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दिल्ली

रविवार, 29 मार्च 2020

Coronavirus: भीड़ के सामूहिक पलायन से टूट गया है सुरक्षित दूरी का कवच, खतरे की घंटी!

कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग को सबसे जरूरी बताया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग की अपील की थी। अब जिस तरह से यूपी-बिहार की ओर जाने वाले मजदूर एक साथ सड़कों पर निकल रहे हैं, मालगाड़ी या कंटेनर में सैंकड़ों मजदूर यात्रा करते हुए पकड़े जा रहे हैं, यह स्थिति कोरोना के साथ हो रही लड़ाई को कमजोर बना सकती है।

डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना लॉकडाउन में सोशल डिस्टेंसिंग तोड़ने के अच्छे नतीजे नहीं मिलेंगे। मजदूरों का सामूहिक पलायन खतरे की घंटी बजा रहा है। अगले दो सप्ताह बहुत अहम हैं, सोशल डिस्टेंसिंग का सुरक्षा चक्र टूटने से कोरोना का संक्रमण कितना बढ़ता है, यह देखने वाली बात होगी।
 
देश का सबसे बड़ा क्वारंटीन सेंटर छावला स्थित आईटीबीपी परिसर में बनाया गया है। वहां के डॉक्टर राजकुमार बताते हैं कि सोशल डिस्टेंसिंग को अभी हमारे देश में उतनी गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। ये बहुत गलत है। लॉकडाउन का मतलब लोगों को अपने घरों से बाहर नहीं निकलना है।

लोगों के बीच कम से कम छह फुट की दूरी रहे। कोरोना संक्रमण को आगे फैलने से रोकने के लिए यह सबसे अधिक कारगर तरीका माना जाता है। दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर जिस तरह से हजारों लोग एक साथ एकत्रित हो गए, वह बहुत खतरनाक स्थिति का संकेत है।

अगर ऐसी भीड़ में चार पांच व्यक्तियों को भी कोरोना का संक्रमण है तो वह आगे चलकर चेन बनाते हुए हजारों लोगों को अपनी चपेट में ले सकता है। ये लोग सोशल डिस्टेंसिंग का सुरक्षा चक्र तो बहुत पहले ही तोड़ चुके हैं और अब इनके पास कोरोना से बचाव का कोई दूसरा उपाय भी नहीं है।

न सैनिटाइजर हैं और न ही मास्क। कोई अपने मुंह पर रूमाल बांधे है तो महिला चुन्नी से मुंह ढके हुए है। अब यह कोई नहीं जानता कि ये सब सैनिटाइज हैं या नहीं।
 
आने वाले दो सप्ताह अब बहुत अहम होंगे। कई बार कोरोना का लक्षण दस बारह दिन बाद सामने आता है। दस अप्रैल के बाद का समय बहुत चिंतित करने वाला है। चूंकि जहां से ये लोग चले हैं, वहां भी इनकी जांच नहीं हुई और जहां पर ये पहुंचेंगे, वहां भी अभी तक ऐसी पुख्ता जांच किए जाने की व्यवस्था होती नहीं दिख रही।
 
मेदांता अस्पताल की डॉक्टर नीलम मोहन के अनुसार, लॉकडाउन में अगर ऐसी भीड़ हो रही है तो एक आदमी सैंकड़ों लोगों में संक्रमण फैला सकता है। कोरोना की शिफ्टिंग को लेकर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता, लेकिन इतना तय है कि यह बहुत तेजी से आगे बढ़ता है।

प्लास्टिक पर भी कोरोना के तीन चार घंटे तक जीवित रहने की बात सामने आई है। भीड़ है, वहां थैले भी हैं, दूसरा सामान भी है और सोशल डिस्टेंसिंग तो बिल्कुल नहीं है, ऐसे में कैसे कहा जा सकता है कि वे सब लोग कोरोना से सुरक्षित हैं। इन्हीं गलतियों से कोरोना के थर्ड स्टेज में जाने का खतरा पैदा होता है।

मैक्स अस्पताल, दिल्ली के डॉक्टर दिनेश खुल्लर के मुताबिक, लॉकडाउन पीरियड के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग तो सबसे ज्यादा जरूरी है। लोगों को दिक्कत तो होती है, लेकिन कोरोना से बचाव के लिए उनका घर में बैठे रहना ही सबसे सुरक्षित उपाय है। लोग यह समझें कि वायरस उनके आसपास है।

