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दिल्ली: बसें बंद और रास्ता सील होने के बाद रेलवे पटरी के सहारे घर जाने लगे लोग

शनिवार रात तक आनंद विहार में करीब 15000 लोग जमा थे, जिनमें से अब केवल 300-400 लोग बजे हैं। वो भी वापस जा रहे हैं। वहीं कौशांबी बस अड्डा भी रविवार सुबह से खाली है।

29 मार्च 2020

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नोएडा

रविवार, 29 मार्च 2020

जिले में तीन और कोरोना पॉजिटिव

जिले में तीन और कोरोना पॉजिटिव
नोएडा। जिले में दो महिलाओं समेत तीन और लोगों के कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई है। सेक्टर-137 स्थित पारस टीयरा सोसाइटी निवासी मां और बेटी के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। जबकि ग्रेटर नोएडा के ओमिक्रॉन सोसाइटी निवासी व्यक्ति में भी कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। तीनों को चाइल्ड पीजीआई में भर्ती करा दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में 17 कोरोना वायरस के पॉजिटिव मामले सामने आ चुके हैं। वहीं लखनऊ से जारी रिपोर्ट में जिले में कोरोना संक्रमित केस की संख्या 18 बताई गई है। ऐसा इसलिए है कि एक युवक ने निजी लैब में टेस्ट कराया था जो पॉजिटिव पाया गया। लेकिन स्वास्थ्य विभाग इसकी दोबारा सैंपल लेकर जांच कराएगा।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक शुक्रवार को सामने आए तीनों मामले में संक्रमण लंदन से आए ऑडिटर से फैला है। सेक्टर-137 स्थित पारस टीयरा सोसाइटी निवासी एक शख्स ऑडिटर के संपर्क में आया था। लेकिन उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं उसकी मां और बहन की रिपोर्ट पॉजिटिव आई हैं। तीनों साथ रहते हैं। विभाग ने युवक की दोबारा जांच कराने की बात कही है। वहीं ग्रेनो निवासी भी उसी ऑडिटर के संपर्क में आया था। फिलहाल दोनों महिलाओं में कपड़ों के माध्यम से संक्रमण के फैलने की बात कही जा रही है।
दोनों सोसाइटी 29 तक सील
प्रशासन ने पारस टीयरा और ओमिक्रॉन सोसाइटी को अस्थायी रूप से 29 मार्च तक सील कर सैनिटाइजेशन का काम शुरू कर दिया गया है। इस दौरान किसी को अंदर और बाहर जाने नहीं दिया जाएगा। अगर कोई आदेश का उल्लंघन करेगा तो कानूनी कार्रवाई होगी। प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील की है। इसी के साथ विभाग का कहना है कि इसे वायरस का सामुदायिक फैलाव नहीं माना जाता है। क्योंकि इसके माध्यम का पता चल रहा है।
लंदन से आए ऑडिटर ने अब तक 8 को किया संक्रमित
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अब तक लंदन से आए ऑडिटर ने 8 लोगों को संक्रमित किया है। करीब एक सप्ताह तक वो नोएडा में एक होटल में रहा। उसके संपर्क में कंपनी के करीब 19 लोग आए थे। अभी तक उसके संपर्क में आए 3 कर्मचारी और परिवार समेत 8 लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि हो चुकी है। माना जा रहा है कि ऑडिटर से संक्रमित हुए मरीजों के संपर्क में आने वालों की संख्या भी 70 से अधिक हो सकती है। इनकी जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
50 संदिग्धों के भरे सैंपल
सीएमओ डॉ. अनुराग भार्गव ने बताया कि शुक्रवार को 50 संदिग्ध लोगों के सैंपल लिए गए हैं। इसी के साथ 29 लोगों की रिपोर्ट आई है, जिसमें 3 पॉजिटिव आए हैं। अब तक कुल 441 सैंपल जांच के लिए भरे गए हैं, जिसमें 329 की रिपोर्ट आ गई है और 96 की रिपोर्ट का इंतजार है। इसके अलावा 1803 लोगों को निगरानी में रखा गया है। इसके अलावा ग्रेटर नोएडा के क्वारंटीन वॉर्ड में 51, सेक्टर-39 जिला अस्पताल के नए भवन में 87, चाइल्ड पीजीआई में 12 लोगों को रखा गया है। वहीं, जिम्स के आइसोलेशन में 8 लोगों को रखा गया है।
विभाग की तरफ से जारी किया गया आंकड़ा
निगरानी में रखे गए लोग - 1803
अब तक कुल लिए गए सैंपल- 441
निगेटिव - 329
सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार - 96
पॉजिटिव - 17
एक मीटर दूरी से किया जा रहा है इलाज
सेक्टर- 24 स्थित ईएसआई अस्पताल की फीवर ओपीडी में एक मीटर की दूरी से साथ इलाज किया जा रहा है। मरीज भी बारी-बारी से डॉक्टर को दिखा रहे हैं।
कब-कब हुई कोरोना वायरस की पुष्टि
- 9 मार्च : इटली से आए यात्रियों की चपेट में आकर गाइड संक्रमित हुआ। दिल्ली निवासी गाइड मूलरूप से नोएडा का निवासी है।
- 17 मार्च : दो लोगों में वायरस की पुष्टि हुई। जिसमें एक फ्रांस से लौटी महिला और फेस-2 स्थित एक कंपनी का कर्मचारी है, जो विदेश से आए निदेशक के संपर्क में आकर संक्रमित हुआ।
- 18 मार्च: इंडोनेशिया से लौटे एक युवक में स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना पॉजिटिव पुष्टि की।
- 21 मार्च : ग्रेटर नोएडा में दुबई से आए एक युवक और नोएडा में फ्रांस से आए एक युवक में पुष्टि ।
- 22 मार्च : स्वास्थ्य विभाग ने ग्रेनो वेस्ट में डेनमार्क से लौटे एक युवक और संपर्क में आई मां में कोरोना वायरस की पुष्टि।
- 24 मार्च : सेक्टर-137 लॉजिक्स ब्लॉसम सोसाइटी में रहने वाली 47 वर्षीय महिला लंदन से आए ऑडिटर के संपर्क में आई, जिससे महिला और पति संक्रमित हुआ। इसके अलावा ग्रेटर नोएडा जीटा- 1 की एटीएस सोसाइटी में रहने वाला युवक में भी कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है।
- 26 मार्च को सेक्टर-137 स्थित लॉजिक्स ब्लॉसम सोसायटी की संक्रमित महिला से बेटी संक्रमित हुई। इसके अलावा सेक्टर- 150 स्थित ऐस गोल्फशायर सोसाइटी में युवक भी लंदन से आया ऑडिटर के संपर्क में आकर प्रभावित हुए। इससे युवक की महिला भी संक्रमित हो गई।
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कोरोना: केवी में रखे जा सकेंगे क्वारंटीन के मरीज

