विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
हनुमान जयंती पर नौकरी प्राप्ति, आर्थिक उन्नत्ति, राजनीतिक सफलता एवं शत्रुनाशक हनुमंत अनुष्ठान - 8 अप्रैल 2020
Astrology Services

हनुमान जयंती पर नौकरी प्राप्ति, आर्थिक उन्नत्ति, राजनीतिक सफलता एवं शत्रुनाशक हनुमंत अनुष्ठान - 8 अप्रैल 2020

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

From nearby cities

नौकरी न कर शुरू की खुद की कंपनी, 26 साल की उम्र में बन गए बड़े उद्योगपति

गाजियाबाद के तुषार अग्रवाल, ये वो नाम है जिसने मात्र 26 साल की उम्र में उद्यम के क्षेत्र में अपना लोहा मनवा लिया है। आज तुषार दो इंडस्ट्री के मालिक है...

3 अक्टूबर 2019

विज्ञापन
विज्ञापन

दिल्ली-एनसीआर

सोमवार, 6 अप्रैल 2020

CoronaVirus: घर से गायब हुए होम क्वारंटीन किए गए 11 लोग, क्या दिल्ली में हार जाएंगे कोरोना की लड़ाई?

एक तरफ केंद्र और दिल्ली सरकार कोरोना की जंग जीतने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर लोग नियमों के पालन में गंभीर अवहेलना कर दूसरों की जान खतरे में डाल रहे हैं। इससे देश की राजधानी में ही कोरोना की लड़ाई हारने का खतरा उत्पन्न हो गया है।

रविवार को की गई एक चेकिंग के दौरान यह बात सामने आई कि होम क्वारंटीन किये गये 11 लोग अपने घरों में नहीं मिले। पुलिस ने इन सभी लोगों के खिलाफ महामारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इन्हें गिरफ्तार भी किया जायेगा। इसके पहले शुक्रवार को भी 33 लोगों ने नियमों का उल्लंघन किया था जिन पर एफआईआर भी दर्ज किया गया था।

11 के खिलाफ मामला दर्ज

शहादरा के डीसीपी दिनेश कुमार गुप्ता ने अमर उजाला को बताया कि पुलिस होम क्वारंटीन किए गये लोगों की नियमित चेकिंग करती रहती है। इससे उनके घर पर ही रहने की जानकारी भी मिलती रहती है, साथ ही अगर किसी व्यक्ति/परिवार को किसी सामान या सहायता की जरूरत पड़ती है तो उसके लिए मदद भी दी जाती है।

आज जब उनके जवान सभी लोगों की चेकिंग करने गये तो ज्यादातर लोग अपने-अपने घरों में पाए गये, लेकिन 11 लोगों के अपने घरों से गायब होने की जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि इन लोगों के खिलाफ इंडियन पीनल कोड की धारा 188 और एपिडेमिक एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

इन लोगों की तलाश की जा रही है और इनकी गिरफ्तारी की जायेगी।

इसके पहले भी गायब हुए थे 33 लोग

यह पहला मामला नहीं है जब लोगों ने होम क्वारंटीन के नियमों का उल्लंघन किया है। इसके पहले शुक्रवार को भी दिल्ली के विभिन्न इलाकों से 33 लोगों ने होम क्वारंटीन नियमों का उल्लंघन किया था।

इसमें सबसे ज्यादा द्वारका जिले से 21 लोग अपने-अपने घरों से गायब मिले थे, जबकि दक्षिण जिले से आठ, उत्तरी जिले से दो, उत्तर पश्चिमी और उत्तरी जिले से एक-एक लोग अपने घरों पर नहीं मिले थे। बाद में इनमें से कुछ की गिरफ्तारी भी हुई थी।

क्या हो रही हैं परेशानियां

डीसीपी दिनेश कुमार गुप्ता के मुताबिक दिल्ली पुलिस के जवान पूरी मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। अपने कर्तव्य पालन में उन्हें किसी तरह की परेशानी अभी तक सामने नहीं आई है। स्थानीय लोगों से भी उन्हें सहयोग मिल रहा है।

