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चंद्र ग्रहण में छोटा सा दान, बनाएगा धनवान : 5 जून 2020
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चंद्र ग्रहण में छोटा सा दान, बनाएगा धनवान : 5 जून 2020

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Digital Edition

53 करोड़ की धोखाधड़ी में दिल्ली का ज्वैलर गिरफ्तार

सीबीआई ने दिल्ली निवासी ज्वैलर, गिन्नी गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड और उसके पांच निदेशकों को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को 53 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया। 

अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि कंपनी के साथ-साथ, सीबीआई ने मामले में उसकी गारंटी देने वाली कंपनी एसकेजी डोर्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके दो निदेशकों, बैंक के पैनल अधिवक्ताओं का भी नाम लिया है। 

सीबीआई के प्रवक्ता आरके गौड़ ने बताया कि सोने / हीरे जड़ित आभूषणों के विनिर्माण और व्यापार में लगी उक्त उधार लेने वाली कंपनी पर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, ईस्ट पटेल नगर, नई दिल्ली से नकद ऋ ण की सुविधा और बैंक गारंटी और क्रेडिट सीमा की अतिरिक्त सीमा को पार कर लेने का आरोप है। 

उन्होंने बताया कि गारंटी देने वाली कंपनी ने क्रेडिट सुविधाओं के लिए बेची गई संपत्तियों के स्वामित्व विलेख गिरवी रखे थे। उक्त आरोपी (कर्जदार कंपनी) ने कर्ज की रकम नहीं लौटाई और उस को एनपीए घोषित किया गया, जिससे बैंक को 53 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
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गिरफ्तार... गिरफ्तार...

दिल्ली में एक दिन में मिले 1359 कोरोना मरीज, 22 की मौत, कुल संख्या 25 हजार के पार

राजधानी में कोरोना संक्रमण अब खतरनाक रूप ले चुका है। बीते 24 घंटे में 1359 नए पॉजिटिव केस आए हैं और 22 मरीजों की मौत के बाद कुल मामलों की संख्या 25 हजार के पार पहुंच गई है। राहत की बात यह रही कि गुरुवार को विभिन्न अस्पतालों से 356 मरीजों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। 

दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, अब कुल संक्रमितों की संख्या 25004 हो गई है, जबकि 650 मरीजों की मौत हो चुकी है। हेल्थ बुलेटिन में गुरुवार को 44 मौत बताई गई है। हालांकि, इसमें से 22 मामले ही बीते 24 घंटो के हैं। अन्य, 22 वे मौतें हैं, जो पहले हुई थी, लेकिन अस्पतालों ने जानकारी अब उपलब्ध कराई है।    
 



विभाग के अनुसार दिल्ली के कोविड समर्पित अस्पतालों में कोरोना के मरीजों के लिए 8386 बेड और 408 वेटिलेटर उपलब्ध हैं। इनमें से अब तक 3306 बेड और 307 वेटिलेटर भर चुके हैं। वहीं, कोविड हेल्थ सेंटर में 177और कोविड केयर सेंटर में 987 मरीजों का इलाज चल रहा है। इनमें हेल्थ सेंटर में 285 और कोविड केयर सेंटर में 5292 मरीजों को रखने की क्षमता है।

59 इलाके कंटेनमेंट जोन से बाहर, 163 सील
अनलॉक-1 में कंटेनमेंट जोन की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। दिल्ली में फिलहाल 163 कंटेनमेंट जोन हैं। सबसे ज्यादा 31-31 कंटेनमेंट जोन उत्तरी और दक्षिण पश्चिमी जिले में हैं। इसी तरह दक्षिणी व दक्षिण-पूर्व में 27-27 कंटेनमेंट जोन हैं।

अधिकारियों का कहना है कि कोरोना वायरस का संक्रमण मिलने से बीते 48 घंटों में कंटेनमेंट जोन बढ़ते जा रहे हैं। फिलहाल 163 इलाके सील है, जबकि पिछले दिनों 147 इलाके दिल्ली में सील किए गए थे।
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अस्पताल के बाहर संक्रमित की मौत से उठे सवाल, प्रशासन ने कहा- आने से पहले ही हो चुकी थी मौत

लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल (एलएनजेपी) के बाहर बृहस्पतिवार को कोरोना संक्रमित मरीज की मौत के बाद मृतक की बेटी ने अस्पताल प्रबंधन पर मरीज को समय से भर्ती नहीं करने का आरोप लगाया। उधर, अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों से इनकार करते कहा है कि मरीज को यहां मृत लाया गया था। 

मृतक के दामाद मनदीप सिंह ने कहा कि 31 मई को उनके ससुर की तबीयत खराब हुई थी। इसके बाद उन्हें सर गंगाराम अस्पताल लेकर गए थे, जहां कोरोना की जांच करने के बाद उनसे कहा गया कि अब अस्पताल न आएं। जांच रिपोर्ट ऑनलाइन मिल जाएगी। एक जून को जांच रिपोर्ट में कोरोना की पुष्टि हुई। इसके बाद एम्स और सफदरजंग अस्पताल में संपर्क किया, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने बिस्तर न होने का हवाला देकर इलाज से मना कर दिया।

सुबह करीब 6 बजे वह मरीज को एलएनजेपी अस्पताल ले गए। आरोप है कि वहां उनसे कहा गया कि यह सर गंगाराम अस्पताल का केस है। करीब एक घंटे तक वे एलएनजेपी अस्पताल की इमरजेंसी के पास ही खड़े रहे। इस दौरान वह और उनकी पत्नी मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मरीज की हालत बेहद खराब हुई तो अस्पताल से एक चिकित्साकर्मी स्टेचर पर ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर आया, लेकिन तब तक उनके ससुर दम तोड़ चुके थे।
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दिल्ली : निजी अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित होंगे 20 फीसदी बेड

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने निजी अस्पतालों में 20 प्रतिशत बेड को कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित करने निर्देश दिया है। इसका उद्देश्य यह है कि अन्य रोगों के मरीजों को यदि कोरोना हो तो कोई भी अस्पताल उनके इलाज से इनकार न कर सके। अगर 20 प्रतिशत बेड सुरक्षित करने में लॉजिस्टिक दिक्कत होगी तो पूरे अस्पताल को कोरोना डेडिकेटेड अस्पताल घोषित कर दिया जाएगा। दिल्ली सरकार ने निजी अस्पतालों को एक दिन का समय दिया है।

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने संयुक्त प्रेस कान्फ्रेंस में बताया कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का साफ कहना है कि सबकी जान बचाना सरकार की प्राथमिकता है। कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं।

इसलिए कोरोना डेडिकेटेड अस्पतालों की संख्या बढ़ाई जा रही है। पांच सरकारी व तीन प्राइवेट अस्पतालों को कोरोना आरक्षित बनाया गया है। 61 प्रमुख निजी अस्पतालों के 20 प्रतिशत बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित करने का निर्देश दिया गया है। ऐसे अस्पताल अब अन्य रोगों वाले कोरोना मरीजों के इलाज से इनकार नहीं कर सकते हैं।

सिसोदिया ने यह भी कहा कि बहुत से अस्पतालों ने इसे मान लिया है। कुछ अस्पतालों ने मिक्स सिस्टम में असमर्थता जताई है। ऐसे अस्पतालों को कल (शुक्रवार) तक का समय दिया गया है। जिन अस्पतालों को मिक्स सिस्टम में दिक्कत होगी तो उन्हें कोरोना आरक्षित अस्पताल घोषित कर दिया जाएगा। मूलचंद, गंगाराम और सरोज को कोराना डेडिकेटेड अस्पताल बनाया गया है।
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दिल्ली हिंसा : दिलबर नेगी हत्याकांड में पुलिस ने दायर की चार्जशीट 

सत्येंद्र जैन (बाएं) और मनीष सिसोदिया (दाएं)
दिल्ली हिंसा के दौरान हुए गोकुलपुरी हत्याकांड मामले में पुलिस ने गुरुवार को चार्जशीट दायर की। पुलिस ने 26 फरवरी को दिलबर नेगी का शव क्षत-विक्षत स्थिति में बृजपुरी के अनिल स्वीट हाउस में पाया था।

