पल की, दिन भर की खबरें आप तक पहुंचा रहा है। लॉकडाउन में घरों में सुरक्षा के साथ अखबार ही लोगों को उनके आसपास की खबरें दे रहे हैं। इस दौरान हमें सुधि पाठकों की सुरक्षा का पूरा ख्याल है। अखबार को तैयार करने से बांटने वाली चैन तक पूरी तरह से सैनिटाइज्ड की जा रही है। जिले में कोरोना की रोकथाम, इसमें जुटे संगठन, स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन, पुलिस और तमाम गतिविधियों को आप तक पहुचना हमारी जिम्मेदारी है ताकि घरों में आप सजग सतर्क रहें --- जिले में तमाम लोग अखबार पढ़ रहे हैं। चिकित्सकों यहां तक कि डब्लूएचओ ने अखबार से संक्रमण के खतरे की अफवाहों को खारिज किया है। सपा के महानगर अध्यक्ष राहुल चौधरी का कहना हैं कि रोज दिन की शुरुआत अखबार से होती है। दिन भर में वह पूरा अखबार पढ़ लेते हैं। उद्यमी साकेत अग्रवाल कहते हैं कि लॉकडाउन में अखबार से सुरक्षा के उपायों पर जानकारी मिल रही है। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष गोपीचंद प्रधान का कहना है कि अखबार को लेकर ही दिन भर की हलचल पता चलतीं हैं। --- पाठकों ने भेजे संदेश मैं नित्य अमर उजाला पढ़ रहा हूं। इससे किसी प्रकार का खतरा नहीं है। कुछ लोग डर का माहौल बना रहे हैं। सटीक और प्रमाणिक खबरों के लिए समाचार पत्र बेहद आवश्यक है । -डॉ जयप्रकाश मिश्र मैं अखबार रोज पढ़ती हूं। इससे कोरोना का कोई संबंध नहीं है। कई विशेषज्ञ और खुद देश के प्रधानमंत्री भी इस बात को कह चुके हैं। ऐसे में अखबार को लेकर जो अफवाह है, वह गलत है। - प्रेरणा त्यागी मेरी रोज शुरुआत अखबार से ही होती है। लगातार में अखबार पढ़ रहा हूं। अखबार से कोई डरने की जरूरत नहीं है । एम्स से लेकर कई बड़े अस्पतालों के डॉक्टर ने भी इस बात को स्वीकारा है। कुछ लोगों ने भ्रांतियां फैलाई हैं, वह सब अफवाह है। - सुरेंद्र शर्मा हमारे यहां रोज अखबार आ रहा है। पूरा परिवार अखबार पढ़ता है । अखबार से कोरोना होने को लेकर कुछ कुछ लोग अफवाह फैला रहे हैं । हमने खुद अमर उजाला का सैनिटाइज होते हुए छपने का वीडियो देखा। - आरके वर्मा --- आईएमए की अपील: अखबार पढ़ने से किसी भी चीज की पूरी तरह से संपूर्ण जानकारी मिल जाती है। अखबार से कोरोना वायरस नहीं फैलता है, इसलिए नियमित रूप से अगर आप अखबार पढ़ रहे हैं तो पढ़ना बंद ना करें इससे आपको विस्तृत जानकारी मिलती रहेगी। - डॉ बीवी जिंदल,आईएमए अध्यक्ष ... और पढ़ें

बाजारों में जांच करेंगे अधिकारी

बाजारों में चेकिंग करेंगे अधिकारी गाजियाबाद। कालाबाजारी को रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा हेल्पलाइन नंबर जारी करने के बाद इस पर आने वाली शिकायतों की जांच कराई जाएगी। इसके लिए टीम का गठन भी किया गया है। प्रशासन द्वारा बनाई गई टीम में खाद्य सुरक्षा विभाग और वाणिज्य कर विभाग के अधिकारी शामिल किए गए हैं। सिटी मजिस्ट्रेट शिव प्रताप शुक्ल ने बताया कि ओवर रेटिंग के मामलों में टीम मौके पर जाकर कार्यवाही करेगी। शुक्रवार को विजयनगर में आटा निर्धारित मूल्य से महंगा बेची जाने पर टीम ने कार्यवाही की। इस संबंध में विक्रेताओं को भी रेट डिस्प्ले करने के निर्देश दिए जाएंगे। ... और पढ़ें

