राजन बाबू टीबी अस्पताल से मरीजों को जबरन छुट्टी, डॉक्टर आज से हड़ताल पर

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Updated Thu, 22 Oct 2020 05:43 AM IST
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उत्तरी निगम के खिलाफ प्रदर्शन करते डॉक्टर...
उत्तरी निगम के खिलाफ प्रदर्शन करते डॉक्टर... - फोटो : amar ujala

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कई माह से वेतन नहीं मिलने के कारण उत्तरी निगम के खिलाफ चल रहा डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन अब गंभीर रूप लेता नजर आ रहा है। बुधवार को एशिया के सबसे बड़े राजन बाबू टीबी अस्पताल से गंभीर मरीजों को छोड़कर अन्य सभी को जबरन छुट्टी दे दी गई। वहीं, हिंदूराव और कस्तूरबा गांधी अस्पताल में करीब दो सप्ताह से मरीजों के उपचार पर असर पड़ रहा है।
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डॉक्टरों ने बृहस्पतिवार से भूख हड़ताल पर बैठने और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। इससे पहले बुधवार को हिंदूराव, कस्तूरबा गांधी और राजन बाबू टीबी अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन के साथ अस्पताल परिसर में ही रैलियां निकालीं।
यह तीनों अस्पताल उत्तरी दिल्ली नगर निगम के अधीन हैं। निगम ने कर्मचारियों को कई माह से वेतन नहीं दिया है। इसे लेकर डॉक्टर, नर्सिंग कर्मचारी, पैरामेडिकल आदि विरोध जता रहे हैं।
राजन बाबू के एक डॉक्टर ने बताया कि बुधवार को अस्पताल में भर्ती मरीजों को छुट्टी दे दी गई, जबकि गंभीर मरीजों को आपातकालीन वार्ड में शिफ्ट कर दिया है। आपातकालीन सेवाओं को प्रभावित किए बगैर स्वास्थ्य कर्मचारी प्रदर्शन करेंगे।

हिंदूराव अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन अध्यक्ष डॉ. अभिमन्यु का कहना है कि तीनों अस्पतालों के डॉक्टर बृहस्पतिवार सुबह जंतर-मंतर पर विरोध मार्च निकालेंगे। इसके बाद उनके कुछ साथी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर जाएंगे।

अस्पताल की डॉ. अंकिता तोमर का कहना है कि पिछले कई माह से वेतन न मिलने की वजह से परिवार का पालन मुश्किलों भरा हो गया है। निगम से बार-बार अपील के बाद भी सुनवाई नहीं होती है। निगम के अधिकारियों का वेतन समय पर मिल रहा है, लेकिन डॉक्टरों को वेतन नहीं दिया जा रहा है। इसलिए उनके पास हड़ताल के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है। 

दूसरी तरफ स्वास्थ्य कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन के चलते मरीजों के उपचार पर बुरा असर पड़ रहा है। हिंदूराव अस्पताल को पहले ही कोविड की सूची से बाहर कर दिया है, जबकि अब कस्तूरबा गांधी अस्पताल में उपचार कराने आ रहीं गर्भवती महिलाओं को दिक्कत हो रही है। इसी अस्पताल में थैलेसीमिया रोगियों को भी उपचार दिया जाता है।

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