अब एनआईटी के छात्रों को आईआईटी से बीटेक करने का मौका, डबल डिग्री प्रोग्राम भी होगा शुरू  

एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Updated Sat, 02 Nov 2019 12:46 PM IST
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आईआईटी दिल्ली
आईआईटी दिल्ली - फोटो : File Photo

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एनआईटी के छात्रों को अब आईआईटी से अपनी बीटेक की पढ़ाई पूरी करने का मौका मिलेगा। आईआईटी दिल्ली अगले साल यानी 2020 से एनआईटी में बीटेक के आखिरी वर्ष की पढ़ाई कर रहे छात्रों को आईआईटी में शिफ्ट होने का मौका देगी। हालांकि यह सुविधा उन्हीं छात्रों को मिलेगी, जिनका सीजीपीए-8 से अधिक होगा। खास बात ये है कि ऐसे प्रवेश पाने वाले छात्रों को गेट परीक्षा पास किए बिना ही आईआईटी दिल्ली में सीधे पीएचडी में भी दाखिले का मौका हासिल हो जाएगा।
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आईआईटी दिल्ली के डायरेक्टर प्रो. वी. रामगोपाल राव के मुताबिक, दीक्षांत समारोह में इस योजना की घोषणा की जाएगी। बीटेक डिग्री तो एनआईटी की ही होगी, लेकिन इन छात्रों को पीएचडी डिग्री आईआईटी की मिलेगी। प्रो. राव के मुताबिक, दोनों प्रौद्योगिकी संस्थान हैं। लेकिन एनआईटी में दाखिला सिर्फ जेईई मेन में पास हो जाने से मिल जाता है, जबकि आईआईटी के लिए जेईई मेन के बाद जेईई एडवांस परीक्षा भी पास करनी होती है। हालांकि प्रो. राव ने यह भी कहा कि एनआईटी के बीटेक छात्रों को आईआईटी में दाखिला दिए जाने की प्रक्रिया में भी गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा। इस योजना का मकसद आईआईटी में पीएचडी छात्रों की संख्या बढ़ाना है।
वहीं, केंद्र की तर्ज पर आईआईटी लेटरल एंट्री पाटर्नरशिप योजना भी लेकर आ रही है। इसमें प्रदूषण, पर्यावरण, इलेक्ट्रिकल व्हीकल जैसी योजनाओं में अपने शिक्षकों की बजाय बाहरी विशेषज्ञों की सेवाएं फैकल्टी के तौर पर ली जाएंगी ताकि छात्रों को उस विषय की विशेषज्ञ जानकारी मिल सके।
अगले साल से डबल डिग्री प्रोग्राम की भी तैयारी

प्रो. राव के मुताबिक, आईआईटी दिल्ली अगले साल से डबल डिग्री प्रोग्राम भी शुरू करेगा। इसके तहत छात्र बीटेक डिग्री आईआईटी से करेंगे, लेकिन एमटेक या एमबीए भारत या विदेश के किसी भी विश्वविद्यालय और उच्च शिक्षण संस्थान से कर सकेंगे। डबल डिग्री प्रोग्राम में आधा कोर्स आईआईटी में पूरा होगा, जबकि शेष कोर्स दूसरे विश्वविद्यालय या उच्च शिक्षण संस्थान में कराया जाएगा। इसके चलते छह साल की बजाय छात्र को पांच साल में ही दो डिग्री हासिल हो जाएंगी।

इसरो ने दिए हैं आईआईटी दिल्ली को चार प्रोजेक्ट

इसरो ने आईआईटी दिल्ली को अपने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, टेक्सटाइल इंजीनियरिंग, स्मार्ट मैन्युफेक्चरिंग व नैनो टेक्नोलॉजी से जुड़े प्रोजेक्टों पर काम करने का मौका दिया है। आईआईटी दिल्ली इन प्रोजेक्ट के लिए शोध करेगी। इसके लिए शनिवार को इसरो प्रमुख की अध्यक्षता में दोनों संस्थानों के बीच समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।

एल्युमनाई के बाद कॉरपोरेट फंड

एंडॉमेंट योजना के जरिए अपने पूर्व छात्रों से आर्थिक सहयोग लेने के बाद अब आईआईटी दिल्ली कॉरपोरेट फंड योजना शुरू कर रहा है। इस योजना में एक अरब से अधिक नेटवर्थ वाले बिजनेस घरानों से कॉरपोरेट फंड लिया जाएगा। इस फंड में मिलने वाले पैसे को खर्च करने के लिए कॉरपोरेट फंड मैनेजमेंट बोर्ड का गठन किया जाएगा।  
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