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दिल्लीः ऑनलाइन क्लास न कर पाने वाले बच्चों के लिए कांस्टेबल बने सहारा, मंदिर में ले रहे क्लास

दिल्ली पुलिस का एक कांस्टेबल कोरोना काल में जरूरतमंद बच्चों के लिए मदद का बड़ा हाथ बनकर सामने आया है। कांस्टेबल ने कोरोनाकाल के दौरान गरीब और जरूरतमंद...

20 अक्टूबर 2020

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Digital Edition

दिल्ली-एनसीआर में स्मॉग से राहत नहीं, हवा बहुत खराब, कल से सुधार की उम्मीद

दिल्ली-एनसीआर शनिवार को भी स्मॉग की चादर में लिपटा रहा। हवा में प्रदूषक कणों से लोगों को आंखों में जलन, सिर दर्द और सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि शुक्रवार के मुकाबले वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में कुछ सुधार हुआ, फिर भी हवा बेहद खराब श्रेणी से बाहर नहीं निकल पाई। 

हरियाणा का धारूहेड़ा 380 एक्यूआई के साथ देश में सबसे प्रदूषित रहा, वहीं फरीदाबाद (367) एनसीआर के प्रदूषित शहरों में पहले और देश में दूसरे स्थान पर रहा। राजधानी दिल्ली में औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक शुक्रवार के मुकाबले 21 अंकों की गिरावट के साथ 345 दर्ज किया गया, लेकिन अलीपुर में 432, मुंडका में 427 और वजीरपुर में 409 तक पहुंच गया। इस लिहाज से इन तीनों इलाकों में हवा लगातर दूसरे दिन गंभीर श्रेणी में रही। सफर का पूर्वानुमान है कि सोमवार को प्रदूषण से कुछ राहत मिल सकती है।

सफर के मुताबिक सतह पर चलने वाली हवाओं के शांत पड़ने से प्रदूषक वातावरण में टिक गए हैं। इससे लोगों को स्मॉग से राहत नहीं मिल पा रही है। हवा की खराबी की अहम वजह सतह पर चलने वाली हवाओं का शांत हो जाना है। इससे दिल्ली के आसमान में फैले प्रदूषक दूर-दूर तक नहीं जा पा रहे हैं। हवाओं की चाल में 26 अक्तूबर से तेजी आएगी। इस बीच गुणवत्ता सुधरने की उम्मीद है।

पराली के धुएं का हिस्सा हुआ कम
पंजाब, हरियाणा व पड़ोसी  इलाकों में शनिवार को पराली जलाने के 1292 केस दर्ज किए गए थे। दिल्ली पहुंचने वाली हवाओं की दिशा पछुआ होने के बावजूद इनकी चाल कम रही। इससे प्रदूषण में पराली के धुएं का हिस्सा सिर्फ 9 फीसदी हिस्सा ही रहा। जबकि शुक्रवार को 15 फीसदी से ऊपर था।

देश के  5 सबसे प्रदूषित शहर
शहर                 एक्यूआई
धारूहेड़ा            380    
फरीदाबाद              367                             
ग्रेटर नोएडा            358                
गाजियाबाद             356                                              
नोएडा                    347
(आंकड़े सीपीसीबी के मुताबिक शाम 4 बजे तक)
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बैंक से 20 करोड़ की धोखाधड़ी में चार परिजन गिरफ्तार, दो महिलाए भी शामिल

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने बैंक से 20 करोड़ की धोखाधड़ी के आरोप में एक ही परिवार की दो महिलाओं समेत चार को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने संपत्ति के फर्जी दस्तावेज बनाकर कई बैंकों से पैसे लिए थे। शुक्रवार को आरोपियों की पहचान अश्वनी अरोड़ा और विजय अरोड़ा के तौर पर हुई है। मामले में दोनों की पत्नियों को भी गिरफ्तार किया गया है। चारों के खिलाफ वर्ष 2016 में बैंक की तरफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। जिस संपत्ति पर कर्ज लिया था उसका दिल्ली मेट्रो ने अधिग्रहण किया था।