दिल्ली हिंसा की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) की टीम ने 07 मार्च को दिलबर नेगी नाम के युवक की हत्या के आरोप में शाहनवाज को गिरफ्तार किया था। दिलबर नेगी दिल्ली हिंसा में मारा गया था और इसका शव शिव विहार के अनिल स्वीट हाउस में 26 फरवरी को क्षत-विक्षत अवस्था में मिला था।

गोकुलपुरी थाना पुलिस ने शाहनवाज के खिलाफ आईपीसी की धारा 147/148/149/302/201/436/427 के तहत एफआईआर दर्ज की थी। दिलबर नेगी उन लोगों में से है जिसकी हत्या हिंसा के दौरान सबसे ज्यादा क्रूरता से की गई थी।

दिलबर नेगी (22) अनिल स्वीट हाउस में वेटर के रूप में काम करता था। दंगाइयों ने अनिल स्वीट हाउस में बुरी तरह तोड़फोड़ कर दी थी। साथ ही उन्होंने दिलबर की हत्या कर उसके दोनों हाथ तक काट दिए थे। दिलबर का शव 26 फरवरी को अनिल स्वीट हाउस के दूसरे फ्लोर पर मिला था।

शाहनवाज पर आरोप है कि उसने साथियों संग मिलकर 24 फरवरी के दिन शिव विहार तिराहा के पास के कई दुकानों में तोड़फोड़ और पत्थरबाजी की। साथ ही कई दुकानों को आग के हवाले कर दिया। शाहनवाज ने एक बुक स्टोर और मिठाई की दुकान के गोदाम में घुसकर तोड़फोड़ के बाद दोनों दुकानों को आग लगा दी।

इन्हीं दुकानों में से एक मिठाई की दुकान में काम करने वाले दिलबर सिंह का शव पुलिस को 26 तारीख को मिला था। शव के दोनों हाथ कटे हुए थे। एक प्रत्यक्षदर्शी ने शाहनवाज को 24 फरवरी के दिन भीड़ को भड़काने वाले मुख्य शख्स के रूप में पहचाना है।
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सामने आया दिल्ली हिंसा का मरकज कनेक्शन, आरोपी फारुक के कॉल डिटेल से हुआ खुलासा

दिल्ली हाईकोर्ट का आदेशः राजधानी में न रहे कोई भूखा, सरकार करे सुनिश्चित

दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि राजधानी में कोई भी व्यक्त भूखा न रहे। इसके लिए अदालत ने उन्हे जन कल्याण योजनाओं के लाभ और बढ़ाने के आदेश दिए। 

चीफ जस्टिस डीएन पटेल औक जस्टिस प्रतीक जालान की खंडपीठ ने दोनों सरकार को लॉकडाउन के दौरान चालू की गई जनकल्याण योजनाओं को बाद में भी जारी रखने के निर्देश दिए हैं। 

दरअसल, एक एनजीओ ने याचिका में आरोप लगाया था कि खाद्यान्न आदि समेत बांटी जा रही कोरोना वायरस राहत किट का लाभ बिना राशन कार्ड के नहीं दिया जा रहा। याचिका में आगे कहा गया कि आधार और वोटर आईडी कार्ड धारक भी इन लाभों के लिए पूरी तरह योग्य हैं। 

सरकार ने दिया जवाब
इस पर दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट में बताया कि अनाज वितरण में राशन कार्डधारकों व बिना कार्ड वालों के बीच कोई भेदभाव नहीं किया जा रहा है। दिल्ली सरकार सुनिश्चित कर रही है कि कोविड-19 संकट के बीच कोई भी भूखा न रहे। 

चीफ जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस प्रतीक जैन की पीठ को वीडियो कांफ्रेंसिंग से मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल संजय जैन और दिल्ली सरकार के अतिरिक्त स्टैंडिंग काउंसिल अनुज अग्रवाल ने बताया किलोगों को बड़े स्तर पर अनाज और पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया गया है। इसमें राशन कार्ड धारक और बिना कार्ड वाले लोगों में कोई भेदभाव नहीं किया गया। 

