NLSIU: इन वजहों से ये विश्वविद्यालय है नंबर वन, जानें खासियतें

एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Updated Sun, 24 May 2020 03:59 PM IST
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NLSIU: Due to these reasons, this university is number one
- फोटो : अमर उजाला

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क्या आप लॉ में अपना करियर बनाना चाहते हैं? क्या आप कानून की दुनिया में अपना परचम लहराना चाहते हैं? अगर आपका जवाब हां हैं तो आज हम आपको बेहद काम की चीजें बताने जा रहे हैं। 
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हर कोई चाहता है कि देश के बेहतरीन कॉलेज में पढ़ाई करें ताकि भविष्य की आगे की राहें आसान हो। लॉ में भी करियर बनाने से पहले आपको लॉ के टॉप कॉलेजों के बारे में जानकारी होना आवश्यक है। आज हम आपको एक ऐसे ही लॉ कॉलेज के बारे में बता रहे हैं कि जो ना सिर्फ इंडिया में नंबर वन है बल्कि इस कॉलेज में पढ़ाई करने से आपकी आगे की राहें आसान हो सकती हैं। 
जी हां, हम बात कर रहे हैं नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु (National Law School of India University,Bangalore) की। लॉ में करियर बनाने के लिए स्टूडेंट्स इस कॉलेज में एडमिशन लेने का सपना देखते हैं। चलिए जानते हैं आखिर नेशनल लॉ कॉलेज, बेंगलुरु किन वजहों से इतना पॉपुलर है। 
1986 में रखी गई इस कॉलेज की नींव-
नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (एनएलएसआईयू) की स्थापना बार काउंसिल ऑफ इंडिया, बैंगलोर यूनिवर्सिटी, कर्नाटक सरकार, कर्नाटक बार काउंसिल और ज्यूडिशियरी के द्वारा 1986 में की गई थी। इस कॉलेज को भारत में शिक्षा के नए युग में कानूनी विकास के लिए जाना जाता है। नेशनल लॉ स्कूल ऑफ़ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) बैंगलोर, कर्नाटक में स्थित है। यह भारत में स्थापित होने वाला पहला राष्ट्रीय कानून विश्वविद्यालय है और साथ ही देश में पांच साल की स्नातक डिग्री की पेशकश करने वाला विश्वविद्यालय है। कानूनी शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्रदान करने के कारण एनएलएसआईयू को "हार्वर्ड ऑफ ईस्ट" भी कहा जाता है। इस विश्वविद्यालय की खासियत है कि ये जरूरतमंद छात्रों के लिए अपनी स्वयं की छात्रवृत्ति भी देता है जिससे छात्र एनएलएसआईयू में पढ़कर अपना भविष्य बना सकें।

एनएलएसआईयू जैसी लाइब्रेरी कहीं ओर नहीं - 
वर्तमान में एनएलएसआईयू को भारत में नंबर 1 लॉ स्कूल के रूप में स्थान दिया गया है। एनएलएसआईयू के छात्रों ने हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, चाहे वह राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट हो, वाद-विवाद हो या अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियां। एनएलएसआईयू सबसे अच्छी लाइब्रेरियों में से एक है जिसमें 50,000 किताबें, लगभग 20,000 जर्नल्स और सब्सक्रिप्शन शामिल हैं। उनके पास WESTLAW, JSTOR, KLUWERONLINE, SPRINGERLINK  जैसे ऑनलाइन अंतर्राष्ट्रीय डेटाबेस की सदस्यता है, जो कानूनी छात्र के लिए संसाधनों का एक अमूल्य भंडार है। भारतीय डेटाबेस के साथ ही अंतर्राष्ट्रीय केस रिपोर्टर्स, क़ानून की समीक्षा के लेख और क़ानून शामिल हैं। छात्रों के लिए MANUPATRA।COM, INDLAW।COM जैसी पोर्टल की सदस्यता भी उपलब्ध है। 

एनएलएसआईयू को मिल चुके हैं ये खिताब
एनएलएसआईयू को इंडिया टुडे, 2017 में "इंडियाज बेस्ट कॉलेजेज", आउटलुक इंडिया के "टॉप 25 लॉ कॉलेज इन 2017" और द वीक में "टॉप लॉ कॉलेजों इन 2017" में पहला स्थान मिल चुका है। 
मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा ने 2018 और 2019 में कानून संस्थानों के लिए राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क रैंकिंग आयोजित की गई थी जिसमें नेशनल लॉ स्कूल ऑफ़ इंडिया यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु को पहला स्थान दिया गया था। 