आर्थिक अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त डॉ. ओपी मिश्रा ने शनिवार को बताया कि वर्ष 2016 में शिकायत दर्ज कराई गई थी कि एक ही संपत्ति का फर्जी दस्तावेज तैयार कर एक परिवार के कई सदस्यों ने कर्ज लिया है। इस संबंध में पंजाब एंड सिंध बैंक ने शिकायत दर्ज कराई थी। फ्रेंड्स कॉलोनी में स्थित संपत्ति का मालिक विजय और उसकी पत्नी ने बताया गया था। जबकि अश्वनी गारेंटर बने थे। उसी प्रकार जब अश्वनी ने कर्ज लिया तो अपनी पत्नी को गारेंटर बनाया। उन्होंने बताया कि जब छानबीन की गई तो पता चला कि इस संपत्ति पर अन्य बैंकों से भी लोन लिया गया है। 

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि संपत्ति को गिरवी पर रख लोन लेने के लिए फर्जी दस्तावेज बनवाते थे। पूछताछ में पता चला कि इन आरोपियों ने बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, सिंडिकेट बैंक, कर्नाटक बैंक और इंडिया ओवरसीज बैंक से भी लोन लिया था। इन सभी बैंकों सेे इन आरोपियों ने करीब 20 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था । धोखाधड़ी करने के लिए आरोपियों ने कई फर्जी पहचान पत्र बनवाए थे। आरोपियों ने उस संपत्ति पर भी लोन ले लिया था, जिसे दिल्ली मेट्रो रेल ने अधिग्रहण कर लिया है। कर्ज लेने के बाद आरोपी लगातार ठिकाने बदल लेते थे। 
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जनरेटर छोड़िए ...अब बैटरी से मिलेगी बिजली, 20 साल तक नहीं होगी खराब

अब अस्पताल, घर, गांव, सोसायटी, भवन आदि में बिजली के लिए जनरेटर का प्रयोग नहीं करना पड़ेगा। आईआईटी दिल्ली के वैज्ञानिकों की टीम ने पांच साल के शोध के बाद वेनेडियम रिडोक्स फ्लो बैटरी (वीआरएफबी) तैयार की है। यह बैटरी वेनेडियम इलेक्ट्रोलाइट नामक केमिकल से काम करती है और 20 साल तक खराब नहीं होगी। खास बात यह है कि इस बैटरी से किसी प्रकार का प्रदूषण नहीं होगा।

आईआईटी दिल्ली के डिपार्टमेंट ऑफ केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. अनिल वर्मा के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर समेत अधिकतर शहरों के लोग इन दिनों प्रदूषण से परेशान हैं। बढ़ते प्रदूषण के कारण जनरेटर के प्रयोग पर भी रोक लगा दी जाती है। क्योंकि, जनरेटर चलाने के लिए डीजल का प्रयोग होता है और इससे ध्वनि और वायु प्रदूषण होता है। जनरेटर पर रोक लगने के चलते बिजली की कमी का भी सामना करना पड़ता है। इसी परेशानी को देखते हुए पांच साल पहले जनरेटर के बिना बिजली पाने का विकल्प तलाशने पर काम शुरू हुआ। डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी से इस शोध के लिए फंड मिला था। आईआईटी दिल्ली ने शोध पूरा करने में मदद की।

ऐसे काम करेगी बैटरी
प्रो. वर्मा के मुताबिक, वीआरएफबी में वेनेडियम इलेक्ट्रोलाइट नामक केमिकल डाला जाता है। सोलर पावर के माध्यम से इसे चार्ज किया जाएगा। यह डीसी पावर बैटरी होगी। इसे डीसी से पावर इलेक्ट्रानिक सर्किट की मदद से एसी में तब्दील करके घरों, अस्पताल, गांव, भवन आदि में प्रयोग किया जा सकेगा। इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्ज करने में भी इसका प्रयोग संभव होगा। इस शोध के लिए राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पेटेंट के लिए भी आवेदन किया है।

केमिकल कभी नहीं होता खराब या खत्म
प्रो. वर्मा ने बताया कि कार, स्कूटर, इनवर्टर में प्रयोग होने वाली बैटरी दो से तीन साल चलती है। बीआरएफबी की लाइफ 20 साल तक होगी। इसमें डाला जाने वाला वेनेडियम इलेक्ट्रोलाइट केमिकल कभी खराब नहीं होता है। 20 साल के बाद जब बैटरी की लाइफ खत्म हो जाएगी तो उस समय इस केमिकल का जो भी मार्केट रेट रहेगा, उसके आधार पर उपभोक्ता को दाम भी मिलेगा।