अब ये कोई नहीं कह सकता कि किस व्यक्ति में कोरोना के लक्षण हैं। यदि वह व्यक्ति सोशल डिस्टेंसिंग तोड़ता है तो फिर इसके मल्टीप्लायर संक्रमण का अंदाजा लगा सकते हैं। लोगों को लॉकडाउन के दौरान हिम्मत, भरोसा और धैर्य रखना होगा। मजदूरों की भीड़ है, अब इनमें से किसी की जांच नहीं हुई है। ये लोग जहां भी जाएं, वहां का प्रशासन इन्हें क्वारंटीन की सुविधा दे तो कुछ हद तक कोरोना संक्रमण से बचा जा सकता है।
 
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आप विधायक चड्ढा के खिलाफ FIR, सीएम योगी पर आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में आम आदमी पार्टी के विधायक राघव चड्ढा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वकील प्रशांत पटेल शिकायत के बाद राजेंद्र नगर विधानसभा से आप विधायक राघव चड्ढा के खिलाफ नोएडा के सेक्टर 20 थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।

बता दें कि राघव ने ट्वीट कर के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर आरोप लगाया था कि वह दिल्ली से पलायन करके उत्तर प्रदेश जा रहे लोगों को पिटवा रहे हैं। नोएडा पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद यह मुकदमा दर्ज किया है। 

चड्ढा के खिलाफ धारा 66 आईटी एक्ट व भारतीय दंड विधेयक की धारा 500, 505(2) के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है। मालूम हो कि राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी से बहुचर्चित युवा नेताओं में से एक हैं। वो इस बार हुए विधानसभा चुनावों में दिल्ली की राजेंद्र नगर सीट से जीत हासिल कर विधायक बने। इसके अलावा राघव दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष भी हैं।
 
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दिल्ली: आनंद विहार और धौला कुआं पर प्रवासी मजदूरों की भारी भीड़, साधनों के अभाव ने बढ़ाया संकट

लॉकडाउन का आज चौथा दिन है और तमाम प्रयासों के बाद आज भी मजदूरों का पलायन जारी है। हालांकि पुलिस लोगों को इससे रोक रही है। वहीं दिल्ली में बीते 24 घंटे के भीतर एक और कोरोना संक्रमित मरीज मिला है। यह मरीज हाल ही में फिलीपींस से लौटा है। दिल्ली एयरपोर्ट से युवक को झज्जर स्थित एम्स के कैंसर संस्थान स्थित क्वारंटीन वार्ड में रखा गया था। जहां सैंपल रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने के बाद मरीज का उपचार शुरू कर दिया है। यहां पढ़ें आज दिल्ली-एनसीआर का दिनभर का हाल...

धौला कुआं में भारी संख्या में  एकत्रीत हुए लोग, पुलिस मौके पर मौजूद


धौला कुआं  पर भी करीब 500-700 लोग एकत्रीत है। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद है और उन्हें वापस जाने के लिए समझा रहे है।

स्वंयसेवकों ने वितरित की खाद्य सामग्री 
 


दिल्ली के द्वारका सेक्टर एक के पास महावीर एन्कलेव इलाके में आरएसएस स्वंयसेवकों ने आरडब्लयूए  (रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) के सदस्यों के साथ कोरोना वायरस  के मद्देनजर देशव्यापी लॉकडाउन के बीच जरूरतमंदों को खाद्य सामग्री वितरित की।

दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमितों की कुल संख्या 49 हुई सरकार  
 

ट्रेडरों के पास प्रयाप्त स्टॉक 
 

दिल्ली ड्रग ट्रेडर एसोसिएशन के महासचिव, आशीष ग्रोवर के बताया कि हमारे पास दवा की दुकान के मालिकों के लिए पास है, लेकिन कर्मचारियों के लिए नहीं है जिसके कारण कर्मचारियों की कमी है। स्टॉक पर्याप्त है लेकिन हमारे पास इसे सामान भेजने करने के लिए परिवहन नहीं है। सरकार को यह स्टॉक खरीदना चाहिए और इसे वितरित करना चाहिए। 


