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दिल्लीः ऑनलाइन क्लास न कर पाने वाले बच्चों के लिए कांस्टेबल बने सहारा, मंदिर में ले रहे क्लास

दिल्ली पुलिस का एक कांस्टेबल कोरोना काल में जरूरतमंद बच्चों के लिए मदद का बड़ा हाथ बनकर सामने आया है। कांस्टेबल ने कोरोनाकाल के दौरान गरीब और जरूरतमंद...

20 अक्टूबर 2020

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Digital Edition

दिल्ली में पिछले 24 घंटों में मिले 3579 नए संक्रमित, 41 लोग हारे कोरोना से जंग 

दिल्ली में पिछले 24 घंटों में 3579 नए मामले सामने आए हैं। जबकि 41 संक्रमितों की मौत हो गई है। इसी के साथ राजधानी में कुल संक्रमितों का आंकड़ा 336750 हो गया है।
 
 

राजधानी में पिछले 24 घंटों में 2186 मरीज संक्रमण मुक्त हुए हैं। दिल्ली में अब तक कुल 3,06,747 मरीजों ने कोरोना को मात दी है। राजधानी में कोरोना वायरस से अब तक कुल 6081 लोगों की मौत हो चुकी है। 

दिल्ली में अभी रिक्वरी रेट 91.09 प्रतिशत है। राजधानी में अभी कुल 14046 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। दिल्ली में अभी कुल 23922 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। 
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कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)

NEET-JEE RESULTS: केजरीवाल बोले, प्रतिभा का धन से कोई संबंध नहीं

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों के कई छात्र कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि से होने के बावजूद नीट और जेईई में उत्तीर्ण हुए हैं। उन्होंने  कहा कि प्रतिभा का धन से कोई संबंध नहीं होता।

केजरीवाल ने कहा कि सफल छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में धन की समस्या नहीं होगी क्योंकि दिल्ली सरकार ने उनके लिए छात्रवृत्ति एवं ऋण के तौर पर दस लाख रुपये की व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में नामांकन के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में दिल्ली के सरकारी स्कूलों के 569 छात्र सफल हुए हैं जबकि 443 छात्र संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) में उत्तीर्ण हुए हैं। इनमें से 53 छात्र सीधे आईआईटी में नामांकन के योग्य हैं।

 उन्होंने कहा कि नीट में सफल 569 विद्यार्थियों में से 379 (67 फीसदी) छात्राएं हैं। दिल्ली के सरकारी स्कूलों के 48 विद्यार्थियों ने नीट में 720 अंक में से 520 से अधिक अंक हासिल किए हैं और तमन्ना गोयल ने 11वीं रैंक हासिल की है।

केजरीवाल ने कहा कि तमन्ना गोयल के पिता बेरोजगार हैं और उनकी मां आसपास के घरों में घरेलू सहायिका का काम करती हैं। उन्होंने कहा कि 680 अंक हासिल करने वाले कुश गर्ग के पिता छोटे दुकानदार हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जेईई में आरपीवीवी पश्चिम विहार के पांच छात्र आईआईटी के लिए उत्तीर्ण हुए हैं। जेईई में 189वीं रैंक हासिल करने वाले आयुष बंसल के पिता किताब की दुकान पर काम करते हैं।

केजरीवाल ने कहा कि निखिल ने जेईई में 678वीं रैंक हासिल की है और उसे आईआईटी-बंबई में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग पढ़ने की पेशकश मिली है। उसके पिता साइकिल की मरम्मत करते हैं। उन्होंने कहा कि गर्वित बत्रा ने 1228वीं रैंक हासिल की है और उसके पिता एयरकंडीशनर बनाने वाले मिस्त्री हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका मानना है कि अच्छी शिक्षा से देश में एक पीढ़ी में ही गरीबी खत्म हो सकती है।
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कुत्ते के विवाद में छोटे भाई ने बड़े भाई को रॉड से पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट

गाजियाबाद के विजयनगर थानाक्षेत्र की कैलाश नगर कॉलोनी में मंगलवार सुबह कुत्ता घुमाने के विवाद में छोटे भाई ने बड़े भाई की हत्या कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। सीओ प्रथम अभय कुमार मिश्र ने बताया कि कैलाश नगर कॉलोनी निवासी अतर सिंह अपने कुत्ते को टहलाने के लिए निकले थे। इसी दौरान उनके छोटे भाई रोबिन से किसी बात को लेकर विवाद हो गया।

