प्रत्यारोपण से पहले 24 घंटे तक सुरक्षित रह सकेगा लिवर, देश में पहली बार नई तकनीक का इस्तेमाल

ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 10 May 2018 07:35 PM IST
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liver transplant - फोटो : अमर उजाला

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अक्सर लिवर दान करने के बाद डॉक्टरों के पास उसके प्रत्यारोपण करने का वक्त बहुत कम रहता है। यही वजह है कि जब भी किसी अस्पताल में प्रत्यारोपण होता है तो दिल्ली पुलिस ग्रीन कॉरिडोर बनाती है। लेकिन अब प्रत्यारोपण से पहले लिवर को 24 घंटे तक न सिर्फ सुरक्षित रखा जा सकेगा, बल्कि मशीन के जरिए लिवर की उपयोगिता का पता भी चल सकेगा। देश में पहली बार इस नई तकनीक की शुरुआत हो चुकी है।  
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गुरुवार को राजधानी के एक होटल में आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस में मेदांता अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर एएस सोइन ने तकनीकी को लेकर बताया कि प्रत्यारोपण से पहले लिवर को रक्त चढ़ाकर यह देखा जा सकता है कि वह मरीज के लिए फिट है या नहीं।


लिवर की क्षमता को बढ़ाने की इस तकनीक का नाम नोर्मोथर्मिक मशीन परफ्यूजन है। डॉ. सोइन ने बताया कि इस मशीन की खासियत है कि एक बार लिवर दान में लेने के बाद उसकी कमियों को दूर करने के लिए यह मशीन सहायक भूमिका निभाती है।    
  
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पिछले महीने देश में पहली बार हुआ तकनीक का इस्तेमाल

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