दिल्ली के आनंद विहार और धौला कुआं पर प्रवासी मजदूरों की भारी भीड़ जमा हो गई है। ये सभी किसी भी कीमत पर अपने-अपने गांव जाना चाहते हैं। 
 
झंडेवालान मंदिर में जरूरतमंदों के लिए बना भोजन 
 

दिल्ली के झंडेवालान मंदिर ट्रस्ट और सेवा भारती के स्वयंसेवकों ने लॉकडाउन में जरूरतमंदों को भोजन परोसने की तैयारी करते हुए।



दिल्ली पुलिस ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर 
दिल्ली पुलिस ने कोरोनावायरस के कारण लॉकडाउन से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिए 24 घंटे सातों दिन के लिए हेल्पलाइन नंबर 01123469526 स्थापित किया है। अब तक हेल्पलाइन नंबर पर कुल 3796 कॉल आ चुकी  है। 

आनंद विहार बस टर्मिनल पर भारी भीड़
 

अपने शहरों और गांवों में जाने के लिए भारी संख्या में प्रवासी दिल्ली के आनंद विहार बस टर्मिनल पर पहुंचे।

नोएडा की सीजफायर कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज, 13 लोग हो चुके हैं संक्रमित
सीजफायर कंपनी के खिलाफ एफआईआर के निर्देश दिए गए हैं। इस कंपनी का निदेशक लंदन से आया था, उसके बाद लंदन से एक ऑडिटर कंपनी में आया था। लेकिन कंपनी की तरफ से इसकी जानकारी स्वास्थ विभाग को नहीं दी गई है। कंपनी की गलती के कारण 13 लोग कोरोनावायरस की चपेट में आ गए।

केजरीवाल की अपील न जाएं घर छोड़कर, फैलेगी महामारी
केजरीवाल ने लोगों से अपील की है कि आप जहां हैं वहीं रहें वरना महामारी फैल जाएगी। सिर्फ यही नहीं उन्होंने बताया कि सभी इंतजाम किए जा रहे हैं।  1000 दुकानों में समय से पहले पहुंचा राशन पहुंच चुका है। 71 लाख लोगों तक राशन पहुंचेगा। हमने रहने और खाने की व्यवस्था कर दी है।

नोएडा में पांच और मरीज कोरोना पॉजिटिव पाए गए
नोएडा में पांच और कोरोना मरीजों की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही शहर में संक्रमितों कुल संख्या बढ़कर 23 हो गई है।

अरविंद केजरीवाल की अपील न जाएं अपने गांव
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पलायन कर रहे लोगों से अपील की है की यूपी और दिल्ली दोनों सरकारों ने बसों का इंतजाम तो कर दिया है, लेकिन मेरी अभी भी सभी से अपील है कि वे जहां है, वहीं रहें। हमने दिल्ली में रहने, खाने-पीने सबका इंतजाम किया है। कृपया अपने घर पर ही रहें। अपने गांव ना जाएं, नहीं तो लॉकडाउन का मकसद ही खत्म हो जाएगा।

कौशांबी बस अड्डे पर बसों का इंतजाम होने के बाद यूपी गेट हुआ खाली
यूपी गेट अब खाली हो चुका है। सभी लोगों को गाजियाबाद के कौशांबी डिपो भेज दिया गया है, क्योंकि कौशांबी डिपो से उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में  बसें जाएंगी।

दिल्ली सरकार ने पलायन कर रहे लोगों के लिए सरकारी स्कूलों में बनाया बसेरा
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने पलायन कर रहे लोगों के लिए एलान किया है कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में बसेरा बनाया जाएगा। यहां लोगों के लिए खाने का भी इंतजाम होगा। मनीष सिसोदिया ने लोगों से वापस न जाने की अपील की है लेकिन ये भी बताया कि दिल्ली सरकार ने 100 बसें और यूपी सरकार ने वापस जा रहे लोगों के लिए 200 बसों का इंतजाम किया है। मनीष सिसोदिया बोले दिल्ली सरकार की करीब 100 और उत्तर प्रदेश सरकार की करीब 200 बसें दिल्ली से पैदल जाने की कोशिश कर रहे लोगों को लेकर जा रही है। फिर भी सभी से मेरी अपील है कि लॉकडाउन का पालन करें। कोरोना का असर नियंत्रित रखने के लिए यही समाधान है। बाहर निकलने में कोरोना का पूरा खतरा है।