इसी विवाद में रोबिन ने सड़क पर पड़े रॉड को उठाकर अतर सिंह के सिर पर मार दिया। रॉड लगते ही अतर सिंह जमीन पर गिरकर तड़पने लगे और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

सगे भाई नहीं थे मृतक व हत्यारोपी....
मृतक अतर सिंह और हत्यारोपी रोबिन सगे भाई नहीं है। बताया गया है कि रामचंद्र की पहली पत्नी से अतर सिंह है, जबकि दूसरी पत्नी से रोबिन है। रामचंद्र की दोनों ही पत्नी का देहांत हो चुका है। बताया गया है कि अतर सिंह रोबिन को तो अपना भाई समझता था, लेकिन रोबिन अतर सिंह को भाई नहीं मानता था और अक्सर उससे संपत्ति व किसी न किसी बात को लेकर झगड़ा करता रहता था।
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21 अक्तूबर से सड़कों पर दिखेगा 'रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' अभियान, पूरी दिल्ली में तैनात होंगे 2500 मार्शल

दिल्ली सरकार रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ अभियान को जमीनी स्तर पर ले जा रही है। 21 अक्तूबर से 15 नवंबर के बीच दिल्ली के व्यस्ततम ट्रैफिक सिग्नल पर वाहन बंद करने के लिए लाल गुलाब देकर गांधीगिरी की जाएगी। इसके लिए 100 चौराहों की पहचान की गई है। सुबह 8 से रात 8 बजे के बीच यहां तैनात पर्यावरण मार्शल अभियान का आगे बढ़ाएंगे। पूरी दिल्ली के लिए 2,500 मार्शल की नियुक्त होगी।

पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बताया कि अभियान के तहत चालान काटने की कार्रवाई नहीं होगी। पहले तीन दिन सिग्नल पर वाहन चालकों को लाल गुलाब का फूल देकर गांधीगिरी के माध्यम से वाहन बंद करने की अपील करेंगे। अभियान के केंद्र में ट्रैफिक पुलिस की तरफ से पहचान किए गए 100 व्यस्त चौराहे होंगे। मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए सरकार 2500 पर्यावरण मार्शल नियुक्त कर रही है।

गोपाल राय के मुताबिक, दो शिफ्ट में चलने वाले अभियान के दौरान हर चौराहे पर 10-10 मार्शल तैनात होंगे। जबकि आईटीओ समेत 10 सबसे व्यस्त चौराहों पर इनकी संख्या दोगुनी होगी। स्थानीय एसडीएम, ट्रैफिक पुलिस के एसीपी और परिवहन विभाग के डीसी (प्रवर्तन) मॉर्शलों पर नजर रखेंगे।

गोपाल राय ने बताया कि मुहिम पूरी तरह अराजनीतिक होगी। इसके लिए सरकार दिल्ली के सभी सांसद, विधायक, पार्षद, राजनीतिक दल, आरडब्ल्यूए, औद्योगिक व सामाजिक संगठनों और एनजीओं को पत्र लिख कर अभियान में शामिल होने की अपील करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह देश में एक नया रोल मॉडल खड़ा करेगा।
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दिल्ली-एनसीआर में हवा की गति बढ़ने से स्थिति में सुधार, पर खराब श्रेणी से बाहर नहीं निकल पाई

पर्यावरण मंत्री गोपाल राय
दिल्ली-एनसीआर में हवा की गति बढ़ने से सोमवार को हवा में प्रदूषण के स्तर में मामूली कमी दर्ज की गई है। दस अंकों के सुधार के साथ 24 घंटे में वायु गुणवत्ता सूचकांक 254 से 244 पर पहुंच गया। हालांकि, सूचकांक अभी भी खराब स्तर में बना हुआ है। सफर का पूर्वानुमान है कि मौसमी बदलावों से बुधवार व बृहस्पतिवार को सूचकांक बेहद खराब स्तर चले जाने का अंदेशा है।

सफर का आकलन है कि सोमवार सुबह सतह पर चलने वाली हवा की चाल में तेजी आई। इससे प्रदूषण में कमी का संयोग बना, लेकिन रविवार को पंजाब, हरियाणा व पड़ोसी इलाकों में पराली जलाने की 1090 मामले दर्ज हुए थे। हरियाणा की तरफ से भी हवा दिल्ली पहुंच रही थी।