उन्होंने बताया कि किसी भी होम क्वारंटीन किए गये व्यक्ति की जांच के लिए जाते समय उनके जवान अपनी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखते हैं। सभी जवानों के पास फेस मास्क होता है जिनका उपयोग अनिवार्य किया गया है। इसके आलावा समय-समय पर अपना हाथ धुलना और सैनिटाइजर के इस्तेमाल को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
 
.........
... और पढ़ें

कोरोना का अंधकार को प्रकाश से मिटाने के लिए सोशल मीडिया पर भी दिखी एकजुटता

कोरोना से जंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रविवार रात नौ बजे 9 मिनट तक प्रकाश से कोरोना के अंधकार को हराने की अपील को सोशल मीडिया पर भी खूब सराहा गया। सुबह से लेकर शाम तक लोग व्हाट्सएप, फेसबुक टि्वटर व अन्य माध्यमों से पीएम की अपील को सार्थक बनाने की संदेश देते रहे। 

पीएम मोदी ने कोरोना खिलाफ छिड़ी जंग में देश को मानसिक रूप से मजबूत बनाने के लिए दिए गत तीन अप्रैल को लोगों से अपने घरों की खिड़कियों व चौखटों पर दीये, मोमबत्ती और मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाने की अपील की थी। ऐसे में पीएम की अपील के बाद से ही कई लोग इसे सार्थक बनाने के लिए सोशल मीडिया पर जुट गए थे। इसमें बड़ी संख्या में युवा वर्ग शामिल था। 

युवाओं ने व्हाट्सएप स्टेटस से लेकर फेसबुक पर अपील को सार्थक बनाने के लिए लोगों तक संदेश पहुंचाए। वहीं, कई लोगों ने अपने रिश्तेदारों को भी फोन कर पीएम की अपील को सार्थक बनाने के लिए कहा। लोगों का कहना था कि इस समय देश कोरोना के संकट से जूझ रहा है। ऐसे में देश को मनोबल की जरूरत है। जिसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समय-समय पर आकर लोगों का मनोबल बढ़ा रहे हैं। इसलिए सभी को एक साथ मिलकर कोरोना के अंधकार को खत्म करना ही हमारी एकजुटता है।
... और पढ़ें

पाकिस्तानी हिन्दू शरणार्थी बोले, साहब! नौ बजे दीया तो हम जलाएंगे, लेकिन घर का अंधेरा कब दूर होगा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार रात नौ बजे से नौ मिनट के लिए घरों की बिजली की रोशनी बंद कर अपनी-अपनी बालकनी में दीया-मोमबत्ती या टॉर्च जलाने की अपील की है। उनकी इस अपील को कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे स्वास्थ्यकर्मियों-सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

कई संगठनों ने इसे सफल बनाने की कोशिशें भी शुरू कर दी हैं, तो कुछ जगहों से इसके विरोध में आवाजें भी उठ रही हैं। इसी बीच, मजनू का टीला के पास रह रहे पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थियों ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर वे भी दीया जलाएंगे और देश के साथ कोरोना के खिलाफ लड़ाई के लिए खड़े होंगे।

लेकिन उनकी कॉलोनी में आज तक बिजली नहीं है और पूरी बस्ती अंधेरे में ही रहने को मजबूर है। सरकार को इस बस्ती में भी उजाला करने की कोशिश करनी चाहिए। बिजली के बिना उन लोगों को बेहद तंग हालत में जिंदगी गुजारनी पड़ रही है।

'हम तो दया जलाकर ही रह रहे हैं'

पाकिस्तानी हिन्दू शरणार्थियों के कई कैंप हैं। वे आदर्श नगर, मजनू का टीला सहित छतरपुर के आसपास कई जगहों पर सड़कों के किनारे झुग्गियां बनाकर अपना गुजर-बसर करते हैं। ये लोग दिहाड़ी मजदूरी कर और सड़कों पर चलते लोगों को छोटे-मोटे सामान बेचकर कुछ कमाई कर अपनी आजीविका चलाते हैं। इन कैंपों में आज भी कोई सुविधा नहीं है।

