आदेश देने में नगरआयुक्त ने की जल्दबाजी, सीएमओ के निर्देश अनुचित

Amarujala Local Bureauअमर उजाला लोकल ब्यूरो Updated Fri, 08 May 2020 06:00 PM IST
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महापौर आशा शर्मा
महापौर आशा शर्मा - फोटो : AMAR UJALA

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सबहेड- कोरोना योद्धाओं डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ को दिल्ली में रोकने की नगर आयुक्त की अपील पर महापौर आशा शर्मा ने जताई असहमति - महापौर बोली, सीएमओ के आदेश को आगे बढ़ाने में नगर आयुक्त ने की जल्दबाजी - ऐसे निर्देश देना डॉक्टरों के सम्मान, गरिमा और बलिदान के खिलाफ माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। दिल्ली में कार्यरत कोरोना योद्धा डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के दिल्ली में ही रुकने की नगरआयुक्त की अपील पर हंगामा खड़ा हो गया है। मामले में महापौर आशा शर्मा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को दिल्ली में ही रोकने का नगर निगम का कोई आदेश नहीं था। नगरआयुक्त ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के आदेश को आगे बढ़ाने में जल्दबाजी की। उन्होंने कहा कि मैंने मामले में सीएमओ से भी बातचीत कर ऐसा दिशा-निर्देश देने पर बिल्कुल भी उचित नहीं होने की बात कही है। साथ ही नगरआयुक्त को कहा है कि उनका निर्देश डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की सम्मान, गरिमा और उनके बलिदान के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि सीएमओ और नगर आयुक्त दोनों की दिशा-निर्देशों से वह बिल्कुल भी सहमत नहीं है। डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ अपनी जान हथेली पर लेकर लोगों का इलाज कर रहे हैं। दिल्ली में उनके रहने का पहले से कोई अच्छा इंतजाम किया गया होता, तब यह बात कही जाती कि गाजियाबाद न आए तब तो ठीक था। तमाम लोग अन्य राज्यों से गाजियाबाद में आ और जा रहे हैं, उन्हें तो सरकार रोक नहीं पाई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर करोड़ों देशवासी और सेना की ओर से कोरोना योद्धाओं के सम्मान में तालियां बजाने, दिए जलाने और पुष्प वर्षा की जा रही है। ऐसे ऐसे दिशा निर्देश देकर उनकी भावनाएं आहत करना बिल्कुल भी ठीक नहीं है। -- खुद डॉक्टर होते हुए सीएमओ ने नहीं समझा उनका दर्द महापौर आशा शर्मा ने कहा की डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को दिल्ली में ही रोकने के पहले दिशा-निर्देश सीएमओ गाजियाबाद ने ही जारी किए थे। खुद डॉक्टर होते हुए भी उन्होंने डॉक्टरों का दर्द नहीं समझा। कोरोना महामारी के इस दौर में मोर्चा संभाल रहे कोरोना योद्धाओं के खिलाफ किसी को भी ऐसे दिशा-निर्देश देने से बचना चाहिए। --
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