इससे दिल्ली के प्रदूषण में पराली के धुएं के बढने का अंदेशा था, लेकिन ऊपरी सतह पर चलने वाली हवा की चाल तेज होने से यह संभव नहीं हुआ। ऐसे में पराली के धुएं का हिस्सा रविवार के 17 फीसदी की तुलना में सोमवार को दस फीसदी ही रह गया। नतीजतन हवा की गुणवत्ता में मामूली सुधार हुआ। सफर का पूर्वानुमान है कि मंगलवार को भी हवा की गुणवता में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। सतह पर चलने वाली हवाओं की दिशा बदलने से बुधवार से वायु गुणवत्ता ज्यादा खराब हो सकती।

कहां कितना रहा एक्युआई
फरीदाबाद 254
गाजियाबाद 253
गुरुग्राम 245
दिल्ली 244
ग्रेटर नोएडा 238
नोएडा 236
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एंबुलेंस में आंध्र प्रदेश से दिल्ली आता था गांजा, हवाई जहाज से आता था 66 वर्षीय गांजा तस्कर

दिल्ली-एनसीआर में बिकने वाला गांजा एंबुलेंस में भरकर आंध्र प्रदेश के विशाखापट्नम से लाया जा रहा था जबकि मुख्य गांजा तस्कर हवाई जहाज में सवार होकर आंध्र प्रदेश से दिल्ली पहुंचता था। जी हां, उतरी-जिला स्पेशल स्टाफ पुलिस ने गैंग सरगना समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर नशे के इस कारोबार का पर्दाफाश किया है। 

पकड़े गए आरोपियों की पहचान आंध्र प्रदेश निवासी शोलई राज उर्फ अन्ना (66), पोलेजू बाबू राव (30), गुडेपू नागेश्वरा राव (26) और दिल्ली निवासी रमेश (36) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 181 किलो गांजा बरामद किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार  में गांजे की कीमत 1.80 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस पकड़े सभी आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।

उतरी जिला पुलिस उपायुक्त अंटो अल्फोंस ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से पुलिस ने नशे का धंधा करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया हुआ था। इसके तहत पहले राजीव नामक बदमाश को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद सारिका, सीमा, रोमा व अन्यों को पकड़ा गया। छानबीन के दौरान स्पेशल स्टाफ की टीम को सूचना मिली कि शनिवार को कुछ बदमाश आंध्र प्रदेश से एंबुलेंस में गांजा लेकर दिल्ली के मोरी गेट इलाके में सप्लाई करने वाले हैं। सूचना के बाद दोपहर करीब 12.45 बजे पुलिस ने देखा कि मोरी गेट पर तीन लोग प्लास्टिक के कट्टों के पास मौजूद हैं। कुछ ही देर बाद चौथी शख्स भी वहां पहुंच गया। पुलिस ने तुरंत छापेमारी कर चारों आरोपियों को दबोच लिया।

पकड़े गए आरोपियों में शोलई राज, पोलेजू बाबू राव और गुडेपू नागेश्वर राव के अलावा दिल्ली निवासी रमेश शामिल था। पूछताछ के दौरान गैंग सरगना शोलई राज ने बताया कि वह आंध प्रदेश में अर्जुन नामक शख्स से गांजा खरीदकर उसे एंबुलेंस के जरिए दिल्ली भेजता था। पोलेजू और गुडेपू एंबुलेंस के साथ आंध प्रदेश से दिल्ली आते थे। शोलई खुद हवाई जहाज से दिल्ली पहुंचता था। बाद में गांजे को बेचकर तीनों वापस लौट जाते थे। पुलिस पकड़े गए आरोपी से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
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कांटेक्ट ट्रेसिंग में 5 फीसदी ही मिले संक्रमित, दिल्ली में संक्रमण का प्रसार हुआ धीमा

राजधानी में कोरोना की एक और लहर आने के कयासों के बीच कोरोना संक्रमितों के संपर्क में आए 2 लाख लोगों की पहचान कर की गई जांच में महज पांच फीसदी यानी दस हजार लोगों में ही संक्रमण की पुष्टि हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इतने कम लोगों में संक्रमण फैलना राहत की बात है। इससे पता चलता है कि वायरस का प्रसार तेज गति से नहीं हो रहा है।

स्वास्थ्य विभाग संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की पहचान के लिए कांटेक्ट ट्रेसिंग अभियान चला रहा है। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कुछ दिन पहले विभाग ने आदेश जारी कर सभी रेड जोन में दोगुना जांच करने का आदेश जारी किया था। इसके बाद कोरोना संक्रमितों के संपर्क में आए दो लाख लोगों की पहचान की गई। इन सभी के एंटीजन और आरटी-पीसीआर प्रणालियों से टेस्ट किए गए। जांच में कोरोना के लक्षण और बिना लक्षण वाले सभी लोगों को शामिल किया गया था। इनमें दस हजार में संक्रमण की पुष्टि हुई है।

