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3 अक्टूबर 2019

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दिल्ली-एनसीआर

रविवार, 29 मार्च 2020

लॉकडाउनः नोएडा वासी खाद्य सामग्री की दिक्कत हो तो इन नंबरों पर करें फोन

लॉकडाउन के चलते बाजार बंद होने के कारण लोगों को खाने की सामग्री की दिक्कत नहीं हो इसके लिए आपूर्ति विभाग ने जनपद के अधिकारियों के फोन नंबर जारी किए हैं। शिकायत मिलने पर अधिकारी समस्या का हल करेंगे। खाद्य सामग्री के मिलने में परेशानी होने पर लोग इन अधिकारियों से कॉल करके जानकारी ले सकते हैं।

सुशील कुमार तिवारी                   क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी    7982051590
धर्मेंद्र कुमार वर्मा                            पूर्ति निरीक्षक            9452500632
अखिलेश  द्विवेदी                            पूर्ति निरीक्षक            7704881888
दिव्या जिंदल                                  पूर्ति निरीक्षक            8860369083
चतर सिंह                                      पूर्ति निरीक्षक            8368646289
शिव कुमार                                    पूर्ति निरीक्षक            8368459366
शुभी श्रीवास्तव                                पूर्ति निरीक्षक            8130901242
शैलेंद्र वर्मा                                     पूर्ति निरीक्षक            8802579608
आशिफ अली                                                              8287399248
सचिन कुमार शर्मा                                                       798281950
विपिन कुमार                                                              9871032736
अविनाश                                                                    7078535252
नेहा चंद्रा                                                                    9528222431
भुवन चंद्रा                                                                   9868363131
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आईडी कार्ड देखने पर ही जरूरी ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को बस में प्रवेश, मायूस लौटे फैक्टरी कर्मी 

लॉकडाउन की अनदेखी के बढ़ते सिलसिले को देखते हुए रविवार सुबह से ही डीटीसी की बसें डिपो वापस भेज दी गईं। कुछ बसें अगर सड़कों पर दिखीं भी तो आईडी कार्ड देखने के बाद ही जरूरी ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को प्रवेश करने दिया गया। कुछ घंटे के लिए शनिवार को मिली राहत के बाद बसें भीड़ न बढ़े इसे देखते हुए बसों में आम यात्रियों को प्रवेश नहीं करने दिया गया। इस दौरान सड़क पर बसों की संख्या काफी कम रही।

एनसीआर के शहरों से यूपी जाने के लिए सैकड़ों कामगार अपने घरों से निकल पड़े। लेकिन बसें न मिलने की वजह से उन्हें कई किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा। रास्ते में भी पुलिस कर्मियों और स्वयंसेवी संस्थाओं की तरफ से पैदल चलने वालों को खाना खिलाया गया ताकि कोई भूखा न रहे।

सुबह करीब 11 बजे द्वारका सहित कुछ अन्य डिपो से बाहर निकलने वाली बसों को रास्ते में ही ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने खाली करवाने के बाद वापस डिपो भेज दिया। द्वारका सेक्टर-एक से पालम के बीच करीब 11 किलोमीटर के दायरे में डीटीसी और क्लस्टर की पांच-छह बसें दिखीं, जिनमें अधिकतर सीटें इसलिए  खाली थी क्योंकि महत्वपूर्ण ड्यूटी में तैनात कर्मियों के अलावा किसी यात्री को इसमें सवार नहीं होने दिया गया।

लॉकडाउन के बाद डीटीसी की संचालित होने वाली बसों में केवल आईडी कार्ड दिखाने पर ही जरूरी ड्यूटी पर तैनात अस्पताल, पुलिस और जल बोर्ड सहित जरूरी महकमे के कर्मियों को ही बस में यात्रा करने दिया जा रहा था।