कवि नगर रामलीला मैदान में मिलेंगी सब्जियां

कविनगर रामलीला मैदान में मिलेंगी सब्जियां माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। सब्जियों के लिए सब्जी मंडी की दौड़ लगा रहे लोगों को अब उनके क्षेत्रों में वी सुविधा दी जा रही है। इसके लिए जिला प्रशासन ने कविनगर रामलीला मैदान में अस्थाई सब्जी मंडी की व्यवस्था की है। साहिबाबाद सब्जी मंडी से विक्रेता यहां सब्जी की बिक्री में सहयोग करेंगे। कविनगर और आसपास के क्षेत्रों से लोग आकर यहां सब्जी खरीद सकते हैं। शनिवार को सुबह छह से नौ और शाम को चार बजे से सब्जी मंडी लगी। सिटी मजिस्ट्रेट शिव प्रताप शुक्ल ने बताया कि सब्जी मंडी में लगने वाली भीड़ को कम करने के लिए क्षेत्रवार अस्थाई सब्जी मंडी तैयार करने की योजना है। प्रतिदिन साहिबाबाद मंडी से यहां गाड़ी आएंगी और लोगों को मंडी के रेट परी सब्जी बेची जाएगी। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का लाभ भी लोगों को मिलेगा और लोग कोरोना से सुरक्षा भी कर सकते हैं। ... और पढ़ें

कोरोना फाइटर की मदद वाली खबर का जोड़

एक हजार लोगों तक खाना पहुंचा रही सेवा भारती सेवा भारती गाजियाबाद महानगर द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में लगभग 1000 गरीब लोगों को भोजन वितरण की व्यवस्था की गई है।महामंत्री राजेश गर्ग ने बताया कि जिन लोगों के पास घर है परन्तु राशन नहीं है, उनको राशन उपलब्ध कराया गया। जो लोग रोड पर है ,उनको भोजन उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर लगातार अपील की जा रही है। लोग भी सेवा भारती को सोचना दे सकते हैं। --- 500 जरूरतमंदों को भोजन वितरित करेगी शिव बालाजी धाम संस्था राकेश मार्ग स्थित गुलमोहर एन्क्लेव में शिव बालाजी धाम सामाजिक संस्था द्वारा प्रतिदिन 500 जरूरतमंदों को भोजन वितरित करने की अनुमति मिल गई है। शुक्रवार को संस्था के संस्थापक मनवीर चौधरी ने अपर जिलाधिकारी से मुलाकात कर इस कार्य के लिए अनुमति मांगी थी। शनिवार की सुबह से ही गुलमोहर एन्क्लेव में जरूरतमंद लोगों के लिए भोजन की तैयारी शुरू कर दी गई थी। तैयार खाने के पैकेट बनाकर संस्था द्वारा एक गाड़ी में लादकर नगर के विभिन्न स्थानों पर जरूरतमंद लोगों को खाना वितरित किया गया। मनवीर चौधरी ने बताया कि प्रतिदिन भोजन संस्था वितरित कराएगी। --- महाराजा अग्रसेन सेवा ट्रस्ट ने उठाया बीड़ा महाराजा अग्रसेन जनकल्याण सेवा ट्रस्ट ने प्रतिदिन 1500 जरूरतमंद लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की है। मुख्य संरक्षक वीके अग्रवाल ने बताया कि महाराजा अग्रसेन रसोई में भोजन बनाने की शुरुआत की गई है। ... और पढ़ें

