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NEP: एक ही संस्था से नियंत्रित होंगे सभी राज्यों के स्कूल बोर्ड, आसान होगी परीक्षा

एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया Updated Wed, 30 Oct 2019 08:19 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : PTI

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अब तक केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के अलावा अन्य किसी राज्य स्कूल बोर्ड पर केंद्र का हस्तक्षेप नहीं होता है। ये बोर्ड संबंधित राज्यों की सरकारों द्वारा ही नियंत्रित होते हैं। लेकिन आने वाले समय में सभी राज्यों के अलग-अलग स्कूली शिक्षा बोर्ड्स (State School Boards) के लिए एक ही नियामक संस्था होगी। यह केंद्रीय संस्था मानव संसाधन विकास मंत्रालय (HRD Ministry - MHRD) के अधीन काम करेगी। यह प्रस्ताव नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के ड्राफ्ट में दिया गया है। 
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नई शिक्षा नीति के ड्राफ्ट में कहा गया है कि राष्ट्रीय स्तर पर एक नियामक संस्था बनाई जाएगी। यह शिक्षा मंत्री के अधीन देश के सभी स्कूल बोर्ड्स के लिए होगी। इनका काम होगा -
  • सभी बोर्ड में मूल्यांकन व जांच के नियमों व मानकों को समान बनाए रखना।
  • ये देखना कि सभी बोर्ड और उनका मूल्यांकन पैटर्न 21वीं सदी की जरूरतों के अनुसार छात्रों में कौशल की जरूरतों को पूरा कर रहा है य नहीं।
  • सभी बोर्ड नई शिक्षा नीति के उद्देश्य व प्रावधानों को पूरा कर रहे हैं या नहीं।

अधिकारियों के अनुसार, नई शिक्षा नीति (NEP) के प्रस्ताव को मानव संसाधन विकास मंत्रालय (MHRD) द्वारा अंतिम रूप दिया जा चुका है। अब इसे केंद्रीय मंत्रीमंडल के समक्ष मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। बताया गया है कि इस प्रस्ताव में अंतिम समय पर कुछ बदलाव संभव हो सकते हैं।

आसान होगी बोर्ड परीक्षा

इस नीति में दिए गए प्रस्तावों के आधार पर कहा जा रहा है कि इसके लागू होने से बोर्ड परीक्षाएं भी आसान होंगी। इन परीक्षाओं के जरिए छात्रों की आधारभूत क्षमताओं को परखा जाएगा, न कि रटने की क्षमता को। 

ये भी पढ़ें : सीए परीक्षा में किस तरह के बदलाव चाहते हैं आप, ICAI ने मांगे हैं सुझाव 

गौरतलब है कि पूर्व इसरो प्रमुख के कस्तुरीरंगन की अध्यक्षता में समिति ने नई शिक्षा नीति का ड्राफ्ट तैयार किया है। यह नीति 2014 के आम चुनाव में भाजपा के घोषणापत्र का भी हिस्सा थी। अभी देश में जो शिक्षा नीति लागू है, वह 1986 में बनी थी। अंतिम बार 1992 में इसमें संशोधन किए गए थे।

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