बिजली की खपत आधार पर तय होंगे दाम
बिजली की प्रतिदिन की खपत के आधार पर बैटरी के दाम तय होंगे। इसके अलावा 20 सालों में खपत बढ़ने पर उसमें बदलाव भी हो सकेगा। उदाहरण के तौर पर एक घर में यदि दिनभर में 12 घंटे बिजली की जरूरत है। ऐसे में दो से पांच यूनिट बिजली की जरूरत होगी। इसके आधार पर बैटरी में केमिकल डाला जाएगा। लैबलाइज कॉस्ट ऑफ एनर्जी (एलसीओई) तकनीक से यदि उसका दाम तय किया जाए तो उपभोक्ता को 10 रुपये प्रति यूनिट का खर्चा आएगा, जबकि अन्य तकनीक का प्रयोग करने पर 25 से 30 रुपये प्रति यूनिट का खर्चा आता है।
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विदेश जाने वाले यात्री अब एयरपोर्ट पर करवा सकेंगे कोविड जांच, पहुंचना होगा सात-आठ घंटे पहले

इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से विदेश जाने वाले यात्रियों को कोविड-19 जांच के लिए अब अस्पतालों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। दिल्ली एयरपोर्ट पर ही उन्हें आरटीपीसीआर जांच की सुविधा मिलेगी और 4-6 घंटे में रिपोर्ट भी मिल जाएगी। अभी तक विदेश से आने वालों की जांच की सुविधा ही थी। अब यात्री प्रस्थान से ठीक पहले खुद ही कोरोना जांच करवा सकेंगे। 

नियमों के तहत अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वालों को कोरोना जांच कराना अनिवार्य है। कोविड-19 निगेटिव रिपोर्ट आने पर ही विमान में यात्रा की अनुमति दी जाती है। अब यह सुविधा एयरपोर्ट स्थित लैब में ही मिलेगी। इसके लिए यात्री को एयरपोर्ट पर निर्धारित उड़ान से 7-8 घंटे पहले पहुंचना होगा। 

उल्लेखनीय है कि दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डीआईएएल) ने जेनेस्ट्रिक्स डायग्नोस्टिक सेंटर के सहयोग से एयरपोर्ट के टर्मिनल-थ्री के मल्टी स्टोरी कार पार्किंग क्षेत्र में 12 सितंबर को कोरोना जांच सुविधा शुरू की थी। यात्री इस लैब में जाकर अपना टेस्ट कराते थे। अब यह सुविधा विदेश जाने वाले यात्रियों को भी दी जाएगी।
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DU 3rd Cut off List: दिल्ली विश्वविद्यालय ने जारी की तीसरी कट ऑफ लिस्ट

covid check
दिल्ली विश्वविद्यालय की तीसरी कट ऑफ जारी हो गई है। इस कट ऑफ में कई नामी कॉलेजों में इकोनॉमिक्स, बीकॉम व बीकॉम ऑनर्स में दाखिले का मौका है। इन कोर्सेज केलिए तीसरी कट ऑफ अब भी काफी ऊंची है। वहीं इस कट ऑफ इतिहास, राजनीति व फिलॉस्फी ऑनर्स में दाखिले केअवसर कम हो गए हैं। लेडी श्रीराम कॉलेज ने अब भी साइकोलॉजी की कट ऑफ सब कॉलेजों में सबसे अधिक 99.50 फीसदी निकाली है। तीसरी कट ऑफ में औसतन कॉलेजों ने 0.25 फीसदी से लेकर 2 फीसदी तक की गिरावट की है।

हाई कट ऑफ केकारण इकोनॉमिक्स ऑनर्स में अब भी 21 कॉलेजों में दाखिले का अवसर है। इस कोर्स केलिए सर्वाधिक कट ऑफ एसआरसीसी की 98.75 फीसदी की है। जबकि अन्य कैंपस कॉलेजों में हंसराज ने 97.75, हिंदू ने 98, मिरांडा ने 98, रामजस ने 98फीसदी, किरोड़ीमल ने 97.50 फीसदी कट ऑफ निकाली है। जबकि लेडीश्रीराम कॉलेज में इस कोर्स केलिए 98.25 फीसदी पर दाखिले का मौका है। नामी कॉलेजों की जगह कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडी, दिल्ली कॉलेज ऑफ आट्र्स एंड कॉमर्स, दयाल सिंह, गागी, आईपी, कमला नेहरु, मैत्रेयी, सत्यवती, सत्यवती ईवनिंग, शिवाजी, श्यामाप्रसादमुखर्जी, गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज, जाकिर हुसैन कॉलेज में दाखिले बंद हो गए हैं।

