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जंगलराजः दिल्ली की गलियों में बहा खून, लहराये हथियार, कत्ल के बाद हमलावर फरार

महेंद्र पार्क के पीपलथला इलाके में मंगलवार दोपहर तेज म्यूजिक बजाने से मना करने पर एक समुदाय ने दूसरे समुदाय पर छुरा, चापड़ और अन्य हथियारों से हमला कर दिया। घटना में परिवार के एक भाई की मौत हो गई, जबकि दो भाई गंभीर रूप से जख्मी हो गए। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। आरोप है कि हमलावर घटना को अंजाम देने के बाद हथियार लहराते हुए फरार हो गए। हालांकि पुलिस ने घटना को अंजाम देने वाले पिता और उसके दो बेटों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि दो फरार बेटों की तलाश कर रही है। 

पुलिस के अनुसार मृतक की शिनाख्त 29 वर्षीय सुशील के रूप में हुई है, जबकि घायल भाइयों की पहचान सुनील और अनिल के रूप में हुई है। सुशील अपनी पत्नी और तीन साल के बेटे के साथ रहता था। साथ ही उसके भाई भी अपने परिवार के सदस्यों के साथ पड़ोस में रहते हैं। मंगलवार दोपहर करीब सवा तीन बजे पीपलथला में पड़ोसियों के बीच झगड़ा होने की दो कॉल आई। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो देखा कि गली में खून बिखरा पड़ा है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि अब्दुल के परिवार वालों ने पड़ोसी सुशील और उसके भाइयों पर घातक हथियार से हमला कर दिया है। घायल तीनों भाइयों को इलाज के लिए बाबू जगजीवन राम अस्पताल ले जाया गया है। जहां डॉक्टरों ने सुशील को मृत घोषित कर दिया है। छानबीन के बाद पुलिस ने बताया कि सुशील के पड़ोस में अब्दुल अपने परिवार के साथ रहता है। 

दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए। अब्दुल ने सुशील पर शराब बेचने का आरोप लगाया। वहीं, सुशील के परिवार वालों ने अब्दुल के घर वालों पर तेज आवाज में म्यूजिक बजाने का आरोप लगाया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर अब्दुल और उसके दो बेटों आफाक और शहनवाज को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि फरार हसीम और चांद की तलाश कर रही है।

तनाव को देखते हुए इलाके में पुलिस बल तैनात
दो समुदायों के बीच खूनी संघर्ष के बाद इलाके में तनाव है। वारदात के वक्त लोग अपने घरों कैद हो गए। पुलिस के आने के बाद दूसरे समुदाय के लोग बाहर निकले, जिनमें तनाव साफ तौर पर देखा जा रहा था। आरोपी परिवार के लोग घर को छोड़कर कहीं अन्य जगह पर जा चुके थे। जबकि मृत सुशील के घर पर लोगों का जमावड़ा लगा हुआ था। आस पास के लोग उसके परिवार वालों से मिलने के लिए आ रहे हैं। 
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हादसे के बाद... हादसे के बाद...

गिरफ्त में जालसाजः रेलिगेयर के 2397 करोड़ गबन में पूर्व सीईओ समेत दो धरे गए

रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड (आरएफएल) के 2397 करोड़ रुपये के गबन के मामले में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने दो जालसाजों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लिमिटेड के पूर्व सीईओ ग्रेटर कैलाश-2 में रहने वाले मनिंदर सिंह और स्टॉक ब्रोकर फर्म आर्क फाइनेंस लिमिटेड के प्रमोटर व निदेशक फरीदाबाद के नरेंद्र कुमार घोषाल के तौर पर हुई है। 

इस मामले में प्रमुख दवा कंपनी रेनबैक्सी के प्रमोटर रहे मालविंदर मोहन सिंह और शिवेंदर मोहन सिंह समेत पांच लोगों की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है। इन  पर आरएफएल से मिले फंड में हेराफेरी करते हुए उसे अपने निजी खर्च में इस्तेमाल करने का आरोप है।