एम्स के डॉक्टर विक्रम बताते हैं महज 5 फीसदी लोगों में वायरस का फैलना यह दर्शाता है कि अब संक्रमण का प्रसार तेज गति से नहीं हो रहा है। इसका एक बड़ा कारण यह भी अधिकतर संक्रमित बेहद कम लक्षण वाले हैं। उनमें वायरल लोड काफी कम है।

मौत की संख्या कम करने के लिए हाई रिस्क ग्रुप पर विशेष नजर
विभाग के अधिकारी ने बताया कि कंटेनमेंट जोन में रहने वाले वरिष्ठ नागरिक और जो लोग पहले से गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं, उनका विशेष रूप से ख्याल रखा जा रहा है। इन रोगियों को कुछ समस्या होती है तो तत्काल उन्हें अस्पतालों में भर्ती करा दिया जाता है।

फोन करके अपने इलाके में लगवा सकते हैं जांच शिविर
राजधानी में सभी जिलों में कोरोना जांच के लिए शिविर लगाए गए हैं। शिविर में कोई भी व्यक्ति अपनी जांच करा सकता है। इनमें दक्षिणी जिला प्रशासन ने खास व्यवस्था शुरू की है। प्रशासन की वेबसाइट पर दिए गए फोन नंबर पर संपर्क करके कोई भी व्यक्ति अपने इलाके में जांच शिविर की व्यवस्था करा सकता है।
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खास खबर : खेल के मैदान में लौटे खिलाड़ी तो खुला सैकड़ों लोगों की रोजी-रोटी का रास्ता

कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है। अनगिनत लोग इस वैश्विक महामारी से प्रभावित हुए हैं। इस बीच ना जाने कितने लोगों की रोजी रोटी का जरिया बंद हो गया। लॉकडाउन के दौरान लगभग 6 महीने मैदान पर खेल पूरी तरह बंद था। इस कारण खिलाड़ियों को विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ा है।

क्रिकेट के मैदान पर अंपायरिंग करने वाले, स्कोरर, ग्राउंड मैन, किराए पर खेल का मैदान मुहैया कराने वाले, बॉल बनाने वाले, खिलाड़ियों के लिए ड्रेस बनाने वाले ऐसे तमाम लोगों के सामने दो वक्त की रोटी का इंतजाम करने का संकट पैदा हो गया था। अब अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हो जाने के बाद खिलाड़ी फिर से मैदान पर लौटने लगे हैं तो मैदान से जुड़े इन लोगों की रोजी रोटी का रास्ता भी फिर से खुलने लगा है।

लॉकडाउन में परिवार चलाने के लिए बेचनी पड़ी कार
मौजूदा समय राजोकरी के एक क्रिकेट मैदान पर अंपायरिंग कर रहे के. के. तिवारी 1985 से खेल के मैदान पर काम कर रहे हैं। खास बातचीत के दौरान के. के. तिवारी ने लॉकडाउन के दौरान के अपने अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बताया कि 19 मार्च को उन्होंने लीग मैच के लिए अंपायरिंग की थी। जिसके बाद वह लगभग 6 महीना बैठे रहे। लेकिन सरकार की ओर से मैदान पर खेल शुरू करने का आदेश मिलने के बाद सितंबर में उन्हें 16 दिन काम मिला था। लेकिन अक्तूबर में उनके पास अब तक कोई काम नहीं है। जबकि कोरोना महामारी से पहले दिल्ली भर में रोजाना दो सौ से ढाई सौ मैच होते थे। रविवार, शनिवार और छुट्टियों के दिन तो करीब 400 मैच तक होते थे। ऐसे में महीने के 30 दिन उनके हाथ में काम रहता था। कई बार तो उन्हें एक दिन में 3-3 मैच में अंपायरिंग करने का मौका मिल जाता था। जिससे महीने में अच्छी आमदनी हो जाती थी। लेकिन लॉकडाउन के दौरान 24 वर्षीय बेटी की भी नौकरी चली गई। इस दौरान उन्होंने किसी तरह चार महीना घर चलाने की कोशिश की। लेकिन बाद में मजबूरन उन्हें अपनी कार बेचनी पड़ी।

