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गोरखपुर

शुक्रवार, 17 जनवरी 2020

आतंकी घुसपैठ की आशंकाओं के मद्देनजर भारत-नेपाल की खुली सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

आतंकी घुसपैठ की आशंकाओं के मद्देनजर भारत-नेपाल बार्डर पर सुरक्षा व खुफिया एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। सीमा पर सतर्कता और सुरक्षा बढ़ा दी गई है। 26 जनवरी तक ऑपरेशन अलर्ट चलाया जा रहा है।

कई राज्यों में सीएए के विरोध प्रदर्शन में बाहरी लोगों के घुसपैठ की आशंका को लेकर कड़ी नजर रखी जा रही है। वहीं भारत सरकार की खुफिया एजेंसी आईबी ने सीमा पर डेरा डाल दिया है। एसएसबी और पुलिस के बिंग जवान सार्दी वर्दी में सीमा पर नजर बनाए हुए हैं।

सीमा पर अभी दस जनवरी को सुरक्षा का जायजा लेने एसएसबी के महानिदेशक कुमार राजेश चन्द्रा भी पहुंचे थे। उसके बाद से सीमा सुरक्षा बल के साथ सिविल पुलिस और ख़ुफिया एजेंसिया काफी सतर्क हैं।

चौकसी तेज करते हुए भारत से नेपाल आने जाने वाले लोगों व वाहनों की डाग स्क्वायड, हेडमेडल डिटेक्टर व मिरर डिटेक्टर से चौबीस घंटे नजर रखी जा रही है। संदिग्ध प्रतीत होने पर उनकी फोटो तथा नाम, पते एक रजिस्टर में दर्ज करने के साथ उनकी आईडी प्रूफ की भी जांच जवान गहनता से कर रहे हैं ।

सीमा क्षेत्र के सभी नाकों पर जवानों की संख्या बढाते हुए गश्त तेज हो गई है। भारत सरकार गृह मंत्रालय के निर्देश पर एसएसबी ने सीमा पर पूरे जनवरी महीने में आपरेशन अलर्ट जारी कर रखा है। सरहद के करीब 70 पगडंडी एवं 16 चौकी पर जवानों का कड़ा पहरा है।

ख़ुफिया विभाग के अनुसार कश्मीर में हुए बदलाव एवं सीएए को लेकर देश विरोधी तत्व सक्रिय हो गए हैं। नेपाल में भारत विरोधी कई संगठन जैसे लश्कर ए तैयबा, इंडियन मुजाहिदीन व सिमी समेत कई आतंकी संगठन एक साझा प्लान के तहत नेपाल के रास्ते भारत में घुसपैठ की फिराक में हैं। सरहद पर होने वाली हर गतिविधि की रिपोर्ट प्रतिदिन गृह मंत्रालय को भेजी जा रही है।

इस संबंध में एसएसबी कंपनी कमांडर अमित कुमार ने बताया कि सीमा पर आपरेशन अलर्ट जारी है। एसएसबी पुलिस के साथ हर नाकों पर जांच तेज कर दी है। सीमा पार से आने वाले यात्रियों, देशी विदेशी पर्यटकों के संदिग्ध नजर आने पर पूछताछ के साथ कड़ी तलाशी ली जा रही है।
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GDA: वेबसाइट के चक्कर में मानचित्र के लिए भटक रहे आवेदक, अफसर बोले-डॉन्ट वरी..

गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) में मानचित्र स्वीकृत कराने के लिए आवेदन तकनीकी गड़बड़ी की वजह से ठप है। इसके कारण तीन दिनों से तमाम आवेदक भटक रहे हैं। हाई रिस्क क्षेत्र के मानचित्र का आवेदन ही प्राधिकरण की वेबसाइट पर दाखिल नहीं हो पा रहा है। प्राधिकरण के अफसरों का कहना है कि नई वेबसाइट के सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी की वजह से ऐसी दिक्कत हो रही है। जल्द ही इसे दूर कर लिया जाएगा।