दिल्ली से पलायन कर वापस जा रहे लोगों को रोकने पहुंचे सिसोदिया
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर पहुंचे हैं। वह लोगों को दिल्ली से बाहर न जाने के लिए समझा रहे हैं। उनका कहना है कि आप लोग दिल्ली में ही रहें, आपको किसी चीज की कमी नहीं होने देंगे।

दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर जुटी हजारों की भीड़
दिल्ली के गाजीपुर में पलायन कर रहे लोगों की भीड़ जमा हो गई है। दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर बैरिकेडिंग सख्त होने के चलते लोग बॉडर पर ही खड़े हैं और अपने घरों की ओर जाने का इंतजार कर रहे हैं।

मजदूर पूछ रहे क्या है उपाय, पलायन न करें तो क्या करें
दिल्ली से लेकर नोएडा, गाजियाबाद आदि क्षेत्रों से आज भी मजदूरों का पलायन जारी है। उनका कहना है कि हमारी कंपनियां फैक्टरियां बंद हो गई हैं तो हमारे पास घर वापस जाने के अलावा क्या उपाय है?

दिल्ली में कई जगह लोग बांट रहे जरूरतमंदों को खाना
दिल्ली में बांग्ला साहिब गुरुद्वारा के बाहर लोगों ने जरूरतमंदों को खाना बांटा। इसी तरह शहर के कई क्षेत्रों में लोग जरूरतमंदों को खाना बांट रहे हैं। दूसरी तरफ आज भी दिल्ली समेत एनसीआर के तमाम शहरों की सड़कें लॉकडाउन के चलते वीरान पड़ी हैं।

एक ओर सामाजिक दूरी का लोग रख रहे ख्याल तो दूसरी ओर बसों में भरकर लोग जा रहे घर
एक ओर जहां लोग कोरोना के कारण सामाजिक दूरी के नियमों का पालन कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ इसकी धज्जियां उड़ रही हैं। कंपनी, फैक्टरी व काम बंद होने से जिन लोगों की आमदनी का जरिया खत्म हो गया है वह बस अड्डों से बसों में भरकर अपने गांव-शहर लौट रहे हैं।

दिल्ली-एनसीआर में कुल मरीजों को संख्या
दिल्ली- 41 संक्रमित                    2 की मौत
नोएडा ग्रेटर नोएडा- 23  संक्रमित
गुरुग्राम-10 संक्रमित
फरीदाबाद- 2 संक्रमित
पलवल- 1 संक्रमित
गाजियाबाद- 5 संक्रमित
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दिल्ली से बाहर नहीं जाएंगी डीटीसी बसें, अनावश्यक आवाजाही को रोकने के लिए पुलिस आयुक्त ने दिए आदेश

दिल्ली में लॉकडाउन के बाद से ही प्रवासी मजदूरों का पलायन जारी है। कोरोना वायरस के मद्देनजर जब लोगों को एक दूसरे से हर वक्त उचित दूरी बना कर रखने की अपील की जा रही है, वहीं एक साथ हजारों की संख्या में मजदूरों के इकट्ठा होने से संक्रमण का खतरा भी बढ़ रहा है, साथ ही नियमों का उल्लंघन भी हो रहा है।

पलायन के कारण बिगड़े हालात को काबू में करने के लिए दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रिवास्तव ने रविवार सुबह सख्त आदेश जारी किए हैं। उन्होंने आदेश दिया कि दिल्ली से उत्तर प्रदेश जाने वाले प्रवासियों की बड़ी आबादी की आवाजाही को पूरी तरह से रोका जाए। इसके लिए अतिरिक्त बल की जरूरत हो तो उनका भी प्रयोग किया जाए।

उन्होंने आदेश दिया कि रेलवे ट्रैक और मेट्रो स्टेशन के आस-पास किसी तरह की आवाजाही नहीं होनी चाहिए। मालूम हो कि प्रवासियों की बड़ी आबादी रेलवे ट्रैक के माध्यम से पैदल की अपने गांवों को निकल रही है। उनकी आवाजाही को भी पूरी तरह से बंद करने के आदेश दिए गए हैं।