सुप्रीम कोर्ट के फैसलों में मदद करती है एनएलएसआईयू में की गई रिसर्च
देश का सबसे बड़ा कोर्ट सुप्रीम कोर्ट नेशनल लॉ कॉलेज, बेंगलुरु के स्टूडेंट और फैकल्टीं मेंबर्स द्वारा प्रकाशित रिसर्च को अपने फैसले के दौरान अहमियत देते हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने दो अहम निर्णयों में नेशनल लॉ कॉलेज, बेंगलुरु द्वारा पब्लिश रिसर्च को ध्यान में रखकर फैसला दिया गया था इनमें से एक है – ‘निजता का अधिकार’। ये रिसर्च यहां के स्टूडेंट द्वारा लिखी गई थी। 

ये पॉपुलर लोग रह चुके हैं नेशनल लॉ कॉलेज, बेंगलुरु के स्टूडेंट्स - 
  • मेनका गुरुस्वामी, भारत के सर्वोच्च न्यायालय के सीनियर एडवोकेट। 2019 में टाइम्स 100 में सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों में से एक के रूप में नामित। 
  • श्यामकृष्ण बालगणेश, पेंसिल्वेनिया लॉ स्कूल के विश्वविद्यालय में लॉ के प्रोफेसर। 
  • विक्रमजीत बनर्जी, भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल
  • साजन पूवय्या – अतिरिक्त महाधिवक्ता, कर्नाटक (सबसे कम उम्र के महाधिवक्ता का खिताब)
  • दोरज ओडबयार, संवैधानिक न्यायालय मंगोलिया के अध्यक्ष।
  • न्यायमूर्ति शेखर बी. सराफ, उच्च न्यायालय कोलकाता के जज।
  • न्यायमूर्ति सी. सरवनन, उच्च न्यायालय चेन्नई के जज।
  • न्यायमूर्ति एस. सुनील दत्त यादव, उच्च न्यायालय कर्नाटक के जज ।

एनएलएसआईयू में एडमिशन लेने के लिए CLAT एग्जाम पास करना है जरूरी - 
एनएलएसआईयू के छात्रों के पहले बैच को राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा के माध्यम से वर्ष 1988 में चुना गया था। 2008 से, एनएलएसआईयू ने कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (सीएलएटी) के आधार पर प्रवेश शुरू की, जिसका पहला संस्करण 2008 में एनएलएसआईयू द्वारा आयोजित किया गया था। स्नातक और स्नातकोत्तर दोनों कार्यक्रमों में प्रवेश कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) पर आधारित है। एग्जाम पास करने के साथ ही स्नातक के लिए 12वीं की परीक्षा में 50 फीसदी स्कोर करना भी जरूरी है।   
एमपीपी कार्यक्रम के लिए, उम्मीदवारों का चयन पॉलिसी एप्टीट्यूड टेस्ट के माध्यम से किया जाता है, इसके बाद एनएलएसआईयू परिसर में इंटरव्यू आयोजित किए जाते हैं। 

एनएलएसआईयू में स्नातक डिग्री के लिए सीटें – 
2020 में स्नातक एलएलबी पाठ्यक्रम के लिए एनएलएसआईयू ने कुल 80 सीटें निकाली है, जबकि एक साल के एलएलएम के लिए 50 सीटें निकाली हैं। सीटों को उम्मीदवारों के बीच उनकी श्रेणी और संस्था की आरक्षण नीति के आधार पर वितरित किया जाता है। एनएलएसआईयू बैंगलोर सीटों का विवरण नीचे दिया गया है।

एनएलएसआईयू बैंगलोर बीए एलएलबी सीटें -
1. जनरल श्रेणी: 55
2. अनुसूचित जाति: 12 
3. अनुसूचित जनजाति: 6 
4. विशेष रूप से एबल्ड पर्सन: 2
5. विदेशी नागरिक: 5 

एनएलएसआईयू की फीस:
विश्वविद्यालय पांच वर्षों की अवधि के साथ बीए एलएलबी (ऑनर्स) प्रदान करता है। छात्रों को प्रत्येक वर्ष की शुरुआत में प्रत्येक वर्ष के लिए पाठ्यक्रम शुल्क का भुगतान करना होगा। प्रति वर्ष शुल्क संरचना नीचे एक तालिका में दी गई है।
एनएलएसआईयू बैंगलोर बीए एलएलबी शुल्क संरचना –
  • सामान्य श्रेणी: 2,62,000।00 रुपये
  • एससी / एसटी श्रेणी: 2,58,875।00 रुपये
एनएलएसआईयू में दी जाने वाली सुविधाएं
विश्वविद्यालय में 23 एकड़ का नगरभवी कैंपस है और यह छात्रों को कई सुविधाएं प्रदान करता है। छात्रों को पढ़ने और रिसर्च के लिए मेंटोर्स (सीनियर्स) के साथ जोड़ दिया जाता है। इसके अलावा लाइब्रेरी के साथ ही अन्य एक्सट्रा एक्टिविटीज भी होती हैं। छात्रों को क्लासेज के बाद इन एक्टिविटीज में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। एनएलएसआईयू में आवासीय सुविधाएं और खेल सुविधाएं भी शामिल हैं। 