कुछ जगहों पर पानी की सुविधा हो गई है, तो कुछ जगहों पर टैंकरों के पानी पर लोग गुजारा कर रहे हैं। इस कैंप के मुखिया दयालदास ने अमर उजाला को बताया कि उनकी बस्ती में भी सभी लोग रात नौ बजे दीया-मोमबत्ती जलाएंगे। लेकिन उनके लिए यह कोई नई बात नहीं होगी, बल्कि यह उनका रोज का काम है।

वे दीये-मोमबत्ती जलाकर ही जीने को मजबूर हैं। बस्ती में बिजली नहीं है, सभी परिवार मजबूरी में दिया-लालटेन या मोमबत्ती जलाकर रात गुजारते हैं। अंधेरे के कारण महिलाओं को भोजन बनाने में और बच्चों को पढ़ाई करने में बहुत परेशानी होती है, लेकिन उनके पास कोई विकल्प नहीं है।

मजनू का टीला के कैंप में लगभग 135 पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थी परिवार रहते हैं जिनमें कुल मिलाकर लगभग 800 सदस्य रहते हैं।

कई प्रयास के बाद भी नहीं आई बिजली

आदर्शनगर बस्ती में कई पाकिस्तानी हिन्दुओं के संरक्षक की भूमिका निभा रहे भरत लाल ने बताया कि उन्होंने कई बार इन बस्तियों में बिजली लगवाने के लिए प्रयास किया था, लेकिन कोशिशों का अब तक कोई नतीजा नहीं निकला है।

इसके लिए वे सैकड़ों शरणार्थियों को लेकर दिल्ली सरकार के बिजली विभाग के पास अपील भी कर चुके हैं। अभी तक कोई हल नहीं निकला है।   
... और पढ़ें

लॉकडाउन से दिल्ली में फिर जी उठी यमुना, 'काला जल' अब हो गया निर्मल

यमुना की अविरलता और निर्मलता के लिए केंद्र व दिल्ली सरकार के प्रयास बीते करीब तीन दशकों से बेशक कामयाब न हो सके हों, लेकिन 10 दिन के लॉकडाउन के दौरान नदी ने खुद ही अपने को साफ कर लिया है।

नदी का जल नीला होने साथ ही नजदीक जाने पर उसकी तली भी इस वक्त दिख रही है। लॉकडाउन से पहले काले पानी से लबालब नदी दूर से नाले सरीखी नजर आती थी। यानी यमुना ने खुद को पुनर्जीवित करने का अपना मॉडल पेश कर दिया है।

कोरोना वायरस से पैदा हुए संकट के इस दौर में विशेषज्ञ नदी की अपने स्तर पर की जाने वाली साफ-सफाई को भविष्य के मॉडल के तौर पर देख रहे हैं, जिसके सहारे सभी नदियों को पुनर्जीवित करना संभव हो सकेगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर केंद्र व राज्य सरकारों ने लॉकडाउन के दौरान नदी के इस नैसर्गिक मॉडल को समझ लिया और उसके अनुसार योजनाएं बनाईं तो बगैर बड़े पैमाने पर मानवीय व वित्तीय संसाधन लगाए नदियों को साफ-सुथरा रखा जा सकेगा। इससे देश की बड़ी आबादी की जल संकट की समस्या भी दूर होगी।

उधर, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और दिल्ली जल बोर्ड इस तरह के बदलावों का अध्ययन करने की योजना तैयार कर रहा है। सीपीसीबी के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने बताया कि बोर्ड जल्द ही नदी से सैंपल लेगा।