प्राधिकरण में पहले वेबसाइट upobps.in पर मानचित्र के लिए आवेदन किया जाता था। कुछ दिन पहले इस वेबसाइट की जगह नई वेबसाइट upobpas.in को मानचित्र के आवेदन के लिए बनाया गया। नई वेबसाइट पर काम पूरा न होने के कारण लो रिस्क (ऐसे क्षेत्र जहां का ले आउट स्वीकृत है) एवं हाई रिस्क (वाणिज्यिक या ऐसे क्षेत्र जहां का ले आउट स्वीकृत नहीं है) जोन के मानचित्र पुरानी वेबसाइट पर भी दाखिल करने की सुविधा थी।

जब तक दोनों वेबसाइट पर आवेदन मान्य था तब तक कोई परेशानी नहीं आई। लेकिन तीन दिन पहले पुरारी वेबसाइट को शासन की ओर से बंद कर दिया गया जिससे अब नए पर ही आवेदन का विकल्प बचा रह गया। नई वेबसाइट पर लो एवं हाई रिस्क दोनों ही क्षेत्रों से जुड़े मानचित्र के आवेदन दाखिल करने में दिक्कत हो रही है। जीडीए का कहना है कि लो रिस्क जोन के मानचित्र के आवेदनों में कोई परेशानी नहीं आ रही।
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चार जिलों के 500 किसानों को बसों से गीडा लाएगा प्रशासन, सीएम योगी करेंगे सम्मानित

गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन देने वाले चार जिलों के जिन 500 किसानाें को 18 जनवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सम्मानित करेंगे। उन्हें कार्यक्रम स्थल तक लाने के लिए जिला प्रशासन ने बसों का इंतजाम करने के साथ ही नोडल अफसर भी तैनात किए हैं। कोई दिक्कत न हो इसलिए बसों में नाश्ते के साथ ही कार्यक्रम स्थल पर किसानों के लिए लंच का भी इंतजाम हुआ है। ये किसान जब अपने घर के लिए लौटेंगे तो फिर रास्ते के लिए उनके नाश्ते का बसों में ही इंतजाम किया गया है।

डीएम के निर्देश पर बृहस्पतिवार कोएडीएम (फाइनेंस) राजेश सिंह ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। उन्होेंने बताया कि कार्यक्रम में गोरखपुर से 175, आजमगढ़ और अंबेडकरनगर से 140-140 और संतकबीरनगर से 45 किसानों को सम्मानित किया जाएगा। मंच पर 10 किसानों को मुख्यमंत्री शॉल ओढ़ाकर सम्मानित करेंगे जबकि बाकी किसानों को प्रशासन एवं अन्य विभागों के अफसर सम्मानित करेंगे। दो दिवसीय दौरे पर मुख्यमंत्री 18 जनवरी को गोरखपुर पहुंचेंगे। दोपहर तीन बजे वह गीडा में किसानों को सम्मानित करेंगे। इसके बाद वह गीडा में आईजीएल के द्वारा कारपोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी (सीएसआर) फंड से जुड़ियान प्राइमरी स्कूल के मरम्मत एवं सुंदरीकरण कार्य का लोकार्पण भी करेंगे। मंदिर में रात्रि विश्राम के बाद अगले दिन नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज में आयोजित रैली में शामिल होंगे।
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गोरखपुर की हर खबर अब अमर उजाला डिजिटल पर, कल सीएम योगी करेंगे लोकार्पण

अमर उजाला हमेशा से अपने पाठकों के लिए नवाचार करता आया है। इसी उद्देश्य को एक कदम और आगे बढ़ाते हुए अमर उजाला ने बाबा गोरखनाथ की नगरी और मुंशी प्रेमचंद की कर्मभूमि रहे इस शहर की खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करने की तैयारियां पूरी कर ली हैं। यानी अब गोरखपुर की हर खबर किसी भी वक्त डिजिटल प्लेटफॉर्म Gorakhpur.AmarUjala.com पर पढ़ी जा सकेगी। इतना ही नहीं, आप खबरों को सुन भी सकेंगे और खबरों के वीडियो भी देख सकेंगे।