उन्होंने बताया कि जगह जगह पर भूख राहत केंद्र बनाए गए हैं जहां कोई भी जाकर मुफ्त खाना प्राप्त कर सकता है। इसके लिए राशन कार्ड की जरूरत नहीं है। इसके अलावा केंद्र और दिल्ली सरकार की ओर से कई योजनाएं भी चलाई जा रही हैं ताकि कोई भूखा नहीं रहे। मुख्यमंत्री कोरोना सहायता योजना इनमें से एक है जिसके तहत जरूरतमंदों को मुफ्त खाने के कूपन दिए जाते हैं।  
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दिल्ली एम्स के सैकड़ों कर्मी 15 से हड़ताल की तैयारी में, निदेशक को दी चेतावनी

कोरोना काल में दिल्ली एम्स के सैंकड़ों कर्मचारियों ने मास लीव पर जाने की तैयारी कर ली है। बुधवार को एम्स के निदेशक को चेतावनी भरा ईमेल भेजते हुए कर्मचारियों ने आगामी 10 जून को मास लीव और 15 जून से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा की है। 

दरअसल विभिन्न मांगों को लेकर एम्स में नर्सिंग यूनियन पिछले कई दिनों से विरोध दर्ज करा रही है। 29 मई को भी यूनियन की ओर से प्रबंधन को शिकायत की थी लेकिन आरोप है कि उनकी मांगों पर सुनवाई न होने की वजह से अब उनके पास हड़ताल के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
कोरोना वायरस को लेकर किसी भी अस्पताल में यह पहली सबसे बड़ी हड़ताल हो सकती है।

एम्स के नर्सिंग कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले तीन दिन से एम्स निदेशक कार्यालय में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। 1 जून से वह हर दिन निदेशक कार्यालय में जाते हैं ताकि उनकी सुनवाई हो सके लेकिन अब तक किसी भी अधिकारी ने उनकी मांग पर चर्चा नहीं की है। 

इससे पहले भी कई बार एम्स प्रबंधन को पत्र व्यवहार करते हुए कोरोना योद्धाओं की मांगों के बारे में बता चुके हैं लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। इसलिए बुधवार को यूनियन की ओर से निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया को ईमेल करते हुए 10 जून को मास लीव पर जाने और 15 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल करने की जानकारी दी गई है।


ड्यूटी चार घंटे करने की मांग 
ड्यूटी 4 घंटे करने समेत अन्य मांगों को लेकर नर्सिंग यूनियन का प्रदर्शन एम्स प्रशासन के खिलाफ लगातार तीसरे दिन बुधवार को भी जारी रहा। कर्मचारियों ने एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया के नाम एक पत्र भी लिखा है जिसमें उन्होंने कई मांगें रखी हैं। 

कर्मचारियों का कहना है कि उनकी ड्यूटी छह के बदले 4 घंटे की जाए। साथ ही रोटेशन पॉलिसी के तहत उनकी ड्यूटी लगाई जाए। यूनियन के अध्यक्ष हरीश काजला ने बताया कि कोविड-19 वार्ड में स्वास्थ्य कर्मचारी पीपीई किट पहनकर लगातार छह घंटे से आठ घंटे तक काम कर रहे हैं। इससे कई कर्मचारियों की सेहत खराब हो गई है, खासतौर पर महिला कर्मियों की।
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Delhi-NCR Live: दिल्ली में कोरोना वायरस के 1359 नए मामले आए सामने, गौतमबुद्धनगर में 22 पॉजिटिव

दिल्ली में कोरोना वायरस के 1359 नए मामले आए सामने 
दिल्ली में गुरुवार को कोरोना वायरस के 1359 मरीज सामने आए हैं। जबकि 22 लोगों की मौत हुई। अबतक कोरोना वायरस से राजधानी में 650 लोगों की मौत हो चुकी है। इसी के साथ दिल्ली में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 25004 हो  गई है।  

गौतमबुद्धनगर में 22 नए मामले 
गौतमबुद्धनगर में गुरुवार को कोरोना के 22 नए मामले सामने आए हैं। इसी के साथ कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 543 हो गई है। 

नोएडा प्रधिकरण के ओएसडी समेत तीन कर्माचारी पॉजिटिव 
गुरुवार को नोएडा प्राधिकरण के एक ओएसडी समेत तीन कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। ओएसडी को जिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ओएसडी के अलावा दो कर्मचारी अलग-अलग विभाग के हैं।