लॉकडाउन तक कहीं न जाने की ठानी
गुरुग्राम की फैक्ट्री में काम करने वाले तीन दोस्त प्रदीप, अनिल और मोहित ने बताया कि उन्हें उत्तर प्रदेश के बहराईच के लिए जाना था। लेकिन कश्मीरी गेट से ही बसों को डिपो के लिए भेज दिए जाने की वजह से उन्हें 40 से अधिक किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। धौला कुंआ से दोबारा कापसहेड़ा के लिए लौटते हुए तीनों दोस्तों ने कहा कि अभी भी 15 किलोमीटर के करीब पैदल चलना है। लेकिन अब लॉकडाउन खत्म होने से पहले कहीं न जाने की ठान ली है। 
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दिल्ली लॉकडाउन में फंसे लोगों को लेकर दो बसें गईं पंजाब

लॉकडाउन के दौरान दिल्ली में फंसे पंजाब के लोगों के लिए रविवार को दो बसें रवाना की गई। दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (डीएसजीएमसी) अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा व महासचिव हरमीत सिंह कालका ने बताया कि रविवार सुबह मजनूं का टीला से इन दो बसों को रवाना किया गया।

उन्होंने बताया कि पंजाब के बहुत सारे लोग गुरु धाम के दर्शन करने दिल्ली पहुंचे थे। अचानक हुए लॉकडाउन के कारण वे दिल्ली में फंस गए थे। इन्हें ही यहां से भेजा गया है। उन्होंने कहा कि पंजाब के अन्य फंसे लोगों के लिए भी इंतजाम किया जाएगा।

उधर, पंजाब जाने के लिए बस की सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में लोग मजनूं का टीला पहुंच गए थे। बताया गया है कि भारी भीड़ देखकर एक ड्राइवर बस लेकर चला गया। यहां बचे लोगों के पास प्रशासन की टीम पहुंची और सभी को कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे से अवगत कराया। उनके मजनूं का टीला गुरुद्वारे की सराय में ही रहने की व्यवस्था की गई है।

उधर, जागो पार्टी ने कमेटी पर आरोप मढ़ा है कि देश कोरोना संक्रमण की चपेट में है और कमेटी सूझ-बूझ नहीं दिखा रही है। जागो पार्टी के नेता परमिंदर पाल सिंह ने कहा कि सुबह 5 बजे से ही लोग एकत्र हो गए थे।
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दिल्लीः शाहीन बाग के फर्नीचर मार्केट में लगी आग, एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पाया गया काबू

शाहीन बाग इलाके में रविवार को एक फर्नीचर की दुकान में देर रात अचानक आग लग गई। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटे देखकर दुकान मालिक समेत मोहल्ले के लोगों ने पुलिस समेत दमकल विभाग को घटना की सूचना दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची दमकल चार गाड़ियों ने आग पर एक घंटे में काबू पा लिया। इस हादसे में किसी भी जनहानि की सूचना नहीं है। दमकल अधिकारी जांच कर आग लगने की वजहों की जांच कर रहे हैं।

शाहीन बाग में असलम खान की एक फर्नीचर की दुकान में देर शाम अचानक किसी वजह से आग लग गई। आग ने दुकान में रखे लकड़ी के फर्नीचर को अपने चपेट में ले लिया। आग की लपटे देखकर इलाके में लोग घरों से बाहर निकल कर आ गए। पहले तो लोगों ने खुद ही आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की ऊंची लपटे देखकर लोगों ने दमकल विभाग को घटना की सूचना दी। 

इस सूचना पर पहले तो दमकल की दो गाड़िया मौके पर पहुंच गई। आग बढ़ने के बाद दमकल की दो अतिरिक्त गाड़ियों को भी घटनास्थल पर बुलाना पड़ा। एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग को बुझा लिया गया। हालांकि आग की लपटों में अगल-बगल की दूसरी दुकाने भी आ गई थीं, जिस पर वक्त रहते काबू पा लिया गया। पुलिस का कहना है कि आग लगने से हुए नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।
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शाहीन बाग के फर्नीचर मार्केट में लगी आग शाहीन बाग के फर्नीचर मार्केट में लगी आग