विदेश से लौटे 15 लोगों को किया गया होम क्वारंटीन

तावडू। कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए विदेश से लौटे 15 लोगों को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने होम क्वारंटीन किया है। अगले कुछ दिन तक स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार इनकी स्वास्थ्य जांच करती रहेगी। तावडू पीएचसी के चिकित्साधिकारी देवेन्द्र कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली कि हाल ही में गांव बावला, कांगरका, गोयला व शहर तावडू में 15 लोग विदेश से लौटे हैं।
इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम उनके घर पर पहुंची और जांच करते हुए 14 दिनों तक उन्हें घर में एकांत में रहने के निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से इनके घरों पर होम क्वारंटीन का नोटिस भी चस्पा किया गया है। ताकि लोग इनसे मिलने में सावधानी बरते। विदेश से लौटने वालों में सऊदी अरब से 13 व नेपाल से दो लोग शामिल हैं। चिकित्सा अधिकारी के मुताबिक संक्रमण से बचने के लिए ऐसा किया गया है। उन्होंने बताया कि अभी तक कोई भी कोरोनो वायरस का पॉजिटिव मामला क्षेत्र में सामने नहीं आया है।
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नोएडा: कंपनी की लापरवाही के कारण संक्रमित हुए 13 लोग, महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज

