श्रीजीत की फिल्म के खिलाफ बोले सुभाष चंद्र बोस के परिजन, 'यह फिल्म उनका सरासर अपमान करना है'

एंटरटेनमेंट डेस्क, मुंबई Updated Fri, 30 Aug 2019 12:40 PM IST
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gumnami - फोटो : social media

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बंगाली सिनेमा के जाने-माने निर्देशक श्रीजीत मुखर्जी जो हिन्दी फिल्म अदाकारा विद्या बालन के साथ साल 2017 में बेगम जान बना चुके हैं, इन दिनों अपनी अगली फिल्म पर काम कर रहे हैं। उनकी यह अगली फिल्म भारतीय सेना के पहले लीडर और स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस की अचानक मृत्यु और उससे जुड़े रहस्यों पर है। श्रीजीत को इस फिल्म की प्रेरणा अनुज धर और चंद्रचूर घोष द्वारा लिखी किताब कनॉनड्रम : सुभाष बोस लाइफ आफ्टर डेथ पढ़कर मिली है। हालांकी सूत्रों की मानें तो अब सुभाष चंद्र बोस के परिवार वाले इस फिल्म की कहानी और श्रीजीत से सहमत नहीं हैं। 
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बता दें कि फिल्म की शुरुआत से पहले ही श्रीजीत, सुभाष चंद्र बोस के परिवार के 33 सदस्यों से सहमतिनामा पहले ही साइन करवा चुके हैं, पर नई उपज अनुसार इन्हीं में से कुछ सदस्य फिल्म की कहानी को लेकर निराश हो गए हैं। सुभाष चंद्र बोस के पड़पोते चंद्र बोस जो कि भाजपा सदस्य हैं, उन्होंने कहानी जानकर निराश होते हुए सोशल मीडिया पर लिखा " ये क्या बकवास चल रहा है, जस्टिस मुखर्जी आयोग और जस्टिस सहाय आयोग ने सबूतों के आधार पर यह खारिज कर दिया था कि गुमनामी बाबा नेता जी नहीं हैं। अफवाहें असंभव को सही साबित नहीं कर सकती हैं। किसी भी गुमनामी बाबा की तुलना सुभाष चंद्र बोस जी से करना या उन्हें बदनाम करने का अधिकार किसी के पास नहीं है। " 
श्रीजीत की इस फिल्म का नाम गुमनामी है, और फिल्म को लेकर वह कहते हैं "सीबीएफसी ने बुधवार के दिन फिल्म को पास कर दिया है। फिल्म किसी भी तरह से यह नहीं कहती कि गुमनामी बाबा ही नेताजी थे। अगर हम किसी अफवाह को नहीं मानना चाहते हैं तो ठीक है लेकिन एक फिल्म में यह बताना भी जरूरी है। हम किसी भी तरह से नेताजी का अपमान नहीं करना चाहते। पर यह लोकतंत्र है, हर फिल्मकार के पास अधिकार है कि वह हर तरह के तथ्य की पेशकश करे और उन सभी रहस्यों पर भी चर्चा करे जो इतने महान व्यक्ति की ज़िंदगी से जुड़े हैं। "
 
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