दिल्ली से बाहर नहीं जाएंगी डीटीसी बसें, अनावश्यक आवाजाही को रोकने के लिए पुलिस आयुक्त ने दिए आदेश

दिल्ली में लॉकडाउन के बाद से ही प्रवासी मजदूरों का पलायन जारी है। कोरोना वायरस के मद्देनजर जब लोगों को एक दूसरे से हर वक्त उचित दूरी बना कर रखने की अपील की जा रही है, वहीं एक साथ हजारों की संख्या में मजदूरों के इकट्ठा होने से संक्रमण का खतरा भी बढ़ रहा है, साथ ही नियमों का उल्लंघन भी हो रहा है।

पलायन के कारण बिगड़े हालात को काबू में करने के लिए दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रिवास्तव ने रविवार सुबह सख्त आदेश जारी किए हैं। उन्होंने आदेश दिया कि दिल्ली से उत्तर प्रदेश जाने वाले प्रवासियों की बड़ी आबादी की आवाजाही को पूरी तरह से रोका जाए। इसके लिए अतिरिक्त बल की जरूरत हो तो उनका भी प्रयोग किया जाए।

उन्होंने आदेश दिया कि रेलवे ट्रैक और मेट्रो स्टेशन के आस-पास किसी तरह की आवाजाही नहीं होनी चाहिए। मालूम हो कि प्रवासियों की बड़ी आबादी रेलवे ट्रैक के माध्यम से पैदल की अपने गांवों को निकल रही है। उनकी आवाजाही को भी पूरी तरह से बंद करने के आदेश दिए गए हैं।

पुलिस आयुक्त ने आदेश में स्पष्ट लिखा है कि सभी एसएचओ, एजीपी और डीजीपी आज इलाकों में गश्त करेंगे। इस दौरान उनके साथ पैट्रोलिंग गाड़ियां भी होंगी, जिनसे लगातार इस बात की घोषणा करवाई जाएगी कि दिल्ली में काम करने वाले सभी मजदूरों को सरकार उनका पूरा वेतन देगी। उन्हें कहीं जाने की जरूरत नहीं है। आदेश में पुलिस अधिकारियों से पलायन करने वाले मजदूरों को कोरोना वायरस के संक्रमण के बारे में जागरूक कराने को भी कहा गया है।
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लॉकडाउनः शहरों में सब्जियों के दाम आसमान पर, मंडियों में हो रही बर्बाद, देखें रेट लिस्ट

कोरोना वायरस के कारण 21 दिन का लॉकडाउन होने से जनजीवन थम गया है। आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सब कुछ बंद है। लॉकडाउन के कारण जहां शहरों में सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं, तो वहीं मंडी में पहुंचने वाली सब्जियां सड़ रही हैं। कारण है लॉकडाउन और पुलिस के डर से सब्जी विक्रेता मंडियों तक पहुंच ही नहीं रहे। लॉकडाउन के बीच दिल्ली की गाजीपुर मंडी की हालत बेहद खराब है। इसके साथ-साथ आजादपुर मंडी, ओखला मंडी, दरियागंज आदि मंडियों में भी हालत दयनीय हैं। 

गाजीपुर मंडी के व्यापारी फरमान ने बताया कि मुंबई से शिमला मिर्च का ट्रक आया था, लेकिन मांग न होने और लोगों के मंडी न पहुंचने के कारण लाखों रुपये की शिमला मिर्च सड़ने लगी है। साथ ही हजारों किलो कद्दू, गोभी, घिया भी उठान न होने के कारण सड़ गया है। फरमान ने बताया कि सब्जियां न बिकने के कारण उन्हें पशुओं को खिलाना पड़ रहा है। मांग न होने के कारण किसान सब्जियों को मंडी में यूं ही छोड़कर खाली हाथ लौट रहे हैं।