कोरोना वायरस के संक्रमण के बाद गौतमबुद्धनगर जिले में पहला मुकदमा दर्ज किया गया है। नोएडा की सीज फायर कंपनी के खिलाफ मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने एफआईआर दर्ज कराई है। आरोप है कि कंपनी के विदेश से आए ऑडिटर के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष संपर्क में आने से 13 लोग कोरोना से संक्रमित हो गए। 

इसकी जानकारी होने के बाद भी कंपनी ने कर्मचारियों को होम क्वारंटीन नहीं किया और उन्हें आम दिनों की तरह ही काम कर बुलाना जारी रखा। गौतमबुद्ध नगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से डॉ. अनुराग भार्गव ने थाना एक्सप्रेसवे में महामारी अधिनियम 1897 के तहत एफआईआर दर्ज कराई है। 

थाना एक्सप्रेसवे प्रभारी ने बताया कि आरोप है कि कंपनी का ऑडिटर विदेश से आया था। इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को नहीं दी गई थी। साथ ही कंपनी की ओर से कर्मचारियों के लिए वो जरूरी इंतजाम भी नहीं किए गए जो कोरोना वायरस से बचाव के लिए आवश्यक थे। 

कंपनी ने कर्मचारियों को होम क्वारंटीन नहीं किया। उन्हें लगातार काम पर बुलाया गया। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक ऑडिटर के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष संपर्क में आने से 13 लोग कोरोना वारस से संक्रमित हो चुके हैं।




 
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एफआईआर एफआईआर

आप विधायक चड्ढा के खिलाफ FIR, सीएम योगी पर आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में आम आदमी पार्टी के विधायक राघव चड्ढा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वकील प्रशांत पटेल शिकायत के बाद राजेंद्र नगर विधानसभा से आप विधायक राघव चड्ढा के खिलाफ नोएडा के सेक्टर 20 थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।

बता दें कि राघव ने ट्वीट कर के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर आरोप लगाया था कि वह दिल्ली से पलायन करके उत्तर प्रदेश जा रहे लोगों को पिटवा रहे हैं। नोएडा पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद यह मुकदमा दर्ज किया है। 

चड्ढा के खिलाफ धारा 66 आईटी एक्ट व भारतीय दंड विधेयक की धारा 500, 505(2) के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है। मालूम हो कि राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी से बहुचर्चित युवा नेताओं में से एक हैं। वो इस बार हुए विधानसभा चुनावों में दिल्ली की राजेंद्र नगर सीट से जीत हासिल कर विधायक बने। इसके अलावा राघव दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष भी हैं।
 
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ग्रेटर नोएडा के अस्पताल से कोरोना संक्रमित मरीज पति-पत्नी को भगाया

एक तरफ कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में लॉक डाउन किया है वहीं दूसरी तरफ स्वास्थ्य महकमे के लोग ही संक्रमण को बढ़ावा दे रहे हैं। एक हैरान कर देने वाला मामला ग्रेटर नोएडा के जिम्स अस्पताल का  सामने आया है। कोरोना संक्रमित पति-पत्नी को अस्पताल में भर्ती करने के बाद मोहन नगर गाजियाबाद पता होने पर अस्पताल से भगा दिया और कहा कि जाकर गाजियाबाद के सरकारी असप्ताल में भर्ती हो। 

इसके बाद दंपति ग्रेटरनोएडा के अस्पताल से अपनी कार से जिला एमएमजी अस्पताल में रात 11 बजे पहुंचे। इसके बाद दोनों को भर्ती किया गया। अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. रविंद्र राणा ने बताया कि रात में फोन आया था कि दो मरीज अस्पताल में भर्ती होने जा रहे हैं, लेकिन यह नहीं बताया कि दोनों अपनी कार से जा रहे हैं। साहिबाबाद विधायक सुनील शर्मा ने सीएमएस को फोन कर मामले की जानकारी दी कि दो मरीज ग्रेटर नोएडा से आ रहे हैं। 