दक्षिण दिल्ली जिला प्रशासन ने स्थापित किया निगरानी केंद्र
दक्षिण दिल्ली जिला प्रशासन ने जिले में कोरोना वायरस की स्थिति पर प्रभावी निगरानी के लिए पुष्प विहार के एक स्कूल में केंद्र स्थापित किया है। एडीएम अरुण गुप्ता ने कहा कि हम मरीजों को चिकित्सा सहायता और सलाह प्रदान करने के लिए दैनिक डेटाबेस तैयार करते हैं।

शकूरबस्ती रेलवे स्टेशन पर 10 आइसोलेशन कोच तैनात 
 


उत्तरी रेलवे के सीपीआरओ दीपक कुमार ने जानकारी दी है कि रेलवे ने कोरोना वायरस रोगियों के उपचार में सहायता के लिए शकूरबस्ती रेलवे स्टेशन पर 10 आइसोलेशन कोच तैनात किए हैं। इन कोच में 160 बहुत हल्के, हल्के या बिना लक्षण वाले 160 मरीजों को भर्ती किया जा सकता है। 

राम मनोहर लोहिया अस्पताल में समय से नहीं आ रही जांच रिपोर्ट : सत्येंद्र जैन 
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने गुरुवार को कहा कि डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में कोरोना जांच रिपोर्ट समय से नहीं दी जा रही है। 70 प्रतिशत लोगों  की मौत अस्पताल पहुंचने के 24 घंटों के अंदर हो रही है, क्योंकि उनकी जांच रिपोर्ट 5-7 दिन बाद आ रही है। ये बिल्कुल गलत है, जांच रिपोर्ट 24 घंटों के भीतर आ जानी चाहिए। 

उन्होंने कहा कि हालहीं में आरएमएल अस्पताल ने एक दिन में 94 प्रतिशत सैंपल पॉजिटिव बताए थे। जब दोबारा जांच की गई तो 45 प्रतिशत सैंपल निगेटिव पाए गए।  सत्येंद्र जैन ने कहा कि उन्होंने इसके लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन सिंह से बात की है।

दिल्ली में पांच नए इलाके कंटेनमेंट जोन की सूची में शामिल 
 दिल्ली में पांच नए इलाकों को कंटेनमेंट जोन की सूची में शामिल किया गया है। राजधानी में अब कुल कंटेनमेंट जोन की संख्या बढ़कर 163  हो गई है। अब तक 59 इलाकों को कंटेनमेंट जोन की सूची से बाहर किया गया है। 

दिल्ली-एनसीआर के लिए जारी हो सिर्फ एक पासः सुप्रीम कोर्ट
देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए राहत भरा फैसला दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एनसीआर के लोगों को बॉर्डर सीलिंग के चलते काफी परेशानी होती है, ऐसे में इनके लिए दिल्ली, हरियाणा और यूपी सरकार एक ही पास जारी करे।

दिल्ली में पर्याप्त मात्रा में बेड के इंतजामः सत्येंद्र जैन
दिल्ली सरकार में स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन से जब कोरोना दिल्ली एप में दिखाए जा रहे अस्पतालों के बेड की संख्या में गड़बड़ी के बारे में पूछा गया तो वह बोले कि जब से एप लॉन्च हुआ है, तब से बहुत से लोग बेड को लेकर पूछताछ कर रहे हैं लेकिन इसमें असली यूजर कम हैं। यह एक तरह की विंडो शॉपिंग जैसी है। दिल्ली में तीन और अस्पतालों को कोविड अस्पताल बनाया गया है, बेड की कोई कमी नहीं होगी।

पलवल में सामने आए 10 नए मामले
फरीदाबाद से सटे पलवल में आज कोरोना के 10 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही यहां संक्रमितों की कुल संख्या 88 हो गई है।

दिल्ली की सीमाओं पर लगा जाम
दिल्ली की सीमाओं पर जगह-जगह जाम लगा है। पुलिस लोगों के पास या पहचान पत्र देखने के बाद ही उन्हें दिल्ली की सीमा में प्रवेश दे रही है। वहीं कई सीमाओं पर सख्ती कम भी है। प्रत्येक वाहन चेक न करके किसी-किसी की चेकिंग की जा रही है, जिससे जाम की स्थिति नहीं है।
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