ज्वाइंट सीपी डॉ. ओपी मिश्रा के मुताबिक, मनप्रीत सिंह ने रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लिमिटेड पर नियंत्रित रखने वाले मालविंदर, शिवेंदर और सुनील गोधवानी समेत प्रबंधन में शामिल कई अहम पदाधिकारियों के नाम पर आरएफएल से उन कंपनियों को लोन दिलाया, जिनकी कोई वित्तीय हैसियत ही नहीं थी। इन कंपनियों ने जानबूझकर लोन नहीं लौटाया, जिससे आरएफएल को 2397 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। यह बात आरबीआई और सेबी के ऑडिट में भी सामने आई। 

मनिंदर सिंह 2017 में रेलिगेयर ग्रुप के निदेशक और सीईओ थे, जो मालविंदर और शिवेंदर के साथ इस साजिश में शामिल थे। वह प्रबंधन कमेटी के सदस्य भी थे, जो कॉरपोरेट को लोन का भुगतान करती थी। मनिंदर और कवि अरोड़ा ने 13 कॉरपोरेट कंपनियों से जालसाजी कर 700 करोड़ रुपये के लोन दे दिया, जिसका फायदा रेलिगेयर ग्रुप के प्रमोटर्स को मिला। 

मनिंदर रेलिगेयर ग्रुप के चीफ बिजनेस ऑफिसर भी थे। जालसाजी कर लोन का यह पैसा नरेंद्र कुमार घोषाल के नियंत्रित वाली कंपनियों के खातों में भेज दिया गया। आर्थिक अपराध शाखा लंबे वक्त से आरोपियों की तलाश कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर आरोपी मनिंदर सिंह और नरेंद्र कुमार घोषाल को उनके घरों से गिरफ्तार कर लिया है।
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हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की बुकिंग एक नवंबर से, फिर प्रयोग के तौर पर शुरू होगी होम डिलीवरी

राजधानी में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट और कलर कोडेड स्टिकर के लिए ऑनलाइन बुकिंग एक नवंबर से शुरू होगी। इसके बाद इनकी होम डिलीवरी प्रयोग के तौर पर शुरू की जाएगी। यह निर्णय परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत की अध्यक्षता में हुई बैठक में मंगलवार को लिया गया। होम डिलीवरी की सुविधा लेने वाले वाहन चालकों को सौ से दो सौ रुपये तक शुल्क देना होगा। 

इस बैठक के दौरान सोसाइटी ऑफ इंडियान ऑटोमोबाइल मेनुफेक्चरर्स (सियाम) ने बताया कि एचएसआरपी तथा कलर स्टीकर उपलब्ध कराने में संभावित देरी की दिक्कतों को कैसे दूर किया जाए।

वहीं एचएसआरपी निर्माता रोजमेर्टा की ओर से बताया गया कि एचएसआरपी की बुकिंग एक नवंबर तथा इसे लगाने का कार्य सात नवंबर से शुरू कर दिया जाएगा। नंबर प्लेट तैयार होने पर कार विक्रेता की ओर से खरीदार को मोबाइल मैसेज भेजा जाएगा।
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286 गाड़ियों की जांच के बाद हाथ आया छेड़छाड़ करने वाला एसआई

High security number plate
द्वारका में महिलाओं से छेड़छाड़ व अश्लील हरकतें करने वाला दिल्ली पुलिस का पूर्व एसआई पुनीत ग्रेवाल कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस की गिरफ्त में आया था। द्वारका पुलिस ने दिल्ली में मौजूद 286 बलेनो गाड़ियों की डिटेल खंगाली थी। करीब 500 वर्कशॉप को भी खंगाला गया था। करीब एक हजार सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखकर आरोपी के रूट की पहचान की गई। पता लगा कि गाड़ी जनकपुरी की तरफ से आती है। आरोपी ने वारदात के बाद कार बेच दी थी। पुनीत ग्रेवाल शराब पीने का आदि है।

द्वारका पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूर्व एसआई पुनीत ग्रेवाल ने द्वारका में 17 अक्तूबर को तीन महिलाओं से छेड़छाड़ की थी। इनमें से एक समाजसेवी थी। इसी ने ही सोशल मीडिया पर अपनी साथ हुई घटना को रखा था। घटना के दौरान एक महिला ने पत्थर मारकर आरोपी पुनीत ग्रेवाल की गाड़ी का पिछला शीशा तोड़ दिया था। सीसीटीवी फुटेज में गाड़ी का टूटा हुआ शीशा दिखाई दे रहा था। आरोपी 22 अक्तूबर को फिर उसी जगह पहुंचा था, तो आरोपी की गाड़ी पर नया शीशा लगा हुआ था। इससे पुलिस को ये पता लगा कि आरोपी ने कहीं पर गाड़ी का शीशा बदलवाया है। 

