#SPBalasubramaniam: जब हजारों की भीड़ के सामने बोले, 'ईश्वर बुलाए और मैं न आऊं, हो नहीं सकता’

Pankaj Shuklaपंकज शुक्ल Updated Fri, 25 Sep 2020 08:15 PM IST
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एस पी बालासुब्रमण्यम
एस पी बालासुब्रमण्यम - फोटो : Twitter: @ganeshbandla

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साल 1981 में एक आवाज ने देश में सिनेमा के शौकीनों का मन मोह लिया। इस आवाज ने उत्तर और दक्षिण का एक नया सांस्कृतिक पुल भी बनाया। फिल्म ‘एक दूजे के लिए’ में पार्श्वगायन करने वाले गायक एस पी बालासुब्रमण्यम पहले ऐसे गायक रहे जिन्होंने भारतीय सिनेमा की हर भाषा में सुपरहिट गीत गाए और लगातार गाए। शुक्रवार को चेन्नई में उन्होंने जब अंतिम सांसें लीं, तो संगीत का एक ऐसा राग अधूरा छूट गया, जिसकी सरगम पूरे भारत ने एक साथ सुनी थी।
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एस पी बालासुब्रमण्यम को लोग प्यार से एसपीबी बुलाते रहे। इतना बड़ा कद और इतना छोटा निकनेम। आदमी भी वह बहुत ही कमाल के रहे। हां, पहली बार जब उनके नाम का जिक्र फिल्म ‘एक दूजे के लिए’ में पार्श्वगायन के लिए चला तो फिल्म की संगीतकार जोड़ी लक्ष्मीकांत प्यारेलाल में से लक्ष्मीकांत को वह खास पसंद नहीं आए। उन्हें लगा कि पता नहीं ये मद्रासी गायक कुछ कर भी पाएगा कि नहीं लेकिन फिल्म निर्देशक के बालाचंदर के भरोसा जताने के बाद वह मान गए। कमल हासन की इस फिल्म में आवाज बनने के बाद एसपीबी बाद में फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ में सलमान खान की आवाज भी बने। कम लोगों को ही पता होगा कि एसपीबी न सिर्फ कमाल के गायक थे बल्कि बहुत अच्छे अभिनेता और डबिंग आर्टिस्ट भी रहे। कमल हासन की जितनी भी फिल्में तमिल से तेलुगु में डब होकर रिलीज हुई हैं, सब में उनकी डबिंग एसपीबी ने ही की। फिल्म एक दूजे के लिए के गाने ‘तेरे मेरे बीच में कैसा है ये बंधन अनजाना’ के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ गायक का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला।
नेल्लोर में हरिकथा सुनाने वाले सम्बामूर्ति के घर 4 जून 1946 को जन्मे एसपीबी का पूरा नाम है, श्रीपति पडिथा अरथुयला बालासुब्रमण्यम। माता पिता की इच्छा थी कि वह इंजीनियर बने। लेकिन, विफलता उन्हें चेन्नई लेकर आई। संगीत का शौक था उन्हें, जिसे उन्होंने जुनून में बदला गायन प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर। उस समय के मशहूर गायक और संगीतकार एस पी कोथानदपनी ने उनकी प्रतिभा को एक कार्यक्रम में देखा तो हैरान रह गए। आंध्र सोशल एंड कल्चरल सोसाइटी की इस गायन प्रतियोगिता ने एसपीबी का जीवन बदल दिया। कोथानदपनी ने ही एस पी बालासुब्रमण्यम को पार्श्वगायन का पहला मौका दिया।
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