पुलिस आयुक्त ने आदेश में स्पष्ट लिखा है कि सभी एसएचओ, एजीपी और डीजीपी आज इलाकों में गश्त करेंगे। इस दौरान उनके साथ पैट्रोलिंग गाड़ियां भी होंगी, जिनसे लगातार इस बात की घोषणा करवाई जाएगी कि दिल्ली में काम करने वाले सभी मजदूरों को सरकार उनका पूरा वेतन देगी। उन्हें कहीं जाने की जरूरत नहीं है। आदेश में पुलिस अधिकारियों से पलायन करने वाले मजदूरों को कोरोना वायरस के संक्रमण के बारे में जागरूक कराने को भी कहा गया है।
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पुलिस आयुक्त(यातायात) के आदेश के बाद खड़ी बसें पुलिस आयुक्त(यातायात) के आदेश के बाद खड़ी बसें

दिल्लीः शाहीन बाग के फर्नीचर मार्केट में लगी आग, एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पाया गया काबू

शाहीन बाग इलाके में रविवार को एक फर्नीचर की दुकान में देर रात अचानक आग लग गई। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटे देखकर दुकान मालिक समेत मोहल्ले के लोगों ने पुलिस समेत दमकल विभाग को घटना की सूचना दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची दमकल चार गाड़ियों ने आग पर एक घंटे में काबू पा लिया। इस हादसे में किसी भी जनहानि की सूचना नहीं है। दमकल अधिकारी जांच कर आग लगने की वजहों की जांच कर रहे हैं।

शाहीन बाग में असलम खान की एक फर्नीचर की दुकान में देर शाम अचानक किसी वजह से आग लग गई। आग ने दुकान में रखे लकड़ी के फर्नीचर को अपने चपेट में ले लिया। आग की लपटे देखकर इलाके में लोग घरों से बाहर निकल कर आ गए। पहले तो लोगों ने खुद ही आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की ऊंची लपटे देखकर लोगों ने दमकल विभाग को घटना की सूचना दी। 

इस सूचना पर पहले तो दमकल की दो गाड़िया मौके पर पहुंच गई। आग बढ़ने के बाद दमकल की दो अतिरिक्त गाड़ियों को भी घटनास्थल पर बुलाना पड़ा। एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग को बुझा लिया गया। हालांकि आग की लपटों में अगल-बगल की दूसरी दुकाने भी आ गई थीं, जिस पर वक्त रहते काबू पा लिया गया। पुलिस का कहना है कि आग लगने से हुए नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।
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सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टर ने बताया, कई मरीजों में देखने को मिल रहा माइल्ड कोरोना

अभी तक कोरोना के काफी मरीज भर्ती हुए हैं लेकिन हर किसी की एक जैसी स्थिति नहीं है। कई में कोरोना का काफी माइल्ड संक्रमण देखने को मिला है। सफदरजंग अस्पताल में अब तक 16 मरीज ठीक किए जा चुके हैं। जब मरीज पहली बार आता है तो वह काफी घबराया होता है। उसे लगता है कि पता नहीं क्या बीमारी उसे लग गई? वह सोचता है कि बच नहीं पाएगा लेकिन अस्पताल आने के बाद मरीज की काउंसलिंग की जाती है। 

उन्हें बताया जाता है कि दो चार दिन में जांच इत्यादि करने के बाद निगेटिव रिपोर्ट मिलने पर उन्हें घर भेज दिया जाएगा। मरीजों से दिन में हर 2 से चार घंटे बाद डॉक्टर नर्स मिलने जाते हैं। ताकि उनका आत्मविश्वास बना रहे।

यही वजह है कि सफदरजंग अस्पताल में अब तक काफी मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं। ये कहना है डॉ. नितिश गुप्ता का। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मन की बात करते हुए डॉ. गुप्ता ने बताया कि लोगों को खौफ में आने की जरूरत नहीं है। सावधानी बरतने व बचाव के नियमों का पालन करना चाहिए। 