ऐसे में द्वारका जिले की कई टीमों ने वर्कशॉप को खंगालना शुरू किया। इसके अलावा द्वारका पुलिस ने दिल्ली में मौजूद सभी बेलेनो गाड़ियों की डिटेल खंगाली। एक गाड़ी आरोपी की पत्नी के नाम रजिस्टर्ड मिली। इसके बाद आरोपी की गाड़ी को अशोक विहार से जब्त कर लिया। आरोपी ने नंबर प्लेट पर केवल डीएल लिखा हुआ था। एसआई पुनीत ग्रेवाल ने घटनाओं के बाद गाड़ी को बेच दिया था और 20 हजार रुपये एडवांस में ले लिए थे।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि 17 अक्तूबर को तीन महिलाओं से छेड़छाड़ की गई थी। इनमें से एक महिला ने 100 नंबर पर कॉल की थी। हालांकि महिला ने शुरू में पुलिस को शिकायत नहीं दी थी। पुलिस ने डीडी इंट्री पर पर्चा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। द्वारका पुलिस अब सीआरपीसी की धारा-164 के तहत पीड़िताओं के बयान दर्ज करा रही है। दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने एसआई पुनीत ग्रेवाल को सोमवार शाम को नौकरी से बर्खास्त कर दिया था।

आरोपी की जमानत का विरोध करें : महासंघ
दिल्ली पुलिस महासंघ ने द्वारका पुलिस की जांच की तारीफ की है। महासंघ के अध्यक्ष व दिल्ली पुलिस के रिटायर्ड एसीपी वेदभूषण ने दिल्ली पुलिस से मांग की है कि आरोपी की जमानत का विरोध किया जाए और उसे कड़ी से कड़ी सजा दिलवाने के प्रयास किए जाएं। महासंघ का कहना है कि आरोपी की वजह से दिल्ली पुलिस की छवि खराब हुई है।
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बल्लभगढ़ हत्याकांड: बड़ी अफसर बन देश की सेवा करना चाहती थी निकिता, बीकॉम में भी किया टॉप

फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में मिल्क प्लांट रोड स्थित अग्रवाल कॉलेज के सामने सोमवार शाम चार बजे बीकॉम अंतिम वर्ष की छात्रा निकिता तोमर का कार सवार दो युवकों ने अपहरण का प्रयास किया। इसमें नाकाम रहने पर एक युवक ने छात्रा को गोली मार दी। मामला एकतरफा प्यार का था।घटना को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी तौसीफ व उसके साथी रेहान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 

अधिकारी बन देश की सेवा करना चाहती थी निकिता 
छात्रा के परिवार ने बताया कि तौसीफ और निकिता 12वीं तक साथ पढ़े थे। निकिता पढ़ने में अच्छी थी। निकिता ने 12वीं में 95 प्रतिशत अंक हासिल कर स्कूल में टॉप किया था। इसके बाद उसने बीकॉम में दाखिला लिया। निकिता ने कॉलेज में भी तीन साल लगातार टॉप किया था। निकिता का सपना था कि वो आईएएस बनकर देश की सेवा करे। 

पिता का दावा- आरोपी की मां निकिता पर डालती थी धर्म परिवर्तन का दबाव
निकिता के पिता का दावा है कि आरोपी की मां पिछले दो साल से बेटी पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव डाल रही थी। वह निकिता को फोन कर-करके उसे धर्म परिवर्तन के लिए कहती थी, जिससे बेटी काफी परेशान होती थी।

राजनीतिक परिवार से है तौसीफ 
मुख्य आरोपी तौसीफ के दादा कबीर अहमद पूर्व विधायक हैं। चचेरा भाई आफताब आलम मेवाल जिले के नूंह से विधायक हैं। तौसीफ का सगा चाचा जावेद अहमद इस बार बसपा के टिकट पर चुनावा लड़ चुका है।

हत्याकांड में क्या बोले सीएम मनोहर लाल खट्टर
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि बल्लभगढ़ में छात्रा की हत्या में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

