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होमगार्ड वेतन घोटालाः नहर किनारे और जंगल में छिपाकर रखे थे मस्टर रोल, आरोपियों की आज कोर्ट में पेशी

जेपी शर्मा, अमर उजाला, नोएडा Updated Tue, 26 Nov 2019 05:42 AM IST
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होमगार्ड सैलरी स्कैम
होमगार्ड सैलरी स्कैम - फोटो : अमर उजाला
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बहुचर्चित होमगार्ड वेतन घोटाले में रिमांड पर लिए गए आरोपियों से पुलिस ने गहन पूछताछ की। चार दिन में पुलिस ने पूछताछ के अलावा आरोपियों को ग्रेटर नोएडा और मोदीनगर आदि स्थानों पर ले जाकर उनसे निशानदेही भी कराई।
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पुलिस मंगलवार को अधिकारिक रूप से मामले की जानकारी देगी लेकिन सूत्रों का दावा है कि सहायक जिला कमांडेंट सतीश और प्लाटून कमांडर व अन्य की निशानदेही पर पुलिस ने मस्टर रोल आदि की बरामदगी कर ली है। इन्हें नहर किनारे और जंगल में छिपाकर रखा गया था। कुछ अन्य आरोपियों के नाम और घोटाले की रकम के संबंध में भी अहम जानकारी मिली है। आज सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
22 नवंबर को पुलिस ने पांचों आरोपियों, तत्कालीन जिला कमांडेंट (अब मंडलीय कमांडेंट, अलीगढ़) रामनारायण चौरसिया, सहायक जिला कमांडेंट सतीश चंद और अवैतनिक प्लाटून कमांडर सत्यवीर यादव, शैलेंद्र कुमार व मोंटू कुमार को गिरफ्तार कर कोर्ट से 10 दिन की रिमांड मांगी थी। पुलिस ने अदालत को बताया था कि प्राथमिक पूछताछ में आरोपियों ने मस्टर रोल आदि छिपाकर रखने की जानकारी दी है।
मई और जून 2019 दो माह में 28 होमगार्ड के 309 दिन का फर्जी मस्टर रोल तैयार कर वेतन हड़पने की बात भी कबूल की थी। अदालत ने पांच दिन की रिमांड मंजूर की थी। रिमांड के दौरान पुलिस ने आरोपियों को एक साथ बिठाकर और अलग-अलग कमरे में रखकर भी पूछताछ की।

सूत्रों के मुताबिक पुलिस के आलाधिकारियों ने भी आरोपियों से गहन पूछताछ कर घोटाले की परतें खोलने का प्रयास किया। इसी कड़ी में आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाने के लिए उनके बताए अनुसार मोदीनगर में गंगनहर के किनारे झाड़ियों और ग्रेटर नोएडा में एलजी गोलचक्कर के पास जंगल व अन्य स्थानों पर निशानदेही भी कराई गई। यहां से मस्टर रोल की बरामदगी भी की है।

आग के संबंध में ठोस जानकारी नहीं
पुलिस सूत्रों की मानें तो जिला कमांडेंट कार्यालय में रखे मस्टर रोल आदि दस्तावेज में आग के संबंध में आरोपियों से कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है। हालांकि पुलिस को कुछ अन्य ठोस सुराग मिले हैं, जिनसे पुलिस जल्द अन्य आरोपियों तक पहुंचने का दावा कर रही है। इधर, लखनऊ की टीम ने जांच के दौरान वर्ष 2018-19 के दस्तावेज कब्जे में लिए थे। पुलिस ने अब इन दस्तावेज की मूल प्रति टीम से ले ली है। हालांकि लखनऊ की टीम ने इन दस्तावेज की फोटो कॉपी अपने पास रख ली है।

जिला कमांडेंट दफ्तर में दस्तावेज जलाने के मामले की जांच चल रही है। बीएसए दफ्तर पर सीसीटीवी कैमरा लगा था लेकिन वह रिकार्डिंग नहीं कर रहा था। अन्यथा आरोपी अब तक पकड़ा जाता। पुलिस को कुछ ठोस सुराग मिले हैं। जल्द आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा। रिमांड पर मिली सूचनाओं के बारे में मंगलवार को जानकारी दी जाएगी।
- विनीत जायसवाल, एसपी सिटी
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