सीएमओ डा. एनके गुप्ता ने इस पर आपत्ति जताते हुए रात में ही शासन में शिकायत दर्ज कराई कि नोएडा व गाजियाबाद एक दूसरे से सटे हुए जिले हैं। अगर कोई मरीज जाकर भर्ती हो गया था तो इसकी सूचना सीएमओ गौतमबुद्धनगर द्वारा दी जानी चाहिए थी। अगर वह अपनी एंबुलेंस से नहीं भेज सकते थे तो हम अपने जिले से एंबुलेंस भेजकर मरीजों को लाते।

इसके बावजूद मरीजों को यह कहकर भगा दिया गया कि जाकर गाजियाबाद में भर्ती हो जाओ। दोनों पति-पत्नी स्वयं गाड़ी चलाकर पहुंचे। अब तो यह भी जांच करना मुश्किल है कि इन दोनों अस्पताल से निकलने के बाद कितने लोगों के संपर्क में आए होंगे। 

प्राइवेट लैब में हुई थी पुष्टि
सीएमओ ने बताया कि दोनों विदेश से हाल ही में लौटकर आए थे। कोरोना के लक्षण पाए जाने पर प्राइवेट लैब में जांच कराई थी। कोरोना की पुष्टि होने पर दोनों ग्रेटर नोएडा के अस्पताल में पहुंच गए थे। 

रात में कार कराई गई सैनिटाइज
सीएमओ डा. एनके गुप्ता ने बताया कि दंपती ने कार से अस्पताल पहुंच गए। जब स्टाफ ने उनसे पूछा कि कार का नंबर क्या है, कई गाड़िया खड़ी हैं। इस पर पति ने कहा कि हम दोनों से मतलब है कि या कार से। इस पर कर्मचारियों ने समझाया कि कार को भी सैनिटाइज किया जाएगा। रात में ही कार को डिस्ंक्रमित किया गया।
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जो जहां है, वहीं रहे, सरकार खिलाएगी खाना : केजरीवाल

नई दिल्ली। अगले महीने का राशन बांटना दिल्ली सरकार ने शुरू कर दिया है। शनिवार को एक हजार दुकानों पर राशन पहुंचा दिया गया है। अगले दो दिन में बाकी दुकानों से भी राशन मिलने लगेगा। सरकार करीब 71 लाख लोगों को 7.5 किलो राशन मुफ्त मुहैया कराएगी। इसके अलावा, दिल्ली के 568 स्कूलों और 238 रैन बसेरों में भी खाने की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को मीडिया से वार्ता में कहा कि बहुत सारे लोग गांव जाना चाहते हैं। इन्हें रोकने में मंत्री और विधायक लगे हुए हैं। केजरीवाल ने अपील की कि भविष्य की चिंता में लोग गांव न जाएं। दिल्ली सरकार ने सारा इंतजाम कर रखा है। दुनिया के दूसरे देशों की सीख यही है कि शहर छोड़कर जाने पर कोरोना तेजी से फैलेगा। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन के प्रिंस चार्ल्स, प्रधानमंत्री बोरिस जानसन और स्वास्थ्य मंत्री को भी कोरोना पाया गया है। दुनिया के विकसित देशों में शामिल अमेरिका, इंग्लैंड, स्पेन, इटली, फ्रांस और जर्मनी में स्थिति भयावह हो गई है।
एक विकसित देश के नामी डॉक्टर कह रहे थे कि उनके देश में इतने ज्यादा लोग बीमार हो गए हैं कि अस्पतालों में वेंटिलेटर और बेड कम पड़ गए हैं। इसलिए उन्होेंने अपने बुजुर्गों के वेंटिलेटर हटाने शुरू कर दिए, ताकि जवान लोगों को बचाया जा सके। ऐसी स्थिति से बचने के लिए प्रधानमंत्री ने पूरे देश को लॉकडाउन किया है। इसे कामयाब बनाना सबकी जिम्मेदारी है। सभी को अपने-अपने घरों में रहना है। जो जहां है, वहीं पर रहे। लॉकडाउन की वजह से सभी को बहुत सारी परेशानियां हो रही हैं, लेकिन इनको भुगत लेंगे तो इस बीमारी से हम सभी बच जाएंगे।
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जिम्स में बेड पड़े कम, कोरोना के मरीजों को भर्ती करने से इनकार