बीकॉम ऑनर्स की बात करें तो कुल 37 कॉलेजों में ऊंची कट ऑफ पर इस कोर्स में दाखिला लिया जा सकता है। इस कोर्स के लिए सर्वाधिक कट ऑफ लेडीश्रीराम ने 98.25 फीसदी निकाली है। जबकि एसआरसीसी की कट ऑफ 98.12 फीसदी है। कैंपस कॉलेजों में हिंदू में 98, रामजस में 97.50 और किरोड़ीमल में 97.75 फीसदी पर दाखिला हो जाएगा।

साइकोलॉजी ऑनर्स की कट ऑफ की बात करें तो लेडीश्रीराम की कट ऑफ अब भी सबसे अधिक 99.50 फीसदी है। दौलतराम कॉलेज में इस कोर्स के लिए कट ऑफ 98 फीसदी है। आईपी, कमला नेहरु, केशव महाविद्यालय मातासुदंरी जैसे कॉलेज में इस कोर्स केदाखिले बंद हो गए हैं। उल्लेखनीय है की डीयू की 70 हजार सीट पर अब तक 52, 183 दाखिले हो चुके हैं। 
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कोरोना का असर तो दिखा, लेकिन नवरात्रों में भक्ति के रंग में डूबी रही दिल्ली

नवरात्रों में कोरोना संक्रमण के डर पर भक्ति का रंग भारी पड़ता दिखा। इस दौरान राजधानी के मंदिरों में धीरे-धीरे भक्तों की संख्या बढ़ती रही और नवरात्रों के अंत तक काफी अधिक संख्या में भक्तों ने मां के दर्शन किये। इस दौरान मंदिरों में भक्तों के सेनेटाइजेशन और शारीरिक दूरी बनाए रखने का पर्याप्त ध्यान रखा गया।

छतरपुर मंदिर के एक कर्मचारी ने बताया कि पूरे नवरात्रों में भक्तों का आना लगातार बना रहा। अष्टमी की तिथि तक यह काफी बढ़ गया है। हालांकि, अन्य नवरात्रों की तुलना में यह काफी कम रहा है। संक्रमण के खतरे को देखते हुए केवल एक ही द्वार से भक्तों को प्रवेश करने दिया जा रहा था जहां कि पूरे शरीर को सेनेटाइज करने की मशीन की व्यवस्था की गई थी।

मंदिर में भक्तों को कोई माला-प्रसाद चढ़ाने की अनुमति नहीं थी, लिहाजा लोग केवल दर्शन कर माता का पूजन कर पा रहे थे। इस दौरान भक्तों को पैकेट बंद प्रसाद ही दिया गया। सामान्य नवरात्रों में मंदिर के भंडारे में प्रतिदिन डेढ़ से दो लाख भक्त प्रसाद ग्रहण करते थे, लेकिन इस बार भंडारे प्रसाद का समय घटाकर केवल 12 बजे से दो बजे और शाम को सात बजे से नौ बजे तक कर दिया गया था।

झंडेवालान मंदिर के प्रमुख प्रशासक नंदकिशोर सेठी ने बताया कि मंदिर परिसर में संक्रमण को रोकने की पूरी व्यवस्था लागू है। मंदिर में प्रवेश से पहले और मुख्य भवन में प्रवेश के पहले दो बार लोगों को सेनेटाइज करने का प्रावधान किया गया है। भक्तों की संख्या अधिक होने को ध्यान में रखतेे हुए तीन तरफ से मंदिर में प्रवेश दिया जा रहा है।

संक्रमण के डर से मंदिर आने वाले भक्तों की संख्या में कुछ कमी तो जरूर आई है, लेकिन इसके बाद भी भारी संख्या में भक्त मंदिर पहुंचे और मां झंडेवालान देवी का दर्शन किया। भक्तों के बीच मान्यता है कि अष्टमी के दिन माता गौरी का ध्यान कर यहां दर्शन करने से हर मनोकामना पूर्ण होती है।