अमर उजाला गोरखपुर के डिजिटल संस्करण की पहल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सराहा है और शनिवार को वे खुद इसका लोकार्पण करेंगे। इस समारोह में शहर के प्रमुख उद्योगपति, कारोबारी और शिक्षाविद भी उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम का आयोजन अमर उजाला के गीडा स्थित दफ्तर (प्लॉट क्रमांक एएल-21 सेक्टर 13) में किया जा रहा है। गोरखपुर के डिजिटल संस्करण तक पहुंचने के लिए अब शहरवासियों को अपने कम्प्यूटर या मोबाइल ब्राउजर पर Gorakhpur.AmarUjala.com टाइप करना होगा। यह संस्करण आपको अमर उजाला के मोबाइल एप पर भी मिलेगा।

पिछले कुछ समय से गोरखपुर की स्थानीय खबरों को अमर उजाला डॉट कॉम के जरिए पहुंचाया गया। इस दौरान पाठकों की जबरदस्त प्रतिक्रिया और उत्साह देखने को मिला। 'बदला गोरखपुर और बढ़ता गोरखपुर' सूत्र वाक्य को ध्यान में रखते हुए अमर उजाला डिजिटल संस्करण के जरिए गोरखपुर सहित पूर्वांचल की खबरें देश, दुनिया तक पहुंचाई जाएंगी। पड़ोसी राज्य बिहार ही नहीं बल्कि नेपाल की खबरें भी पाठकों तक पहुंचाई जाएंगी।
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योगी आदित्यनाथ योगी आदित्यनाथ

डेढ़ महीने के ट्रायल में कुछ ऐसी रही गोरखपुर के डिजिटल संस्करण की कवरेज, आगे क्या खास?

‘अमर उजाला’ ने न केवल गोरखपुर को समझा, बल्कि उसके हर संघर्ष और मुश्किल से उबरने के उसके जज्बे को जिया भी है। बढ़ते वक्त के साथ गोरखपुर भी बदलता जा रहा है। इसी बदलाव को देखते हुए गोरखपुर वासियों और दुनिया भर में बसे गोरखपुर के अप्रवासियों के लिए अमर उजाला गोरखपुर का डिजिटल संस्करण तैयार किया गया है।

ऑफिशियल लांचिंग से करीब डेढ़ महीने पहले से गोरखपुर के डिजिटल संस्करण का ट्रायल शुरू हो गया था। ट्रायल के दौरान हमने गोरखपुर की हर खबर, हर लाइन को पाठकों तक पहुंचाया ऑनलाइन। 

चाहे वह गोरखपुर में हुए बवाल की लाइव कवरेज हो, गोरखपुर महोत्सव हो, खिचड़ी मेला हो या पाठक वर्ग से जुड़ी अन्य आवश्यक जानकारियां हों। नेशनल मुद्दे से जुड़ी बड़ी खबरों के गोरखपुर कनेक्शन भी हमने तलाशे और उसपर खबरें बनाकर अपलोड कीं। 

आपको बता दें, अमर उजाला के डिजिटल संस्करण के ट्रायल रन में जबरदस्त रिस्पांस मिला है। एक दिसंबर से ट्रायल रन शुरू हुआ तो डिजिटल संस्करण के व्यूवर की संख्या 11 हजार थी। 31 दिसंबर आया तो यह संख्या 31 लाख के पार हो गई। एक जनवरी से 16 जनवरी के बीच 29 लाख से ज्यादा व्यूवर जुड़ चुके हैं।

एक नजर डिजिटल कवरेज पर...
(हेडिंग को क्लिक कर आप पूरी खबर भी पढ़ सकते हैं)
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रातभर हुई बारिश से भीगा-भीगा गोरखपुर, खिचड़ी मेले में उमड़ी आस्था, देखें आज की ताजा खबरें

गोरखपुर और आसपास की ताजा खबरें रियल टाइम आपके तक पहुंचाने के मकसद से हमने गोरखपुर डिजिटल पर नया कॉलम शुरू किया है। इसमें एक ही खबर में गोरखपुर और आसपास की ताजा खबरें के रियल टाइम इनपुट नजर आएंगे। सारी खबर पता चलते ही उसे अलग से आप तक पहुंचा दिया जाएगा। देखें 17 जनवरी के रियल टाइम अपडेट...