विश्वविद्यालय द्वारा दी जाने वाली कुछ सुविधाएं नीचे सूचीबद्ध हैं- 
• छात्र और छात्राओं के लिए छात्रावास
• जिम
• फुटबाल का मैदान
• टेनिस और बास्केटबॉल कोर्ट
• मूट कोर्ट हॉल (न्यायमूर्ति एम हिदायतुल्लाह मूट कोर्ट हॉल)
• इंटरनेट और वायरलेस कनेक्टिविटी

एनएलएसआईयू छात्रों के लिए प्लेसमेंट और सैलरी - 
एनएलएसआईयू में प्लेसमेंट का अपना एक अलग प्रॉसिज़र हैं। फर्स्ट ईसर से ही प्लेसमेंट प्रक्रिया शुरू हो जाती है। प्रैक्टिल नॉलेज के लिए फर्स्ट और सेकेंड ईयर के स्टूडेंट्स को एनजीओ के साथ जोड़ा जाता है। थर्ड ईयर के छात्रों को ट्रायल लॉयर्स के साथ प्रैक्टिस करवाई जाती है। फोर्थ ईयर में सीनियर वकीलों के साथ प्रैक्टिस करवाई जाती है। पांचवे साल में छात्रों को कॉरपोरेट और लॉ फर्म में प्लेसमेंट दिलवाई जाती है। इसी प्रोग्राम के चलते स्नातक पूरी करने वाले छात्रों की फील्ड में बहुत डिमांड होती है।

एनएलएसआईयू से ग्रेजुएट होने के बाद यहां के छात्रों के पास करियर के बहुत से विकल्प होते हैं। कुछ स्टूडेंट्स कॉरपोरेट लॉ फर्म्से ज्वॉइन कर करते हैं। इनकी औसतन सैलरी फ्रेशर होने के नाते 14 से 15 लाख रूपए होती है। कुछ स्टूडेंट्स कंसल्टेंसी फर्मों में बिजनेस एनालिस्ट के रूप में काम करते हैं। कई छात्र देश भर में विभिन्न अदालतों में खुद को प्रतिष्ठित करते हैं। कुछ छात्र न्यायपालिका में विभिन्न प्रकार से सेवा करते हैं, चाहे उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों के रूप में या निचली न्यायपालिका में। कुछ छात्र विदेशी कंपनियों को ज्वॉइन करते हैं तो कुछ ग्रेजुएशन से आगे पढ़ने के लिए ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय, कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय, येल लॉ स्कूल या हार्वर्ड विश्वविद्यालय में जाने का विकल्प चुनते हैं। बहुत से छात्रों को रोड्स स्कोरलरशिप और आईएनएलएकेएस स्कोरलरशिप भी मिल रही है जिससे वे आगे पढ़ सकें। एनएलएसआईयू अब तक 25 रोड्स स्कॉलर्स का निर्माण कर चुका है। बहुत से स्टूडेंट्स यूपीएससी सिविल सर्विस एग्जामिनेशन की तैयारी करते हैं। यहां से पढ़ाई कर चुके बहुत से छात्र भारत के साथ-साथ विदेशों में भी एनजीओ और पब्लिक पॉलिसी थिंक टैंक में सक्रिय हैं।

जिन अभ्यर्थियों ने अभी तक इस कोर्स के लिए आवेदन नहीं किया है, वो जल्द से जल्द क्लैट के  कोर्स में दाखिले के लिए रजिस्ट्रेशन करें। यदि उम्मीदवार आज आवेदन करते है तो उन्हें शुल्क में 10% की छूट मिल रही है। बस उन्हें इस कूपन का  AMAR10 इस्तेमाल करना होगा। 

बता दें कि कंसोर्टियम ऑफ नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी ने कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT 2020) के लिए आवेदन की तिथि बढ़ा दी है। अभ्यर्थी अब एक जुलाई तक क्लैट के लिए आवेदन कर सकते हैं।  इसके साथ ही 21 जून को आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षा भी स्थगित कर दी गई है। तो फिर देर किस बात की अभी जुड़ें सफलताडॉटकॉम के क्रैश कोर्स से और करें क्लैट की पक्की तैयारी।

इस नए कोर्स में फौरन एडमिशन के लिए विजिट करें- https://bit.ly/2WKW22S
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