उन्होनें कहा कि जैसे सीमा पर सेना डटी हुई है वैसे ही डॉक्टर भी कोरोना की जंग से लडने के लिए डटे हुए हैं। सफदरजंग अस्पताल में तीन आइसीयू वार्ड भी संचालित किए जा रहे हैं। अब 800 बेड की क्षमता वाले पूरे सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक को कोरोना अस्पताल में तब्दील किया जा रहा है। जिसमें करीब 100 आइसीयू बेड उपलब्ध कराने की तैयारी है। ये देश का सबसे बड़ा कोरोना नोडल केंद्र है। यहां कोरोना इलाज के लिए विभिन्न विभागों के डॉक्टरों की एक टीम बनाई है जिसके नोडल अधिकारी डॉ. नितिश गुप्ता हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हम जो भी मांग रहे हैं सरकार वह उपलब्ध करा रही है। डॉक्टर अपने कर्तव्य निभाने में लगे हैं।
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गरीबी से कोई अगर मकान का किराया नहीं दे पाता तो सरकार करेगी भरपाई: केजरीवाल

रेलवे पटरी के सहारे घर जाते लोग
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के मकान मालिकों से अपील की है कि वे पैसे के लिए किराएदारों को घर से न निकालें। उन्होंने कहा कि गरीबी की वजह से कोई किराया नहीं दे पाता तो कोरोना का संकट टलने के बाद दिल्ली सरकार इसे चुकाएगी। केजरीवाल ने दिल्ली छोड़कर जा रहे लोगों से अपील की कि वे कहीं न जाएं।

केजरीवाल ने कहा दिल्ली सरकार ने अभी स्कूलों में रहने का इंतजाम किया है। जरूरत पड़ने पर बड़े-बड़े स्टेडियम भी खाली करा लिए जाएंगे। दिल्ली में किसी को रहने व खाने की दिक्कत नहीं होगी। केजरीवाल ने प्रधानमंत्री के उस वाक्य को कोरोना वायरस से बचने का मंत्र बताया, जो उन्होंने लॉकडाउन की घोषणा के वक्त कहा था कि जो जहां है, वहीं रहे।

रविवार शाम मीडिया से बातचीत में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली समेत गोआ, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तराखंड समेत दूसरे राज्यों में कमाई करने गए लोग बड़ी संख्या में घर लौटने के लिए सड़क पर निकल पड़े हैं। केजरीवाल ने अपील की कि कोई कहीं न जाए। जो लोग अपना शहर छोड़कर गांव जा रहे हैं, अगर भीड़ में किसी कोरोना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए से उनको भी कोरोना हो जाएगा।

उन्होंने कहा इससे उनका परिवार मुश्किल में आ जाएगा। वे जहां जाएंगे, वहां पूरे गांव में कोरोना पहुंचेगा। इससे लॉकडाउन का मकसद ही खत्म हो जाएगा। उन्होंने मकान मालिकों को आश्वस्त किया कि कोई किराएदार गरीबी की वजह से किराया नहीं दे पाता तो कोरोना वायरस का संकट खत्म होने के बाद सरकार उनका किराया चुकता कर देगी। ऐसे में किसी को किराए के लिए बाहर निकालने की जरूरत नहीं है। अगले एक-दो महीने के लिए किराया टाल दें।

कार्यकर्ताओं से अपील न करें राजनीति
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि शनिवार को भाजपा के लोगों ने दिल्ली सरकार पर गलत आरोप लगाए। इससे आप कार्यकर्ता उनसे उलझने लगे। इसे गलत बताते हुए केजरीवाल ने कहा कि कोई झूठे आरोप लगाता है तो एक बार सफाई देकर आगे निकल जाएं। किसी से उलझने की जरूरत नहीं है। इसकी जगह संकट मेें फंसे लोगों की मदद की कोशिश करें।

लॉकडाउन में करें श्रीमद्भागवत गीता के 18 अध्यायों का पाठ
केजरीवाल ने दिल्ली के लोगों को सलाह दी कि अभी लॉकडाउन के 18 दिन बचे हैं और श्रीमद्भागवत गीता में 18 अध्याय हैं। लोग अपने परिवार के साथ बैठकर हर रोज इसका पाठ कर सकते हैं। केजरीवाल ने बताया कि शनिवार से उनकी पत्नी ने सपरिवार बैठक कर इसके पाठ की शुरुआत भी कर दी है।
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नोएडा: कंपनी की लापरवाही के कारण संक्रमित हुए 13 लोग, महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज

कोरोना वायरस के संक्रमण के बाद गौतमबुद्धनगर जिले में पहला मुकदमा दर्ज किया गया है। नोएडा की सीज फायर कंपनी के खिलाफ मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने एफआईआर दर्ज कराई है। आरोप है कि कंपनी के विदेश से आए ऑडिटर के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष संपर्क में आने से 13 लोग कोरोना से संक्रमित हो गए। 

इसकी जानकारी होने के बाद भी कंपनी ने कर्मचारियों को होम क्वारंटीन नहीं किया और उन्हें आम दिनों की तरह ही काम कर बुलाना जारी रखा। गौतमबुद्ध नगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से डॉ. अनुराग भार्गव ने थाना एक्सप्रेसवे में महामारी अधिनियम 1897 के तहत एफआईआर दर्ज कराई है। 

थाना एक्सप्रेसवे प्रभारी ने बताया कि आरोप है कि कंपनी का ऑडिटर विदेश से आया था। इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को नहीं दी गई थी। साथ ही कंपनी की ओर से कर्मचारियों के लिए वो जरूरी इंतजाम भी नहीं किए गए जो कोरोना वायरस से बचाव के लिए आवश्यक थे। 

कंपनी ने कर्मचारियों को होम क्वारंटीन नहीं किया। उन्हें लगातार काम पर बुलाया गया। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक ऑडिटर के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष संपर्क में आने से 13 लोग कोरोना वारस से संक्रमित हो चुके हैं।




 
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सरकारी आदेश उल्लंघन के 153 मामले दर्ज

नई दिल्ली। लॉकडाउन के दौरान लोग सड़कों पर निकलने से बाज नहीं आ रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने रविवार शाम 5 बजे तक सरकारी आदेश के उल्लंघन (धारा-188) में अलग-अलग थानों में 153 मामले दर्ज किए हैं। इस दौरान पुलिस ने 65 डीपी एक्ट में 3811 लोगों को हिरासत में लिया। बाद में सभी को छोड़ दिया गया।
दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त प्रवक्ता अनिल मित्तल ने बताया कि बार-बार अपील के बावजूद घरों से निकल रहे लोगों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई कर रही है। दिल्ली पुलिस ने डीपी एक्ट-66 के तहत रविवार शाम 5 बजे तक 381 वाहनों को जब्त कर थानों में जमा कर लिया। जरूरी सेवाएं देने वाले 1868 लोगों को रविवार को कर्फ्यू पास जारी किए गए।
पुलिस ने बताया कि शनिवार दोपहर गश्त के दौरान मजनू का टीला जी-30 पर घर में फूलमाला की दुकान खोले किशनलाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। उधर, एसटीए चौक, राजपुर रोड पर चेकिंग के दौरान ऑटो चालक राज बहादुर को रोका गया। उसने कहा कि खाने के लिए कुछ न होने पर वह ऑटो लेकर निकला है। इस बीच, ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी चौक के पास सवारी ले जा रहे ऑटो चालक सतीश को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
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संकट में लॉकडाउन...पांच लाख से ज्यादा लोगों का दिल्ली से पलायन, हालात चिंताजनक

दिल्ली से पांच लाख से ज्यादा लोग दो दिन में यूपी में दाखिल हो चुके हैं। रोकने की तमाम कोशिशें काम न आने के बाद यूपी सरकार एक हजार बसें लगाकर उन्हें गंतव्य तक पहुंचा रही है। शुक्रवार व शनिवार रात भर बसें लगाकर लोगों को पहुंचाने का इंतजाम करना पड़ा। उधर, उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ देर रात तक हालात की मॉनिटरिंग करते रहे। 

योगी की नसीहत...केजरीवाल का अनुरोध... नीतीश की चिंता
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विभिन्न राज्यों में काम करने वाले यूपी के लोग आजीविका वाले स्थान पर रहें। यात्रा उन्हें व परिवार सहित अन्य लोगों को खतरे में डाल सकती है। 

वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली-यूपी सरकार की बसों की व्यवस्था है। हमारी अपील है कि लोग जहां हैं, वहीं रहें। उनके खाने-रहने की व्यवस्था है। 