भीगा-भीगा गोरखपुर
शुक्रवार को गोरखपुर के दिन की शुरुआत भीगी भीगी रही। बृहस्पतिवार रात से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला शुक्रवार सुबह तक जारी रहा। हालांकि अब बारिश रुक चुकी है। बीते दिन भी कोल्ड-डे के चलते दिन में ठंड से लोग कांपते रहे तो रही सही कसर रात में हुई तेज बारिश ने पूरी कर दी।

मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि पंजाब से लेकर पूर्वी उत्तरप्रदेश तक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसकी वजह से बृहस्पतिवार रात शहर में  बारिश हुई। वहीं आसपास के इलाकों पीपीगंज, कैंपियरगंज, महराजगंज, कप्तानगंज आदि में दोपहर बाद से ही बारिश शुरू हो गई।
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40 कंपनियों में चार हजार युवाओं की मिलेगी नौकरी, चयनित युवाओं को CM देंगे नियुक्ति पत्र

बारिश में स्कूल जाते बच्चें।
क्षेत्रीय सेवा योजन कार्यालय और डीवीएनपीजी कॉलेज की ओर से वृहद रोजगार मेला का आयोजन 30 जनवरी को महाविद्यालय परिसर में किया जाएगा। जहां 4 हजार युवाओं को निजी क्षेत्र की 40 कंपनियां रोजगार का मौका प्रदान करेंगी।

मुख्य अतिथि के रूप में सीएम योगी आदित्यनाथ मेला का शुभारंभ करेंगे। वहीं चयनित युवाओं को नियुक्त पत्रों का वितरण करेंगे। इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। रोजगार मेला में शामिल होने के इच्छुक अभ्यर्थी ऑनलाइन (www.sewayozan.up.nic.in) पर कर सकते हैं।

18-40 वर्ष की आयु के युवा रोजगार मेला के दिन आयोजन स्थल पर भी ऑफ लाइन पंजीकरण कराया जा सकेगा। रोजगार मेला से जुड़ी समस्त जानकारियां क्षेत्रीय सेवा योजन कार्यालय के 05512335331,9415851988 पर संपर्क किया सकता है। रोजगार मेला में शामिल होने वाली निजी क्षेत्र की कंपनियां (8500-16000) रुपया तक का मानदेय युवाओं को मुहैया कराएंगी। तैनाती स्थल गोरखपुर मंडल के साथ साथ प्रदेश के कई दूसरे शहर होंगे। हाईस्कूल से लेकर परास्नातक, आईटीआई, पॉलीटेक्निक, बीटेक, एमबीए उर्त्तीण अभ्यर्थी रोजगार मेला में शामिल हो सकेंगे।
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गोरखपुर में 87 किलो की मछली मिलते ही पाठकों के मन में उठे जो-जो सवाल, जान लीजिए जवाब

सरयू नदी में मछली पकड़ने के दौरान मिली 87 किलो की मछली कैट फिश की हुन्ना प्रजाति की है। बड़हलगंज मुक्ति धाम के पास बुधवार को मिली 87 किलो की भारी भरकम मछली को लेकर तमाम पाठकों ने जानना चाहा था कि यह किस प्रजाति की है, इसका नाम क्या है ?

कुछ पाठकों ने बृहस्पतिवार को अमर उजाला ऑफिस में फोन करके इस मछली के बारे में कई सवाल किए थे, मसलन यह सरयू नदी में कहां से आई है ? क्या यह खतरनाक होती है ? पाठकों की उत्सुक्ता को शांत करने के लिए अमर उजाला संवाददाता ने गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्राणि विज्ञान के प्रो. सुनील श्रीवास्तव को इस मछली की फोटो दिखाकर तफसील से जानकारी हासिल की।

प्रो. सुनील ने बताया कि इस मछली की बड़ी खासियत यह है कि तैरने के समय हुन-हुन की आवाज निकालती हैं। यही वजह है कि इसका नाम हुन्ना रख दिया गया। इसका बायोलिजिकल नाम रिटा-रिटा है। बिहार में इसे गोछीटा भी कहते हैं। यह मांसाहारी होती हैं और जानवरों का पीछा करके उनका शिकार करती हैं। नदी में खोह (धारा से बने होल) में छिपकर रहती है।
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सिग्नल जंप करते ही कैसे लागू होगी ई-चालान की व्यवस्था, खुद ट्रैफिक पुलिस ही इसमें ट्रेंड नहीं

