घर वापसी का प्रवासी मजदूरों का संघर्ष जारी, चढ़ रहा पारा

Amarujala Local Bureauअमर उजाला लोकल ब्यूरो Updated Tue, 19 May 2020 05:12 PM IST
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पांडवनगर स्थित सुखसागर फार्महाउस में ठहराए गए प्रवासी मजदूर परेशानी जताते हुए
पांडवनगर स्थित सुखसागर फार्महाउस में ठहराए गए प्रवासी मजदूर परेशानी जताते हुए - फोटो : AMAR UJALA

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सबहेड- जिला प्रशासन ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के सैकड़ों प्रवासी मजदूरों को रोकने का सुखसागर फॉर्म हाउस में किया है बंदोबस्त - बीते 5 दिनों से घर जाने के लिए इधर उधर धक्के खा रहे हैं प्रवासी मजदूर, खाना मिलने में देरी से फूटा गुस्सा - श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से बिहार भेजे जाने वाले प्रवासी मजदूरों को क्लाउडनाइन फॉर्म हाउस में ठहराया माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। भीषण गर्मी में कई दिनों पैदल चलकर गाजियाबाद पहुंचे परेशान प्रवासी मजदूरों का अपने घर वापसी का संघर्ष मंगलवार को भी जारी रहा। दिल्ली, गुरुग्राम, बागपत सहित आसपास के जनपदों से गाजियाबाद पहुंचे प्रवासी मजदूरों को जिला प्रशासन ने पांडवनगर स्थित सुखसागर फार्म हाउस में ठहराया है। छोटे-छोटे बच्चों, बुजुर्गों और परिवार के साथ पहुंचे प्रवासी मजदूर घर जाने को लेकर बेहद परेशान दिखाई दिए। मुश्किलों से जूझ रहे इन प्रवासी मजदूरों को सुख सागर फार्महाउस में जब देरी से खाना मिला तो उनका सब्र जवाब दे गया। प्रवासी मजदूरों ने जिला प्रशासन से उन्हें ठहराने की जगह बसों का जल्द से जल्द बंदोबस्त कराकर घर भेजने की मांग की। सुखसागर फार्महाउस में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, प्रयागराज, फैजाबाद, एटा, इटावा सहित विभिन्न जनपदों के करीब 600 से 700 की संख्या में प्रवासी मजदूरों को ठहराया गया है। इनमें से अधिकांश मजदूर बीते 5 दिनों से इधर-उधर भटक कर जब गाजियाबाद पहुंचे तो उन्हें बस का बंदोबस्त करने का आश्वासन देकर सुख सागर फार्म हाउस में लाया गया। प्रवासी मजदूरों के परिवार के साथ मौजूद छोटे-छोटे बच्चों और बुजुर्गों की हालत बेहद खराब दिखी। प्रवासी मजदूरों के मुरझाए चेहरे उनकी परेशानी की पूरी कहानी बयां कर रहे थे। कई परिवार तो ऐसे थे जो दिल्ली गुरुग्राम व अन्य स्थानों से 5 दिन पहले चले थे, लेकिन उनके लिए बसों का बंदोबस्त अब तक नहीं हो पाया है। मंगलवार को जब देरी से प्रवासी मजदूरों को खाना मिला, तो उनका दर्द छलक गया। सभी प्रवासी मजदूरों की जिला प्रशासन से गुहार थी कि उन्हें जल्द से जल्द घर पहुंचा दिया जाए। ------------------ क्लाउड-9 फार्म हाउस में बिहार के प्रवासी मजदूरों को ठहराया सैकड़ों किलोमीटर का पैदल सफर कर गाजियाबाद पहुंच रहे प्रवासी मजदूरों को रोकने के लिए प्रशासन ने विभिन्न जगहों पर बंदोबस्त किए है । बिहार की ओर जाने वाले प्रवासी मजदूरों को जिला प्रशासन ने दिल्ली मेरठ हाईवे पर स्थित क्लाउड नाइन फार्म हाउस में ठहराया है। यहां करीब 700 की संख्या में बिहार के विभिन्न जिलों के प्रवासी मजदूर ठहरे हुए हैं। मंगलवार को मजदूरों को सिलसिलेवार बसों में बैठाकर रेलवे स्टेशन पहुंचाया गया। फिर सभी प्रवासी मजदूर श्रमिक ट्रेनों की जरिए अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए । ----------------- प्रवासी मजदूरों की परेशानी, उनकी जुबानी 1. बीते 5 दिनों से एटा जाने के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। अब पुलिस वाले लाकर फार्महाउस में छोड़ गए हैं। खाना भी दोपहर करीब एक बजे मिला है। - सुशीला देवी, एटा निवासी 2. बच्चे के इलाज के लिए दिल्ली आए थे। लॉकडाउन लगने से दिल्ली में फंस गए। 5 दिन पहले शाहदरा से चलकर गाजियाबाद पहुंचे थे, अब तक बस का इंतजाम नहीं हो पाया है। - रमावती, गोरखपुर निवासी 3. छोटे-छोटे बच्चों के साथ भटकने को मजबूर है। अधिकारी आते हैं, और जल्दी बस का इंतजाम करने की बात कहकर चले जाते हैं। उनकी परेशानी को कोई देखने वाला नहीं है। - ब्रजेश, कुशीनगर निवासी 4. छोटे बच्चों और परिवार के साथ पैदल चलकर गाजियाबाद पहुंचे थे। उम्मीद थी कि एक-दो दिन में ही घर जाने के लिए बस मिल जाएगी। लेकिन एक-दो दिन से इधर उधर ही भटक रहे हैं। - किशन, गोरखपुर निवासी -----
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