आढ़तियों से ज्यादा किसान परेशान
आढ़त संख्या 133 के खालिद ने बताया कि उनके यहां ट्रक भरकर आया टमाटर सड़ गया। किसान इस टमाटर की फसल को असम से ट्रक में भरकर मंडी लाए थे और इसकी कीमत ढाई लाख रुपये थी साथ ही 70 हजार रुपये ट्रक का किराया था। मांग न होने के कारण किसान 25 हजार रुपये लेकर लौट गया और खालिद की आढ़त पर रखा टमाटर सड़ गया तो उसे गाय को खिलाना पड़ा। 

खालिद ने बताया कि उनकी आढ़त पर करीब पंद्रह टन सब्जी सड़ चुकी है, जिसमें कटहल, टमाटर, बैंगन, मटर शामिल है। सब्जी बिकी नहीं इसलिए किसानों को पैसा नहीं दिया गया। आढ़त संख्या 153 के शिवम ने बताया कि मंडी में ग्राहक पहुंच ही नहीं रहे हैं, जबकि किसान अपना माल मंडी में डालकर जा रहे है और बिना पैसा लिए ही सब्जी पहुंचा रहे हैं। किसानों का कहना है कि खेत में भी सड़ ही रही है, यहां सड़ जाएगी तो क्या हो जाएगा। गाजीपुर मंडी में यूपी के कई जिलों के अलावा, जयपुर और हरियाणा के किसान भी सब्जी बेचने आते हैं।
 
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गुरुग्राम में हुआ बड़ा सड़क हादसा, एक महिला समेत पांच लोगों को ट्रक ने कुचला

सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टर ने बताया, कई मरीजों में देखने को मिल रहा माइल्ड कोरोना

accident
अभी तक कोरोना के काफी मरीज भर्ती हुए हैं लेकिन हर किसी की एक जैसी स्थिति नहीं है। कई में कोरोना का काफी माइल्ड संक्रमण देखने को मिला है। सफदरजंग अस्पताल में अब तक 16 मरीज ठीक किए जा चुके हैं। जब मरीज पहली बार आता है तो वह काफी घबराया होता है। उसे लगता है कि पता नहीं क्या बीमारी उसे लग गई? वह सोचता है कि बच नहीं पाएगा लेकिन अस्पताल आने के बाद मरीज की काउंसलिंग की जाती है। 

उन्हें बताया जाता है कि दो चार दिन में जांच इत्यादि करने के बाद निगेटिव रिपोर्ट मिलने पर उन्हें घर भेज दिया जाएगा। मरीजों से दिन में हर 2 से चार घंटे बाद डॉक्टर नर्स मिलने जाते हैं। ताकि उनका आत्मविश्वास बना रहे।

यही वजह है कि सफदरजंग अस्पताल में अब तक काफी मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं। ये कहना है डॉ. नितिश गुप्ता का। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मन की बात करते हुए डॉ. गुप्ता ने बताया कि लोगों को खौफ में आने की जरूरत नहीं है। सावधानी बरतने व बचाव के नियमों का पालन करना चाहिए। 

उन्होनें कहा कि जैसे सीमा पर सेना डटी हुई है वैसे ही डॉक्टर भी कोरोना की जंग से लडने के लिए डटे हुए हैं। सफदरजंग अस्पताल में तीन आइसीयू वार्ड भी संचालित किए जा रहे हैं। अब 800 बेड की क्षमता वाले पूरे सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक को कोरोना अस्पताल में तब्दील किया जा रहा है। जिसमें करीब 100 आइसीयू बेड उपलब्ध कराने की तैयारी है। ये देश का सबसे बड़ा कोरोना नोडल केंद्र है। यहां कोरोना इलाज के लिए विभिन्न विभागों के डॉक्टरों की एक टीम बनाई है जिसके नोडल अधिकारी डॉ. नितिश गुप्ता हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हम जो भी मांग रहे हैं सरकार वह उपलब्ध करा रही है। डॉक्टर अपने कर्तव्य निभाने में लगे हैं।
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बुलंदशहर में पाया गया पहला कोरोना पॉजिटिव, पीड़ित के घर से तीन किलोमीटर तक का क्षेत्र कंटेन्मेंट जोन घोषित