सिग्नल जंप करते ही ई-चालान की व्यवस्था लागू करने की तैयारी तो शुरू कर दी गई, लेकिन खुद यातायात पुलिस वाले ही इसमें ट्रेंड नहीं है। आलम यह है कि चौराहे पर रेड लाइट जलने के दौरान ही वाहनों को गुजरने के लिए इशारा किया जाता है और ग्रीन लाइट पर रुकने का। यातायात पुलिस खुद ही शहरी लोगों की आदत में इसे नहीं आने दे रही है।

उधर, 15 जनवरी से शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए आरएलवीडी (रेड लाइट वायलेशल डिटेक्शन) सिस्टम लागू करने की तारीख भी बढ़ा दी गई है। अब नई तारीख क्या होगी, यह जिम्मेदार भी नहीं बता पा रहे हैं। उनका कहना है कि काम जारी है, जल्द ही इसकी शुुरुआत कर दी जाएगी।

जानकारी के मुताबिक महानगर के आठ चौराहों पर आरएलवीडी (रेड लाइट वायलेशल डिटेक्शन) सिस्टम लगाया जा रहा है। अगर दो या चार पहिया वाहन लाल बत्ती होने, बिना हेलमेट के चौराहे से गुजरते हैं तो आरएलवीडी ऐसे वाहनों की पहचान कर उन्हें ई-चालान भेज देगा। इसके लिए चुने गए आठ चौराहों में से मोहद्दीपुर और विजय चौक पर यह व्यवस्था 15 जनवरी से ही शुरू होनी थी लेकिन अभी कंट्रोल रूम तक नहीं बन सका है।

इसके अलावा नगर निगम को जो व्यवस्था करनी है वह भी नहीं कर सका है। सभी आठ चौराहों पर यह सिस्टम लगाने के लिए राज्य सरकार ने 12 करोड़ रुपये जारी किए हैं, जिसके तहत दो चौराहों पर इसकी शुरुआत पहले होनी है। यहां पर सफलता के बाद फिर अन्य चौराहों पर भी इसे शुरू किया जाएगा।
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आप सोने के गहने खरीदने के दौरान ठगे नहीं जाएंगे, मोदी सरकार लेने वाली है काफी बड़ा फैसला

अगले साल से आप सोने के गहने खरीदने के दौरान ठगे नहीं जाएंगे। केंद्र सरकार 15 जनवरी 2021 से बिना हॉलमार्क के स्वर्ण आभूषण की बिक्री पर रोक लगाने जा रही है। प्रावधान के अनुसार 15 जनवरी 2021 से सिर्फ हॉलमार्क वाले आभूषण और कलाकृतियां ही बिक पाएंगी। इसका उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लग सकता है और जेल भी जाना पड़ सकता है। ऐसे में अगले साल से 18 कैरेट का सोना 22 कैरेट का बताकर ग्राहकों को ठगने वाले बच नहीं पाएंगे।

हॉलमार्क की कसौटी को भी परख कर खरीदें सोना
बदलते इस युग में स्वर्ण आभूषणों की शुद्धता का पैमाना हॉलमार्क हो गया है। निश्चित तौर पर इस मार्किंग वाले स्वर्ण आभूषण शुद्धता की गारंटी देते हैं, लेकिन हॉलमार्क के मानक के हिसाब से भी सभी स्वर्ण आभूषणों में सोने की मात्रा अलग अलग होती है।

हॉलमार्क वाले आभूषणों में शुद्ध सोने की मात्रा
22 कैरेट के आभूषण में - 91.6 प्रतिशत शुद्ध सोना
18 कैरेट के आभूषण में - 75.0 प्रतिशत शुद्ध सोना
14 कैरेट के आभूषण में - 58.5 प्रतिशत शुद्ध सोना
 
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विधायक प्रकरण: रिटायर कस्टम सुपरिटेंडेंट ने अब थाने जाकर दी MLA के खिलाफ तहरीर