माल का आवागमन शुरू, सावधानी बरत रहे हैं ट्रांसपोर्टर्स

जरूरी वस्तुओं का आवागमन शुरू - सावधानी बरत रहे हैं ट्रांसपोर्टर्स, जारी की गाइडलाइन माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। सरकार द्वारा आवश्यक वस्तुओं और दवाई ढो रहे माल वाहकों को न रोके जाने की घोषणा के बाद माल ढुलाई की गतिविधियां शुरू हो गई हैं। कुछ दिनों इसका असर सड़कों और बाजारों में देखा जा सकेगा। वायरस की रोकथाम के लिए ट्रांसपोर्टर्स सावधानी बरत रहे हैं और इस संबंध में सभी ट्रांसपोर्टर्स के लिए एक गाइडलाइन भी जारी की गई है। ट्रांसपोर्टर उसका स्टाफ (3 से 5 लोग) लेबर और ड्राइवर (औसतन दोनों मिलाकर 10 से 15), लोकल डिलीवरी करने में लगे रिक्शा-ऑटो वाले (2 से 4) इन सबको मिलाकर लगभग 15 से 20 लोग एक एक ट्रांसपोर्ट पर जुड़ने वाले हैं। महानगर गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष आशीष मैत्रेय ने बताया कि स्वाभाविक है कि देश भर में लॉकडाउन के उद्देश्य और नतीजों पर नकारात्मक प्रभाव भी पड़ेगा, जिसकी तरफ सरकार और ट्रांसपोर्टर का ध्यान अभी नहीं गया है। आमजन को जरूरत का सामान भी मिलता रहे और माल ढुलाई से कोरोना वायरस फैलने का खतरा भी न्यूनतम रहे, इसके लिए सरकार को बिना कोई देरी किए आवश्यक गाइड लाइंस जारी करनी होंगी और उन पर सख्ती से अमल भी करवाना होगा। उन्होंने बताया कि फिलहाल अपने व अपने स्टाफ की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हम किस तरह लोगों को आवश्यक सामान की आपूर्ति करें, इसके लिए कुछ सुझाव दिए गए हैं। जिनको अमल में लाकर हम कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने का प्रयास कर सकते हैं। --- ये जारी की गईं गाइडलाइन . ट्रांसपोर्ट न खोलें, घर से ही ऑपरेशन्स मैनेज करें। . गाड़ी सीएफए, डिपो से लोड कराकर सीधे पार्टी के पास भेजें। डिलीवरी के लिए अपने एजेंट की ट्रांसपोर्ट न खुलवाएं। . ट्रांसपोर्ट की लेबर को ऑपरेशन्स से दूर रखें। लोडिंग और अनलोडिंग के समय सीएफए, डिपो, पार्टी को ही यह व्यवस्था करने को कहें। . डीजल व अन्य खर्चा ऑनलाइन करें। यदि किसी ड्राइवर के पास एटीएम कार्ड नहीं भी है तो लोडिंग, अनलोडिंग प्वाइंट पर ड्राइवर को पार्टी से नकद दिलवा दें। . सीएफए, डिपो स्तर पर ड्राइवर को साबुन, हैंड सैनिटाइजर, ग्लब्स, मास्क, खाना और पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए कहें। . बिल्टी बुक या तो ड्राइवर को दे कर रखें। कोशिश करें कि सिर्फ बिल पर माल भेज कर अपने पास उसकी डिटेल नोट कर लें। . सीएफए, डिपो से कहें कि पार्टी को निर्देशित करे कि वह आपको और सीएफए, डिपो को व्हाट्सएप के माध्यम से पीओडी भेजे। . घर पर ही एक डायरी या रजिस्टर में अपनी बुकिंग की डिटेल्स और खर्चे इत्यादि लिखकर रखें ताकि बाद में आसानी रहे। . सभी ड्राइवरों से व्यक्तिगत रूप से मोबाइल पर संपर्क में रहें व समय समय पर उन्हें साबुन से हाथ धोने, सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने व गाड़ी से बाहर रहने पर हर समय मास्क लगाना याद दिलाते रहें। --- ... और पढ़ें

फेसबुक आईडी हैक कर वायरल किए दंपती के फोटो

गाजियाबाद। सिहानीगेट थाना क्षेत्र में फेसबुक आईडी हैक कर दंपती की फोटो वायरल कर बदनाम करने का मामला सामने आया है। दोस्त का मैसेज आने के बाद फोटो फेसबुक पर वायरल होने का पता चला तो। इसके बाद पीड़ित ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। आरोप है कि शिकायत के बाद भी थाना पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, जिसके चलते एसएसपी से गुहार लगानी पड़ी। एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। सिहानी गेट कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में रहने वाला युवक मीडिया से जुड़ा है। उनकी पत्नी हाउस वाइफ है। युवक का कहना है कि करीब 3 महीने पहले उसके एक दोस्त का मैसेज आया था। दोस्त ने बताया कि उसकी व उसकी पत्नी का फोटो फेसबुक पर वायरल है और उस पर आपत्तिजनक बातें लिखी हुई हैं। मैसेज पढ़ने के बाद उनके होश उड़ गए और पता किया तो मामला सही पाया गया। इस पर कार्रवाई के लिए पुलिस को तहरीर दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पीड़ित दंपती वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी से मिला और उन्हें पूरे मामले से अवगत कराते हुए इंसाफ की गुहार लगाई। एसएसपी ने मामला साइबर क्राइम को सौंपते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। जांच पड़ताल के बाद इस संबंध में शुक्रवार को अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। ऐसा करने वाला जल्द पुलिस की गिरफ्त में होगा। ... और पढ़ें
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