कालकाजी मंदिर को खोलने के बाद भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए बंद करना पड़ा तो वहीं बिरला मंदिर में भक्तों को मां के दर्शन का लाभ मिला। हालांकि यहां भी अन्य नवरात्रों की भांति धर्म कथा का आनंद भक्तों को नहीं मिल पाया।
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दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा, अब नहीं बढ़ेगी कैदियों की अंतरिम जमानत और पैरोल अवधि

हाईकोर्ट ने कहा कि कोरोना महामारी के मद्देनजर कैदियों को दी गई अंतरिम जमानत व पैरोल की अवधि अब नहीं बढ़ाई जाएगी। यह निर्देश देते हुए पीठ ने 25 मार्च 2020 के अपने उस आदेश को वापस ले लिया, जिसके तहत कैदियों की अंतरिम जमानत व पैरोल अवधि समय-समय पर बढ़ाई गई थी। हाईकोर्ट ने कहा कि पूर्व आदेश से प्रभावित हुए बिना फैसला लें।

मुख्य न्यायाधीश डी.एन. पटेल, सिद्धार्थ मृदुल और तलवंत सिंह की विशेष पीठ ने अंतरिम जमानत पर चल रहे 2318 विचाराधीन कैदियों को 2 नवंबर से 13 नवंबर के बीच संबंधित जिला अदालतों में आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। पीठ ने पेरोल पर जेल से रिहा होने वाले सभी कैदियों को राहत देने हुए उनकी अंतरिम जमानत व पैरोल की अवधि 31 अक्तूबर तक बढ़ा दी थी। 

हालांकि, हाईकोर्ट ने इन कैदियों को संबंधित अदालत में अपनी अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने के लिए अर्जी दाखिल करने की छूट दी है। अदालत को तथ्यों के आधार पर विचार करने के लिए कहा। वहीं पीठ ने इसके अलावा हाई पावर कमेटी से अनुरोध किया है कि वह समिति की सिफारिशों के आधार पर अंतरिम जमानत पर रिहा हुए 2,907 कैदियों के संबंध में 10 दिनों के भीतर निर्णय लें।

हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा था कि महामारी के मद्देनजर कैदियों को दी गई अंतरिम जमानत और पैरोल की अवधि बढ़ाने वाले आदेश को अब खत्म करना चाहिए, क्योंकि राजधानी की जेलों में संक्रमितों की संख्या महज 3 रह गई है। हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी उस अर्जी पर सुनवाई के दौरान की थी, जिसमें 13 जुलाई और 24 जुलाई के आदेशों को वापस लेने व संशोधित करने की मांग की गई है। 

पीठ ने कहा था कि अब कोरोना का अध्याय समाप्त होना चाहिए, इन लोगों को आत्मसमर्पण करने दें या वापस जेल जाएं। पीठ ने कहा कि हमने महामारी को देखते हुए आदेश पारित किया था, हमारे आदेश का जेल की भीड़ को कम करने से ज्यादा कोई और मकसद नहीं है। 
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दिल्ली-एनसीआर में गंभीर स्तर पर पहुंचा वायु प्रदूषण, आज और कल नहीं राहत की उम्मीद

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के आंकड़ों के अनुसार राजधानी के कई इलाकों में वायु की गुणवत्ता गंभीर स्थिति में पहुंच गई है। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार आज अलीपुर, मुंडका और वजीरपुर में एक्यूआई बेहद गिर गया है। इन हालात में स्वस्थ व्यक्ति की सेहत पर तो असर होता ही है, जिन्हे पहले से कोई बीमारी है उन लोगों पर गहरा असर पड़ता है। 

शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार सुबह से ही स्मॉग की घनी चादर छाई रही। वायु गुणवत्ता सूचकांक में बृहस्पतिवार के मुकाबले एकाएक उछाल आने से दिल्ली, गुरुग्राम के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 400 को पार कर गया, जो कि गंभीर श्रेणी में आता है। उधर, देश के पांच सबसे प्रदूषित शहरों में ग्रेटर नोएडा तीसरे व नोएडा पांचवें स्थान पर रहा। ग्रेटर नोएडा में एक्यूआई 381 व नोएडा का 369 दर्ज किया गया। भिवाड़ी 390 एक्यूआई के साथ पहले और धारुहेड़ा (385) दूसरे स्थान पर रहा।