नेशनल हाईवे किया जाम
निकिता की हत्या के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए लोगों ने दिल्ली-मथुरा हाईवे जाम कर दिया। इसके साथ ही परिजनों ने मांग की है कि इस मामलेे की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो, साथ ही जल्द से जल्द इंसाफ मिले। साथ ही उन्होंने मांग की है कि दोषियों को विकास दुबे जैसी मौत दी जाए। हम 15 साल तक इंतजार नहीं कर सकते। 
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डीयू कुलपति पर लगे आरोपों की जांच करेगी कमेटी

एनडीएमसी ने जारी किया डॉक्टरों का सितंबर तक का वेतन, डॉक्टर बोले- वेतन खाते में न आने तक हड़ताल रहेगी जारी

उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने डॉक्टरों का सितंबर 2020 तक का वेतन जारी कर दिया है। निगम ने डॉक्टरों का जुलाई से लेकर सितंबर तक का वेतन जारी किया गया है। उत्तरी निगम ने सिर्फ डॉक्टरों का ही नहीं बल्कि सफाई कर्मचारियों और डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर्स की सैलरी भी अगस्त 2020 तक की रिलीज कर दी है।

वहीं दूसरी तरफ उत्तरी निगम के कस्तूरबा गांधी अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि, निगम वेतन जारी करने को लेकर झूठी खबर फैला रहा है। किसी भी डॉक्टर के खाते में पैसे नहीं आए हैं और जब तक खाते में पैसे नहीं आ जाते वे हड़ताल बंद नहीं करेंगे।

नर्सों व शिक्षकों आदि का भी वेतन जारी
नर्सों का जुलाई तक का वेतन, स्वास्थ्य कर्मचारियों का जून तक वेतन जारी कर दिया गया है। वहीं उत्तरी नगर निमग से संबद्ध शिक्षकों और अन्य ग्रुप ए, बी, सी, अन्य क्लास फोर स्टाफ और दिहाड़ी मजदूरों की जून 2020 तक की सैलरी जारी की गई है। वहीं अप्रैल 2020 तक के पेंशन जारी किए गए हैं।

केजरीवाल ने आज ही कहा था- एमसीडी का डॉक्टरों को वेतन ना देना शर्मनाक
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के अस्पतालों के डॉक्टरों को बिना वेतन के काम करने के लिए मजबूर करना शर्मनाक है। साथ ही उन्होंने केंद्र से नगर निगमों को अनुदान देने का अनुरोध भी किया ताकि वे डॉक्टरों का वेतन दे पाएं।

उत्तरी दिल्ली नगर निगम के कई डॉक्टरों ने दावा किया है कि वे पिछले तीन महीने से बिना वेतन के काम कर रहे हैं और इसको लेकर वे पिछले दो सप्ताह से प्रदर्शन भी कर रहे हैं। केजरीवाल ने एमसीडी के कामकाज में घोर कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि चीजें सही करने का समय आ गया है।

गाजीपुर के कुक्कुट और मछली बाजार में अपशिष्ट से ऊर्जा बनाने के संयंत्र का उद्घाटन करते हुए केजरीवाल ने कहा, ‘मुझे इस बात का काफी दुख है कि डॉक्टरों को वेतन के लिए प्रदर्शन करना पड़ रहा है। इन डॉक्टारों ने वैश्विक महामारी के दौरान हमारे लिए अपने जीवन को खतरे में डाला। यह शर्मनाक है।’

उन्होंने पूछा, ‘हम देख रहे हैं कि कई वर्षों से नगर निकाय अपने शिक्षकों, सफाई कर्मचारियों और डॉक्टरों को वेतन नहीं दे पा रहे। आखिर एमसीडी में कोष की कमी क्यों है?’

केजरीवाल ने कहा, पूर्व सरकारों की तुलना में हमने एमसीडी को कहीं अधिक कोष दिया है। हमने बकाया से अधिक दिया है। केजरीवाल ने कहा कि डॉक्टरों के वेतन के मामले पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए और उनको वेतन मिले, इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करने चाहिए। उन्होंने दावा किया कि केंद्र ‘दिल्ली को छोड़कर देश के सभी नगर निगमों को अनुदान दे रहा है।’
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