इसके आधार पर देखा जाएगा कि लॉकडाउन का नदी की सेहत पर असर क्या रहा है। हालांकि, इस तरह की एक स्टडी बोर्ड वायु की गुणवत्ता पर पहले से कर रहा है। दूसरी तरफ, दिल्ली जल बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नदी से सैंपल लिया जाएगा। इसके आधार पर बोर्ड भविष्य में नदी को स्वच्छ रखने का खाका तैयार करेगा।
... और पढ़ें
दिल्ली में लोहे के पुल से अब ऐसी दिख रही है यमुना नदी दिल्ली में लोहे के पुल से अब ऐसी दिख रही है यमुना नदी

#9Pm9Minute: कोरोना के खिलाफ जंग में एकजुट हुए लोग, जम्मू से लेकर गोरखपुर तक कुछ ऐसा दिखा नजारा, तस्वीरें

मगरमच्छ के आंसू बहाना और पीड़ित कार्ड खेलना केजरीवाल के दो हथियार हैं : गौतम गंभीर

कोरोना वायरस से लड़ने के लिए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का केंद्र सरकार से फंड नहीं मुहैया कराने के आरोप पर भारतीय जनता पार्टी ने जवाब दिया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने दिल्ली सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि हैरानी की बात है कि 65 हजार करोड़ रुपये का बजट पारित करने के बावजूद दिल्ली सरकार डॉक्टरों के लिए सुरक्षा उपकरण खरीदने में असमर्थ है। वहीं, पूर्वी दिल्ली के भाजपा सांसद गौतम गंभीर ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सरकार पर मगरमच्छ के आंसू बहाने और पीड़ित कार्ड खेलने का आरोप मढ़ा।

मनोज तिवारी ने कहा है कि 23 मार्च को दिल्ली सरकार ने कोरोना वायरस के कारण पांच दिन के सत्र के बजाय एक दिन में 65 हजार करोड़ रुपये का बजट पारित किया। बावजूद, दिल्ली सरकार 1.2 करोड़ रुपये की पीपीई किट खरीदने में असमर्थ है। ट्वीट कर तिवारी ने कहा कि राम जाने इसके पीछे अरविंद केजरीवाल की क्या मंशा है।

भाजपा सांसद गौतम गंभीर ने कहा कि उन्होंने पीपीई किट और मास्क खरीदने के लिए दिल्ली सरकार को 50 लाख रुपये देने की पेशकश की थी, लेकिन अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। दिल्ली सरकार प्रचार के लिए तो करोड़ों रुपये खर्च कर देती है, लेकिन सुरक्षा उपकरण खरीदने में परेशानी है। मगरमच्छ के आंसू बहाना और पीड़ित कार्ड खेलना अरविंद केजरीवाल के दो हथियार हैं।
 
... और पढ़ें

दिल्ली: कोरोना के संदिग्ध मरीज ने की आत्महत्या की कोशिश, अस्पताल की तीसरी मंजिल से कूदा

यमुना का साफ पानी
दिल्ली के लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल में रविवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक कोरोना संदिग्ध मरीज ने तीसरी मंजिल से कूदकर आत्महत्या करने की कोशिश की। वह 31 मार्च को यहां भर्ती हुआ था, लेकिन अभी उसकी रिपोर्ट नहीं आई है।

आज सुबह मरीज तीसरी मंजिल से कूदा लेकिन गनीमत रही कि उसकी जान बच गई। जानकारी के अनुसार वह तीसरी मंजिल से कूदा तो वह अस्पताल की पहली मंजिल पर डले टिन शेड पर जा गिरा। इसके बाद वह जमीन पर गिरा जिससे उसका पैर टूट गया है।

डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत स्थिर बनी हुई है। डॉक्टरों का कहना है कि वह कोरोना के संक्रमण के चलते काफी डरा हुआ था जिस कारण उसने आत्महत्या कर जान देने की कोशिश की।
... और पढ़ें