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि लोगों के लिए बसों की नहीं, कैंपों की व्यवस्था होनी चाहिए। राज्य इसका खर्च उठाएं। पलायन से लॉकडाउन निरर्थक हो जाएगा।

ऐसे में सबसे बड़ी चिंता :ये लोग जब अपने घर पहुंचेंगे, तब इनकी जांच कैसे संभव होगी? कैसे थमेगा कोरोना का  संक्रमण?
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सोसाइटी-मोहल्ले की गलियों के बाहर जुटने वालों पर भी रिपोर्ट

नई दिल्ली। लॉकडाउन के दौरान अपनी सोसाइटी और मोहल्ले की गलियों के बाहर जुटने वाले लोगों के खिलाफ सख्ती शुरू हो गई है। पुलिस के आने पर मौके पर पकड़े जाने वालों के साथ ही भागने वालों के खिलाफ भी सामाजिक दूरी का ध्यान नहीं रखने के लिए सरकारी आदेश के उल्लंघन की रिपोर्ट दर्ज की जा रही है।
लॉकडाउन के दौरान किसी को भी बिना वजह घर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं है। इसके बावजूद सोसाइटियों और मोहल्लों में रहने वाले लोग अपने घर के बाहर झुंड में एकत्र होकर वार्ता में मशगूल हो रहे हैं। इस दौरान सामाजिक दूरी का ख्याल भी नहीं रखा जा रहा है। हालांकि पुलिस को देखकर वे अपने घरों में भाग जाते हैं। अब पुलिस इनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है। मौके पर पकड़े जाने वाले लोगों के खिलाफ सरकारी आदेश के उल्लंघन का मामला दर्ज किया जा रहा है। उनसे पूछताछ के बाद भागने वालों को भी नामजद किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लोगों को कानून का पालन कर घरों के भीतर रहना चाहिए।
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हिंसा पीड़ितों के लिए भोजन, चिकित्सा और आश्रय सुनिश्चित करे दिल्ली सरकार : हाईकोर्ट

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने उत्तर-पूर्वी जिले में फरवरी के आखिरी सप्ताह में हुई हिंसा के दौरान बेघर हुए लोगों के लिए भोजन, चिकित्सा और आश्रय सुनिश्चित करने के लिए आम आदमी पार्टी सरकार को निर्देश दिए हैं। हिंसा के बाद इन लोगों के लिए मुस्तफाबाद स्थित ईदगाह में राहत शिविर बनाया गया था, जिसे कोरोना वायरस संक्रमण फैलने के डर से हाल ही में दिल्ली सरकार द्वारा बंद कर दिया गया। इस शिविर से बाहर निकाले गए लोगों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाकर अपने लिए सुविधाओं की मांग की है।
न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति तलवंत सिंह ने इस याचिका पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई करते हुए आप सरकार को निर्देश दिए हिंसा पीड़ितों के लिए भोजन, पेयजल, चिकित्सा और आश्रय मुहैया करवाया जाए। साथ ही दिल्ली के अन्य समुदाय भवनों या रैन बसेरों में रह रहे लोगों के लिए भी इन सुविधाओं को मुहैया करवाने के निर्देश दिए।
राहत शिविर और रैन बसेरों में सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करे ईडीएमसी :
पीठ ने पूर्वी दिल्ली नगर निगम को भी निर्देश दिए कि वह राहत शिविर और रैन बसेरों में सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करे ताकि हिंसा पीड़ितों को ठहरने में परेशानी का सामना ना करना पड़े। इन निर्देशों को जारी करते हुए पीठ ने कें द्र, दिल्ली सरकार और ईडीएमसी को नोटिस जारी किए और 30 मार्च तक जवाब मांगा।
यह याचिका शेख मुजतबा फारूक नामक शख्स की ओर से दायर की गई। उन्होंने याचिका में कहा कि इससे पहले हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को ईदगाह कैंप में हिंसा पीड़ितों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए चिकित्सा, मास्क, हैंड सैनिटाइजर और डॉक्टरों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे, लेकिन दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट के निर्देशों के बावजूद कैंप को बंद कर दिया, जिससे यहां रह रहे लोग मुसीबत में हैं।
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