भाजपा विधायक विपिन सिंह द्वारा चालक की पिटाई प्रकरण में रिटायर कस्टम सुपरिटेंडेंट एनडी सिंह सोलंकी कैंट थाने पहुंचे और इंस्पेक्टर से मुलाकात कर विधायक के खिलाफ तहरीर दी। कैंट इंस्पेक्टर रवि राय को उन्होंने पेन ड्राइव में सीसी टीवी फुटेज भी सौंपा।

दूसरी तहरीर में विधायक के सरकारी गनर पर भी मारपीट में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। तहरीर मिलने की पुष्टि करते हुए इंस्पेक्टर ने बताया कि घटना की छानबीन की जा रही है। जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

एनडी सिंह कैंट इलाके के रूस्तमपुर में रहते हैं। पड़ोस में भाजपा विधायक विपिन सिंह का भी मकान है। पांच जनवरी को एनडी सिंह के चालक धीरू सिंह नाली पर स्लैब बनवा रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान आए विधायक और उनके गनर ने मारपीट की। इस मामले में रिटायर अधिकारी ने मंगलवार को ऑनलाइन शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी। मगर अफसरों द्वारा शिकायत ना मिलने की बात कही जा रही थी। इसे देखते हुए बृहस्पतिवार को एनडी सिंह थाने में पहुंचे और तहरीर दी। एनडी सिंह के मुताबिक जिस समय घटना हुई वह मौजूद नहीं थे।

घर लौटने पर घटना की जानकारी हुई तो विधायक से इसकी वजह पूछने चले गए। आरोप है कि इस दौरान विधायक ने उनके साथ भी अपमानजनक व्यवहार किया और धमकी भी दी। चालक के साथ हुई मारपीट की घटना पूर्व कस्टम अधिकारी के घर के बाहर लगे सीसी टीवी कैमरे में रिकार्ड हो गई थी।

पोर्टल पर पंजीकृत है प्रार्थना पत्र
मुख्यमंत्री के पोर्टल पर शिकायत पंजीकृत होने के बाद बुधवार को घटना की छानबीन शुरू करते हुए कैंट पुलिस पूर्व कस्टम अधिकारी के घर जाकर उनके चालक से घटना की जानकारी ली थी और सीसी टीवी फुटेज भी देखा था। पुलिस ने विधायक को थाने आकर अपना पक्ष रखने को कहा है।
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जिला अस्पताल परिसर से लापता हुई बच्ची, इलाज के लिए न्यू ओपीडी में आया था पिता

पिता की शिकायत पर मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने भी बच्ची की तलाश शुरू की लेकिन कुछ पता नहीं लग सका। न्यू ओपीडी परिसर में सीसीटीवी कैमरे नहीं होने के कारण पुलिस को बच्ची का कोई सुराग हासिल नहीं हुआ। पिता और पुलिस बच्ची की तलाश में जुटे हैं।

ग्राम बंगैता, पोस्ट भेउता बनकटा निवासी चौथी प्रसाद की 12 वर्षीय बेटी मानसिक रूप से परेशान है। उसका इलाज जिला अस्पताल से चल रहा है। शुक्रवार को चौथी प्रसाद बेटी को दिखाने के लिए आए थे। जिला अस्पताल की न्यू ओपीडी में कमरा नंबर 49 में मनो चिकित्सक को दिखाया। परामर्श के बाद चौथी प्रसाद ने बेटी को वेटिंग हॉल में एक कुर्सी पर बैठाया और कहीं नहीं जाने की हिदायत देते हुए खुद दवा लेने के लिए चले गए। करीब दस मिनट बाद लौट कर आए तो बच्ची अपनी जगह पर नहीं थी।

उन्होंने इधर उधर तलाश किया लेकिन बेटी कहीं नहीं मिली। इस पर 112 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई। मौके पर पहुंचे नगर निगम चौकी प्रभारी अरविंद राय ने बच्ची का हुलिया नोट किया और उसकी तलाश शुरू कर दी। बच्ची ने लाल रंग की स्वेटर पहन रखी है। एसआईसी डॉ. राजकुमार गुप्ता ने बताया कि न्यू ओपीडी में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं, पुलिस लापता बच्ची की तलाश कर रही है।
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