क्षेत्र के गांव वीरखेड़ा का रहने वाला एक युवक कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। युवक को तत्काल प्रभाव से सीएचसी खुर्जा में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। साथ ही युवक के परिवार के आठ सदस्यों को इंस्टिट्यूशनल क्वारंटीन खुर्जा भेजा जा रहा है। 

मिली सूचना के अनुसार युवक गांव में अपने परिवार के साथ रहता है। वहां से वह नोएडा स्थित सीजफायर फैक्टरी में काम करने जाता था। कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के कारण युवक के घर से चारों तरफ तीन किलोमीटर के क्षेत्र को कंटेन्मेंट जोन घोषित कर दिया गया है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा इस जोन के अंदर घर जाकर लोगों का स्वास्थ्य जांच की जाएगी एवं किसी को वायरल फीवर या कोरोना के अन्य लक्षण पाए जाने पर आवश्यक इलाज किया जाएगा। बता दें कि जनपद में 101 व्यक्ति होम क्वारंटीन में हैं। यह युवक बुलन्दशहर का पहला व्यक्ति है जो कोरोना पॉजिटिव है।
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संकट में लॉकडाउन...पांच लाख से ज्यादा लोगों का दिल्ली से पलायन, हालात चिंताजनक

दिल्ली से पांच लाख से ज्यादा लोग दो दिन में यूपी में दाखिल हो चुके हैं। रोकने की तमाम कोशिशें काम न आने के बाद यूपी सरकार एक हजार बसें लगाकर उन्हें गंतव्य तक पहुंचा रही है। शुक्रवार व शनिवार रात भर बसें लगाकर लोगों को पहुंचाने का इंतजाम करना पड़ा। उधर, उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ देर रात तक हालात की मॉनिटरिंग करते रहे। 

योगी की नसीहत...केजरीवाल का अनुरोध... नीतीश की चिंता
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विभिन्न राज्यों में काम करने वाले यूपी के लोग आजीविका वाले स्थान पर रहें। यात्रा उन्हें व परिवार सहित अन्य लोगों को खतरे में डाल सकती है। 

वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली-यूपी सरकार की बसों की व्यवस्था है। हमारी अपील है कि लोग जहां हैं, वहीं रहें। उनके खाने-रहने की व्यवस्था है। 

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि लोगों के लिए बसों की नहीं, कैंपों की व्यवस्था होनी चाहिए। राज्य इसका खर्च उठाएं। पलायन से लॉकडाउन निरर्थक हो जाएगा।

ऐसे में सबसे बड़ी चिंता :ये लोग जब अपने घर पहुंचेंगे, तब इनकी जांच कैसे संभव होगी? कैसे थमेगा कोरोना का  संक्रमण?
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नोएडा: कंपनी की लापरवाही के कारण संक्रमित हुए 13 लोग, महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज

कोरोना वायरस के संक्रमण के बाद गौतमबुद्धनगर जिले में पहला मुकदमा दर्ज किया गया है। नोएडा की सीज फायर कंपनी के खिलाफ मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने एफआईआर दर्ज कराई है। आरोप है कि कंपनी के विदेश से आए ऑडिटर के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष संपर्क में आने से 13 लोग कोरोना से संक्रमित हो गए। 

इसकी जानकारी होने के बाद भी कंपनी ने कर्मचारियों को होम क्वारंटीन नहीं किया और उन्हें आम दिनों की तरह ही काम कर बुलाना जारी रखा। गौतमबुद्ध नगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से डॉ. अनुराग भार्गव ने थाना एक्सप्रेसवे में महामारी अधिनियम 1897 के तहत एफआईआर दर्ज कराई है। 