लॉकडाउन के दौरान नोएडा के स्कूलों ने मांगी फीस तो होगी कड़ी कार्रवाई

नोएडा के कुछ स्कूलों की ओर से अभिभावकों से फीस मांगी जा रही है। वहीं, कुछ स्कूलों की शिकायत मिली है कि वह फीस बढ़ाकर मांग रहे हैं। जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने सभी स्कूलों को लॉकडाउन के दौरान फीस नहीं मांगने के निर्देश दिए हैं। अगर उन्होंने ऐसा किया तो स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने इसके लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को निर्देश भी दिए हैं। 

जिलाधिकारी ने बताया कि सीबीएसई और आईसीएसई की ओर से दिशा-निर्देश आए हैं। इसके अलावा आपदा अधिनियम घोषित हो चुका है, इसलिए स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि 14 अप्रैल तक फीस न मांगी जाए।

इसके बाद सरकार अथवा सीबीएसई और आईसीएसई के जो भी निर्देश आएंगे, उनका पालन कराया जाएगा। डीएम ने बताया कि इस समय स्कूलों की ओर से ऑनलाइन क्लास शुरू की जा रही है। साथ ही अभिभावकों पर फीस के लिए दबाव बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि किसी स्कूल की ओर से कानून का उल्लंघन किया गया तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि एक स्कूल की ओर से फीस जमा नहीं होने पर एक छात्रा की ऑनलाइन क्लास बंद करा दी गई है। जबकि कुछ स्कूलों ने फीस सर्कुलर जारी कर दिए हैं। डीएम ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को इस मामले में रिपोर्ट देने को कहा है। ताकि वह स्कूलों से संपर्क कर सकें।
... और पढ़ें

लॉकडाउन के बाद भी नोएडा को नहीं मिलेगी राहत, 30 अप्रैल तक लागू रहेगी धारा 144

नोएडा में कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए पुलिस कमिश्नर की ओर से जिले में धारा 144 की अवधि बढ़ा दी गई है। अब गौतमबुद्ध नगर में 30 अप्रैल तक धारा 144 लागू रहेगी। इसका मतलब है कि एक जगह 4 से अधिक लोग इकट्ठा नहीं हो सकते।

अपर पुलिस उपायुक्त कानून एवं व्यवस्था आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि कोरोना वायरस (COVID-19) के भारत तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर संक्रमण को देखते हुए भारत सरकार द्वारा पूरे देश में दिनांक 14 अप्रैल, 2020 तक लॉकडाउन घोषित किया गया है। 

इस संबंध में शासन और स्थानीय स्तर पर भी विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। कोरोना से बचाव एवं जनस्वास्थ्य की रक्षा के लिए धारा 144 5 अप्रैल तक के लिए लगाई गई थी, जिसे अब 30 अप्रैल तक के लिए बढ़ा दिया गया है।

आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए धारा 144 दण्ड प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत 30 अप्रैल तक प्रतिबंधित किए गए समस्त निर्देशों का सभी को पालन करना आवश्यक होगा। 

लॉकडाउन अवधि समाप्त होने के पश्चात भी सभी राजनीतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, खेल संबंधी आयोजन किसी भी प्रकार की प्रदर्शनी, रैलियां, जुलूस तथा इस प्रकार के अन्य सभी कार्यक्रमों को प्रतिबंधित किया गया है। उन्होंने आगाह किया है कि जो भी व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करेगा, उसके विरूद्ध भारतीय दण्ड विधान की धारा 188 के अन्तर्गत सख्त कार्यवाही की जाएगी।
... और पढ़ें

प्रसव पीड़ा से गुजर रही महिला के लिए देवदूत बनी दिल्ली पुलिस

प्रसव पीड़ा से गुजर रही दिल्ली की एक महिला के लिए पुलिस उस वक्त भगवान बनकर आई जब लॉकडाउन के दौरान किसी एंबुलेंस नंबर ने उसका फोन नहीं उठाया। तब लॉकडाउन में दिल्ली पुलिस ने एक गर्भवती महिला को सुरक्षित और समय से अस्पताल पहुंचाकर एक नई मिसाल कायम की। वहां महिला ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया।

