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देशभर के विश्वविद्यालयों में शुरू होगी मूल्य प्रवाह योजना

सीमा शर्मा, नई दिल्ली Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया Updated Thu, 26 Dec 2019 10:33 AM IST
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देशभर के विश्वविद्यालयों के छात्र और शिक्षक अब मानवीय मूल्य (Human Value) और व्यावसायिक आचारनीति (Professional Ethics) की पढ़ाई भी करेंगे। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक (Union HRD Minister Ramesh Pokhriyal Nishank)  विश्वविद्यालयों में मूल्य प्रवाह योजना की जल्द ही शुरुआत करने जा रहे हैं। 
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इस योजना के तहत छात्रों और शिक्षकों को सच बोलने, एकता, नैतिक जिम्मेदारी, देशप्रेम, मेहनत, ईमानदारी आदि के बारे में सीखने को मिलेगा। इसके अलावा गुरु दक्षिता में फैकल्टी इंडक्शन, परीक्षा मूल्यांकन में सुधार और साटैट के माध्यम से परिसर को ग्रीन कैंपस से जोड़ना शामिल रहेगा।


विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC - University Grants Commission) ने उच्च शिक्षा में सुधार के साथ बदलाव लाने के लिए पांच योजनाएं तैयार की हैं। इन्हीं योजनाओं की केंद्रीय मंत्री निशंक जल्द शुरुआत करने वाले हैं। 

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अक्सर प्लेसमेंट के दौरान कंपनियां छात्रों में मानवीय मूल्यों और प्रोफेशनल एथिक्स की कमी की शिकायत करती हैं। इन्हीं दिक्कतों को दूर करने के लिए अब स्नातक, स्नातकोत्तर, एमफिल व पीएचडी प्रोग्राम में छात्रों और शिक्षकों को मूल्य प्रवाह में इन दोनों विषयों के लिए प्रशिक्षण दी जाएगी। इसका मकसद किताबी व विषय के ज्ञान के साथ-साथ छात्रों में इन मूल्यों का भी पूरा विकास करना रहेगा। आयोग ने इसके लिए जरूरी दिशानिर्देश भी तैयार कर लिए हैं।

अब विश्वविद्यालयों के शिक्षक भी होंगे फेल

गुरु दक्षिता योजना के तहत कक्षाओं में छात्रों को परीक्षाओं में पास और फेल करने वाले शिक्षक भी अब फेल किए जाएंगे। पहले से पढञा रहे शिक्षकों को रिफ्रेशर कोर्स पास करना अनिवार्य रहेगा। अगर किसी शिक्षक को एफ ग्रेड (49 फीसदी अंक) मिलता है, तो वे फेल माने जाएंगे।

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पदोन्नति के लिए शिक्षकों को परीक्षा में पास होना अनिवार्य होगा। इसके अलावा शिक्षक बनने से पहले ओरिएंटेशन ट्रेनिंग जरूरी होगी। शिक्षकों को इसमें लर्निंग आउटकम, शिक्षका का विवि, छात्र, देश, समाज के प्रति दायित्व, पाठ्यक्रम, विवि शासन व प्रशासन, सीबीसीएस, ओबीएल, आंकलन व मूल्यांकन, असेसमेंट डिजाइन, शिक्षण व व्यवसायिक विकास में शोध की भूमिका, शोधकार्यों को चोरी से बचाने व परखने, आदि का प्रशिक्षण दिया जाएगा। 

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