अब गरीब घर के बच्चे भरेंगे उड़ान, इस अधिनियम के तहत मिली ये खास सुविधा

डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर। Updated Fri, 27 Mar 2020 03:06 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर।
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के बच्चे को निशुल्क पढ़ाने वाले स्कूल प्रबंधनों की शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए शासन ने 1 करोड़ 82 लाख रुपये की धनराशि आवंटित कर दी है। सत्र 2019-20 में जिले के 299 विद्यालयों में 1899 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया था। आरटीई के तहत करीब 4000 बच्चों की पढ़ाई का खर्च शासन की ओर से वहन किया जा रहा है।
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धनराशि स्वीकृत होने के बाद से बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों और उसमें पढ़ने वाले बच्चों का ब्लॉकवार डाटा तैयार किया जा रहा है। अगले महीने तक स्कूल प्रबंधन के खातों में धनराशि आवंटित की जाएगी। शासन के निर्देश पर हर वर्ष आरटीई के तहत निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को प्रवेश दिलाया जाता है। बच्चों की पढ़ाई से लेकर कॉपी किताब तक खर्च प्रदेश सरकार की ओर से वहन किया जाता है। फीस का भुगतान स्कूल प्रबंधन के खातों में होता है, वहीं कॉपी किताब के मद में पांच हजार रुपये अभिभावकों के खाते में भेजे जाते हैं।
ऑनलाइन होता है आवेदन
आरटीई के तहत प्रवेश के लिए इच्छुक व्यक्ति संबंधित वार्ड से जुड़े किसी स्कूल में ही आवेदन कर सकता है। आवेदन प्रक्रिया दो मार्च से ऑनलाइन जारी है। तीन चरणों में दाखिले के लिए आवेदन का कार्यक्रम पूर्व में घोषित किया गया है। इसके मुताबिक पहले चरण में 2 मार्च से 26 मार्च, दूसरे चरण में 4 अप्रैल से 24 अप्रैल और तीसरे चरण में 4 मई-10 जून का समय निर्धारित है। 15 जुलाई तक प्रवेश की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा।
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