फिर से खुल रहा है रोजी रोटी का रास्ता
लल्लन प्रसाद दिल्ली में छोटे बड़े खेल के मैदानों और स्कूल के मैदानों पर क्रिकेट की पिच और विकेट बनाते हैं। लॉकडाउन से पहले उन्हें इस काम के लिए लगभग 20 हजार रुपये महीने आमदनी हो जाती थी। लेकिन कोरोना महामारी काल में उनके हाथ से काम छिन गया। फिर से खेल शुरू होने के बाद उन्हें दक्षिण दिल्ली के ओम साईं क्रिकेट अकादमी में फिर से पिच बनाने का काम मिला है।

एस. के. तिवारी भी दिल्ली में क्रिकेट के मैदान पर स्कोरर का काम करते हैं। कोरोना महामारी में उनके हाथ से भी काम छिना तो अब तक नहीं मिला है। राजोकरी में किराए पर क्रिकेट का मैदान मुहैया कराने वाले संजय सिंह का लॉकडाउन में आमदनी के सभी रास्ते बंद हो गए। अब फिर से मैदान पर खेल शुरू हुए तो सितंबर में उनके मैदान पर चार मैच हुए थे। जबकि इस महीने अक्तूबर में अब तक केवल दो मैच हुए हैं। उन्होंने बताया कि पहले एक महीने में उनके मैदान पर लगभग 25 मैच होते थे। लेकिन अभी खिलाड़ी मैदान पर खेलने से कतरा रहे हैं। फिर भी रोजी रोटी का रास्ता फिर से खुलता नजर आ रहा है।
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पैसे गिरने पर सेना के रिटायर हवलदार ने कूरियर ब्वॉय को पीटा, रस्सी से बांधकर लगाया करंट

वसंतकुंज (साउथ) थाना इलाके में आर्मी से रिटायर हवलदार ने इंसानियत की सारी हदें पर कर दी। कूरियर ब्वॉय को पहले बुरी तरह मारा पीटा गया। रिटायर हवलदार यहां भी नहीं थमा। उसने कर्मचारी को रस्सी से बांधकर उसे बार-बार करंट लगाया गया। कर्मचारी का कसूर इतना था कि उससे 62 हजार रुपये गिर गए थे। वसंतकुंज (साउथ) थाना पुलिस ने कूरियर ब्वॉय सतेन्द्र सिंह की शिकायत पर मामला दर्जकर एक्स सर्विसमैन समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार मूलरूप से मुरादाबाद, यूपी का रहने वाला सतेन्द्र सिंह रंगपुरी पहाड़ी, वसंतकुंज में किराए पर रहता है। यहां पर सेना से रिटायर हवलदार डीपी सिंह ने उसे कूरियर कंपनी में नौकरी दिलवाई थी। डीपी सिंह का मैन पॉवर सप्लाई करने का व्यवसाय है। सतेन्द्र सिंह ने शनिवार को वसंतकुंज(साउथ) थाना पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि जब वह मीठापुर, पुल प्रह्लादपुर मे पैसे कलेक्शन कर ऑफिस लौट रहा था तो आली एंक्लेव के पास उससे 62 हजार रुपये गिर गए। सतेन्द्र सिंह ने कई घंटे पैसे ढूंढे, मगर उसे रुपये नहीं मिले। सतेन्द्र सिंह ने कार्यालय पहुंचकर एकाउंटेंट को सारी बात बताई। एकाउंटेंट ने एचआर हैड को बताई। एचआर हैड ने ये बात डीपी को बताई। कुछ ही देर बाद डीपी सिंह अपने दोस्तों के पास उसके कार्यालय पहुंच गया और सतेन्द्र को एक कमरे में बंद कर लिया।

आरोप है कि सतेन्द्र सिंह को काफी मारपीट की गई। इसके बाद रस्सी से बांधकर उसे करंट लगाया गया। पिटाई व करंट से घबराए सतेन्द्र ने कहा कि पैसे उसके पास है और उसने छिपाकर रखे हुए है। आरोपी उसे सतेन्द्र की बताई जगह पर ले जाने लगे। रास्ते में जब आरोपी सीएनजी भरवाने सीएनजी फिलिंग स्टेशन पर रूके तो पीड़ित ने शोर मचा दिया। शोर मचाने पर लोग एकत्रित हो गए और इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सतेन्द्र सिंह की शिकायत पर वसंतकुंज (साउथ) थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एक्स सर्विसमैन डीपी सिंह समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सतेन्द्र सिंह का कहना है कि पिटाई से बचने के लिए उसने पैसे एक जगह रखे होने की बात जानबूझ कर बोली थी। ताकि वह बहार निकले और उसकी जान बच सके।
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