महिला के पति ने बताया कि एक अप्रैल के दिन उसकी पत्नी को प्रसव पीड़ा होने लगी तो उसने एंबुलेंस नंबर 108, 102, 1031 पर फोन किया लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। फिर उन्होंने दिल्ली महिला पुलिस को फोन मिलाया और 20 मिनट में उन्होंने गाड़ी भेज दी।

नवजात बच्ची की मां ने बताया कि आजकल कोरोना वायरस फैला हुआ है और दिल्ली पुलिस हमारे लिए फरिश्ता बनकर आई है। हम दिल से उनका शुक्रिया अदा करना चाहते हैं। दिल्ली पुलिस का काम बहुत अच्छा है अगर कोई बोलता है कि वो मदद नहीं कर रहे हैं तो ये गलत हैं।

इस घटना पर दिल्ली पुलिस की दक्षिणी जोन की पीसीआर इंचार्ज पूनम पारेख ने बताया कि हमारा स्टाफ ऐसी परिस्थितियों में काम करने के लिए पूरी तरह प्रशिक्षित है। हम यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रसव पीड़ा से गुजर रही महिला आराम से घर पहुंचे। अब तक हम ऐसी 155 महिलाओं की मदद कर चुके हैं। लॉकडाउन के दौरान यह हमारी प्राथमिकता में है।
... और पढ़ें

वायु सेना के तीन कर्मी क्वारंटीन में, एक ने किया था निजामुद्दीन का दौरा

भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के तीन जवानों को एहतियात के तौर पर क्वारंटीन में भेज दिया गया है क्योंकि उनमें से एक ने उस समय निजामुद्दीन क्षेत्र का दौरा किया था, जब पिछले महीने तब्लीगी जमात का कार्यक्रम वहां चल रहा था। वायु सेना के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी।

मार्च के मध्य में दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज में तब्लीगी जमात के कार्यक्रम में काफी संख्या में लोगों ने भाग लिया था, जिनमें बड़ी संख्या में कोरोना वायरस से संक्रमित पाये गये हैं।

प्रवक्ता ने कहा कि यह जवान उसी समय के आसपास निजामुद्दीन इलाके में गया था, जब वहां जमात का कार्यक्रम चल रहा था। भारतीय वायु सेना इसकी जांच कर रही है कि वह जमात के कार्यक्रम में शामिल हुआ था या नहीं।प्रवक्ता ने बताया कि वह वायु सेना के दो अन्य कर्मियों के संपर्क में आया है। उनमें से किसी को अभी लक्षण नहीं हैं। तीनों अभी क्वारंटीन में हैं। 
... और पढ़ें

CoronaVirus: आईसीएमआर ने दी स्वीकृति, प्रयागराज में कल से शुरू हो सकती है कोरोना की जांच

मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में मंगलवार से कोरोना की जांच शुरू हो सकती है। जांच शुरू करने के लिए इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने अपनी स्वीकृति दे दी है। रविवार को देर रात इस बात की जानकारी जिला प्रशासन की ओर से मेडिकल प्रशासन को दी गई। सोमवार को जांच किट लेने के लिए मेडिकल कॉलेज की टीम केजीएमयू लखनउ भेजी जाएगी। इस सुविधा के शुरू होने से यहां आने वाले मरीजों को कोरोना की जांच कराना आसान हो जाएगा।

अभी तक कोरोना की जांच प्रदेश में छह स्थानों पर हो रहा है। यहां पर आने वाले संदिग्ध मरीजों का नमूना जांच के लिए केजीएमयू और बीएचयू भेजा जा रहा है। आपदा राहत बजट के तहत फंड आवंटित होने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जांच के लिए तैयारी शुरू कर दी थी।
... और पढ़ें
अपने शहर की सभी खबर पढ़ने के लिए amarujala.com पर जाएं

Disclaimer


हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।
Agree
Election
  • Downloads

Follow Us