जिम्स में बेड पड़े कम, कोरोना के मरीजों को भर्ती करने से इनकार
ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध नगर में कोरोना के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अस्पतालों भी में बेडों की संख्या कम पड़ने लगी है। राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) के सूत्रों ने बताया कि बृहस्पतिवार और शुक्रवार को अस्पताल में बेडों की संख्या कम पड़ने पर कई मरीजों को भर्ती करने से मना कर दिया गया। शनिवार को स्थिति बिगड़ती देख जिम्स प्रबंधन ने तत्काल 10 बेडों की व्यवस्था की है।
कोरोना के इलाज के लिए जिले में जिम्स को नोडल सेंटर बनाया गया है। यहां उपचार के लिए 10 बेड स्थापित किए गए हैं। जिम्स से 3 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं। इसके बाद 2 संक्रमित भर्ती हुए तो मरीजों की संख्या बढ़कर फिर से 9 हो गई। जिम्स के सूत्रों ने बताया कि बृहस्पतिवार को कोरोना के दो से तीन मरीज होने की बात सामने आई। स्वास्थ्य विभाग ने जिम्स प्रबंधन से संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि अस्पताल में बेड कम हैं। सभी मरीज भर्ती नहीं किए जा सकते हैं। शुक्रवार को भी ग्रेटर नोएडा में एक और नोएडा में 2 मरीज पॉजिटिव निकले। सूत्रों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने जिम्स प्रशासन से संपर्क कर उन्हें भर्ती करने को कहा। जिम्स ने साफ कर दिया कि अस्पताल में गिने चुने बेड हैं। सभी को भर्ती नहीं किया जा सकता है। आननफानन में स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों को नोएडा के अस्पताल में भर्ती कराया।
स्वास्थ्य विभाग ने जताई नाराजगी
जिम्स अफसरों ने एक सप्ताह पहले अस्पताल में 15 बेड बढ़ाने का दावा किया था। इससे बेडों की संख्या 25 हो जाती। सूत्रों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने जिम्स स्टाफ से पूछा कि 15 बेड बढ़ाने का दावा किया तो क्यों नहीं बढ़ाए गए और इस पर नाराजगी भी जाहिर की। शनिवार को जिम्स में 10 बेड बढ़ा दिए गए। अब कुल 20 बेड अस्पताल में हैं। शनिवार को कोरोना संक्रमित 3 मरीज जिम्स में भर्ती कराए गए। आइसोलेशन वार्ड में भर्ती मरीजों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है।
अस्पताल में बेड कम थे। मरीज सीमित ही भर्ती किए जा सकते थे। शनिवार को बेडों की संख्या बढ़ा दी गई। कोई परेशानी वाली बात नहीं है।
- डॉ. राकेश गुप्ता, निदेशक, जिम्स
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एसडीएम ने निरीक्षण कर दुकानदारों को चेतावनी दी

फिरोजपुर झिरका। प्रदेश सरकार द्वारा दिए गए सख्त आदेशों के बाद एसडीएम प्रदीप कुमार ने निर्धारित मूल्यों से अधिक भाव पर घरेलू सामान बेचने वाले दुकानदारों पर शिकंजा कसने के लिए शहर के मुख्य बाजार का निरीक्षण किया।
एसडीएम ने लगभग एक दर्जन दुकानों की जांच पड़ताल की। उन्होंने दुकानों पर मौजूद ग्राहकों से भी जानकारी ली। उन्होंने बताया कि जांच का मकसद लोगों को उचित रेट पर घरेलू सामान दिलाना है।
प्रदीप कुमार ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान कोई दुकानदार महंगे दामों पर समान बेचे, यह किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने दुकानदारों को चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसा करने पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।
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आशा वर्कर को जान से मारने की धमकी