गुरुग्राम में औसत एक्यूआई 344 और सुबह सात बजे सेक्टर-151 में 401 दर्ज किया गया। दिल्ली में बीते दिन के मुकाबले 60 अंकों के उछाल के साथ शाम चार बजे तक औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 366 पर रहा, लेकिन अलीपुर में 447, शादीपुर में 441, मुंडका में 419, वजीरपुर 432, आनंद विहार 405, बवाना 413, विवेक विहार 422, रोहिणी 401, जहांगीरपुरी 418 व पटपड़गंज 415 दर्ज किया गया। इसी तरह गाजियाबाद के लोनी में एक्यूआई 386, संजय नगर में 331, इंदिरापुरम में 305 तथा वसुंधरा में 377 दर्ज किया गया।

सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फॉर कास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) का पूर्वानुमान है कि शनिवार और रविवार को वायु गुणवत्ता गंभीर स्तर में जा सकती है। इसे देखते हुए पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम एवं नियंत्रण) प्राधिकरण (ईपीसीए) भी जरूरत के हिसाब से कदम उठाने को तैयार है। सफर का पूर्वानुमान है कि अगले दो दिनों तक हवा की चाल में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा।

ईपीसीए की अपील, मास्क जरूर पहनें
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर ईपीसीए ने कहा कि शनिवार को कुछ देर के लिए दिल्ली-एनसीआर की हवा गंभीर स्तर पर प्रदूषित हो सकती है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि 25 अक्तूबर को हवा की दिशा बदलने पर प्रदूषण पर क्या असर पड़ेगा। इस वक्त प्रदूषण रोकने के सभी विकल्पों पर सख्ती से काम करना है  और लोगों को प्रदूषण से बचने के लिए मास्क जरूर पहनना चाहिए।

कहां कितना रहा औसत एक्यूआई
 शहर             23 अक्तूबर  22 अक्तूबर
फरीदाबाद        360             315
ग्रेटर नोएडा     381             328            
दिल्ली             366             306        
नोएडा             369             308
गुरुग्राम             334            215                
गाजियाबाद        344            318
(आंकड़े सीपीसीबी के मुताबिक शाम 4 बजे तक)
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दिल्ली परिवहन निगम में महिला कर्मियों को 180 दिन का मातृत्व अवकाश

दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के भूमि विकास के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंपनी (पीएमसी) के तौर पर राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम (एनबीसीसी) को जोड़ने का निर्णय लिया है। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत की अध्यक्षता में आयोजित डीटीसी की बैठक में यह निर्णय लिया गया। डीटीसी में कार्यरत महिला कर्मियों को 180 दिनों के मातृत्व अवकाश के प्रावधान को भी बैठक में मंजूरी दी गई।

शादीपुर आवासीय कॉलोनी, वसंत विहार डिपो और हरि नगर आवासीय कॉलोनी के साथ साथ हरि नगर डिपो-एक और दो को विकसित करने के लिए एनबीसीसी के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) को मंजूरी दे दी गई है। इसके तहत डीटीसी के आवासीय परिसर के साथ डिपो भी विकसित किए जाएंगे। राजस्व बढ़ाने के लिए डीटीसी की ओर से टर्मिनल के व्यावसायिक इस्तेमाल की संभावनाएं तलाशने का निर्णय लिया गया।

परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि बोर्ड ने दो मल्टी स्टोरी बस डिपो सहित दो आवासीय कॉलोनियों को एनबीसीसी के सहयोग से विकसित करने की स्वीकृति दे दी है। इससे परिवहन और बुनियादी ढांचे में भी सुधार होगा।

सुधरेगी डीटीसी की वित्तीय सेहत
इस योजना के लागू होने से निगम की वित्तीय सेहत में सुधार के लिए बसों की पार्किंग बढ़ाने, मल्टी-लेवल बस पार्किंग डिपो, डीटीसी की आवासीय कॉलोनियों का विकास, डिपो और टर्मिनलों में व्यावसायिक गतिविधियों के लिए संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
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