थाना एक्सप्रेसवे प्रभारी ने बताया कि आरोप है कि कंपनी का ऑडिटर विदेश से आया था। इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को नहीं दी गई थी। साथ ही कंपनी की ओर से कर्मचारियों के लिए वो जरूरी इंतजाम भी नहीं किए गए जो कोरोना वायरस से बचाव के लिए आवश्यक थे। 

कंपनी ने कर्मचारियों को होम क्वारंटीन नहीं किया। उन्हें लगातार काम पर बुलाया गया। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक ऑडिटर के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष संपर्क में आने से 13 लोग कोरोना वारस से संक्रमित हो चुके हैं।




 
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आप विधायक चड्ढा के खिलाफ FIR, सीएम योगी पर आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में आम आदमी पार्टी के विधायक राघव चड्ढा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वकील प्रशांत पटेल शिकायत के बाद राजेंद्र नगर विधानसभा से आप विधायक राघव चड्ढा के खिलाफ नोएडा के सेक्टर 20 थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।

बता दें कि राघव ने ट्वीट कर के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर आरोप लगाया था कि वह दिल्ली से पलायन करके उत्तर प्रदेश जा रहे लोगों को पिटवा रहे हैं। नोएडा पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद यह मुकदमा दर्ज किया है। 

चड्ढा के खिलाफ धारा 66 आईटी एक्ट व भारतीय दंड विधेयक की धारा 500, 505(2) के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है। मालूम हो कि राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी से बहुचर्चित युवा नेताओं में से एक हैं। वो इस बार हुए विधानसभा चुनावों में दिल्ली की राजेंद्र नगर सीट से जीत हासिल कर विधायक बने। इसके अलावा राघव दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष भी हैं।
 
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आरएमएल में कोरोना का इलाज करने वाली पूरी टीम को किया पृथक, दो सप्ताह के लिए घरों में रहने की सलाह

दिल्ली के आरएमएल अस्पताल में कोरोना वायरस का उपचार करने वाली पूरी टीम को पृथक कर दिया है। रविवार शाम एक नर्स में लक्षण मिलने के चलते पूरी टीम को होम क्वारंटीन पर जाने के आदेश दिए गए हैं।

सूत्रों के अनुसार इस टीम में डॉक्टर, नर्स सहित 14 लोग शामिल हैं। ये पहले दिन से आरएमएल अस्पताल के वार्ड नंबर पांच में मरीजों का उपचार कर रहे थे। हालांकि अस्पताल की प्रवक्ता स्मृति तिवारी का कहना है कि फिलहाल कोई भी संक्रमित नहीं है। एहतियात के तौर पर सभी लोगों को होम क्वारंटीन पर दो सप्ताह के लिए रखा है। 

वहीं अस्पताल के एक वरिष्ठï डॉक्टर ने बताया कि रविवार शाम को एक नर्स में 100 डिग्री से ज्यादा बुखार के लक्षण मिलने के बाद पूरी टीम को घर भेजने का फैसला लिया है। उन्होंने बताया कि अभी तक टीम में से कोई भी संक्रमण की चपेट में नहीं आया है लेकिन सैंपल की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। 

जानकारी के अनुसार आरएमएल की इसी टीम के तीन डॉक्टर 18 जनवरी से दिल्ली एयरपोर्ट पर विदेश से आने वालों की थर्मल स्क्रीनिंग कर रहे थे। इनमें से कुछ डॉक्टर चीन के वुहान भी गए थे जहां से कई भारतीय नागरिकों के जत्थे को लेकर ये वापस दिल्ली आए थे। इसके बाद दो डॉक्टर खुद से ही होम क्वारंटीन पर चले गए थे। इन्हीं में से एक डॉक्टर की बेटी का जन्मदिन था, लेकिन वे एयरपोर्ट पर ोने के चलते शामिल नहीं हो पाए थे। 
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