ईद पर भी सूनी रह गई जामा मस्जिद, सोशल मीडिया से दी गई मुबारकबाद

डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 25 May 2020 06:43 PM IST
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Eid Namaz
Eid Namaz - फोटो : Amar Ujala

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सार

  • कोरोना संक्रमण पर धार्मिक नेताओं की अपील का दिखा असर, मस्जिदों, बाजारों से लोगों ने बनाई दूरी, घर पर ही पढ़ी नमाज
  • दिल्ली के दूसरे मुस्लिम बहुल इलाकों और बाजारों में भी भीड़भाड़ रही बहुत कम

विस्तार

कोरोना वायरस के कारण मुस्लिम समाज के लोगों ने सोमवार को ऐसी ईद मनाई, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। दिल्ली की एतिहासिक जामा मस्जिद ईद के दिन भी बंद रही और इसके गेट पर ताले लटके रहे, जबकि ईद के दिन यहां समाज के पचास हजार लोग एक साथ इकट्ठे होकर नमाज पढ़कर देश-दुनिया में शांति और अमन के लिए प्रार्थना किया करते थे।

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यह तस्वीर पूरे दिन मीडिया की सुर्खियां बटोरती थी। लेकिन आज जामा मस्जिद के हिस्से में भी सूनापन ही नजर आया। दिल्ली के दूसरे मुस्लिम बहुल इलाकों और बाजारों में भी बहुत कम भीड़भाड़ रही और लोगों ने शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करते हुए त्योहार मनाया।
शाहीन बाग, जामिया नगर और जाकिर नगर जैसे इलाकों में भी अपेक्षा से बहुत कम ही लोग बाहर निकले। लोगों ने अपने घरों में रहकर परिवार के सदस्यों के साथ ही नमाज अदा की। ईद की मुबारकबाद देने के लिए भी लोगों ने सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म्स का ही सहारा लिया।
खुदाई खिदमतगार के संयोजक फैसल खान ने अमर उजाला से कहा कि वे खुदा से प्रार्थना करते हैं कि ईद का ऐसा दिन फिर कभी न आए। जिस दिन लोगों से मिलने-जुलने का सिलसिला खत्म नहीं होता था, आज उस दिन उन्हें अपने सेंटर में अपने चंद साथियों के साथ बिल्कुल अकेले गुजारना पड़ा।

शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करते हुए उन्होंने अपने चंद साथियों के साथ नमाज अता की। इसके बाद आसपास के इलाके में गरीबों को ईद का उपहार बांटा। लेकिन इसके बाद भी गतिविधियां बहुत सीमित रहीं और सभी लोगों ने अपने-अपने घरों में रहकर ही ईद का त्योहार मनाया।

मुस्लिम बहुल इलाके जामिया नगर और जाकिर नगर में भी बहुत कम संख्या में ही लोग सड़कों पर बाहर निकले। जनहित विकास संस्था के जनरल सेक्रेटरी नासिर सिद्दीकी ने कहा कि शनिवार को ही समुदाय के धाार्मिक नेताओं ने लोगों से शारीरिक दूरी बरतते हुए ईद मनाने की अपील की थी।

इसे ध्यान रखते हुए अधिकांश लोगों ने भीड़भाड़ से दूरी बनाए रखी। इलाके की प्रमुख मस्जिद में भी चंद लोगों ने प्रतीकात्मक तौर पर नमाज अदा की जबकि सामान्य लोगों ने अपने-अपने घरों में ही नमाज पढ़ी।

लॉकडाउन की शुरुआत से ही जनहित विकास संस्था लोगों को सूखा राशन और तैयार भोजन बांटती आ रही है। आज ईद के दिन भी उनका यह काम जारी रहा। ईद के दिन अपेक्षाकृत आर्थिक तौर पर पिछड़े समुदाय के लोगों के बीच जाकर सूखा राशन, तैयार भोजन और सेंवईं के लिए सामान वितरित किया गया।

सोशल मीडिया ने दिया भाई-चारे के संदेश का पैगाम

अनेक कार्यों की तरह ईद के दिन लोगों ने आपसी हाल-चाल जानने के लिए सोशल मीडिया का ही सहारा लिया। सुबह से ही अनेक प्रकार के भाईचारे के संदेश लोगों के सोशल एकाउंट पर आने लगे।

कबीर सिद्दीकी कहते हैं कि इस बार सोशल मीडिया से ही लोगों से मिलने-मिलाने का काम हुआ। व्हाट्सएप, फेसबुक और ट्विटर से ही उन्होंने अपने प्रियजनों और दोस्तों से अपनी भावनाओं का इजहार किया।

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