तावडू। चिलावली गांव में शनिवार को बाहर से आने वाले लोगों का सर्वे करने के दौरान कुछ लोगों ने आशा वर्कर को जान से मारने और गांव से निकालने की धमकी दी। घटना की जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और घटना के बारे में जानकारी ली। विभाग की टीम ने ग्रामीणों को समझाया कि ऐसा करना गलत है। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए बाहर से आने वाले लोगों की जानकारी लेना और जांच करना बेहद जरूरी है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से लॉकडाउन में प्रशासन का सहयोग करने की भी अपील की।
आशा वर्कर सलमा ने बताया कि गांव में करीब 25 चालक हाल ही में बाहर से आए हैं। स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार जब वह इस बारे में सर्वे करने पहुंची तो शुरुआत में तो लोगों ने अपना पूरा विवरण बता दिया। लेकिन बाद में बाहर से आए कुछ चालकों और उनके परिवार की महिलाओं ने उसके ऊपर आरोप लगाना शुरू कर दिया कि वो ऐसा कर उन्हें गांव से भगाना चाहती है। उसने लोगों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन लोगों ने उसे अपशब्द कहे।
इस घटना के बाद आशा वर्कर डरी हुई है और उसने काम करने से मना कर दिया है। आरोप है कि दबंग लोगों द्वारा उसे धमकी दी गई कि अगर प्रशासन को किसी तरह की सूचना दी या कोई भी व्यक्ति गांव से गया तो वे उसका अपहरण कर लेंगे और गांव में नहीं रहने देंगे। इस धमकी के बाद कार्यकर्ता और उसके परिजन डरे हुए हैं। घटना की सूचना मिलने पर जिला महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. बिमलेश तिवारी भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने सरपंच से बाहर से आए चालकों को बुलाकर स्वास्थ्य जांच के निर्देश दिए। लेकिन टीम के करीब एक घंटे इंतजार के बाद मात्र चार पांच ही चालक मौके पर आए। जबकि बाकी इधर-उधर छिप गए। हैरानी की बात तो यह है कि आशा कार्यकर्ता के साथ की गई अभद्रता और जान से मारने की धमकी पर भी शरारती तत्वों पर प्रशासन द्वारा किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई है।
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नोेएडा के डीएम का आदेश- किराएदारों से इस महीने मांगा किराया तो होगी एक साल की जेल

नोएडा-ग्रेटर नोएडा से हो रहे पलायन को रोकने के लिए गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी ने बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने सभी मकान मालिकों के लिए आदेश जारी किया है कि कोई भी मकान मालिक अगले एक महीने तक किसी किराएदार से किराया नहीं मांगेगा। अगर किसी मकान मालिक ने इस आदेश का उल्लंघन किया तो उसे एक साल की जेल हो सकती है।



कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए देशभर में 21 दिन के लिए किए गए लॉकडाउन के बाद से ही महानगरों से दिहाड़ी मजदूर, कंपनियों व फैक्टरियों में काम करने वाले लोग अपने मूल निवास के लिए पलायन कर रहे हैं। लोगों का यह पलायन इसलिए हो रहा है कि लॉकडाउन के चलते इनका काम बंद हो गया है और ये लोग किराया देने में असमर्थ हैं। ऐसे में कई लोगों के मकान मालिक उन्हें घर से निकाल रहे हैं, जिसके चलते इन लोगों को पलायन करना पड़ रहा है। 

इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी बीएन सिंह ने आदेश जारी किया है अगले एक महीने तक कोई मकान मालिक किराएदारों से किराया नहीं मांगेगा।

आदेश में यह भी कहा गया है कि अगर कोई भवन स्वामी इस आदेश का उल्लंघन करते हुए पाया गया तो उस पर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी। इसमें एक साल तक सजा और अर्थदंड या दोनों का प्रावाधान है।

यदि आदेश के उल्लंघन से किसी भी तरह की जान-माल की क्षति होती है तो यह सजा दो वर्ष भी हो सकती है। अगर कोई भवन स्वामी इसका उल्लंघन करता है तो प्रभावित व्यक्ति इसकी शिकायत इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम के नंबर- 0120-2544700 पर कर सकता है।
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ऐसे कैसे हारेगा कोरोनाः लॉकडाउन का चौथा दिन, बस के आते ही दौड़ पड़ते हैं लोग

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